Names
'अक़रून, 'अक़रूनी
ता'अर्रुफ़:
'अक़रून फ़िलिशतियों का एक एहम शहर था, रोम के समन्दर से नौ मील अंदर ज़मीन पर।
- 'अक़रून में झूठे मा'बूद बा'लज़बूल का हैकल था।
- जंग में इस्राईलियों से 'अहद का सन्दूक़ छीन लेने के बा'द फ़लिश्ती इसे अश्दोद में ले गए उसके बा’द वह उसे गत और 'अक़रून में ले गए क्योंकि जिस शहर में भी वह 'अहद का सन्दूक़ ले गए वहाँ ख़ुदावन्द ने उन्हें बीमार किया और मार डाला था। आख़िर में फ़िलिश्तियों ने 'अहद का सन्दूक़ इस्राईल भेज दिया।
- जब अहज्याह छत पर से गिर कर ज़ख़्मी हो गया था तो उसने 'अक़रून के बा'लजबूल मा'बूद से पूछा था कि वह ज़िन्दा बचेगा या नहीं। उसके इस गुनाह कि वजह से ख़ुदा ने उससे कह दिया था कि वह मर जाएगा।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: अहज्याह, 'अहद का सन्दूक़, अश्दोद, इब्लीस, झूठे मा'बूद , गत, फिलिश्ती)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
'अजरियाह
ता’अर्रुफ़:
पुराने 'अहद नामे में 'अजरियाह नाम के कई एक आदमी हुए है।
- एक 'अजरियाह अपने बाबुल के नाम से मशहूर है अबदनगू । वह यहूदा के उन कई इस्राईलियों में था जिन्हें नबूकदनज़र की फ़ौज ने क़ैदी बनाकर बाबुल ले गई थी। 'अजरियाह और उसके साथी हनन्याह और मीशाएल ने बाबुल के बादशाह की 'इबादत करने से इन्कार किया। लिहाज़ा उन्हें दहकते भट्ठे में डाल दिया गया था। लेकिन ख़ुदा ने उन्हें बचा लिया था उनको कुछ भी नुक़सान नहीं हुआ था ।
- यहूदा का बादशाह उज़्ज़ियाह भी "अजरियाह" कहलाता था।
- एक और अजरियाह पुराने 'अहद नामे में काहिन था।
- यरमियाह के वक़्त 'अजरियाह नाम का एक आदमी ने इस्राईलियों को अपने मुल्क को छोड़ने की सलाह देकर ख़ुदा के हुक्म की ना फ़रमानी करवाता था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: बाबुल, दानिएल , हनन्याह, मीशाएल, यरमियाह, 'उज़्ज़ियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस: के बारे में
शब्दकोश:
'अदन, अदन का बाग़
सच्चाई:
पुराने ज़माने में 'अदन एक ऐसी जगह थी जहाँ बाग़ था जिसमें ख़ुदावन्द ने पहले आदमी और 'औरत को रखा था।
- जिस बाग़ में आदम और हव्वा रहते थे वह 'अदन 'इलाक़े का एक हिस्सा सिर्फ़ था।
- 'अदन की जगह हक़ीक़त में कहां थी ‘इल्म नहीं है लेकिन दजला और फ़रात नदियाँ वहाँ बहती थी।
- 'इब्रानी ज़बान में 'अदन लफ्ज़ का मतलब है, “किसी जगह में बड़ी ख़ुशी लेना”।
( तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: आदम, फ़रात नदी, हव्वा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
'अरब, 'अरबी, 'अरबियों
सच्चाई:
अरब दुनिया का सबसे बड़ा महदीप है तक़रीबन 3,000,000 वर्ग कि.मी. का 'इलाक़ा है। इस्राईल के दक्खिन पूरब में लाल समन्दर, अरब समन्दर और फारस की खाड़ी से घिरा हुआ है।
- “अरबी” लफ्ज़ अरब के रहने वालों के लिए काम में लिया गया लफ़्ज़ है या अरब से मुता'अल्लिक़ कोई चीज़ के लिए।
- अरब के आदिवासी शेम की औलाद थे। अरब के और रहने वाले इब्राहीम के बेटे इस्माईल की औलाद और एसाव की औलाद थे।
- इस्राईल जिस जंगल में 40 साल फिरते रहे थे वह जगह अरब मे ही था।
- मसीह को क़ुबूल करने के बा'द पौलुस कुछ साल अरब के रेगिस्तान में रहा था।
- गलातिया सूबा के ईमानदारों को ख़त में पौलुस ने बयान किया है कि सोने के पहाड़ अरब में है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: एसाव, गलातिया, इस्माईल , शेम, सोने)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H6152, H6153, H6163, G688, G690
'इलि 'आज़र
ता'अर्रुफ़
किताब-ए-मुक़द्दस में 'इलि 'अज़र ज़रनाम कई आदमी हुए थे।
- 'इलि 'अज़र मूसा के भाई हारून का तीसरा बेटा था। हारून के मरने के बा’द 'इलि'अज़र को इस्राईल का सरदार काहिन बनाया गया।
- 'इलि 'अज़र दाऊद के ताक़तवरों में से भी एक था।
- 'ईसा के बुज़ूर्गो में भी 'इलि'अज़र नाम एक शख्स था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: हारून, सरदार-काहिन, दाऊद, ताक़तवर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
'एनजदी
ता'र्रुफ़:
'एनजदी नाम के जंगल में यरूशलीम के जनूबी मशरिक़ में एक शहर था।
'एनजदी खारे समन्दर के मग़रिबि साहिल पर वाक़े' था।
- इसके नाम का आधा मतलब है “सोता” जो उस शहर से बह कर समन्दर में गिरता है।
- 'एनजदी अंगूर की बारियों और फ़लदायक ज़मीन के लिए मशहूर जगह थी जिसकी वजह थी उस सोते का हमेशा पानी बहाव।
- 'एनजदी में कई जगह' थीं जहाँ दाऊद शाऊल बादशाह से बचने के लिए भाग गया था।
(यह भी देखें: दाऊद, रेगिस्तान, सोता, यहूदा, आराम, खारा तालब, शाऊल (पुराना 'अहद नामा ), जगह , अंगूर की बारी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
'ऐलाम,'ऐलामी लोग
ता'अर्रुफ़:
'ऐलाम शेम का बेटा और नूह का पोता था।
- 'ऐलाम की नस्ल 'ऐलामी कहलाते थे और वह ' ऐलाम 'इलाक़े के रहने वाले थे।
- 'ऐलाम 'इलाक़े आज के पश्चमी ईरान में दजला नदी के दख्खिन पूरब में था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें:नूह, शेम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5867, H5962, G1639
'ऐसौ
ता'अर्रुफ़:
'ऐसौ इसहाक़ और रिबक़ा के जुड़वा बेटों में से एक था। वह उनका पहला बच्चा था। या'क़ूब उसका जुड़वा भाई था।
- 'ऐसौ ने दाल के एक कटोरे के लिए या'क़ूब को अपना पहिलौठा का इख्तियार बेच दिया था।
- 'ऐसौ पहिलौठा था, इसलिए इसहाक़ को उसे ख़ास बरकतें देनी थी। लेकिन या'क़ूब ने धोखे से वह बरकतें ले लीं। शरू'अ में तो ऐसौ ग़ुस्सा की से वजह या'क़ूब को क़त्ल करना चाहता था लेकिन बा'द में उसने या'क़ूब को मा'फ़ कर दिया।
- 'ऐसौ की कई औलाद और नाती-पोते हुए थे जो कना'न में एक क़ौम होकर बस गए थे।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: सदोम, इसहाक़, या'क़ूब, रिबक़ा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों की मिसालें:
- 06:07 जब रिबक़ा के बच्चे पैदा हुए तौ बड़े 'उम्र का बेटा सुर्ख और बालों से बाहर आगया और उसने उसे 'ऐसौ नाम दिया |
- 07:02 तो 'ऐसौ ने अपने पहिलौठे का इख्तियार या'क़ूब के हाथ बेच दिया।
- 07:04 जब इसहाक़ ने उसे टटोलकर देखा और उसके कपड़ों की ख़ुशबू पाकर समझा कि वह 'ऐसौ है, तो उसे जी से दू'आ दी|
- 07:05 'ऐसौ ने या'क़ूब से दुश्मनी रखी क्योंकि उसने उसके पहिलौठे होने का इख्तियार तो छीन ही लिया था साथ ही बाप की दी हुईं दु'आओं में भी दुश्मनी रखी
- 07:10 लेकिन 'ऐसौ या'क़ूब को फहले ही मा'फ़ कर चुका था, और वह एक दूसरे को देखकर बहुत ही ख़ुश हुए।
शब्दकोश:
‘अज़्रा
सच्चाई:
एक यहूदी काहिन था और यहूदाह के क़ानून में माहिर था, उसने बाबुल से यरूशलीम लौटने वाले इस्राईलियों की ता'रीख़ लिखी थी । इस्राएल 70 साल बाबुल की जलावतन में था।
- ‘अज़्रा ने यह ता'रीख़ किताब-ए-मुक़द्दस के ‘अज़्रा नाम की किताब में लिखा है। नहमियाह नाम की किताब भी उसी ने लिखी होगी क्योंकि अस्ल में ये दोनों किताबें एक ही थी।
- यरूशलीम लौटकर उसने शरी’अत को दुबारह लागू किया था, क्योंकि उन्होंने सब्त के क़ावानीन पर 'अमल करना छोड़ दिया था और ग़ैर क़ौम 'औरतों से जो बुत परस्त थी, शादी कर लिया था।
- ‘अज़्रा ने हैकल को दुबारह बनाने में भी मदद की थी जिसे बाबुल की फ़ौज ने यरूशलीम पर क़ब्जा करते वक़्त तबाह कर दिया था।
- पुराने 'अहद नामें में ‘अज़्रा नाम के दो आदमी हुए हैं।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, जलावतनी, यरूशलीम, क़ानून, नहमियाह, हैकल )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H250, H5830, H5831, H5834
‘अबदियाह
सच्चाई:
‘अबदियाह पुराने ‘अहदनामे का एक नबी था, जिसने अदोमियों (‘ऐसौ क़ौम) के ख़िलाफ़ नबूव्वत की थी। पुराने नियम में ‘अबदियाह नाम के कई और आदमी हुए हैं।
- ‘अबदियाह की किताब पुराने ‘अहदनामे की सबसे छोटी किताब है और उसमें उसे दिए गए ख़ुदा के मुकाशिफ़े की नबूव्वत बताई गई हैं।
- ‘अबदियाह के रहने और नबूव्वत की ख़िदमत का वक़्त पता नहीं है। हो सकता है कि वह वक़्त यहूदाह के बादशाहों यहूराम, अहजिय्याह, यूआश और अतलियाह की बादशाही के वक़्त का है। दानिएल, हिज़क़ीएल और यरमियाह भी इसी ज़माने में कभी नबूव्वत कर रहे होंगे।
- यह भी हो सकता है कि ‘अबदियाह उस वक़्त के बा’द के वक़्त का था, सिदक़ियाह की बादशाही या बाबुल की ग़ुलामी के वक़्त का।
- ‘अबदियाह नाम के और आदमी वह शाऊल की नसल को मिलकर, गादवासी जो दाऊद का ख़ादिम हो गया था, बादशाह आहाब के महल का कारिन्दा, बादशाह यहूसफ़त का एक मुलाज़िम, बादाशाह यूशीयाह के वक़्त हैकल की मरम्मत के काम में मददगार एक आदमी और नहमियाह के वक़्त में एक लावी आदमी जो दरबान था।
- यह हो सकता है कि ‘अबदियाह की किताब का मुसन्निफ़ इन आदमियों में से एक हो।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
( यह भी देखें: अहाब, बाबुल, दाऊद, अदोम, ‘ऐसौ, हिज़क़ीएल, दानिएल, गाद, यहूसफ़त, यूशियाह, लावी, शाऊल (पुराना ‘अहदनामा), सिदक़िय्याह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अबियातर
सच्चाई:
अबियातर दाऊद के बादशाह के वक़्त में इस्राईल का सरदार काहिन था
- शाऊल जब काहिनों को संगसार कर रहा था तब अबियातर भाग कर जंगल में दाऊद की पनाह में पहुँचा था |
- अबियातर और दूसरा सरदार काहिन सदूक दाऊद के पूरे बादशाहत के वक़्त में उसके वफ़ादार रहे थे |
- दाऊद की मौत के बा’द अबियातर ने सुलेमान की जगह में अदोनियाह को बादशाह बनाने में मदद की थी |
- इस वजह से बादशाह सुलेमान ने अबियातर को कहिनी ‘उहदे से हटा दिया था
यह भी देखें: शाऊल पुराना ‘अहद दाऊद सुलेमान अदोनियाह
किताब-ए-मुक़द्दस का हवाला
*1तवारीख़27;32-34
शब्दकोश:
आख़ज़
ता’अर्रुफ़:
आख़ज़एक बुरा बे रहम बादशाह था जिसने यहूदा पर732से 716ई.पू.तक बादशाहत की थी यह वक़्त इस्राईल और यहूदा के बहुत से रहने वालों को बाबुल की ग़ुलामी में ले जाने से तक़रीबन 140साल पहले का था
- जब वह यहूदा में हुकूमत कर रहा था उसने अश्शूरों के मा'बूद के लिए एक क़ुर्बानगाह बनवाई थी उसका नतीजा यह हुआ कि लोग सिर्फ़एक सच्चे ख़ुदा यहोवा से फिर गए थे
- बादशाह आख़ज़ 20 साल की उम्र में यहूदा के तख़्त पर बैठा था और उसने 16 साल हुकूमत की थी ।
तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
यह भी देखें बाबुल
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
दमिश्क़
सच्चाई:
दमिश्क़ सीरिया की दार-उल-हुकूमत है यह शहर आज भी वहीँ है जहाँ वह किताब-ए-मुक़द्दस के ज़माने में था|
- दमिश्क़ दुनिया सबसे क़दीम, मुसलसल आबादी वाला शहर है|
- इब्राहीम के ज़माने में, दमिश्क़ अराम की बादशाही की दार-उल-हुकूमत था, अराम की बादशाही आज के सीरिया में थी|
- पूरे पुराने ‘अहदनामे में दमिश्क़ के बाशिन्दों और इस्राईली क़ौम के दरमियान बात-चीत के बहुत से हवाला मौजूद हैं|
- दमिश्क़ की तबाही की बहुत सी नबूव्वतें किताब-ए-मुक़द्दस में हैं| ये नबूव्वतें हक़ीक़त में उस वक़्त पूरी हो गईं थीं जब पुराने ‘अहदनामे के ज़माने में अश्शूरों ने उस शहर को तबाह किया था, या मुस्तक़बिल में यह शहर पूरी तरह से हलाक होगा|
- नए ‘अहदनामे में जब फ़रीसी शाऊल(पौलुस) मसीही ईमानदारों को असीर करने को दमिश्क़ को जा रहा था तब मसीह ‘ईसा उस पर ज़ाहिर होकर उसे अपना ईमानदार बनाया|
( तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अराम, अश्शूर,. ईमान, सीरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1833, H1834, G1154
अई #
सच्चाई: ##
पुराने 'अहद नामे में एक कन'आनी शहर था, जो बेतेल के क़रीब दक्खिन में था और यरीहो से उत्तर पश्चिम में 8 कि.मी. दूर था।
- यरीहू को जीत लेने के बा'द एशौ ने इस्राईलियों को लेकर 'अई शहर पर हमला किया। लेकिन इस्राईली आसानी से हार गए क्यूँकि ख़ुदावन्द उनसे ख़ुश नहीं था।
- अकान नाम का एक इस्राईली आदमी ने यरीहू की लूट में से कुछ सामान चुराकर रख लिया था, ख़ुदावन्द ने हुक्म दिया कि वह और उसका ख़ानदान काट दिया जाए। तब ख़ुदावन्द ने 'अई शहर को शिकश्त करने में इस्राईल की मदद की थी।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बेतेल, यरीहू)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में : ##
शब्दकोश:
अक़विला
सच्चाई:
अक़विला यहूदियत से आया मसीही ईमानदार था, वह काले समन्दर के दक्खिन किनारे पर बसे पोन्तुस का रहने वाला था।
अक़विला और प्रिस्किल्ला रोम, इटली में कुछ वक़्त रहे थे तब रोमी हाकिम क्लॉडियस ने सब यहूदियों को रोम से चले जाने का हुक्म दिया।
- और अक़विला और प्रिस्किल्ला कुरिन्थ शहर आ गए जहां उनकी मुलाक़ात रसूल पौलुस से हुई थी।
उन्होंने ख़ेमे बनाने में और ख़ुशख़बरी के काम में पौलुस के साथ काम किया।
- अक़विला और प्रिस्किल्ला दोनों ईमानदारों को ईसा की सच्चाई की ता'लीम देते थे, इन ईमानदारों में एक होनहार उस्ताद अप्पुल्लोस भी था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अप्पुलोस, कोरिन्थ, रोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अख़ज़ियाह
## सच्चाई: ##
अख़ज़ियाह नाम के दो बादशाह हुए थे एक इस्राईल का बादशाह था और दूसरा यहूदा का बादशाह था
- यहूदा का बादशाह अख़ज़ियाह बादशाह यरुबआम का बेटा था। उसने एक साल (841 ई.पू.) ही हुकूमत किया और फिर येहू ने उसको क़त्ल कर दिया । * अख़ज़ियाह के बेटे योआश ने छोटी उम्र में ही बादशाहत का काम सम्भाला था।
इस्राईल का अख़ज़ियाह बादशाह का बेटा था। उसकी बादशाहत का ज़माना दो साल था (850-49 ई.पू.)। वह अपने शाहीमहल की खिड़की में से गिर जाने की वजह से घायल होकर मर गया था और उसकी जगह पर उसका भाई यूराम तख़्त पर बैठा।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: येहू, आख़ज़, यरुबआम, यूआश)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अखसूयरस
सच्चाई:
अखसूयरस फ़ारस सल्तनत पर 20साल तक हुकूमत करने वाला बादशाह
- यह वह वक़्त था जब ग़ुलाम यहूदी बाबुल में थे और बाबुल फ़ारसी बादशाह के फरमाबरदार हो गया था।
- इस बादशाह का दूसरा नाम अखसूयरस हो सकता है।
- ग़ुस्से में आकर अपनी रानी को हटा करके अखसूयरस ने एक यहूदी ‘औरत , आस्तर को अपनी बीवी और रानी बनाया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: [बाबुल](../names/babylon.md), \ आस्तर, [इथोपिया](../names/ethiopia.md), [ग़ुलामी](../other/exile.md), [फ़ारस](../names/persia.md))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में: ## ##
शब्दकोश:
अख़ियाह
सच्चाई:
पुराने 'अहद नामे में कई लोगों के नाम अख़ियाह थे नीचे लिखे इनमें से कुछ आदमी हैं
- शाऊल के बादशाह के वक़्त में एक काहिन का नाम अख़ियाहथा
सुलैमान बादशाह के वक़्त में अखियाह एक कातिब था
- अखियाह शीलो का एक नबी भी था जिसने इस्राईली सल्तनत के बटवारे की नबुव्वत की थी
- इस्राईल के बादशाह बाशा के बाप का नाम भी अखियाह था
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: \ बाशा, शीलो)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अतलियाह
सच्चाई:
अतलियाह यहूदा के बादशाह यहोराम की बुरी बीवी थी। वह इस्राईल के बुरे बादशाह 'उमरी की पोती थी।
- यहोराम के मरने के बा'द अतलियाह का बेटा अख्ज़ियाह बादशाह बना।
- अपने बेटे अख्ज़ियाह की मौत के बा'द अतलियाह ने बादशाह के ख़ानदान के सब लोगों को क़त्ल करने का मन्सूबा बनाया था ।
- लेकिन अतलियाह के सबसे छोटे पोते, यूआश को उसकी चाची ने छिपाकर मरने से बचा लिया था। अतलियाह ने छह साल तक इस मुल्क पर सल्तनत करने के बा'द, उसे मार दिया गया और यूआश बादशाह बन गया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अख्ज़ियाह, यहोराम, यूआश , 'उम्री)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अदूनियाह
ता’अर्रुफ़:
अदूनियाह बादशाह दाऊद का चौथा बेटा था
- अपने भाई अबीशलोम और अम्मोन की मौत के बा'द अदूनियाह ने इस्राईल का बादशाह बनने की कोशिश की ।
- लेकिन ख़ुदा ने दाऊद बादशाह के तख़्त सुलैमान को देने का वा'दा किया था ,लिहाज़ा अदूनियाह की कोशिश बेकार हुई और सुलैमान बादशाह बना।
- अदूनियाह ने दूसरी बार बादशाह बनने की कोशिश की तो सुलैमान ने उसे मरवा दिया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: दाऊद, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे मे:
शब्दकोश:
अदोम, अदोमी , अदोमियों, 'इदूमिया
ता'रीफ़:
अदोम ‘ऐसौ का दूसरा नाम था। जिस जगह में वह बस गया उस जगह का नाम “अदोम” पड़ गया जो आगे चल कर “अदूमिया” हो गया। “अदोमियों” उसके नस्ल थे।
- अदोम 'इलाक़े के वक़्त के साथ-साथ जगह बदलता रहा। वह इस्राईल के दख्खिन में था और आख़िर यहूदाह के दख्खिन तक फैल गया।
- नये 'अहद नामे के ज़माने में अदोम यहूदाह रियासत का दख्खिनी नीम हिस्सा हो गया था। यूनानियों ने उसे “अदूमिया” कहा।
- अदोम लफ्ज़ का मतलब है “लाल” जो इस सच्चाई के बारे में है कि जब ‘ऐसौ पैदा हुआ था तब उसके जिस्म पर लाल बाल थे। या इसका हवाला लाल रंग की उस दाल से भी हो सकता है जिसके बदले में ‘ऐसौ ने अपने पलौठे होने का इख्तियार खो बेच दिया था।
- पुराने 'अहद नामें में अदोम मुल्क को हमेशा ही इस्राईल का दुशमन कहा गया है।
- 'अबदियाह की मुकम्मल किताब में अदोम के तबाह होने की नबूव्वत की गई है। पुराने 'अहद नामें में नबियों ने अदोम के ख़िलाफ़ नबूव्वत की थी।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: दुशमन, पहलौठे का इख्तियार, ‘ऐसौ, 'अबदियाह, नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H123, H130, H8165, G2401
अन्ताकिया
ता'अर्रुफ़:
अन्ताकिया नये 'अहद नामे में दो शहरों का नाम था। एक शहर समुन्दर के टीले पर सीरिया में था। दूसरा शहर रोमी सूबा पिसिदिया में कुलुस्से के क़रीब था।
- सीरिया के अन्ताकिया में मक़ामी कलीसिया के ईमानदारों को पहली बार “मसीही” कहा गया था। वहां की कलीसिया ग़ैर क़ौमों में इमामों को भेजने में क़ायम थी।
- यरूशलीम की कलीसिया के इमामों ने सीरिया के अन्ताकिया की कलीसिया के ईमानदारों को ख़त लिख कर यह तय किया था कि मसीह के ईमानदार होने के लिए उन्हें यहूदी क़ानून का पालन करने की ज़रूरत नहीं है।
- पौलुस, बरनबास और यूहन्ना मरकुस पिसिदिया के अन्ताकिया गए थे कि वहाँ ख़ुशख़बरी सुनाएं। वहाँ और शहरों से यहूदी आए थे कि परेशानी पैदा करें और पौलुस को क़त्ल करें। लेकिन कई लोगों ने, यहूदी और गैर यहूदीयों ने ख़ुशख़बरी को सुना और ईसा पर यक़ीन किया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बरनबास, कुलुस्से, यूहन्ना मरकुस, पौलुस, सूबा, रोम, सूरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में: ##
शब्दकोश:
अन्द्रियास
सच्चाई:
अन्द्रियास उन बारहों में से एक था जिन्हें ईसा ने अपने क़रीबी शागिर्दों में से चुना था। (आगे चलकर वह रसूल कहलाए)
- अन्द्रियास का भाई शम'ऊन पतरस था। दोनों ही मछुवारे थे।
- पतरस और अन्द्रियास गलील के समन्दर में मछलियां पकड़ रहे थे जब तब ईसा ने उन्हें अपने चेले होने के लिए बुला लिया था।
- ईसा से मुलाक़ात करने से पहले पतरस और अन्द्रियास यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के शागिर्द थे।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, शागिर्द, बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अप्पुल्लोस
सच्चाई:
अप्पुल्लोस मिस्र के सिंकदरिया शहर का एक यहूदी था, उसे लोगों को ईसा के बारे में ता'लीम देने का ख़ास ने'मत हासिल थी ।
- अप्पुल्लोस इब्रानी कलाम का 'आलिम था और एक होनहार मुक़रिर्र भी था।
- इफिसुस में उसे दो ईमानदारों ने मसीही ता'लीम दी थी जिनके नाम थे: अक्विल्ला और प्रिस्किल्ला ।
- पौलुस ने ज़ोर दिया कि वह और अप्पुल्लोस और ग़ैर इमामों और उस्तादों का एक ही मक़सद है कि वह लोगों को ईसा में यक़ीन करने में मदद करे।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अक्विला, इफिसुस, प्रिस्किल्ला, ख़ुदा का कलाम )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अबनेर
ता’अर्रुफ़:
अबनेर बादशाह शाऊल का रिश्ते में भाई था- पुराना ‘अहद नामा ।
- अबनेर शाऊल की फ़ौज का हाकिम था, जब दाऊद ने गोलियत को मारा तो अबनेर दाऊद को लेकर शाऊल के पास गया था।
- बादशाह शाऊल की मौत के बा’द अबनेर ने शाऊल के बेटे ईशबोशेत को इस्राईल का बादशाह बनाया था, जबकि दाऊद यहूदाह का बादशाह मुक़र्रर किया गया था।
- बा’द में दाऊद के फ़ौज के सरदार योआब ने अबनेर को बेरहमी से मार डाला था
(तर्जुमा की सला: नामों का तर्जुम कैसे करें
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अबिमलिक
सच्चाई:
अबिमलिक गरार शहर का एक फ़िलिस्ती बादशाह था जब इब्राहीम और इस्हाक़ कन’आन मुल्क में रह रहे थे
- इब्राहीम ने बादशाह अबिमलिक को धोका देकर कहा कि सारा उसकी बीवी नहीं बहन थी
- इब्राहीम और अबिमलिक ने बेरशबा के कुएं के बारे में ‘अहद बाँधा
- कई साल बा’द इस्हाक़ ने भी अबिमलिक और गरार के ईमानदारों से झूठ कहा कि उसकी बीवी रिबक़ा उसकी बहन थी |
- अबिमलिक ने इब्राहीम और बा’द में इस्हाक़ को झूठ कहने के लिए झिड़का
- एक और आदमी जिसका नाम अबिमलिक था वह यूताम के भाई गिदोन का बेटा था कुछ तर्जुमों में उनके नामों के बयानों में फ़र्क रखा जाता है कि उसमें और बादशाह अबिमलिक के नामों में फ़र्क ज़ाहिर हो।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बेरशबा गरार गिदोन यूताम पलिश्ती)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
अबियाम
सच्चाई:
अबियाम यहूदाह का बादशाह था जिसने 915-913 ई.पहले बादशाहत की वह रहुब’आम बादशाह का बेटा था | पुराने ‘अहद नामा में अबियाम नाम के कई लोग हुए हैं |
- शमूएल के बेटे अबियाम और यूएल बेरशबा में इस्राईलियों के उस्ताद थे अबियाम और उनके भाई बिमान और लालची थे इसलिए लोगों ने शमूएल से बादशाह की माँग क |
- अबियाम बादशाह दाऊद के वक़्त का एक काहिन था
- अबियाम यरुब’आम बादशाह के एक बेटे का नाम भी था
- जरुब्बाबुल के साथ बेबीलोन से यरुश्लीम लौटने वालों में एक सरदार काहिन का नाम भी अबियाम था
(तर्जुमा की सलाह: \ नामों का तर्जुमा
किताब-ए-मुक़द्दसके बारे में
शब्दकोश:
अबीसलोम
सच्चाई:
अबीसलोम बादशाह दाऊद का तीसरा बेटा था | वह अपनी ख़ूबसूरती और ग़ुस्से के लिए मशहूर था |
- जब अम्नोन ने अपने सौतेले भाई अबशालोम की बहन तामार का बलात्कार किया तो अबशालोम ने अम्मोन की हत्या की योजना बनाई।
अमनोन के क़त्ल के बाद अबीसलोम गशूर भाग गया उसकी माँ माका उसी जगह की थीं और तीन साल तक वहीं रहा | तब बादशाह दाऊद ने उसे बुलवाया और यरुशलीम लौटने को कहा , लेकिन दो साल तक उसको अपनी मौजूदगी में आने की इजाज़त नहीं दी
- अबीसलोम ने सल्तनत के कुछ लोगों को अपने साथ लेकर दाऊद के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी |
- दाऊद की फ़ौज ने उससे जंग करके उसे मार डाला |। इस हादसे से दाऊद को बहुत दुःख हुआ |
तर्जुमा की सलाह , नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें:गशूर, अमनोन )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अमसियाह
सच्चाई:
अमसियाह यहूदा का बादशाह बना, क्यूँकि उसके बाप बादशाह यूआश को क़त्ल कर दिया गया था ।
- अमसियाह ने यहूदा पर 29 साल तक बादशाहत की थी 796-767 ई.पू.।
- वह एक अच्छा बादशाह था लेकिन उसने ऊंचे मक़ामों पर से बुतों को बर्बाद नहीं किया था।
- अमसियाह ने अपने बाप के सब क़ातिलों को मार डाला था।
- उसने मुख़ालिफ़ एदोमियों को हराकर यहूदा के ताबे' कर दिया था।
- उसने इस्राईल के बादशाह यहूआश से जंग किया लेकिन हार गया था। यरूशलीम की शहर पनाह का एक हिस्सा बर्बाद किया गया और हैकल के सोने चांदी के बर्तन लूट लिए गए।
- कुछ सालों बा'द अमसियाह यहोवा से मुँह मोड़ लिया और यरूशलीम के कुछ लोगों ने उसको क़त्ल कर दिया ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: यू'आश. अदोम
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अमालीक, अमलीकी, अमालीकियों
सच्चाई: ## ##
अमालीकियों या यावर क़ौम के थे, वह पूरे दक्खिनी कन'आन में घुमते रहते थे, नेगेब रेगिस्तान से अरब मुल्क तक। यह लोग एशौ के पोते अमलीक की नसल थे
इस्राईल के कन 'आन में दाख़िल होने के वक़्त से ही अमालीकी उनके सख्त मुख़ालिफ़ थे *
- कभी-कभी "अमालीक" लफ़्ज़ अलामत की शक्ल में अमालीकियों के लिए भी काम में लिया गया है। ](rc://ur-deva/ta/man/translate/figs-synecdoche)देखें [ मिसाल
- अमालीकियों से जंग करते वक़्त मूसा ने अपना हाथ उठा रखा था, उस वक़्त इस्राईल जीत रहे थे। जब थक कर वह अपना हाथ नीचे कर लेता था तब इस्राईली हारने लगते थे। और हारून और हूर ने मूसा को हाथ ऊपर रखने में मदद की थी जब तक कि इस्राईलियों ने अमालीकियों को पूरी तरह शिकस्त नहीं कर दिया।
- बादशाह शाऊल और दाऊद दोनों ही ने अमालीकियों के ख़िलाफ़ फ़ौजी मुहिम चलाई थी
- अमालीकियों को एक बार शिकस्त करके इस्राईल ने ख़ुदा का हुक्म न मानकर कुछ लूट का सामान रख लिया था और अमालीकी बादशाह का क़त्ल नहीं किया था जैसा ख़ुदा ने उसे हुक्म दिया था
(तर्जुमा की सलाह: \ नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: ‘अरब, दाऊद, एशौ, नेगेब, शाऊल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में: ##
शब्दकोश:
अमूरा
सच्चाई:
अमूरा सदूम के क़रीब उपजाऊ घाटी में एक शहर था, जहाँ इब्राहीम के भतीजे लूत ने रहने को चुना था।
- अमूरा और सदूम की सही जगह मा'लूम नहीं है लेकिन कुछ इशारों से मा'लूम होता है कि यह दो शहर मुर्दा समन्दर के क़रीब दक्खिन में सिद्दिम घाटी में बसे हुए थे।
- सदूम और अमूरा की जगह में कई बादशाह जंग करते थे।
सदूम और दूसरे शहर के दरमियानी जंग में लूत का ख़ानदान भी क़ैदी बनाया गया था, लेकिन इब्राहीम ने अपने लोगों के साथ जाकर उन्हें छुड़ा लिया था।
इसके बा'द ज़्यादा वक़्त नहीं हुआ था कि ख़ुदावन्द ने सदूम और अमूरा को हलाक कर दिया था क्यूँकि वहां के रहने वाले लवातती थे।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , बाबुल, लूत, खारे तालाब , सदूम)
किताब-ए-मुकद्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अमूरी, अमूरीयों
सच्चाई:
अमूरी एक ताक़तवर क़ौम थी जो नूह के पोते कनान की नसल थी।
- उनके नाम का मतलब है, "ऊंचे लोग" जो अमूमन उनके पहाड़ों जैसे मक़ाम की वजह से पड़ा था क्यूँकि वे क़द में लम्बे थे।
- अमूरी यरदन नदी के दोनों तरफ़ बसे हुए थे। * अ'ई शहर अमूरीयों के रहने का मक़ाम था।
- ख़ुदा "अमूरीयों के गुनाह" के बारे में बताता है, उनके झूठे मा'बूदों की 'इबादत से जुड़े हुए गुनाहों जैसे सुलूक भी थे।
- ख़ुदा ने जैसा हुक्म दिया उसी के मुताबिक़ एशौ ने अमूरीयों के बर्बाद करने के लिए इस्राईली रहनुमाई की थी।
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 15:07 कुछ वक़्त बा'द, कन'आन में एक दुसरे क़बीले के बादशाह अमूरीयों ने जब यह सुना कि गिबोन के रहने वालों ने इस्राईलियों से मेल किया और उनके बीच रहने लगे है, तब अमूरी के बादशाहों ने अपनी अपनी सेना इकट्ठी करके चढ़ाई कर दी, और गिबोन के सामने डेरे डालकर उस से जंग शुरू कर दी ।
- 15:08 सुबह को उन्होंने अमूरीयों की फ़ौज को हैरान कर दिया और उन पर हमला कर दिया।
- 15:09 उस दिन ख़ुदा इस्राईल के लिए लड़ा । ख़ुदा ने अमूरीयों को परेशानी में डाल दिया, और ओले भेजकर बहुत से अमूरीयों को हलाक किया
- 15:10 उस दिन ख़ुदा ने सूरज को आसमान के बीचोंबीच ठहरा दिया, ताकि इस्राईलियों के पास अमूरीयों को शिकस्त करने के लिए काफ़ी वक़्त हो।
शब्दकोश:
अम्नोन
सच्चाई:
अम्नोन दाऊद का सबसे बड़ा बेटा था। उसकी माँ दाऊद की बीवीअहीनोअम थी।
- अम्नोन ने अपनी आधी बहन तमर, अबीशलोम की बहन को ज़िना किया था।
- यही वजह थी कि अबीशलोम ने साजिश रचकर अम्नोन को क़त्ल करवा दिया था ।
(यह भी देखें: दाऊद, अबीशलोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अम्मोन, अम्मोनी, अम्मोनियों
सच्चाई:
“अम्मोन के रहने वाले ” या “अम्मोनी” कन'आन का एक झुण्ड है। वह बिन अम्मी की नसल थे जो लूत के ज़रिए' उसकी छोटी बेटी का बेटा था।
- अम्मोनी लफ़्ज़ एक अम्मोनी औरत के बारे में है। इसका तर्जुमा किया जा सकता है “अम्मोनी 'औरत ”
- अम्मोनी यरदन नदी के पूरब में रहते थे और वह इस्राईल के दुश्मन थे।
- यह वही लोग हैं जिन्होंने बिलाम नाम के नबी को ख़रीद लिया था कि इस्राईल को ला'नत दे, लेकिन ख़ुदा ने ऐसा नहीं होने दिया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बददु'आ, यरदन नदी, लूत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5983, H5984, H5985
अय्यूब
सच्चाई:
अय्यूब को कलाम में ख़ुदावन्द के सामने बे गुनाह और नेक आदमी कहा गया है। वह तमाम परेशानियों में भी ख़ुदावन्द में ईमान के लिए मशहूर है।
- अय्यूब ऊस मुल्क का रहनेवाला था जिसका तक़रीबन यह जगह कन'आन के पूरब में कहीं थी, शायद अदूमियों के 'इलाक़े के क़रीब।
- ऐसा माना जाता है कि वह ऐसौ और या'क़ूब के वक़्त का भी है क्यूँकि उसका एक दोस्त तेमानी था जो ऐसौ के पोते की औलाद की क़ौम से था ।
- पुराने 'अहद नामे की किताब, अय्यूब में अय्यूब और उसके दोस्तों के रद्द-ए-’अमल का बयान है कि सबने अय्यूब की परेशानियों के बारे में अपना-अपना ख़्याल ज़ाहिर किया था। इस किताब में काइनात का सबसे बड़ा मालिक हाकिम और तख़लीक़ करने वाला, ख़ुदा का नज़रया भी ज़ाहिर किया गया है।
- उसकी तमाम आफ़तों के बा'द ख़ुदावन्द ने उसे दोबारा सेहत 'अता की और औलादों और माल जायदाद से पूरा किया।
- अय्यूब की किताब कहती है कि जब वह मरा तब वह बहुत 'उम्र दराज़ था।
(तर्जुमा की सलाहनामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहींम, ऐसौ, पानी का सैलाब, या’क़ूबनूह, लोगों का झुण्ड)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H347, H3102, G2492
अराम, अरामी, अरामियों, अरामी ज़बान
ता’अर्रुफ़:
पुराने 'अहद नामे में अराम नाम के दो आदमी हुए हैं। यह कन'आन के उत्तर-पूरब में एक 'इलाक़े का नाम था जहाँ आज का सीरिया है।
- अराम के रहने वाले "अरामी" कहलाते थे और उनकी ज़बान "अरामी" थी। 'ईसा और उसके ज़माने के यहूदी अरामी ज़बान बोलते थे।
- शेम के एक बेटे का नाम अराम था। * दूसरा आदमी जिसका नाम अराम था वह रिबक़ा का रिश्ते का भाई था। मुम्किन है कि अराम मुल्क का नाम इन दो में से एक के नाम पर पड़ा।
- बा'द में अराम मुल्क का नाम यूनानी में "सीरिया" हुआ।
- “पदन अराम” का मतलब है, “अराम का मैदान” और यह जगह अराम का उत्तरी हिस्सा था।
- इब्राहीम के कुछ ख़ानदानी अराम शहर में रहते थे जो "पदन अराम" का एक शहर था।
पुराने 'अहद नामे में कभी-कभी “अराम” और “पदन अराम” एक ही जगह को बताते हैं।
- “अराम नहेरेम” का मतलब है “दो नदियों का अराम” यह 'इलाक़ा मिसोपतामिया के उत्तरी हिस्से में और "पदन अराम" के पूरब में था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मिसोपतामिया, पदन अराम, रिबक़ा, शेम, सेरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H758, H763, G689
अरारात
सच्चाई:
कलाम में “अरारात” नाम एक ज़मीन का हिस्सा , एक बादशाही और एक पहाडी हद को दिया गया है।
- “अरारात सूबा” मुम्किन है आज के तुर्किस्तान के उत्तरी पूरबी हिस्से में था।
- अरारात नाम इस वजह से मशहूर है कि नूह का जहाज तबाही के पानी के उतर जाने के बा'द उन पहाड़ों पर टिक गया था।
- आज जिस पहाड़ का नाम “अरारात पहाड़” है उसे 'आम तौर पर कलाम के बयान से अरारात पहाड़ की जगह को मानते हैं।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: जहाज़, नूह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अर्तख़शश्ता
सच्चाई:
अर्तख़शश्ता ने फ़ारसी हुकूमत पर तक़रीबन 464 से 424 ई. पू. तक हुकूमत की थी ।
- अर्तख़शश्ता की हुकूमत के ज़माने में यहूदा के इस्राईली बाबुल में ग़ुलामी में थे उस वक़्त बाबुल फ़ारस के ताबे' था।
- अर्तख़शश्ता ने काहिन 'एज्रा और ग़ैर यहूदी रहनुमाओं को बाबुल से यरूशलीम लौट कर इस्राईलियों को ख़ुदा के क़ानून की ता'लीम देने की इजाज़त हासिल कर ली थी।
- इसके बा'द अर्तख़शश्ता ने अपने साक़ी नहमियाह को भी यरूशलीम जाने की इजाज़त दे दी थी कि वह शहर पनाह को बहाल करे।
- बाबुल फ़ारस के ताबे' था इसलिए अर्तख़शश्ता को कभी-कभी “ बाबुल का बादशाह” भी कहा गया है।
- तवज्जुह दें कि अर्तख़शश्ता वही आदमी नहीं था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: वही आदमी , बाबुल, साक़ी, 'एज्रा, नहमियाह , फ़ा रस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अश्कलोन
सच्चाई:
कलाम के ज़माने में अश्केलोन एक ख़ास फ़िलिस्ती शहर था जो समन्दर के किनारे पर क़ायम था। यह शहर आज भी इस्राईल में है।
अश्केलोन पांच बहुत ही ख़ास फ़िलिस्ती शहरों में से एक था, अश्दूद, अक्रोन, गत और ग़ाज़ा के साथ।
इस्राईल अश्कलोन को कभी जीत नहीं पाया था, अगर्चे यहूदा बादशाह उसके पहाडी सूबों को ले चुका था।
- अश्कलोन सैंकड़ों साल फ़िलिस्तियों के ताबे' ही रहा।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अश्दूद, कन'आन, अक्रोन, गत, ग़ाज़ा, फ़िलिस्ती, \ समन्दर ](../names/mediterranean.md))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
अश्दूद, अज़ोतस
सच्चाई:
अश्दूद फ़िलिस्तियों के पांच ख़ास शहरों में से एक था। यह दक्खिन-पश्चिम कन'आन के क़रीब समन्दर से दूर था, जो ग़ाज़ा और याफ़ा के बीच क़ायम था ।
- फ़िलिस्तियों के मा'बूद दाजोन का हैकल वहाँ था।
- फ़िलिस्तियों के ज़रिए' ख़ुदा के 'अहद का सन्दूक लूट ले जाने की वजह से ख़ुदावन्द ने अश्दूद के रहने वालों को सख्त सज़ा दी थी क्यूँकि उन्होंने उसे अश्दूद में ना रास्त हैकल में रखा था।
- इस शहर का यूनानी नाम अज़ोतस था। यह भी उन शहरों में से एक था जहाँ ख़ुशख़बरी देने वाले फिलिप्पुस ने ख़ुशख़बरी सुनाई थी ।
( तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अक्रोन, गत, ग़ाज़ा, याफ़ा, फिलिप्पुस, फ़िलिस्ती)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
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शब्दकोश:
असूर, असूरी, असूरियों, असूर मुल्क
सच्चाई:
असूर, मुल्क इस्राईल के कन'आन रहने के वक़्त एक ताक़तवर मुल्क था। असूर मुल्क कई मुल्कों की सल्तनत थी जिस पर असूर बादशाह हुकूमत करता था।
- असूर मुल्क उस जगह में था जो आज उत्तरी इराक़ है।
- तवारीख़ में असूरों ने इस्राईल से कई जंग की थीं ।
- 722 ई.पू. में असूरों की फ़ौज ने इस्राईल मुल्क को पूरी तरह जीत लिया था और इस्राईलियों को क़ैदी बनाकर असूर मुल्क ले गए थे।
- जो इस्राईली अपने मुल्क में रह गए थे उन्होंने असूरों के ज़रिए' सामरिया से इस्राईल में लाकर बसाए हुए परदेशियों के साथ शादियाँ कर ली थी । ऐसी अलग क़ौमों की शादी से पैदा औलादों को आगे चलकर सामरी कहा गया था।
(यह भी देखें: सामरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस कहानियों से मिसाल:
- 20:02 तब ख़ुदा ने दोनों मुल्कों को सज़ावार किया और उनके दुश्मनों को यह इजाज़त दी कि वह उन मुल्कों को बर्बाद कर दे। __ असूर का मुल्क एक ताक़तवर मुल्क था, जिसने इस्राईल के मुल्क को बर्बाद कर दिया। _ असूरियों_ ने इस्राईल के बहुत से लोगों को मार गिराया, उनकी क़ीमती चीज़ों को छीन लिया और मुल्क का बहुत सा हिस्सा जला दिया।
- 20:03 असूरियों ने सभी रहनुमाओं को जमा' किया, मालदार आदमी और लायक़ आदमी को और वह उन्हें अपने साथ असूर ले आए।
- 20:04 तब असूरियों ने ग़ैर क़ौमों को उस ज़मीन पर रहने को कहा जहाँ पर इस्राईली मुल्क था।
शब्दकोश:
अहाब
सच्चाई:
अहाब एक बहुत ही बुरा बादशाह था जिसने उत्तरी हुकूमत इस्राईल पर 875 -854 ईपू-तक बादशाहत की थी
- बादशाह अहाब ने इस्राईली लोगों पर बुत परस्तीझूठे माँ'बूदका ग़लत असर डाला था
- नबी एलियाह ने अहाब से नबुव्वत की थी कि अहाब के ज़रिए'इस्राईल से गुनाह कराने के बदले साढ़े तीन साल तक सूखा पड़ेगा क्यूँकि यह उनके गुनाहों के लिए ख़ुदावन्दकी सज़ा है
- बादशाह अहाब और उसकी रानी ईज़ेबेल ने कई एक बुरे काम किए थे जिसमें उन्होंने उनकी ताक़त का ग़लत इस्तेमाल करके बेकुसूरों को क़त्ल किया ।
( तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें : इस्राईल की हुकूमत, यहोवा, इजिबेल, एलियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
कलाम की कहानियों से मिसाल:
- 19:02 एलिय्याह नबी था, जब अहाब इस्राईली सल्तनत का बादशाह था। अहाब एक बुरा आदमी था जो लोगों को झूठे, बा'ल नामक मा'बूद की 'इबादत करने के लिए जोश दिलाता था।
- 19:03 अहाब और उसके फ़ौजी एलिय्याह की ताक में थे, लेकिन वह उसे खोज न सकें।
- 19:05 साढ़े तीन साल के बा'द, खुदावन्द का यह कलाम एलिय्याह के पास पहुँचा , “जाकर अपने आप को अहाब को दिखा, और मैं ज़मीन पर पानी बरसा दूँगा
शब्दकोश:
आदम
सच्चाई:
आदम पहला आदमी था जिसे ख़ुदावन्द ने बनाया था| और वह उसकी बीवी हव्वा ख़ुदावन्द की सूरत से बनाए गए थे |
- ख़ुदावन्द ने आदम को मिट्टी से बनाकर उसमें साँस फूँकी थी ।
- आदम लफ़्ज़ का मतलब इब्रानी में लाल मिट्टी , या ज़मीन है |।
- “आदम लफ्ज़ वैसा ही है जैसा पुराने अहद नामे का लफ्ज़ इन्सानीक़ौम , या आदमी है ।
- पूरे तौर से इन्सानी क़ोम आदम और हव्वा की औलादें हैं ।
- आदम और हव्वा ने ख़ुदावन्द का हुक्म नहीं माना । इस वजह से वह ख़ुदावन्द से अलग हो गए और दुनिया में गुनाह और मौत को आने दिया|
तर्जुमा की सलाह , नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मौत, औलादें , हव्वा, ख़ुदावन्द की सूरत, ज़िन्दगी
किताब -ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब -ए-मुक़द्दस कहानियों से मिसाल :
- 01:09 फिर ख़ुदावन्द ने कहा , हम इन्सान को अपनी शक्ल में अपने जैसा बनायेंगे
- 01:10 आदमी का नाम आदम था ख़ुदावन्द ने आदम के रहने के लिए एक बाग़ बनाया और बाग़ की देखभाल करने के लिए उसे वहाँ रख दिया
- 01:12 फिर ख़ुदावन्द ने कहा आदमी का अकेला रहना अच्छा नहीं है ।” लेकिन जानवरों में से कोई भी आदम का मददगार नहीं बन सकता |
- 02:11 और ख़ुदावन्द ने जानवर की खाल से आदम और हव्वा को ढका
- 02:12 और ख़ुदावन्द ने ख़ूबसूरत बगीचे से आदम और हव्वा को बाहर भेज दिया
- 49:08 जब आदम और हव्वा ने गुनाह किया तो इसने उनकी सारी औलादों को मुता'अस्सिर किया
- 50:16 क्यूँकि आदम_ और हव्वा ने ख़ुदावन्द के हुक्म की नाफ़रमानी की और इस दुनिया में गुनाह को लाए, इसलिए ख़ुदावन्द ने इसे लानत किया और इसे बर्बाद करने का इरादा किया
शब्दकोश:
आमोस
सच्चाई:
आमोस ख़ुदा का नबी था जो यहूदा के बादशाह उज़्ज़ियाह की बादशाहत में था।
- नबूव्वत के लिए ख़ुदा के ज़रिए' बुलाए जाने से पहले आमोस यहूदा में एक चरवाहा और अंजीर की खेती करनेवाला किसान था।
- आमोस ने उत्तरी बादशाहत की ख़ुशहाली के लिए नबूव्वत की थी जो लोगों के साथ उनके बदसुलूकी के ख़िलाफ़ थी।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का )
(यह भी देखें:अंजीर, यहूदा, इस्राईली बादशाहत , चरवाहा, उज़्ज़ियाह )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आमोस
सच्चाई:
आमोस नबी यसायाह के बाप का नाम था।
- सिर्फ़ एक जगह जहाँ उसके नाम का ज़िक्र किया गया है वह यसायाह की पहचान के लिए है कि वह “अमोस का बेटा ” था।
- यह नाम नबी आमोस से अलग है जिसका ज़ाहिर करना ज़रूरी है।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आमोस, यशायाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आशर
सच्चाई:
आशर या'क़ूब का आठवाँ बेटा था। उसकी औलादें इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक थी, क़बीले का नाम भी “आशर” था।
- आशर की माँ का नाम ज़िल्फ़ा था, वह लिआः की लौंडी थी।
- उसके नाम का मतलब है, “खुश ” या “मुबारक ”
- आशर को दिए गए ज़मीन के हिस्से का नाम भी आशर था यह ज़मीन इस्राईल के ज़रिए' कन'आन में दाख़िल होने के वक़्त उन्हें दी गई थी।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इस्राईल, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आशर, आशर के लिए आशर, आशर नाम के मूर्तियों, अश्तोरेत
ता'अर्रुफ़:
आशर कन'आनियों की देवी का नाम था, पुराने 'अहद नामे में। "अश्तोरेत" आशर का ही दूसरा नाम हो सकता है या यह कई देवी थी जो वैसी ही थी।
- “ आशर की मूर्तियां” या'नी लकड़ी की मूर्तियाँ या पेड़ों को काटकर वैसे शक्ल देना कि उसकी नुमाइन्दगी करें।
- आशर अक्सर झूठे मा'बूद बा'ल की क़ुर्बानगाह के क़रीब होती थी क्यूँकि उसे आशर का शौहर माना जाता था। कुछ लोगों के झुण्ड बा'ल को सूरज मा'बूद और आशर या अश्तोरेत को चांद देवी मानकर पूजा करते थे।
- ख़ुदा ने इस्राईल को हुक्म दिया था कि आशर के सब बुतों को बर्बाद कर दें।
- इस्राईल के कुछ रहनुमाओं ने जैसे गिदोन, आसा बादशाह , योशिय्याह बादशाह ने ख़ुदा का हुक्म मानकर इन बुतों को बर्बाद किया था।
- लेकिन कुछ इस्राईली बादशाह जैसे सुलैमान, मनस्सी आहब ने उनको बर्बाद नहीं किया और इस्राईल को उनकी 'इबादत के लिए ता'लीम दी।
(यह भी देखें: बुत, बा'ल, गिदोन, के जैसा, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H842, H6252, H6253
आसफ़
सच्चाई:
आसफ़ एक लावी काहिन था साथ ही वह एक होनहार मैसीक़ी कार था, उसने दाऊद दाऊद के गीतों को मौसीक़ी से सजाया था। उसने ख़ुद भी गीत लिखे थे।
- दाऊद बादशाह ने आसफ़ को और दो मैसीक़ीकारों के साथ हैकल की 'इबादत के लिए गीत तैयार करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी । इनमें से कुछ गीत नबूव्वतें थी।
- आसफ़ ने अपने बेटों को भी ता'लीम दी थी कि इस ज़िम्मेदारी को पूरा करें, हैकल में गीत के साथ में कुछ बजाना और नबूव्वत करना।
- उनके गीत के साथ में कुछ बजाते थे, सारंगी, सितार, नरसिंगा और झांझ।
- ज़बूर 50, 73-83 आसफ़ के गीत माने जाते हैं। मुम्किन है कि इनमें से कुछ गीत उसके ख़ानदान के लोगों ने लिखे थे।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का ताजुमा
(यह भी देखें: औलादें , [सितार नबी गीत, तुरही)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आसा
सच्चाई:
बादशाह आसा ने यहूदा पर चालीस साल तक बादशाहत की थी 913-873 ई.पू.।
- आसा एक अच्छा बादशाह था जिसने बुतों के मा'बूदों को ख़त्म किया और इस्राईलियों को यहोवा की 'इबादत के लिए शुरू' किया।
- यहोवा ने आसा को ग़ैर क़ौमों के साथ जंग में कामयाबी हासिल की थी।
- बा'द में अपने बादशाही ज़माने में आसा ने यहोवा पर यक़ीन करना बंद कर दिया और बीमार होकर आख़िरकार मर गया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आसिया
सच्चाई:
कलाम के ज़माने में “आसिया” रोमी सल्तनत के एक 'इलाक़े का नाम था। यह मक़ाम आज के तुर्किस्तान के पश्चिमी हिस्से में था।
- पौलुस ने आसिया के कई मकामों में ख़ुशख़बरी सुनाई थी । इन मक़ामों में इफ़िसुस और कुलुस्से थे।
- आज के आसिया के शक-ओ-शुबह से बचने के लिए ज़रूरी है कि इस लफ़्ज़ का तर्जुमा इस तरह किया जाए, “पुराने रोमी 'इलाक़े आसिया” या “आसिया सूबा ।”
- मुक़ाश्फा की किताब में जितनी भी कलीसियाओं के नाम हैं, वे सब रोम के आसिया सूबे में थी।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रोम, पौलुस, इफ़िसुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
आस्तर
सच्चाई:
आस्तर एक यहूदी महिला थी जो यहूदियों की बाबुल की गिरफ़्तारी के दोरान फ़ारस सल्तनत की रानी बन गई थी।
- आस्तर की किताब में आस्तर का अख्सूयरस की रानी बनना और उसके मा'रिफ़त से ख़ुदावन्द के ज़रिए यहूदियों की हिफ़ाज़त की तहरीर लिखी है।
आस्तर एक यतीम बच्ची थी जिसे उसके रिश्ते के भाई मर्दकै ने पाल पोस कर बड़ा किया था।
- अपने इस वालदैन का हुक्म मानने से उसे ख़ुदा का हुक्म मानने में मदद मिली थी।
- आस्तर ने ख़ुदावन्द की इता'अत मानी और अपने लोगों को या'नी यहूदियों को बचाने के लिए जान को ख़तरे में डाल दी थी।
- आस्तर की कहानी तारीख़ के वाक़ि’यात पर ख़ुदा की ख़ुद मुख्तारी के क़ाबू पर वज़ाहत करता है ख़ास तौर पर वह अपनी क़ौम की हिफ़ाज़त करता है और जो उसकी इता'अत करता है उनके ज़रिए' काम करता है |
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: क़ाफ़ले, बाबुल , मोर्दकै, फ़ारस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
इकुनियुम
सच्चाई:
इकुनियुम आज के तुर्किस्तान के दक्खिन दरमियानी हिस्से में एक शहर था।
- पौलुस पहले बशारती सफ़र में बरनबास के साथ इकुनियुम शहर गया था क्यूँकि यहूदियों ने अन्ताकिया में उसकी ख़िलाफ़त की थी ।
- इकुनियुम में भी ईमान नहीं करने वाले यहूदियों और ग़ैर क़ौमों ने पौलुस और उसके साथियों को पत्थराव करने का मन्सूबा बनाया था लेकिन पौलुस पास के शहर लुस्त्रा चला गया था
- उसके बा'द अन्ताकिया और इकुनियुम से कई लोगों ने आकर लुस्त्रा में भी लोगों को पौलुस पर पत्थराव करने के लिए भड़काया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बरनबास, लुस्त्रा, पत्थर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इफ़रात, इफ़रात, इफ्राती, इफ्राती
सच्चाई:
इफ़रात एक शहर था जो इस्राईल के शिमाली हिस्से में था। इफ़रात का नाम आगे चलकर “बैतलहम” या “इफ़रात - बैतलहम” पड़ा।
- इफ़रात कालिब के एक बेटे का नाम था। शायद उसी के नाम पर इस शहर का नाम पड़ा।
- उस शहर के रहने वाले को इफ्राती कहते थे।
- बो'आज़, दाऊद का परदादा था, एक इफ्राती थे।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बैतलहम, बो'आज़, कालेब, दाऊद, इस्राईल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इफ़िसुस, इफ़िसुस के बाशिंदे, इफ़िस्स्यों
सच्चाई:
इफ़िसुस मग़रिबि किनारे पर एक पुराना यूनानी शहर था जो आज के वक़्त में तुर्की का मुल्क है।
- * इब्तिदाई ईसाइयों के वक़्त में, इफिसुस एशिया की दारुल हुकूमत थी, जो उस वक़्त एक छोटा रोमन सूबा था।
- * इसके मुक़ाम के ज़रिए, यह शहर तिजारत और सफ़र का एक ख़ास मरकज़ था।
- वहाँ अरतिमिस(डायना) का एक मशहूर हैकल था।
- पौलुस इफ़िसुस में दो साल से ज़्यादा रहा और काम भी किया और वहाँ के बे ईमानों की हिदायत के लिए तीमुथियुस को मुक़र्रर कर दिया।
- नये 'अहद नामें में इफ़िसुस का ख़त इन ईमानदारों को लिखा पौलुस का ख़त है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: आसिया, पौलुस, तीमुथियुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: G2179, G2180, G2181
इफ़्ताह
सच्चाई:
इफ़्ताह जिल'आद का एक ज़बरदस्त सूरमा था, वह इस्राईल का मुंसिफ़ था।
- 'इब्रानियों 11:32 में इफ़्ताह की बड़ाई की गई है कि वह एक बहुत ही ख़ास रहनुमा था जिसमें अपने लोगों को दुश्मनों से हिफ़ाज़त हासिल की थी।
- उसने अम्मोनियों को शिकस्त करने के लिए इस्राईलियों की रहनुमाई की थी और इफ़्राईमियों को भी हराया था।
- जैसा कि, इफ़्ताह ने बेवक़ूफ़ी में ख़ुदा से क़सम खाई जिसके नीजे में उसे अपनी बेटी की क़ुर्बानी पेश करनी पड़ी थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अम्मोन, आज़ादी दिलाना, इफ़्राईम, मुंसिफ़, मिन्नत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इफ़्राईम , इफ़्राईमी, इफ्राईमियों
सच्चाई:
इफ्राईम यूसुफ़ का दूसरा बेटा था। उसकी औलाद इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक हुए।
- इफ्राईम का क़बीला इस्राईल के शिमाली हिस्से में वाक़े' दस क़बीलों में से एक था।
- * कभी-कभी इफ्राईम का नाम किताब-ए-मुक़द्दस में इस्ते'माल किया जाता है ताकि इस्राईल की पूरी शिमाली सल्तनत का हवाला दे सके । (देखें:हमअहंगी)
- इफ्राईमी वाज़ह तौर पर एक पहाड़ या पहाड़ी 'इलाक़ा था, जो "इफ्राईम के पहाड़ी मुल्क " या "इफ्राईम के पहाड़ों" के हवाले से है '।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इस्राईल का मुल्क , इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H669, H673, G2187
इब्राहीम, अब्राम
सच्चाई:
अब्राम ऊर शहर का एक क़सदी आदमी था जिसे ख़ुदावन्द ने इस्राईल का बुजुर्ग होने के लिए चुन लिया था | खुदावन्द ने उसका नाम अब्राम से बदलकर इब्राहीम कर दिया था |
- “ अब्राम का मतलब है मज़बूत बाप “”
- “अइब्राहीम का मतलब है बहुतों का बाप”
- ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से वा’दा किया था कि वह बहुतों का बाप होगा उसकी औलादें एक बड़ी क़ौम होंगे ।
- इब्राहीम ने ख़ुदावन्द पर यक़ीन किया और उसके हुक्मों को माना |। ख़ुदावन्द ने इब्राहीम को कसदियों के मुल्क से लेकर कनआन जाने में रहनुमाई की।
- कन'आन में इब्राहीम और सारा को बुढ़ापे में इस्हाक़ हासिल हुआ था। ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: \ कना’न, क़सदी, सारा, इस्हाक़
किताब -ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब -ए-मुक़द्दस कहानियों से मिसाल:
- __04:06__जब अब्राम कन’आन मुल्क पहुंचा तब ख़ुदावन्द ने उसे कहा कि , ““अपने चारों तरफ़ देख क्यूँकि जितनी ज़मीन तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरी नसल को दूँगा
- 05:04 ख़ुदावन्द__ ने कहा कि अब तेरा नाम अब्राम __ न होकर __ इब्राहीम होगा, जिसका मतलब है –“बहुतों का बाप ।”
- 05:05 तक़रीबन एक साल बाद में, जब __इब्राहीम __ सौ साल का हुआ और सारा नब्बे साल की तो, सारा ने इब्राहीम के बेटे को जन्म दिया ।
- __5:06 जब इस्हाक़ जवान हुआ, ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से यह कहकर उसकी आज़माइश ली,”कि अपने एकलौते बेटे इस्हाक़ को आतशी क़ुर्बानी करके चढ़ा।।
- __06:01जब __इब्राहीम __ ‘उम्र दराज़ हो गया था, तो उसका बेटा इस्हाक़ व्यस्कता की तरफ़ बढ़ता जा रहा था, इब्राहीम ने अपने एक ग़ुलाम से कहा, कि तू मेरे मुल्क में मेरे ही खानदानियों के पास जाकर मेरे बेटे इस्हाक़ के लिये एक बीवी ले आएगा।
- __06:04__एक लंबे वक़्त के बाद __इब्राहीम __ की मौत हो गयी, ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से जो अहद बाँधा था उसके मुताबिक़ ख़ुदावन्द ने इस्हाक़ को बरकत दी
- 21:02_ ख़ुदावन्द ___ ने इब्राहीम से अहद बाँधा कि सर ज़मीन के सारे लोग तेरे ज़रिए बरकत पाएँगे।।
शब्दकोश:
इलीशा
सच्चाई:
इलीशा इस्राईल में कई बादशाहों के वक़्त में नबी की ख़िदमत करता था। अहाब, अहज्याह, यहोराम, याहू , यहोआहाज और यहोआश
- ख़ुदा ने नबी इलियाह को हुक्म दिया था कि वह इलीशा का नबी होने के लिए मशह करे।
- जब इलियाह को आग के रथ में आसमान में उठा लिए जाने के बा'द इलीशा इस्राईल के बादशाहों के लिए ख़ुदा का नबी बना।
- इलीशा ने कई हैरत अंगेज़ काम किए जिनमें सीरिया के सेनानायक को कोढ़ से शिफ़ा करना और एक शूनेमी 'औरत के बेटे को मुर्दों में से जिलाया भी था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इलियाह, नाम का , नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इलीशिबा'
सच्चाई:
इलीशिबा' यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले की माँ का नाम था। उसके बाप का नाम ज़करयाह था।
- ज़करयाह और इलीशिबा' के पास कोई औलाद नहीं थी लेकिन ख़ुदावन्द ने उनको बुढ़ापे में औलाद देने का वा'दा किया था।
- ख़ुदावन्द ने अपना वा'दा पूरा किया की और जल्दी ही उन्हें बेटा हासिल हुआ। उन्होंने उस बच्चे का नाम यूहन्ना रखा।
- इलीशिबा' 'ईसा की माँ मरियम के रिशतेदार भी थीं।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तरजुम कैसे करें
(यह भी देखें: यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला), [ज़करयाह(नया 'अहद नामा )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इल्याक़ीम
सच्चाई:
इल्याक़ीम नाम के दो आदमी पुराने 'अहद नामें में हुए थे।
- इल्याक़ीम नाम का एक आदमी हिज़क़ीएल बादशाह का बावर्ची था।
- दूसरा इल्याक़ीम बादशाह योशिय्याह का बेटा था। उसे मिस्र के फ़िर 'औंन नीको ने यहूदाह का बादशाह बनाया था।
- नीको ने उसका नाम बदल कर यहोयाक़ीम रखा था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: हिज़किय्याह, यहुयाक़ीम, होशियाह, फ़िर'औंन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इशकार
सच्चाई:
इशकार या'क़ूब का पांचवां बेटा था। उसकी माँ का नाम लि'आ:
- इशकार का क़बीला इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक था।
- इशकार का नसब नामा नफ़ताली, जबूलून, मनस्सी और गाद से घिरा हुआ था।
- उसकी सर हद गलील समन्दर के दक्खिन में थी ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: गाद, मनस्सी, नफ़ताली, इस्राईल के बारह क़बीले , जबूलून)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
इस्माईल, इस्माईल, इस्माईल
सच्चाई:
इस्माईल इब्राहीम और मिस्री लौंडी हाजिरा का बेटा था। पुराने 'अहद नामे में इस्माईल नाम के कई आदमी भी हुए हैं।
- इस्माईल का मतलब है, “ख़ुदावन्द सुनता है”
- ख़ुदावन्द ने इब्राहीम के बेटे इस्माईल को बरकत देने का वा’दा किया था, लेकिन वह 'अहद का बेटा नहीं था।
- रेगिस्तान में ख़ुदावन्द ने हाजिरा और इस्माईल की हिफ़ाज़त की थी।
- पारान के रेगिस्तान में रहते हुए इस्माईल ने एक मिस्री 'औरत से शादी की थी ।
- नतन्याह का बेटा इस्माईल यहूदा का फ़ौजी अफ़सर था जिसने एक झुण्ड बनाकर बाबुल के बादशाह के मुक़र्रर हाकिम नबूकदनज़र को क़त्ल किया था ।
- पुराने 'अहद नामे में इस्माईल नाम के चार और आदमी हुए हैं।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , बाबुल, ‘अहद, रेगिस्तान, मिस्र, हाजिरा, इस्हाक़, नबूकदनज़र, पारान, सारा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 05:02 तो इब्राहीम ने हाजिरा से शादी की । हाजिरा को इब्राहीम के ज़रिए' एक बेटा हुआ, इब्राहीम ने उसका नाम इस्माईल रखा।
- 05:04 “मैं इस्माईल को भी एक बड़ी क़ौम बनाऊंगा, लेकिन मेरा 'अहद इस्हाक़ के साथ होगा।”
शब्दकोश:
इस्राईल की बादशाही
सच्चाई
क्या हुआ था कि इस्राईल की बादशाही का उत्तरी हिस्सा इस्राईल के हिस्सा बने इस्राईल के बारह क़बीलों ने सुलैनाम के मर जाने के बा’द इस्राईल को दो सलतनतों में बाँट दिया|
- उत्तर की इस्राईल की बादशाही में दस क़बीले थे, और दख्खिन में यहूदा की बादशाही में दो क़बीले थे |
- इस्राईल की बादशाही का दारुल-उल-हुकूमत शहर सामरिया था| यह यहूदाह के दारुल-उल-हुकूमत शहर यरुशलीम से लगभग 50 किलो मीटर दूर था|
- इस्राईली बादशाही के सभी बादशाह बुरे थे| उन्होंने लोगों को झूठे मा’बूदों की ख़िदमत करने के लिए हौसला दिया|
- ख़ुदा ने अश्शूरियों को इस्राईल की सल्तनत पर हमला करने को भेजा| बहुत से इस्राईली क़ब्ज़े में लिए गए और अश्शूर में रहने के लिए ले जाए गए|
- इस्राईलियों ने ग़ैरमुल्क के लोगों इस्राईल के बचे हुए लोगों के साथ रहने के लिए लाए| ये ग़ैरमुल्की लोगो ने इस्राईलियों के साथ शादी की, और उनकी नसल सामरी बन गई|
(यह भी देखें: अस्सीरिया, इस्राईल, यहूदाह, यरुशलीम, बादशाही, सामरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें :
- ___18:08:___इस्राईल की सल्तनत के दस क़बीलों ने रहूबियाम के ख़िलाफ़ बग़ावत की था, यरुब’आम नाम का एक शख़्स मुक़र्रर किया गया था| उन्होंने मुल्क के उत्तरी हिस्से में अपनी सल्तनत क़ायम की और उन्हें इस्राईल की सल्तनत कहा जाता था|
- 18:10 यहूदाह और इस्राईल की सल्तनत दोनों दुश्मन हो गए और अक्सर एक दुसरे के साथ लड़े|
- 18:11 नई सल्तनत__इस्राईल__के सब बादशाह बुरे थे|
- 20:01 इस्राईल की सल्तनत और यहूदाह दोनों ने ख़ुदा के ख़िलाफ़ बहुत से गुनाह किये|
- 20:02 _इस्राईल की बादशाही अश्शूरी हुकूमत जो बहुत ताक़तवर और बेरहम मुल्क था उसके ज़रिए’ तबाह कर दी गई अश्शूरियों ने इस्राईल की बादशाही में बहुत से लोग मारे, सब क़ीमती सामान ले लिया, और मुल्क के ज़्यादतर हिस्से को जला दिया|
- 20:04 तब अश्शूरी ग़ैरमुल्की लोगों को उस सरज़मीन पर रहने के लिए लाये जहाँ पहले __इस्राईल की बादशाही__हुआ करती थी| ग़ैरमुल्की लोगों ने तबाह शहर को दुबारा ता’मीर किया और जो इस्राईली वहाँ रह गए थे उनसे शादी की| ग़ैरमुल्की लोगों से शादी करने वाले इस्राईलियों की नसलों को सामरिया कहा जाता था|
शब्दकोश:
- Strong's: H3478, H4410, H4467, H4468
इस्राईल, इस्राईली, इस्राईलियों, या'क़ूब
सच्चाई:
या'क़ूब इस्हाक़ और रिबक़ा के जुड़वा लड़कों में छोटा था।
- या'क़ूब का मतलब है, “वह एड़ी पकड़ता है” जिसका मतलब है, “वह धोकबाज़ है।” पैदाइश के वक़्त या'क़ूब अपने जुड़वा भाई ऐसौ की एड़ी पकड़े हुए था।
- कई साल बा'द ख़ुदावन्द ने या'क़ूब का नाम बदलकर इस्राईल रखा जिसका मतलब है, “वह ख़ुदावन्द के साथ मशक़क़त करता है।”
- या'क़ूब चालाक और धोकेबाज़ था। उसने अपने बड़े भाई ऐसौ से उसके पहलौठे की बरकतें और इख़्तियार हासिल करने का मन्सूबा तलाश कर लिया था।
- ऐसौ इस पर बहुत ग़ुस्सा हुआ और उसको क़त्ल करने का मन्सूबा बनाया, लिहाज़ा या'क़ूब अपने घर से भाग गया। सालों बा'द या'क़ूब अपनी बीवियों और औलादों के साथ कन'आन लौटा, ऐसौ भी वहीं रहता था। दोनों के ख़ानदान अमन सुकून से रहने लगे।
- या'क़ूब के बारह बेटे थे। उनकी औलादें इस्राईल के बारह क़बीले हुए।
- मत्ती लिखने वाले की ख़ुशख़बरी में जो नसब नामा दिया गया है उसमें एक और या'क़ूब का बयान किया गया है, वह यूसुफ़ का बाप था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, धोका करना, ऐसौ, इस्हाक़, इस्राईल, रिबक़ा, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- __07:01__फिर वह लड़के बढ़ने लगे, रिबक़ा या'क़ूब से मुहब्बत रखती थी, लेकिन इस्हाक़ ऐसौ से मुहब्बत रखता था। या'क़ूब सीधा आदमी था और ख़ेमों में रहा करता था, लेकिन ऐसौ तो जंगली होकर चतुर शिकार खेलनेवाला हो गया।
- 07:07 जब या'क़ूब वहाँ था ,उसी दौरान या'क़ूब ने चार बीवियों से शादी की और उसके बारह बेटे और एक बेटी पैदा हुई। ख़ुदा ने उसे बहुत मालदार बनाया।
- 07:08 बीस साल तक अपने घर से, जो कन'आन में है, दूर रहने के बा'द या'क़ूब अपने ख़ानदान, ख़ादिमों, और अपने सारे जानवरों के साथ वापस आ गया।
- 07:10 ख़ुदा ने इब्राहीम की नसबनामे के बारे में जो 'अहद उससे बाँधा था, वह इब्राहीम से इस्हाक़ और इस्हाक़ से या'क़ूब को दी।
- __08:01__कई साल बा'द, जब या'क़ूब ‘उम्र दराज़ हो गया, तो उसने अपने अज़ीज़ बेटे यूसुफ़ को भेजा कि वह जाकर अपने भाइयो को देखे जो भेड़ बकरियों के झुंड की देखभाल कर रहे थे।
शब्दकोश:
इस्हाक़
सच्चाई:
इस्हाक़ इब्राहीम और सारा का पहलौठा बेटा था। अगर्चे वह ‘उम्र दराज़ था, फिर भी ख़ुदावन्द ने उन्हें बेटा देने का वा'दा किया था ।
- “इस्हाक़” का मतलब है, “वह हँसता है” ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से कहा कि सारा एक बेटे को पैदा करेगी तब इब्राहीम हंस पड़ा था क्यूँकि वह दोनों बहुत 'उम्र दराज़ थे। उस वक़्त यह ख़ुशख़बरी सुनकर सारा भी हँस दी थी।
- लेकिन ख़ुदावन्द ने अपन वा'दा पूरा किया और इब्राहीम और सारा को 'उम्र दराज़ी में बेटा हासिल हुआ ।
- ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से कहा कि उसने इब्राहीम के साथ जो 'अहद बाँधा है वह इस्हाक़ और उसकी नसल के साथ भी बंधी रहेगी।
- जब इस्हाक़ लड़कपन में पहुंचा तब ख़ुदावन्द ने इब्राहीम के ईमान को परखने के लिए उससे कहा कि वह उसके लिए इस्हाक़ को क़ुर्बान कर दे।
- इस्हाक़ के बेटे या'क़ूब के बारह बेटे थे जो आगे चलकर इस्राईल के बारह क़बीले हुए।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , नसल, सदाकालीन, मुकम्मल, या'क़ूब, सारा, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 05:04 “तेरी बीवी सारै के तुझ से एक बेटा होगा। और वह वा'दे का बेटा होगा। और तू उसका नाम इस्हाक़ रखना।”
- 05:06 जब इस्हाक़ लड़कपन ही में था , ख़ुदावन्द ने इब्राहीम से यह कहकर उसकी आज़माइश ली, “अपने पहलौठे बेटे इस्हाक़ को सोख़्तनी क़ुर्बानी करके पेश कर।”
- 05:09 लिहाज़ा इब्राहीम ने जाके उस मेढ़े को लिया और अपने बेटे इस्हाक़ की जगह पर उसको सोख़्तनी क़ुर्बानी करके पेश किया |
- 06:01 जब इब्राहीम 'उम्र दराज़ हो गया था, तो उसका बेटा इस्हाक़ जवानी की ओर बढ़ता जा रहा था, इब्राहीम ने अपने एक ग़ुलाम से कहा, कि तू मेरे मुल्क में मेरे ही ख़ानदानियों के पास जाकर मेरे बेटे इस्हाक़ के लिये एक बीवी ले आएगा।
- 06:05 इस्हाक़ ने ख़ुदावन्द से दु'आ की, और ख़ुदावन्द ने उसकी इल्तिजा सुनी इस तरह रिबक़ा जुड़वाँ बेटों के साथ हाम्ला हुई।
- 07:10 इस्हाक़ की मौत हो गयी और उसके बेटे ऐसौ और या'क़ूब ने उसको मिट्टी दी। ख़ुदावन्द ने इब्राहीम की नस्लों के बारे में जो 'अहद उससे बाँधा था, वह इब्राहीम से इस्हाक़ और इस्हाक़ से या'क़ूब को दिया ।
शब्दकोश:
- Strong's: H3327, H3446, G2464
ईजेबेल
सच्चाई:
ईजेबेल, इस्राईल के बादशाह आहब की बहुत बुरी रानी थी।
- ईजेबेल ने आहब और इस्राईल के लोगों को बुत परस्ती के लिए मजबूर किया था।
- उसने ख़ुदा के नबियों में से कई एक को क़त्ल करवाया था।
- उसने एक बेक़ुसूर आदमी नाबात को क़त्ल करवाया था कि आहब उसकी अँगूर की बाग़ को लूट पाए।
- यहाँ तक कि वह अपने बुरे कामों के बदले मारी गई। एलियाह ने उसकी मौत की नबूव्वत की थी और ठीक वैसे ही उसको क़त्ल किया गया था ।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: आहब, एलियाह, झूठे मा’बूद )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
उज़्ज़ियाह , अजरियाह
सच्चाई:
उज़्ज़ियाह 16 साल की 'उम्र में यहूदा का बादशाह बना था और यरूशलीम में 52 साल हुकूमत की जो एक आम और ज़्यादा वक़्त तक बादशाह था। उज़्ज़ियाह को अजरियाह नाम से भी जाना जाता था।
- उज़्ज़ियाह बादशाह अपनी फ़ौज का इन्तिज़ाम और महारत के लिए जाना जाता था। अपने शहर की हिफ़ाज़त के लिए गुम्बद बनवाए थे, उसने जंग के हथियारों को ख़ास तौर से बनाया था जिनसे वह तीर चला सकता था और बड़े-बड़े पत्थर फेंक सकता था।
- वह जब तक ख़ुदा की ख़िदमत में रहा मज़बूत होता गया। अगर्चे अपने बादशाहत के वक़्त के आख़िरी वक़्त में उसे घमण्ड हो गया था और हैकल में ख़ुशबू जलाकर ख़ुदा के हुक्म की ना फ़रमानी की क्यूँकि ख़ुशबू जलाना सिर्फ़ काहिनों का काम था।
- इस गुनाह की वजह से उज़्ज़ियाह को कोढ़ हो गया था और आख़िर तक सबसे अलग रहना पड़ा।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें:यहूदा, बादशाह , कोढ़, हुकूमत करना, गुम्बद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5814, H5818, H5838, H5839
ऊर
सच्चाई:
ऊर फ़रात नदी के पास, पुराना क़सदी सूबा का एक ख़ास शहर था, जो मसोपतामिया का एक हिस्सा था। यह जगह आज के इराक़ में क़ायम थी।
- इब्राहीम ऊर शहर का रहने वाला था, वहीं से ख़ुदा ने उसे बुला लिया था कि उसे कन'आन ले जाएं।
- लूत का बाप, इब्राहीम का भाई हारान ऊर में ही मर गया था। लूत का इब्राहीम के साथ ऊर छोड़ने की शायद यह भी एक वजह थी ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , कन'आन, क़सदी, फ़रात नदी, हारान, लूत, मसोपतामिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
एलिय्याह
सच्चाई:
एलियाह यहोवा का सबसे ज़्यादा ख़ास नबी था। एलियाह ने इस्राईल और यहूदाह के कई बादशाहों के वक़्त में नबूव्वत की थी, इनमें अहाब बादशाह भी था।
- ख़ुदा ने एलियाह की मा'रिफ़त से कई हैरत अंगेज़ काम किए जिनमें एक मुर्दा बच्चे को ज़िन्दा करना भी था।
- एलियाह ने बादशाह अहाब को बा'ल की बुत परस्ती के लिए डांटा था।
- उसने बा'ल के पुजारियों को शर्त रखी थी कि पहचान कर देखें कि यहोवा ही सच्चा ख़ुदा है।
- वक़्त पूरा हो जाने पर ख़ुदा ने एलियाह को मु'जिज़ह शक्ल से आसमान में उठा लिया था।
- सैंकड़ों साल बा'द में एलियाह मूसा के साथ 'ईसा से पहाड़ पर क़ुर्बानी करने आया था और उन्होनें यरूशलीम में 'ईसा की आनेवाली परेशानी और मौत के बारे में बात चीत की थी।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: हैरत अंगेज़, नबी , यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों कि मिसाल:
- 19:02 __एलियाह __ नबी था, जब अहाब इस्राईली मुल्क का बादशाह था।
- 19:02 एलिय्याह ने अहाब से कहा, “इन सालों में मेरे बिना कहे, न तो पानी बरसेगा, और न शबनम पड़ेगी।”
- 19:03 ख़ुदावन्द ने __एलियाह __ से कहा कि वह जंगल में जाकर छिप जाए, क्योंकि अहाब उसे मारने की ताक में है। और सुबह और शाम को कव्वे उसके पास रोटी और गोश्त लाया करते थे।
- 19:04 लेकिन तब उन्होंने एलियाह का ख़याल रखा, और ख़ुदावन्द ने उनके घड़े का मैदा ख़त्म न होने दिया, और न उनकी कुप्पी का तेल घटने दिया।
- __19:05__साढ़े तीन साल के बा'द, ख़ुदा का यह कलाम __एलियाह __ के पास पहुँचा, “जाकर अपने आप को अहाब को दिखा, और मैं ज़मीन पर पानी बरसा दूँगा।
- __19:07__और __एलियाह __ ने बा'ल के नबियों से कहा, “पहले तुम एक बछड़ा पसन्द कर के तैयार कर लो, क्योंकि तुम तो बहुत हो; तब अपने मा'बूद से दू'आ करना, लेकिन आग न लगाना।”
- 19:12 तब एलियाह ने कहा, “बा'ल के नबियों को पकड़ लो, उनमें से एक भी छूटने ने न पाए;
- 36:03 तब मूसा और __एलियाह __ नबी दिखाई दिए। इससे पहले यह दोनों आदमी कई सो साल पहले ज़मीन पर ज़िन्दा थे। वह 'ईसा से उसकी मौत के बारे में बात कर रहे थे, जो यरूशलीम में होने वाली थी।
शब्दकोश:
ओम्री
सच्चाई:
ओम्री एक फ़ौज का सरदार था जो इस्राईल का छठवां बादशाह हुआ था।
- बादशाह ओम्री ने तिर्सा नगर में 12 साल बादशाही की थी।
- इस्राईल के सब बादशाहों के जैसे ओम्री भी एक बुरा बादशाह था, उसने इस्राईल की क़ौम को और भी ज़्यादा बुतपरस्ती में गिराया था।
- ओम्री बादशाह आहाब का बाप था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अहाब, इस्राईल, यरुब’आम, तिर्सा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
औरय्याह
सच्चाई:
औरय्याह एक रास्तबाज़ आदमी था और दाऊद के बेहतर फ़ौजियों में से एक था। उसे अक्सर “हित्ती औरय्याह” से हवाला दिया जाता था।
- औरय्याह की बीवी बहुत ख़ूबसूरत थी, उसका नाम बतशबा था।
- दाऊद ने उसके साथ हरामकारी की और वह दाऊद से हामला हो गई थी।
- दाऊद ने अपना गुनाह छिपाने के लिए औरय्याह को जंग में आगे भेजकर मरवा दिया। फिर दाऊद ने बतशबा से शादी की ।
- औरय्याह नाम का एक और आदमी था जो बादशाह आख़ज़ के वक़्त काहिन था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आख़ज़, बतशबा, दाऊद, हित्ती)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 17:12 बतशबा का शौहर , जिसका नाम औरय्याह था, वह दाऊद का एक बहादुर फ़ौजी था | दाऊद ने औरय्याह को जंग से वापस बुला लिया और उससे कहा अपनी बीवी के पास जा | लेकिन औरय्याह अपने घर वापस न गया क्यूँकि बाक़ी फ़ौजी जंग लड़ रहे थे | तब दाऊद ने औरय्याह को वापस जंग में भेज दिया और योआब से कहा ‘सब से तेज़ जंग के सामने औरय्याह को रखना, तब उसे छोड़कर लौट आओ, कि वह घायल होकर मर जाए |
- __17:13औरय्याह के मरने के बा'द, दाऊद ने बतशबा से शादी करली |
शब्दकोश:
कना’न, कना’नी ,कना’नियों
सच्चाई:
कना’न हाम का बेटा था और हाम नूह का बेटा था | कना’नी लोग कना’न के रहने वाले थे
- “कना’न और कना’न मुल्क “वह ‘इलाक़ा था जो यरदन नदी और समन्दर से दूर के बीच का हिस्सा था | दाख्खिन में वह मिस्र की हद तक था और उत्तर में सीरिया की हद तक |
- इस मुल्क के रहने वाले कना’नी और ग़ैर क़ौमें थीं |
- ख़ुदा ने इब्राहीम से वा’दा किया था कि वह कना’न मुल्क उसे और उसकी नसल ,इस्राईलियों को देगा |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: हाम, वा’दे का मुल्क )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- _4:5_इस तरह (अब्राम) अपनी बीवी सारै,और जो माल उन्होंने इकठ्ठा किया था ,और जो जानदार उन्होंने हारान में पाए थे ,सब को लेकर “कना’न मुल्क में जो ख़ुदावन्द ने उसे दिखाया था जाने को निकल चला ;
- _04:06_जब अब्राम _कना’न _मुल्क पहुँचा तब ख़ुदा ने उससे कहा कि ,अपने चारों ओर देख क्यूँकि जितनी ज़मीन तुझे दिखाई देती है ,उस सब को मै तुझे और तेरी नसल को दूँगा |
- _ 04:09_”मै कना’न मुल्क तेरी नसल को दूँगा |”
- _05:03_मै तुझ को और तेरे बा’द तेरी नसल को भी ,यह सारा कना’न मुल्क दूँगा वह उनकी अपनी ज़मीन रहेगी ,और मै उनका ख़ुदा रहूँगा |”
- _07:08_बीस साल तक अपने घर से ,जो _कना’न_में है ,दूर रहने के बा’द या’क़ूब अपने घराने , ख़ादिमों ,और अपने सारे जानवरों समेत वापस आ गया |
शब्दकोश:
- Strong's: H3667, H3669, G2581, G5478
कफ़रनहूम
सच्चाई:
कफ़रनहूम गलील झील के उत्तर-पच्छिमी किनारे पर मछुवारों का एक गाँव था |
- ‘ईसा जब गलील में ता’लीम देता था तब वह कफ़रनहूम में ठहरता था|
- उसके बहुत से शागिर्द कफ़रनहूम से थे |
- ‘ईसा ने इस गाँव में बहुत से मो’जिज़े किये थे ,जिनमे मुर्दा लड़की को फिर से ज़िन्दा करना भी था |
- कफ़रनहूम उन तीन शहरों में से एक था जिन पर ‘ईसा ‘ऐलानिया तौर पर मलामत की थी क्यूँकि वहाँ के लोगों ने उसका इनकार किया और उसकी ता’लीमों में यक़ीन नहीं किया था | ‘ईसा ने उन्हें हिदायत दी थी कि ख़ुदा उन्हें उनकी बे यक़ीनी की सज़ा देगा |
(तर्जुमे की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: गलील , गलील की झील )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
](rc://ur-deva/tn/help/luk/04/31)*[लूका 04:31-32
शब्दकोश:
करेतियों
सच्चाई:
“करेतियों” एक क़ौम थी जो मुमकिन है पलिश्तियों में से थी | कुछ तर्जुमो में इस नाम को “करेतियों की शक्ल में लिखते हैं |
- ”करेतियों और पलेतियों” बादशाह दाऊद की फ़ौज में सिपाहियों के ख़ास झुण्ड थे जो उसके मुहाफ़िज़ की शक्ल में उसके वफ़ादार थे |
- यहोयादा का बेटा बनायाह, दाऊद के इन्तिज़ामिया दल का एक फ़र्द ,करेतियों और पलेतियों का रहनुमा था |
- करेतियों दाऊद के साथ थे जब वह अबशालोम के बग़ावत करने पर यरूशलीम छोड़ कर गया था |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: अबशालोम, बनायाह, दाऊद, पलिश्ती)
किताब-ए-मुकद्दस के बारे में:
शब्दकोश:
करेते , करेते के बाशिन्दे ,करेते के बाशिन्दों
सच्चाई:
करेते यूनान के दख्खिनी हिस्से पर एक जज़ीरह था "करेते के बाशिन्दे " वह हैं जो करेते जज़ीरह पर रहते हैं।
- अपने बशारती सफ़र में पौलुस रसूल करेते के सफ़र पर गया था।
- पौलुस ने अपने हमख़िदमत तीतुस को करेते पर छोड़ दिया था कि वहां कलीसिया के रहनुमाओं को मुक़र्रर करे।
(तर्जुमे से मुता’ल्लिक सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कर्मिल ,कर्मिल पहाड़
सच्चाई:
“कर्मिल पहाड़” समन्दर से दूर के किनारे पर वाक़े’पहाड़ियों में से -शारोंन के मैदान के नज़दीक उत्तर में | उसकी सबसे ऊँची चोटी 546 मीटर ऊँची है |
- कर्मिल नाम का एक शहर भी था जो नमक के समन्दर के दाख्खिन में यहूदाह की बादशाहत में था |
- नाबाल एक मालदार किसान था ,उसकी बीवी का नाम अबी गैल था |वह कर्मिल शहर के नज़दीक रहते थे |दाऊद और उसके साथी नाबाल के चरवाहों की हिफ़ाज़त करते थे |
- कर्मिल पहाड़ पर एलियाह ने बा’ल पुजारियों के साथ बहस करके साबित किया था कि केवल यहोवा ही सच्चा ख़ुदा है |
- यह वाज़ेह करने के लिए कि कर्मिल एक ही पहाड़ नहीं था ,”कर्मिल पहाड़”का तर्जुमा “कर्मिल पहाड़ियों में से के एक पहाड़ पर” या “कर्मिल पहाड़ियों में से |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बा’ल, एलियाह ,यहूदाह ,नमक का समन्दर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3760, H3761, H3762
कसदी ,कसदी,कसदियों
सच्चाई:
कसदी मेसोपोटामिया या बाबुल के दाख्खिन का ज़मीनी हिस्सा था | इस ‘इलाक़े के रहने वाले कसदी कहलाते थे |
- ऊर शहर जहाँ इब्राहीम रहता था,वह कसदियों का ही मुल्क था | इसे हमेशा “कसदियों के ऊर” कहा जाता है |
- नबूकदनज़र बहुत से कसदियों में से एक था जो बाबुल के बादशाह हुए थे
- बहुत सालों बा’द तक़रीबन 600ई.पू.में कसदी मुल्क “बाबुल” कहलाया |
- दानीएल की किताब में “कसदी” लफ़्ज़ एक ख़ास इन्सानी दर्जे का पस मन्ज़र देता है जो ऊँची ता’लीम पाए हुए इन्सान थे और सितारों का मुता’आला करते थे |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम, बाबुल, शिनार, ऊर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3679, H3778, H3779, G5466
क़ाइन
सच्चाई:
क़ाइन और उसका छोटा भाई हाबिल आदम और हव्वा के पहले बेटे थे जिनका बयान किताब-ए-मुक़द्दस में किया गया है |
- क़ाइन एक किसान था और हाबिल एक चरवाहा था |
- क़ाइन ने ग़ुस्से में आकर अपने भाई का क़त्ल कर दिया था उसके ग़ुस्सा होने की वजह थी कि ख़ुदा ने हाबिल का हदिया क़ुबूल किया और क़ाइन का हदिया क़ुबूल नहीं किया था |
- सज़ा के तौर पर ख़ुदा ने उसे अदन से बाहर निकाल दिया और उसे बद्दुआ दिया कि ज़मीन उसके लिए फ़सल पैदा नहीं करेगी |
- ख़ुदा ने क़ाइन के माथे पर एक निशान ठहरा दिया था कि उसकी मदद करेगा अगर किसी ने उसकी जान लेने की कोशिश की |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: आदम, क़ुर्बानी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
काइफ़ा
सच्चाई:
काइफ़ा ‘ईसा और यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले के वक़्त में इस्राईल का सरदार काहिन था |
- ‘ईसा की मज़म्मत और सज़ा में काइफ़ा ने अहम किरदार निभाया था |
- सरदार काहिन हन्ना और काइफ़ा पतरस और यूहन्ना की मज़म्मत में मौजूद थे जब उन्हें एक लंगड़े आदमी को अच्छा करने के लिए बन्दी बनाया गया था |
- काइफ़ा ही था जिसने कहा था पूरी दुनिया की तबाही के बदले उसकी जगह एक इन्सान का मरना बेहतर है | ख़ुदा ने उससे यह नबुव्वत करवाई थी कि ‘ईसा अपनी क़ौम की नजात के वास्ते जान देगा |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: हन्ना, सरदार काहिन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
क़ादिस
सच्चाई:
क़ादिस एक कना’नी शहर था, जिसे कना’न के मुल्क में दाख़िल होने पर इस्राईलियों ने ले लिया था|
- यह शहर इस्राईल के उत्तरी हिस्से में, नफ़ताली के क़बीले को दी गई ज़मीन के हिस्से में क़ायम था|
- क़ादिस उन शहरों में से एक था जहाँ लावी काहिन रह सकते थे, क्यूँकि उनके पास अपनी कोई ज़मीन नहीं थी|
- इसे शहर-ए-पनाह के तौर भी अलग किया जा सकता है|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: कना’न, हब्रून, लावी, नफ़ताली, काहिन, पनाह, सिक्म, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
क़ादिस, क़ादिस-बरनी, मरीबूत क़ादिस
सच्चाई:
नाम क़ादिस, क़ादिस-बरनी और मरीबूत क़ादिस नाम इस्राईल की तारीख़ में एक ख़ास शहर का ज़िक्र करते हैं जो अदोम के इलाक़े में इस्राईल के दख्खिनी हिस्से में क़ायम था।
- क़ादिस शहर एक ओएसिस था, एक जगह जहां ज़िन नामक रेगिस्तान के बीच में पानी और ज़रख़ेज़ मिट्टी थी।
- मूसा ने क़ादिस बरनी से कना’न मुल्क में बारह जासूस भेजे।
- जंगल में भटकने के दौरान इस्राईल ने क़ादिस में भी डेरा डाला।
- क़ादिस बरनी जहां मरियम की मौत हो गई थी।
- यह मरीबूत क़ादिस में था जहां मूसा ने ख़ुदा की नाफ़रमानी की और इस्राईलियों के लिए पानी पाने के लिए एक चट्टान पर मारा, जैसा कि ख़ुदा ने उसे करने के लिए कहा था।
- नाम "क़ादिस" इब्रानी लफ़्ज़ "पाक" या "अलग हिस्सा" से आता है।
(तर्जुमा की सलाह: \ नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: \ रेगिस्तान, [आदम](../names/edom.md), \ पाक)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H4809, H6946, H6947
क़ाना
ता’रीफ़:
क़ाना-ए-गलील ‘इलाक़े में एक गाँव या शहर था जो नासरत से तक़रीबन नौ मील उत्तर में बसा हुआ था |
- क़ाना शहर बारहों में से एक नतनएल की पैदाइश की जगह थी |
- ‘ईसा क़ाना शहर में एक शादी की महफ़िल में गया था जहाँ उसने अपना पहला मोजिज़ा ,पानी को मय बनाना ,किया था |
- कुछ वक़्त के बा’द ‘ईसा क़ाना में दुबारा आया था जहाँ उसकी मुलाक़ात कफ़रनहूम के एक हाकिम से हुई थी जिसने अपने बेटे की शिफ़ा के लिए उससे मिन्नत की थी |
(यह भी देखें: कफ़रनहूम, गलील, बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कालिब
सच्चाई:
कालिब उन बारह इस्राईली राज़दारों में से एक था जिन्हें मूसा ने कना’न की मालूमात लेने के लिए भेजा था |
- उसने और यशू’अ ने इस्राईलियों को हिम्मत दिलाई कि वह ख़ुदा पर भरोसा रखें वह उन्हें कना’न पर फ़तह दिलाएगा |
- यशू’अ और कालिब उस नस्ल के दो ही लोग थे जिन्हें वा’दे के मुल्क कना’न में दाख़िल होने की इजाज़त दी गयी थी |
- कालिब ने मिन्नत किया था कि उसे और उसके घराने को हेब्रोन दिया जाए उसे यक़ीन था कि ख़ुदा उसे वहाँ के लोगों को हराने में उसकी मदद करेगा |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: हेब्रोन ,यशू’अ)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- _14-4_जब इस्राईली कना’न की हद में पहुँचे तब मूसा ने बारह आदमियों को चुना इस्राईल के हर क़बीलेमें से उसने उन आदमियों को हुक्म दिया की जाओ और ज़मीन का पता लगाओ कि वह कैसी दिखती है |
- _14:06_जल्द ही _कालिब_और यशू’अ और दो जासूस कहने लगे हाँ यह सही है कि कना’न के लोग ताक़तवर हैं लेकिन हम बिला शुबह उन्हें हरा देंगे ! ख़ुदा हमारे लिए जंग करेगा |’”
- _14:8_उनमें से कालिब और यशू’अ को छोड़ कर जितने बीस साल के या उससे ज़्यादा ‘उम्र के जितने गिने गये थे वह मर जायेंगे और कभी वा’दा के मुल्क में दाख़िल नहीं होंगे |
ताकि वह मुल्क में सुकून से जी सकें |
शब्दकोश:
क़िद्रोन की वादी
सच्चाई:
क़िद्रोन की वादी यरुशलीम के शहर के बाहर, उसकी पश्चिम दीवार और ज़ैतून के पहाड़ के दरमियान एक गहरी वादी है|
- वादी 1000 मीटर गहरी और ३२ किलो मीटर लम्बी है|
जब बादशाह दाऊद अपने बेटे अबीसलोम से भाग गया क़िद्रोन वादी के पास चला गया ताकि वह ज़ैतून पहाड़ पर चढ़ सके|
- यहूदाह के बादशाह यूशियाह और ‘आसा ने हुक्म दिया कि झूठे मा’बूदों के ‘आला मक़ामों और क़ुर्बानगाहों को तोड़ दें और जलाएं और राख को क़िद्रोन वादी में फेंक दिया जाए|
बादशाह हिज़क़ियाह की हुकूमत के दौरान, क़िद्रोन की वादी जहाँ फ़कीहों ने हर चीज़ फेंक दी थी कि उन्हें हैकल से हटा दिया गया था|
इस वादी में अत्तलियाह बुरी मलिका को हलाक कर दिया गया था, क्यूँकि उसने जो बुरे काम किये थे उसकी वजह से|
( तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अबीसलोम, ‘आसा, अत्तलियाह, दाऊद, झूठे मा’बूद, हिज़क़ीएल, ऊँचे मक़ाम, यूशियाह, यहूदाह, ज़ैतून का पहाड़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5674, H6939, G2748, G5493
किलिकिया
सच्चाई:
किलिकिया एक छोटा रोमी सूबा था जो आज के तुर्किस्तान में दाख्खिन पूर्वी इलाक़े’में था। वह एजीयन समन्दर के सिरे पर था
- पौलुस रसूल किलिकिया के तरसुस शहर का बाशिन्दा था।
- दमिश्क के रास्ते पर ‘ईसा से आमना-सामना करने के बा’द पौलुस ने कई साल किलिकिया में बिताए थे।
- किलिकिया के कुछ यहूदियों ने स्तिफ़नुस का सामना किया था और लोगों को उसे संगसार करने के लिए भड़काया था।
(तर्जुमे की सलाहनामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: पौलुस, स्तिफ़नुस, तसुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
क़ीदार
सच्चाई:
क़ीदार इश्माईल का दूसरा बेटा था। यह भी एक ख़ास शहर था, जिसे शायद इसी शख़्स के नाम पर रखा गया था|
- क़ीदार शहर फ़िलिस्तीन की दख्खिनी सरहद के पास अरब के उत्तरी हिस्से में क़ायम था| किताब-ए-मुक़द्दस के ज़माने में, अपनी बड़ाई और शान के लिए जाना जाता था|
- क़ीदार की नसलों की एक बड़ी जमा’अत तैयार हुई जिसे “क़ीदार” कहा जाता है|
- जुमले “क़ीदार के अँधेरे तम्बू” का मतलब है काली बकरी के बाल के तम्बू जिसमे क़ीदार के लोग रहते हैं|
- इन लोगों ने भेड़ बकरियां पालते थे| वे ऊंट को भी सामान लाने ले जाने में इस्ते’माल करते थे।
- किताब-ए-मुक़द्दस में “क़ीदार की शान” उस शहर और वहां के लोगों के बड़प्पन के बारे में है।
(तर्जुमे की सलाहनामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अरब, बकरी, इश्माईल, क़ुर्बानी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में
शब्दकोश:
कुरनेलियुस
सच्चाई:
कुरनेलियुस, एक ग़ैर क़ौमी आदमी था, वह रोमी फ़ौज में एक हाकिम था।
- वह ख़ुदा से रोज़ दुआ करता था और गरीबो को हलीमी से खैरात देता था।
- पतरस रसूल से बशारत सुनकर कुरनेलियुस और उसका घराना ‘ईसा का ईमानदार हो गया।
- कुरनेलियुस और उसका घराना पहले ग़ैर यहूदी थे, जिन्होंने ‘ईसा पर यक़ीन किया था।
- इससे ‘ईसा के शागिर्दों को को समझ में आया कि ‘ईसा सबको नजात देने आया था, जिनमें ग़ैर क़ौमें भी थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: रसूल, ईमान, ग़ैर क़ौम. ख़ुशख़बरी, यूनानी, सूबेदार)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कुरिन्थुस, कुरिन्थुस के लोग
सच्चाई:
कुरिन्थुस शहर यूनान मुल्क का एक शहर था, ऐथेन्स से लगभग 50 मील पश्चिम में। कुरिन्थुस के लोग कुरिन्थ शहर के बाशिन्दे थे।
- कुरिन्थ शहर शुरू’ की कलीसियाओं में से एक की जगह थी ।
- नये ‘अहद नामे में 1कुरिन्थियों और 2कुरिन्थियों पौलुस के ज़रिये’ कुरिन्थ की कलीसिया को लिखे ख़त थे।
- पहली बशारती सफ़र पौलुस लगभग 18 महीने कुरिन्थ शहर में ठहरा था।
- कुरिन्थ शहर में पौलुस की मुलाक़ात दो ईमानदारों , अक्विला और प्रिस्किल्ला से हुई थी।
- कुरिन्थ की कलीसिया से मुता’लिक और शुरू’आती कलीसियाई रहनुमे थे तीमुथियुस, तीतुस, अपुल्लोस और सीलास।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अपुल्लोस, तीमूथियूस, तीतुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कुरेनी
सच्चाई:
कुरेनी एक यूनानी शहर था, समन्दर से दूर के उत्तरी किनारे पर अफ्रीका में क्रेते टापू क़ौम के सीधे दाख्खिन में।
- नये ‘अहद नामे के ज़माने में ईमानदार और यहूदी दोनों ही वहां रहते थे।
- कलाम में कुरेन शहर यक़ीनन ‘ईसा का सलीब उठाने वाले शम’ऊन की रहने की जगह होने की वजह जाना जाता है।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: क्रेते़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कुलुस्से, कुलुस्सियों
सच्चाई:
नये ‘अहद नामें के ज़माने में कुलुस्से रोमी सूबे फ्रूगिया का एक शहर था। आज यह जगह दाख्खिनी पच्छिमी तुर्किस्तान है। कुलुस्से के लोग कुलुस्से के रहने वाले थे।
- समन्दर से दूर खुश्की से 100 मील अन्दर कुलुस्से इफ़िसुस और फ़रात नदी के बीच एक ख़ास तिजारत का रास्ता था।
- रोम के क़ैदख़ाने में पौलुस ने कुलुस्से के ईमानदारों को ख़त लिखकर झूठी ता’लीमों को सही किया था।
- ख़त लिखते वक़्त पौलुस ने कुलुस्से की कलीसिया से मुलाक़ात नहीं की थी। उसने अपने दोस्त इपफ्रास से उस कलीसिया के बारे में सुना था।
- मुमकिन है एक मसीही ऐलान करता था जिसने कुलुस्से में कलीसिया इकठ्ठा की थी।
- फ़िलेमोन को लिखा ख़त कुलुस्से में ही ख़ादिमों के एक मालिक को लिखा गया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इफ़िसुस, पौलुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कूश
सच्चाई:
कूश नहू के बेटे , हाम का बड़ा बेटा था। वह निम्रोद का पूर्वज था। उसके दो भाइयों के नाम मिस्र और कना’न थे।
- पुराने ‘अहद नामे के ज़माने में इस्राईल के दाख्खिन में एक बड़ा ‘इलाक़ा का नाम कूश था। मुमकिन है कि उस जगह का नाम हाम के बेटे कुश के नाम पर पड़ा था।
- कूश का पुराना ‘इलाक़ा अलग-अलग वक्तों में आज के सूडान, मिस्र, इथोपिया और मुमकिन है सऊदी अरब का मुल्क थे।
- एक और आदमी का नाम कूश हुआ है जिसका बयान ज़ुबूर में किया गया है। वह एक बिन्यामीनी था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अरब, \कना’न](../names/canaan.md), मिस्र, इथोपिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3568, H3569, H3570
कूश, कूशी
ता'अर्रुफ़:
कूश अफ़्रीक़ा का एक मुल्क है जो मिस्र के जुनूब में है जिसके जुनूब में नील नदी और पूरब में लाल समन्दर है। कूश का रहने वाला “कूशी” कहलाता है।
- पुराना कूश मिस्र के जुनूब में था और उसकी सरहदों में आज के कई अफ्रीक़ी मुल्कों को जैसे सूडान, मौजूदह कूश, सोमालिया, केन्या, यूगांडा, मरकज़ी अफ़्रीक़ा जमूहरिया और चाड।
- किताब-ए-मुक़द्दस में कूश को “कूश” मुल्क या “नूबिया” भी कहा गया है।
- इथोपिया (कूश) और मिस्र मुल्कों का ज़िक्र किताब-ए-मुक़द्दस में हमेशा एक साथ किया गया है, शायद इसलिए कि वह पड़ोसी मुल्क थे और उनके बुज़ूर्ग एक ही थे।
- ख़ुदावन्द ने ‘ऐलान करने वाले फ़िलिप्पुस को रेगिस्तान में भेजा कि वह इथोपिया के खोजे को 'ईसा की ख़ुश ख़बरी सुनाएं ।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: कूश, मिस्र, खोजा, फ़िलिप्पूस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3568, H3569, H3571, G128
क़ैसर
सच्चाई:
“क़ैसर’’ रोमी बादशाहत के बादशाहों के ‘ओहदे का नाम था | किताब-ए-मुक़द्दस में, यह नाम तीन रोमी बादशाहों के बारे में आया है |
- पहला ,क़ैसर ‘’औगुस्तुस क़ैसर ‘’था, वह ‘ईसा की पैदाइश के वक़्त तख़्त पर था |
- तक़रीबन तीस साल बा’द जब यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला ‘ऐलान कर रहा था तब रोमी बादशाहत का राजा तिबिरियुस क़ैसर था |
पौलुस ने क़ैसर की मिन्नत की थी तब क़ैसर नीरो तख़्त पर था |
जब ‘ईसा ने लोगों से कहा था कि जो क़ैसर का है वह क़ैसर को दो और जो ख़ुदा का है वह ख़ुदा को दो तब क़ैसर तिबिरियुस ही तख़्त पर था |
क़ैसर’’लफ़्ज़ का इस्तेमा’ल जब ओहदे की शक़्ल में किया गया है तब इसका तर्जुमा राजा या ‘’रोमी बादशाह ‘’ किया जा सकता है
जब ये ओहदा नाम के साथ जोड़ा जाए जैसे क़ैसर ‘’औगुस्तुस’’ या ‘’क़ैसर तिबिरियुस ‘’तब इसकी तशरीह मादरी ज़ुबान में बिलकुल वैसे ही की जाये |
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: राजा, पौलुस , रोम )
|## किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में: ##
फिलिप्पियों 04: 21-23*\
शब्दकोश:
क़ैसरिया,क़ैसरिया फ़िलिप्पी
सच्चाई:
क़ैसरिया समन्दर के बीच के किनारे पर एक ख़ास शहर था कर्मेल पहाड़ से 39 किमी.दख्खिन की तरफ़ क़ैसरिया फ़िलिप्पी इस्राईल के उत्तर पूर्वी ‘इलाक़े में हेर्मोन पहाड़ के नज़दीक एक शहर था |
- इन शहरों का नाम रोमी बादशाह क़ैसर के नाम पर पड़ा था |
- साहिली क़ैसरिया रोमी ‘इलाक़ा यहूदिया की दारुल हुकूमत बन गया था यह ‘ईसा की पैदाइश का वक़्त था |
- पौलुस रसूल ने ग़ैर क़ौमों में सब से पहले क़ैसरिया में ही ‘ऐलान किया था |
- पौलुस तरसुस के लिए क़ैसरिया से ही रवाना हुआ था और अपने दो बशारती सफ़र में वह क़ैसरिया हो कर गया था |
- ‘ईसा और उसके शागिर्दों ने क़ैसरिया फ़िलिप्पी के इलाक़ों में सीरिया का दौरा किया था | इन दोनों शहरों का नाम हेरोदेस फ़िलिप्प के नाम पर पड़ा था |
(तरजुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: क़ैसर , ग़ैर क़ौम , समन्दर, कर्मेल, पहाड़ हेर्मोन, रोम, तरसुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
कोरह, कोरे, कोरह के रहने वाले लोग
ता’अर्रुफ़:
कोरह नाम पुराने ‘अहदनामे में तीन आदमियों का था|
- ‘ऐसौ के बेटों में से एक का नाम कोरह था| वह अपने क़बीले का रहनुमा बना|
- कोरह लावी की नसल भी थे और इस तरह तम्बू में एक काहिन के तौर पर ख़िदमत की। उसे मूसा और हारून से जलन हो गया और आदमियों की एक जमा’अत को उनके खिलाफ बग़ावत करने की रहनुमाई की|
- कोरह नाम का तीसरा आदमी यहूदाह की नसल के तौर पर फ़हरिस्त में दर्ज है।
(यह भी देखें: हारून, इख़्तियार, कालिब, नसल, ‘ऐसौ, यहूदाह, काहिन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
खारा तालाब, मुर्दा समन्दर
सच्चाई:
खारा तालाब(जिसे मुर्दा समन्दर भी कहा जाता है पश्चिम में दक्खिन इस्राईल और पूरब में मोआब के बीच था।
- यरदन नदी दक्खिन की तरफ़ बहकर मुर्दा समन्दर में गिरती है।
- क्यूँकि यह समन्दर से छोटा है, इसे "नमक की झील" कह सकते हैं।
- इस समन्दर में खारा पानी बहुत ज़्यादा है जिसका मतलब है कि इसमें ज़िन्दगी का गुज़ारा नहीं हो सकता है। पौधों और जानवरों की कमी "मुर्दा समन्दर" नाम की वजह है।
- पुराने 'अहद नामे में इस समन्दर को "अराबा का समन्दर" भी कहा गया है या "नेगेव का समन्दर" क्यूँकि इसका जुगराफ़िया मक़ाम अराबा और नेगेव के 'इलाक़े के क़रीब है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: अम्मोन, अराबा, , यरदन नदी, मोआब, नेगेव)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ख़ुदा के लोग
सच्चाई:
“ख़ुदा के लोग” यहोवा के नबी के बारे में कहने का एक इज़हार का तरीक़ा है। यह जुमला यहोवा के फ़रिश्ते के बारे में भी बताता है।
- नबी के बारे में इसका तर्जुमा हो सकता है, “ख़ुदा के अपने लोग” या “ख़ुदा का चुना हुआ शख़्स” या “ख़ुदा के ख़ादिम लोग ”
- ख़ुदा के बारे में इसका तर्जुमा हो सकता है, “ख़ुदा का रसूल” या “तेरा फ़रिश्ता” या “ख़ुदा की तरफ़ से इन्सानी शक्ल में आसमानी आदमी”
(यह भी देखें:फ़रिश्ता, ‘इज़्ज़त, नबी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H376, H430, G444, G2316
ख़ोरस
सच्चाई:
ख़ोरस एक फारसी बादशाह था जिसने फौजी मुहिम के ज़रिये 550 ई.पू. में फारसी सल्तनत की बुनियाद रखी थी। तवारीख़ में वह ख़ोरस अज़ीम के नाम से भी जाना जाता है।
- खोरस ने बाबुल को जीत लिया था और ग़ुलाम इस्राईलियों को आज़ादी का शुरू’ हुआ।
- ख़ोरस जीती हुई क़ौमों के लिए अपने नर्म मिजाज़ी के लिए मशहूर था। यहूदियों के साथ उसकी रहम दिली के मिजाज़ की वजह से ही ग़ुलामी के बाद यरूशलीम हैकल की फिर से ता’मीर हुई ।
- ख़ोरस के बादशाहत के वक़्त मेंदानीएल , एज्रा और नहमियाह ज़िन्दा थे।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: दानीएल, दारा, एज्रा, नहमियाह, फ़ारस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
गत, गत के रहने वाले , गती
सच्चाई:
गत फिलीस्तीनियों के पांच ख़ास शहरों में से एक था। यह अक्रून के उत्तर में और अश्दूद और अश्कलून के पूरब में थी।
- फ़िलिस्ती जंगजू गोलियत गत शहर का रहने वाला था।
- शमूएल के वक़्त में फिलीस्तीनियों ने इस्राईल से 'अहद का सन्दूक़ ले लिया था और उसे अश्दूद में अपनी हैकल में रख दिया था। उसके बा'द वह उसे गत शहर ले गए और बा'द में अक्रून। लेकिन ख़ुदा ने वहाँ के रहने वालों को बीमारी से सज़ा दी तो उन्होंने 'अहद के सन्दूक़ को फिर इस्राईल भेज दिया था।
- बादशाह शाऊल से बचकर भागते वक़्त दाऊद गत चला गया था और कुछ वक़्त वहाँ रहा, उसके साथ उसकी दो बीवियाँ और उसके साथी छः सौ लोग थे।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अश्दूद, अश्कलून, अक्रून, ग़ाज़ा, गोलियत, फ़िलिस्ती )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
गतसिमनी
सच्चाई:
गतसिमनी ज़ैतून के दरख़तों की एक बाग़ थी, क़िद्रोन घाटी के पार, यरूशलीम के पूरब में ज़ैतून पहाड़ के क़रीब ।
- गतसिमनी में ईसा और उसके शागिर्द अकेले रहने और आराम करने के लिए जाते थे कि लोगों के झुण्ड से दूर होकर ।
- गतसिमनी में ही 'ईसा ने अपना गहरे दुःख के साथ दु'आ किया था, इसके पहले कि यहूदी रहनुमा उसे क़ैदी बनाते।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: यहूदा इस्करियोति, क़िद्रोन घाटी, जै़तून पहाड़ )
-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
गलतिया, गलतियों
सच्चाई:
नए 'अहद नामे के वक़्त में, गलतिया एक बड़ा रोमी सूबा था जो आज के तुर्किस्तान के हिस्से में क़ायम है।
- गलतिया का एक हिस्सा काला समन्दर के किनारे पर उत्तर की तरफ़ फ़ैला हुआ था। उसकी सरहदों पर एशिया, बिथुनिया, कप्पदोकिया, किलकिया और पंफूलिया थे।
- रसूल पौलुस गलतिया सूबे के ईमानदारों को ख़त लिखा था। यह ख़त नये 'अहद नामे में “गलतियों के नाम पौलुस के ख़त” के नाम से है।
- गलतिया के ईमानदारों को यह ख़त लिखने में पौलुस की एक वजह थी कि कामों के ज़रिए' नहीं फ़ज़ल के ज़रिए' नजात पर ताक़त दें।
- गलतिया सूबा में जो ग़ैर क़ौमों से आनेवाले ईमानदार थे उन्हें यहूदियत से आनेवाले ईमानदार ता'लीम दे रहे थे कि ईमानदारों को यहूदी क़ानूनों में से कुछ पर 'अमल करना ज़रूरी था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आसिया, ईमान, किलिकिया , ख़ुशख़बरी , पौलुस, काम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ग़लील समन्दर, किन्नेरेत की समन्दर, गन्नेसरत की झील, तिबिरियुस की झील
ता'अर्रुफ़:
"ग़लील समन्दर" पूरबी इस्राईल में एक झील का नाम है। पुराने 'अहद नामे में इस झील को “किन्नेरेत की झील” कहते थे
- इस झील के पानी का बहाव दक्खिन की ओर यरदन नदी में होकर मुर्दा समन्दर में जाता था।
- कफ़रनहूम, बेतसैदा, गन्नेसरत और तिबरियास कुछ शहर हैं जो नए 'अहद नामे के ज़माने में ग़लील समन्दर के आस पास में क़ायम थे।
- ‘ईसा की ज़िन्दगी के कई हादसे ग़लील समन्दर पर या उसके क़रीब हुए ।
- ग़लील समन्दर को "तिबरियास समन्दर और गन्नेसरत की झील भी कहते हैं।"
- इस लफ़्ज़ का तर्जुमा इस तरह भी किया जा सकता है, "ग़लील 'इलाक़े की झील" या "ग़लील झील" या "तिबरियास (गन्नेसरत) के क़रीब झील"
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कफरनहूम, ग़लील, यरदन नदी, नमकीन तालाब )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3220, H3672, G1056, G1082, G2281, G3041, G5085
गलील, गलीली, गलीलियों
सच्चाई:
गलील इस्राईल का ख़ास उत्तरी हिस्सा था, सामरिया के ठीक उत्तर में। गलीली लोग गलील के रहनेवाले थे ।
- नये 'अहद नामे के वक़्त में गलील, सामरिया और यहूदा इस्राईल के तीन ख़ास 'इलाक़े थे।
- गलील के पूरब में एक बड़ी झील, गलील समन्दर था ।
- 'ईसा गलील के नासरत शहर में पला बड़ा हुआ था और वहीं रहता था
'ईसा के ज़्यादातर मो'जिज़े और ख़िदमत गलील 'इलाक़े में ही हुई थी।
(यह भी देखें: नासरत, सामरिया, गलील समन्दर )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 21:10 यसा'याह नबी ने कहा कि मसीह गलील में रहेगा, वह ग़मज़दह लोगों को अमन देगा और ग़ुलामों के लिए आज़ादी का और क़ैदियों को छुटकारा देगा।
- 26:01 शैतान की आज़माइश पर क़ाबू पाने के बा'द, ‘ईसा जहाँ वह रहते थे गलील के 'इलाक़े के लिए रूह-उल-क़ुदुस की ताक़त में लौट आए।
- 39:06 आख़िर में लोगों ने जो वहाँ खड़े थे, पतरस के पास आकर उससे कहा, “हम जानते है कि तू भी 'ईसा के साथ था क्यूँकि तुम दोनों गलील से हो।”
- 41:06 तब फ़रिश्ते ने उन 'औरतों से कहा , “जाओ और फ़ौरन जाकर उसके शागिर्दों से कहो कि 'ईसा मुर्दों में से जी उठा है और वह तुमसे पहले गलील को जाता है।”
शब्दकोश:
- Strong's: H1551, G1056, G1057
ग़ाज़ा
सच्चाई:
कलाम के वक़्त में ग़ाज़ा एक कामयाब पलिश्ती शहर था, भूमध्य-समन्दर के किनारे पर, अश्दूद से तक़रीबन 38 किलोमीटर दक्खिन में। यह शहर पलिश्तियों के पांच ख़ास शहरोंमें से एक था।
- उस मक़ाम की वजह से ग़ाज़ा एक ख़ास बन्दरगाह था, जहाँ कई क़ोमों और मुल्कों के दरमियान कारोबार किया जाता था।
- आज भी ग़ाज़ा शहर ग़ाज़ा पट्टी का एक बहुत ही ख़ास बन्दरगाह है वह भूमध्य समन्दर के किनारे पर और उत्तर और पूरब में इस्राईल की सरहद और दक्खिन में मिस्र से घिरा हुआ है।
- पलिश्ती शिमशोन को ग़ुलाम बनाने के बा'द ग़ाज़ा ले गए थे।
- ख़ुशख़बरी देने वाला फ़िलिप्पुस ग़ाज़ा जाने वाले रेगिस्तानी रास्ते पर चल रहा था जब उसकी मुलाक़ात कूश के खोजे से हुई थी।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अश्दूद, फ़िलिप्पुस, पलिश्ती, कूश, गत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5804, H5841, G1048
गाद
सच्चाई:
लावी या'क़ूब या इस्राईल के बारह बेटों में से एक था। या'क़ूब को इस्राईल का नाम भी दिया गया था।
- गाद का ख़ानदान इस्राईल के 12 क़बीलों में से एक बना था।
- कलाम में एक और आदमी जिसका नाम गाद था वह एक नबी था जिसने इस्राईलियों की मर्दुम शुमारी के लिए दाऊद को फटकारा था।
- “बालगाद” और “मिगदल गाद” मक़ामी ज़बान में दो लफ़्ज़ हैं और कभी-कभी उन्हें “बाल गाद” और मिगदल गाद” लिखा भी गया है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मर्दुम शुमारी, नबी, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1410, H1425, G1045
गुलगता
सच्चाई:
“गुलगता” उस जगह का नाम है जहाँ 'ईसा को सलीब पर चढ़ाया गया था। इस लफ़्ज़ का असल अरामी ज़बान में है जिसका मतलब है, “खोपड़ी” या “खोपड़ी की जगह ”।
- गुलगता जगह यरूशलीम की शहरपनाह के बाहर थी लेकिन पास ही में। शायद ज़ैतून पहाड़ की ढलान पर।
- कलाम के कुछ अंग्रेजी तर्जुमों में गुलगता का तर्जुमा “कलवरी” किया गया है जिसको लतीनी ज़बान में है जो “खोपड़ी” के लिए आता है।
- कई कलाम के मज़मूनों में ऐसे लफ़्ज़ों का इस्ते'माल किया गया है जो “गुलगता” के सामने दिखते हैं या सुनने में आते हैं क्यूँकि इस लफ़्ज़ का तर्जुमा कलाम के जुमले में किया जा चुका है।
(तर्जुमा की सलाह : नाम कैसे तर्जुमा करें)
(यह भी देखें: अराम, ज़ैतून पहाड़ )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
गोलियत
सच्चाई;
“गोलियत” फ़िलिस्तियों की फ़ौज में एक लम्बा चौड़ा जंगबाज़ दाऊद ने मार गिराया था।
- गोलियत की ऊंचाई 2-3 मीटर की थी। अपने जिस्मानी डील-डौल की वजह उसे जिन्नात कहा जाता था।
- अगर्चे गोलियत के पास ज़्यादा अच्छे हथियार थे और शरीर में वह दाऊद से बहुत बड़ा था, ख़ुदा ने दाऊद को ताक़त और क़ाबिलियत 'अता की कि उसे हरा दे।
- गोलियत पर दाऊद की फ़तह के नतीजे जैसे इस्राईलियों को फ़िलिस्तियों पर फ़तह हासिल हुई।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: दाऊद, फ़िलिस्ती )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ज़करियाह (नया’अहद नामा )
सच्चाई:
ज़करियाह एक यहूदी काहिन था जो यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले का बाप हुआ।
- ज़करियाह ख़ुदा से मुहब्बत करता था और उसके हुक्म मानता था।
- ज़करियाह और उसकी बीवी इलीशिबा सालों ‘औलाद पाने की दुआ’ की थी लेकिन उन्हें बेटा नहीं हुआ । जब वे ‘बुज़ुर्ग हो गए तब ख़ुदा ने उनकी दुआ’ सुनकर उन्हें बेटा दिया।
- ज़करियाह ने नबूव्वत की थी कि उसका बेटा यूहन्ना एक नबी होगा जो मसीह के लिए रास्ता तैयार करेगा।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मसीह, इलीशिबा, नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों सेमिसाल:
- 22:01 अचानक एक फ़रिश्ता __ ज़करियाह __ नामके बूढ़े काहिन के पास ख़ुदा का पैग़ाम लेकर आया। __ ज़करियाह __ और उसकी बीवी इलीशिबा वे दोनों ख़ुदा के सामने रास्तबाज़ थे, और ख़ुदा के सारे हुक्मों और शरी’अत पर बेऐब चलने वाले थे।
- 22:02 फ़रिश्ते ने ज़करियाह से कहा, “तेरी बीवी इलीशिबा तेरे लिए एक बेटा पैदा करेगी और तू उसका नाम यूहन्ना रखना।”
- 22:03 फ़ौरन ही, __ ज़करियाह __ गूंगा हो गया।
- 22:07 तब ख़ुदा ने __ ज़करियाह __ को इजाज़त दी और वह फिर से बोलने लगा।
शब्दकोश:
ज़करियाह(पुराना’अहद नामा )
सच्चाई:
ज़करियाह फारसी दारा पहले सलातीन के ज़माने में नबूव्वत करने वाला नबी था। पुराने ‘अहद नामे में ज़करियाह नाम की किताब में उसकी नबुव्वतें हैं जिसने लौटने वाले ग़ुलामों को हैकल को फिर से ता’मीर के लिए गुज़ारिश किया।
उसके ख़िदमत का ज़माना एज्रा, नहमियाह , जरूब्बाबुल और नबी हज्जी के वक़्त का है। ‘ईसा के ज़रिए उसका बयान आख़री नबियों की शक्ल में हुआ था जिसका पुराने ‘अहद नामे के वक़्त के दौरान उस का क़त्ल हुआ था
- ज़करियाह नाम का एक और आदमी था जो बादशाह दाऊद के वक़्त हैकल का ख़ास निगहबान था।
- बादशाह यहोशापात के बेटों में से एक का नाम ज़करियाह था जिसका क़त्ल उसी के भाई यहोराम ने किया था
- ज़करियाह नाम का एक काहिन था जिसने लोगो को बुत की इबादत के लिए फटकारा था और लोगों ने उसे संगसार कर दिया था।
- राजा ज़करियाह यारोबाम का बेटा था और उसका क़त्ल किए जाने के पहले उसने इस्राईल पर केवल छः महीने ही हुकूमत किया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: दारा, एज्रा, यहोशापात, यारोबाम, नहमियाह , जरूब्बाबुल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ज़क्काई
सच्चाई:
ज़क्काई यरीहू में महसूल लेनेवाला हाकिम था, वह ‘ईसा को देखने के लिए पेड़ पर चढ़ गया था।
- ‘ईसा में ईमान रख कर ज़क्काई पूरी तरह बदल गया था।
- उसने लोगों को धोका देने के गुनाह से तोबा किया और अपनी आधी जायदाद ग़रीबों में बांटने का ‘अहद किया था
- उसने यह ‘अहद भी किया था कि जिनसे उसने नाह्क़ महसूल वसूल किया है उन्हें वह चार गुना लौटा देगा।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: ईमान, ‘अहद, वा’दा, गुनाह, कर, महसूल लेनेवाला)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ज़बदी
सच्चाई:
ज़बदी ग़लील से एक मछुआरा था जो अपने बेटों, या’क़ूब और यूहन्ना, जो ‘ईसा के शागिर्द थे, की वजह से जाना जाता है। वे अक्सर नए ‘अहद नामे में "ज़बदी के बेटे " की शक्ल में पहचाने जाते हैं।
- ज़बदी के बेटे भी मछुआरे थे और उनके साथ मछली पकड़ने का काम किया करते थे।
- या’क़ूब और यूहन्ना ने अपने बाप ज़बदी के साथ मछली पकड़ने का काम छोड़ दिया और ‘ईसा के पीछे हो लिए।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यहभी देखें: शागिर्द , मछुवारे, या’क़ूब (ज़बदी काबेटा ), यूहन्ना (रसूल))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ज़बूलून
सच्चाई:
ज़बूलून याक़ूब और लिआह का आख़री बेटा था और इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक क़बीले का नाम था।
- ज़बूलून के क़बीले को नमक के समन्दर के पच्छिम में ज़मीन दी गई थी।
- कभी-कभी इस क़बीले के रहने वालों को भी "ज़बूलून" कह कर पुकारा जाता था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: या’क़ूब, लिआह, नमक का समन्दर , इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे मे:
शब्दकोश:
- Strong's: H2074, H2075, G2194
जरुब्बाबुल
सच्चाई:
जरुब्बाबुल नाम के दो आदमी पुराने ‘अहद नामे के ज़माने में इस्राईल में हुए थे।
- इनमें से एक यहूयक़ीम और सिदक़ियाह की नसल का था।
- एक और जरुब्बाबुल, शेलतीएल का बेटा , वह एज्रा और नहमियाह के वक़्त यहूदाह के क़बीले का रहनुमा था जब फ़ारस के बादशाह खोरस ने इस्राईलियों को बाबुल की ग़ुलामी से आज़ाद किया था।
- जरुब्बाबुल और सरदार काहिन यशू’अ उन लोगों में से थे जिन्होंने ख़ुदा के हैकल और क़ुर्बानगाह के दोबारा ता’मीर में हाथ बंटाया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल , क़ैदी , खोरस, एज्रा, सरदार काहिनी , यहूयक़ीम, यशू’अ, यहूदा, नहमियाह, फारस, सिदकियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2216, H2217, G2216
जशन
ता’अर्रुफ़:
जशन मिस्र के उत्तरी हिस्से में नील नदी के किनारे में बसा एक उपजाऊ सूबा था।
जब यूसुफ़ मिस्र का हाकिम था तब उसका बाप और उसके भाई अपने ख़ानदानों के साथ आकर जशन में बस गए थे क्यूँकि कन'आन में सूखा पड़ गया था।
- वह और उनकी औलाद 400 साल तक जशन में अमन के साथ रहे उसके बा'द मिस्र के फ़िर'औन ने उन्हें ग़ुलाम बना लिया।
- आख़िर में ख़ुदावन्द ने मूसा को भेजा कि जशन से निकल कर ग़ुलामी से आज़ाद होने में इस्राईलियों की मदद करें ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मिस्र, काल, मूसा, नील नदी)
किताब-ए-मुक़द्दस में बारे में:
शब्दकोश:
जसूर , जसूरियों
ता’अर्रुफ़:
बादशाह दाऊद के वक़्त में जसूर गलील समन्दर के पूरब में एक छोटा सा मुल्क था, जो इस्राईल और अराम मुल्कों के बीच था।
- बादशाह दाऊद ने जसूर के बादशाह की बेटी माका से शादी किया था जिससे अबीशलोम पैदा हुआ था।
- अपने आधे भाई अम्नोन को क़त्ल करने के बा'द अबीशलोम यरूशलीम से उत्तर पूरब में जसूर की तरफ़ भाग गया था जो 140 मील दूर था। वहाँ वह तीन साल तक रहा।
(यह भी देखें: अबीशलोम, अम्नोन, अराम, गलील समन्दर )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
जिब'आ
सच्चाई:
जिब'आ यरूशलीम के उत्तर में और बेतेल के दक्खिन में एक शहर का नाम था।
- जिब'आ शहर बिन्यामीन क़बीले के 'इलाक़े में था।
- बिन्यामीन और इस्राईल के दरमियान यह एक जंगी 'इलाक़ा भी रहा है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बिन्यामीन, बेतेल, यरूशलीम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1387, H1389, H1390, H1394
जिब'ऊन
सच्चाई:
जिब'ऊन एक इस्राईली आदमी था, ख़ुदा ने उसे इस्राईल के दुश्मनों से बचाने के लिए खड़ा किया था।
- जिब'ऊन के वक़्त मिदयानी क़ौम के लोग इस्राईलियों पर हमला करके उनकी फसलों को बर्बाद कर देते थे।
- अगर्चे जिब'ऊन डर रहा था, ख़ुदा ने उसे मिदयानियों के ख़िलाफ़ जंग करने के लिए इस्राईलियों की रहनुमाई के काम में लिया था और यहाँ तक कि उन्हें हराया।
- जिब'ऊन ने ख़ुदा का हुक्म मानकर बा'ल मा'बूद असूरा की क़ुर्बानगाहें ख़त्म कर दी थीं।
- उसने दुश्मनों को हराने में ही इस्राईल की रहनुमाई नहीं की थी, उसने उन्हें सिर्फ़ एक सच्चे ख़ुदा यहोवा की 'इबादत करने के लिए भी इस्राईल की हौसला अफ़ज़ाई की थी ।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बा'ल, असूरा, छुड़ाएगा, दरमियान, यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दसकी कहानियों से मिसालें:
- 16:05 यहोवा का फ़रिश्ता जिब'ऊन के पास आया और कहा, “ख़ुदा तेरे साथ है, ताक़तवर जंगबाज़ । इस्राईलियों को मिदयानियों के हाथ से छुड़ा।”
- 16:06 जिब'ऊन के बाप के पास बुत के लिए वक़्फ़ एक क़ुर्बानगाह थी। ख़ुदा ने जिब'ऊन से उस क़ुर्बानगाह को नीचे गिराने के लिए कहा।
- 16:08 वहाँ पर वह(मिद्यानी) बहुत थे, उन्हें गिना नहीं जा सकता था। जिब'ऊन ने उन सब इस्राईलियों को जमा' किया उनसे लड़ने के लिए।
- 16:08 जिब'ऊन ने उन सब इस्राईलियों को जमा' किया उनसे लड़ने के लिए। ख़ुदा इस्राईलियों को बचाने के लिए जिब'ऊन का इस्ते'माल करना चाहता है, इसके लिए उसने ख़ुदा से दो निशान पूछे।
- 16:10 32,000 इस्राईली जिब'ऊन के पास आए, लेकिन ख़ुदा ने कहा कि यह बहुत ज़्यादा है।
- 16:12 और जिब'ऊन ने इस्राईलियों की छावनी में लौटकर एक एक आदमी के हाथ में एक नरसिंगा और खाली घड़ा दिया, और घड़ो के भीतर एक मशाल थी।
- 16:15 तब इस्राईल के मर्दों ने जिब'ऊन से कहा कि तू हम पर ख़ुदाई कर
- 16:16 तब जिब'ऊन ने उस सोने से एक ख़ास लिबास बनवा लिए जो मिदयानियों के बादशाह पहनते थे। लेकिन लोगों ने उसकी 'इबादत करना शुरू' कर दिया, जैसे कि वह कोई बुत है।
शब्दकोश:
जिब’ऊन , जिब’ऊनी , जिब’ऊनियों
सच्चाई:
जिब’ऊन एक शहर था जो यरूशलीम के उत्तर-पश्चिम में 13 किलोमीटर दूर था। जिब’ऊन के रहनेवाले जिब’ऊनी कहलाते थे।
- जिब’ऊनियों ने सुना कि इस्राईलियों ने यरीहू और अ'ई शहर को तबाह कर दिया है तो वह डर गए थे।
- लिहाज़ा वह जिब’ऊनियों में इस्राईलियों के रहनुमाओं के पास आए और कहा कि वह दूर मुल्क के हैं।
- इस्राईल के रहनुमाओं ने धोखा खाकर उनके साथ समझौता कर लिया था कि वह उनकी हिफ़ाज़त करेंगे और उन्हें हलाक नहीं करेंगे।
(यह भी देखें: गिलगाल, यरीहू, यरूशलीम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 15:06 लेकिन कन'आन के रहनेवालों का एक गिरोह, जो कि __जिब’ऊनियों __ कहलाता है, उन्होंने यसू'अ के साथ धोका किया और कहा, हम दूर मुल्क से आए है।
- 15:07 कुछ वक़्त बा'द, कन'आन में एक दूसरे गिरोह के बादशाह, अमूरियों ने जब यह सुना कि __ जिब’ऊन के रहनेवालों __ ने इस्राईलियों से मेल किया और उनके बीच रहने लगे है, तब अमूरी के बादशाहों ने अपनी अपनी फ़ौज जमा' करके चढ़ाई कर दी, और जिब’ऊन के सामने डेरे डालकर उस से जंग शुरू'कर दी ।
- 15:08 तब यसू'अ सारे जंगबाज़ों को साथ लेकर रातोंरात __जिब’ऊनियों __ तक पहुँचने के लिए चल पड़े।
शब्दकोश:
जिब्राईल
सच्चाई:
ख़ुदावन्द के एक फ़रिश्ते का नाम जिब्राईल है । पुराने 'अहद नामे और नये 'अहद नामे में उसका नाम कई बार आया है।
- ख़ुदावन्द ने जिब्राईल को दानिएल के पास भेजा था कि उसके ख़्वाब का मतलब समझाए।
- एक बार और, जब दानिएल दु'आ कर रहा था तब फ़रिश्ता जिब्राईल उड़ कर उसके पास आया और उसे मुस्तक़बिल में होने वाले हादसों की नबूव्वत सुनाई। दानिएल उसे एक "आदमी" कहता है।
- नया ‘अहद नामा में जिब्राईल जकरियाह के पास आया था कि उसकी बीवी इलीशबा के ज़रिए' बेटा पैदा होने की नबूव्वत की थी ।
- उसके छः महीने बा'द जिब्राईल को मरियम के पास भेजा गया कि उसे ख़ुदावन्द की क़ुदरत के ज़रिए' बेटा होने की ख़बर को सुनाए, वह बेटा "ख़ुदावन्द का बेटा" होगा। जिब्राईल ने मरियम से कहा था कि वह अपने बेटे का नाम 'ईसा रखे।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: फ़रिश्ता, [दानिएल, इलीशबा, यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला), मरियम, नबी, ख़ुदावन्द का बेटा, जकरियाह (नया ‘अहद नामा))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
जिरार
सच्चाई:
जिरार कन'आन में एक शहर और सूबा था, हिब्रून के दक्खिन पूरब में और बेर्शेबा के उत्तर पश्चिम में।
- बादशाह अबीमालिक जिरार में इब्राहीम और सारा के रहने के वक़्त जिरार का बादशाह था।
- जब इस्राईली कन'आन में रह रहे थे तब जिरार पर फिलिस्तियों की हुकूमत थी ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अबीमालिक , बेर्शेबा, हिब्रून, फ़िलिस्ती ](../names/philistines.md))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
जिर्जाशियों
सच्चाई:
कन'आन मुल्क में गलील समन्दर के किनारे पर रहनेवाली एक क़ौम को जिर्जाशी कहते थे।
- वह हाम के बेटे कन'आन की औलाद थे, लिहाज़ा वह कन'आनी कहलाने वाली कई क़ौमों में से एक थी ।
- ख़ुदा इस्राईलियों से 'अहद किया था कि वह जिर्जाशियों और दूसरे सब कन'आनी क़ौमों को हराने में उनकी मदद करेगा।
- दूसरे कन'आनियों की तरह जिर्जाशी भी बुत परस्त थे और बुत परस्ती की वजह से उन्होंने ग़ैरइख्लाक़ी काम किए।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन , हाम, नूह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
जिल’आद , जिल’आदी , जिल’आदियों
ता’अर्रुफ़:
जिल’आद यरदन नदी के पूरब में एक पहाड़ी सूबा है जहां इस्राईली क़बीले गाद, रूबेन, मनस्सी रहने लगे थे।
इस \इलाक़े को “ जिल’आद की पहाड़ी सूबा ” या “ जिल’आद पहाड़” भी कहा गया है।
“जिल’आद” पुराने 'अहद नामे में कई मर्दों का नाम भी था। उनमें से एक मनस्सी का पोता भी था। एक और आदमी जिसका नाम जिल’आद था, वह यिप्तह का बाप था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें:गाद, यिप्तह, मनस्सी, रूबिन, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
जिलजाल
सच्चाई:
जिलजाल यरीहू के उत्तर में एक शहर था जहां इस्राईलियों ने यरदन नदी पार करने के बा'द सबसे पहली छावनी डाली थी, कन'आन में।
- जिलजाल में यरीहू ने यरदन नदी के सूखे किनारे से, जहां से उन्होंने चलकर नदी पार की थी, बारह पत्थर लेकर खड़े किए थे।
- जिलजाल शहर से एलियाह और एलीशा ने कूच किया था, जब यरदन नदी पार करने के बा'द एलियाह को उठा लिया गया था।
- पुराने 'अहद नामे में “जिलजाल” नाम के कई और जगह भी थीं ।
- “जिलजाल” लफ़्ज़ का मतलब है, “पत्थरों का गोला” शायद यह नाम उस जगह के बारे में है जहां गोल क़ुर्बानगाह बनाई गई थी।
- पुराने 'अहद नामे में यह नाम तक़रीबन हमेशा ही “जिलजाल” कहलाया है। इससे यह इशारा मिलता है कि यह एक मखसूस जगह का नाम नहीं था बल्कि एक जगह का बयान था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: एलियाह , , एलीशा, यरीहू , यरदन नदी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ज़ैतून के पहाड़
ता’अर्रुफ़:
ज़ैतून के पहाड़ यरूशलीम के पूरब में एक पहाड़ या बड़ा पहाड़ है। उसकी ऊंचाई 787 मीटर है।
- पुराने 'अहद नामे में इस पहाड़ को कभी-कभी “यरूशलीम के पूरब का पहाड़” कहा गया है।
- नये 'अहद नामे में कई मोक़ो' पर बयान है जब 'ईसा अपने शागिर्दों के साथ ज़ैतून पहाड़ पर दु'आ करने और आराम करने गया था।
- ‘ईसा को गतसिमनी की बाग़ में क़ैदी बनाया गया था, यह भी ज़ैतून के पहाड़ पर है।
- इसका तर्जुमा “ज़ैतून के पहाड़” या “ज़ैतून के पेड़ का पहाड़” किया जा सकता है।
(यह भी देखें: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: गतसिमनी, ज़ैतून)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2022, H2132, G3735, G1636
तमर
सच्चाई:
तमर पुराने ‘अहद नामे में बहुत सी ‘औरतों का नाम हुआ है | यह पुराने ‘अहद नामे में कई शहरों या जगहों का भी नाम था।
- तमर यहूदा की बहू का नाम था। उससे पेरेज पैदा हुआ जो ‘ईसा का बुज़ुर्ग था।
- बादशाह दाऊद की बेटियों में से एक का नाम भी तमर था, वह अबशालोम की बहन थी। उसके आधे भाई अम्नोन ने उसके साथ ज़िना करके उसे उजाड़ दिया था।
- अबशालोम की बेटी का नाम भी तमर
- 'हज़जोन तमर नाम के शहर नमक के समन्दर के पच्छिमी किनारे पर एनगदी शहर के जैसा था। एक "बा’ल तमर " भी है, और एक जैसे बयान "तमर " नाम की जगह जो शहरों से अलग हो सकते हैं।
(यह भी देखें: अबशालोम, बुज़ुर्गों, अम्नोन, दाऊद, पुर्खों , यहूदा, नमक का समन्दर )
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1193, H2688, H8412, H8559
तरसीस
सच्चाई:
तरसीस नाम के दो आदमी पुराने ‘अहद नामे में हुए थे। एक शहर का भी यही नाम था।
- येपेत के पोते का नाम तरसीस था।
- बादशाह क्षयर्ष के अक़्लमन्द लोगों में से एक का नाम तरसीस था।
- तरसीस शहर एक बहुत कामयाब बंदरगाह शहर था, जिनके जहाज़ों ने क़ीमती पैदावारों को ख़रीदने, बेचने या तिजारत करने के लिए किया था।
- यह शहर सूर के साथ जुड़ा था और माना जाता है कि वह एक फ़ीनीके शहर था जो शायद इस्राईल से कुछ दूर था, शायद स्पेन के दख्खिनी किनारे पर।
- पुराने ‘अहद नामे में यूनाह नबी निनवे में ‘ऐलान करने के लिए ख़ुदा के हुक्म को मानने के बजाय एक जहाज पर तरसीस के शहर के लिए निकला।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: एस्तेर, येपेत, युनाह, नीनवे, फीनीके, नजूमी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तरसुस
सच्चाई:
तरसुस, रोमी सल्तनत किलकिया में एक पुराना और कामयाब शहर था, यह जगह आज दख्खिन के बीच का तुर्किस्तान है।
- एक ख़ास नदी और समन्दर से दूर के किनारे पर मौजूद होने के वजह वह जगह एक ख़ास तिजारती रास्ते का हिस्सा था।
- एक वक़्त में यह किलिकिया की राजधानी थी।
- नए ‘अहद नामें में, तरसुस को पौलुस रसूल के घर के शहर की शक्ल में जाना जाता था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
यह भी देखें: किलिकिया , पौलुस, सूबा , समन्दर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तारह
सच्चाई:
तारह नूह के बेटे सिम की नसल से था| वह अब्राम ,नहूर और हारान का बाप था |
- तारह ने अपने बेटे अब्राम के साथ कना’न जाने के लिए ऊर से कूच किया, साथ में उसका भतीजा लूत और अब्राम की बीवी सारय भी थे।
- कना’न के रास्ते में वे कुछ वक़्त मेसोपोटामिया के हारान शहर में ठहरे। तारह हरान में मर गया, उसकी ‘उम्र 205 साल की थी।
(तर्जुमे की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , कना’न, हारान, लूत, मेसोपोटामिया, नाहूर, सारय, सिम , ऊर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तिरज़ाह
सच्चाई:
तिरज़ाह एक ख़ास कना’नी शहर था जिसे इस्राईल ने जीत लिया था। यह जिल’आद की बेटी का नाम भी था, जो मनस्सी की नसल से थे।
- तिरज़ाह शहर मनस्सी के क़बीले के ज़मीनी हिस्से में था। माना जाता है कि यह शहर शकेम के उत्तर में लगभग 10 मील दूर था।
- साल बाद, इस्राईल के चार बादशाहों की बादशाहत के दौरान, तिरज़ाह , इस्राईल के उत्तरी मुल्क का एक ग़ैर मुक़र्रर दारुल-सल्तनत बन गया।
- तिरज़ाह मनस्सी की पोतियों में से एक का नाम था। उनके बाप की मौत के बा’द से ज़मीन का एक हिस्सा देने के लिए कहा और क्योंकि उनके बाप का कोई बेटा नहीं था जैसा आम तौर से रिवाज था।
(तर्जुमे की सलाह: \नामो का तर्जुमा कैसे करें](rc://ur-deva/ta/man/translate/translate-names))
(यह भी देखें: कना’न, इख़्तियार होना, इस्राईल की बादशाहत , मनस्सी , शेकेम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तीतुस
सच्चाई:
तीतुस एक ग़ैर कौम से था। उसे पौलुस के ज़रिए’ शुरू’ की कलीसियो में रहनुमाई करने के लिए तरबियत दिया गया था।
- पौलुस के ज़रिये’ तीतुस को लिखा गया एक ख़त नये ‘अहद नामे की किताबों में से एक है।
- इस ख़त में पौलुस ने तीतुस को करेते के टापू पर कलीसियाओं में बुज़ुर्गों को मुक़र्रर करने का हुक्म दिया था।
- पौलुस ने मसीहियों को लिखे कुछ अपने ख़तों , पौलुस ने तीतुस को ऐसे किसी शख़्स की शक्ल में बताया, जिसने उसे हौसला दिया और उसे ख़ुशी दी।
(तर्जुमे के बारे में सलाह :नामो का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: मुक़र्रर , ईमानदार, कलीसिया, ख़तना, केरेते , पुराना, हौसला , हुक्म , रहनुमा
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तीमुथियुस
सच्चाई:
तीमुथियुस लुस्त्रा का रहने वाला एक आदमी था। बा’द में वह पौलुस के साथ बहुत से बशारती सफ़रों पर गया और ईमानदारों के नए झुण्ड की रहबरी किया।
- उसकी नानी लोइस और माँ यूनीके दोनों यहूदी थे और मसीह ‘ईसा के ईमान में थे लेकिन उनका बाप यूनानी था।
- रास्तबाज़ बुज़ुर्ग और पौलुस ने तीमुथियुस के सिर पर हाथ रखकर दुआ’ के ज़रिए’ उसे मसीही ख़िदमत में मुक़र्रर किया था।
- नये ‘अहद नामे में दो किताबें , (I और 2 तीमुथियुस) पौलुस के ज़रिए’ तीमुथियुस को जो एक शख़्स था मुक़ामी कलीसिया की रहनुमाई के हुक्मों के ख़त हैं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें :मुक़र्रर करना, ईमान , इबादत खाना , यूनानी, ख़ादिम )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तुखिकुस
सच्चाई:
तुखिकुस ख़ुशख़बरी के ‘ऐलान में पौलुस का हम ख़िदमत था।
- तुखिकुस पौलुस की एशिया के बशारती ख़िदमत में कम से कम एक बार गया था।
- पौलुस उसे “अज़ीज़ ” और “वफ़ादार” कहता था।
- तुखिकुस इफ़िसुस और कुलुस्से में पौलुस के ख़त लेकर गया था।
(तर्जुमे के मुता’अल्लिक सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: आसिया, अज़ीज़, कुलुस्से, इफ़िसुस, वफ़ादार, ख़ुशख़बरी, रहनुमा
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
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शब्दकोश:
तूबल
सच्चाई:
पुराने ‘अहद नामे में तूबल नाम में बहुत इन्सान हुए थे।
- येपेत के बेटों में से एक का नाम तूबल था।
- “तूबल-क़ाइन” लेमेक का बेटा था और क़ाईन की नसल का
- यसायाह और हिज़क़ीएल नबियों ने भी एक क़ौम तूबल की गु़फ़्तुगु़ की है।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: कैन, नसलों , हिज़क़ीएल, यसायाह, येपेत, लेमेक, क़ौम, नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
तोमा
सच्चाई:
तोमा ‘ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था जो आगे चलकर वे रसूल कहलाए। उसे “दिदुमुस” भी कहा गया था,जिसका मतलब है "जुड़वा।"
- ‘ईसा की मौत से पहले, उसने अपने शागिर्दों से कहा कि वह बाप के साथ रहने जा रहा था और उनके साथ रहने के लिए एक जगह तैयार करेगा। तोमा ने ‘ईसा से पूछा कि वे कैसे वहां पहुंचने का तरीका जान सकते हैं जब उन्हें पता भी नहीं कि वह कहाँ जा रहा है।
- ‘ईसा के मौत और जी उठने के बा’द, तोमा ने कहा जब तक वह ‘ईसा के ज़ख़्मों को छूकर न देखें तब तक यक़ीन नहीं करेगा की ‘ईसा हकीक़त में जी उठा है।
(तर्जुमे की सलाह:नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: रसूल , शागिर्द , ख़ुदा बाप , बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
त्रोआस
सच्चाई:
त्रोआस बंदरगाह एशिया के पुराने रोमी सूबा के पच्छिमी किनारे पर बसा था।
- पौलुस ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान करने के लिए अलग अलग ‘इलाक़े के दौरे के दौरान त्रोआस में कम से कम तीन बार गया था।
- उसी शहर की एक वारदात है कि पौलुस देर रात तक ‘ऐलान कर रहा था और एक आदमी यूतुखुस को नींद आ गई। वह खिड़की पर बैठा था इसलिए वह बाहर गिर गया और मर गया। ख़ुदा की ताक़त से पौलुस ने उसे दुबारा ज़िन्दा किया।
- रोम के क़ैदखाने से पौलुस ने तीमुथिमुस को ख़त लिखा था कि वह त्रोआस से उसके तोमार और बागा ले आए, कि जिन्हें वह वहां छोड़ आया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का अनुवाद कैसे करें)
(यह भी देखें: एशिया, ‘ऐलान करना, सूबा, खड़ा करना, रोम, तोमार , तीमुथियुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
थिस्सलुनीके, थिस्सलुनीकियों, थिस्सलुनीकियों
सच्चाई:
नये ‘अहद नामे के ज़माने में थिस्सलोनिके रोमी बादशाहत की मकिदुनिया की दारुल सल्तनत थी। उस शहर के लोग “थिस्सलोनिकेके बाशिन्दे ” कहलाते थे।
- थिस्सलोनिके शहर एक ख़ास बंदरगाह था और एक ख़ास रास्ते पर मौजूद था जिसके ज़रिये रोम पूरब ‘इलाक़े से जुड़ता था।
- सिलास और तीमुथियुस के साथ पौलुस अपनी दूसरी बशारती सफ़र में इस शहर में गया और वहाँ एक फलदायक कलीसिया तैयार की। पौलुस ने अपने तीसरे बशारती सफ़र में भी इस शहर की कलीसिया से मुलाक़ात की थी।
- पौलुस ने थिस्सलोनिके की कलीसिया को दो ख़त लिखे थे। ये दोनों ख़त (पहला थिस्सलुनीकियों और दूसरा थिस्सलुनीकियों) नये ‘अहद नामे में मौजूद है।
(तर्जुमे की सलाह: नामोंका तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मकिदुनिया, पौलुस, रोम)
किताब-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
दख्खिनी मुल्क
## सच्चाई:##
दख्खिनी मुल्क इस्राईल के दख्खिनी हिस्से में एक रेगिस्तानी ‘इलाक़ा था जो खारे ताल के दख्खिन में था।
- बुनियादी लफ़्ज़ का मतलब है “दख्खिन” कुछ अंग्रेजी तर्जुमों में यही तर्जुमा किया गया है।
- यह हो सकता है कि "दख्खिन" वहाँ नहीं है, जहाँ आज नेगेव रेगिस्तान क़ायम है।
- क़ादिश में बसते वक़्त इब्राहीम नेगेव या दख्खिनी ‘इलाक़े में था।
- इस्हाक़ नेगेव में ही रहता था जब रिब्क़ा सफ़र करके उससे शादी करने आई थी।
- यहूदियों के क़बीले के यूहदाह और शमा’ऊन इस दख्खिनी हिस्से में रहते थे।
- नेगेव ‘इलाक़े का सबसे बड़ा शहर बैरशबा था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , बैरशबा, इस्राईल, यहूदाह, क़ादिश, खारा ताल, शमा’ऊन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
दरया-ए-फ़ुरात, दरिया
सच्चाई:
फ़रात 'अदन की बाग़ से होकर बहनेवाली चार नदियों में से एक का नाम है। इस नदी का नाम किताब-ए-मुक़द्दस में कई बार आता है।
- आज की फ़रात नदी मशरिक़ वस्ती में वाक़े' है जो ऐशिया की सबसे लम्बी और सबसे ज़्यादा ख़ास नदी है।
- दजला नदी के साथ फ़रात नदी मेसोपोतामिया 'इलाक़े की सरहदें बनातीं हैं।
- पुराना शहर और जहाँ से इब्राहीम निकला था, फ़रात नदी के मुंह कि जगह पर था।
यह नदी उस मुल्क की सरहदों में से एक थी जिसका वा'दा ख़ुदा ने इब्राहीम को देने के लिए किया था। (पैदाईश. 15:18)
- कभी-कभी फ़रात नदी को सिर्फ़ दरिया कहा गया है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5104, H6578, G2166
दलीला
सच्चाई:
दलीला एक फ़लिश्ती ‘औरत थी जिससे समसून मुहब्बत करने लगा था, लेकिन वह उसकी पत्नी नहीं थी।
- दलीला समसून से ज़्यादा पैसो से मुहब्बत करती थी।
- फ़िलिश्तियों ने दलीला को रिश्वत देकर समसून से पूछने को कहा कि वह कैसे कमज़ोर बनाया जा सकता है। जब उसकी क़ुव्वत ख़त्म हो गई, फ़िलिश्तियों ने उसे पकड़ लिया।
(तर्जुमे की सलाह: \नामों का तर्जुमा](rc://ur-deva/ta/man/translate/translate-names)
(यह भी देखें: रिश्वत, \फ़लिस्ती, समसून
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
दाऊद
सच्चाई:
दाऊद इस्राईल का दूसरा बादशाह था, वह ख़ुदा से मुहब्बत रखता था और उसकी ख़िदमत करता था| वह ज़ुबूर का ख़ास मुसन्निफ़ था
- दाऊद अपने ख़ानदान की भेड़ें चराते वक़्त जवान ही था की ख़ुदा ने उसे इस्राईल का दूसरा बादशाह होने के लिए मुन्तख़ब कर लिया था|
- दाऊद एक बड़ा ताक़तवर था और उसने दुश्मनों के मुख़ालिफ़ कई जंगो में इस्राईल की रहनुमाई की| फ़लिश्ती गोलियत को हराने के लिए वह मशहूर है|
- बादशाह शाऊल ने दाऊद को क़त्ल करने की कोशिश की, लेकिन ख़ुदा ने उसकी हिफ़ाज़त की, और शाऊल की मौत के बा’द उसे बादशाह बनाया|
- दाऊद ने ख़ौफ़नाक गुनाह अंजाम दिया, लेकिन उसने तौबा की और ख़ुदा ने उसे मु’आफ़ कर दिया|
- ‘ईसा, मसीह, को “दाऊद की औलाद” कहा जाता है क्यूँकि वह दाऊद की नसल से था|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: गोलियत, फ़िलिस्तीनी, शाऊल)
किताब-ए मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें
- 17:02 ख़ुदा ने शाऊल की मौत के बा’द बादशाह के लिए एक जवान इस्राईली का नाम मुन्तख़ब किया जिसका नाम. ... दाऊद था| दाऊद एक बैतलहम शहर का चरवाहा था| दाऊद एक बहुत ही हलीम और रास्तबाज़ शख़्स था, जो ख़ुदा पर ईमान रखता और उसके हुक्मों को मानता था|
- 17:03 दाऊद एक बड़ा फ़ौजी और रहनुमा था | जब __दाऊद__एक जवान आदमी था, वह गोलियत के ख़िलाफ़ भी लड़ा|
- 17:04 लोगों की _दाऊद से मुहब्बत से शाऊल जलन रखता था| शाऊल ने उसे क़त्ल करने की कई बार कोशिश की, इस वजह से __दाऊद__शाऊल से छिप कर रहा|
- 17:05 ख़ुदा ने दाऊद को बरकत दी और उसे कामयाब बनाया दाऊद ने बहुत सी जंगे लड़ीं और ख़ुदा ने इस्राईल के दुश्मनों को हराने के लिए उसकी मदद की|
- 17:06 दाऊद चाहता था कि वह एक हैकल ता’मीर करे जहाँ सब इस्राईली ख़ुदा की ‘इबादत करें और उसे क़ुर्बानी पेश करें|
- 17:09 दाऊद ने बहुत सालों तक इन्साफ़ और वफ़ादारी से हुकूमत की, और ख़ुदा ने उसे बरकत दी| हालाँकि, अपनी ज़िन्दगी के आख़िर में उसने ख़ुदा के ख़िलाफ़ बहुत ख़ौफ़नाक गुनाह किया|
- __17:13__दाऊद ने जो कुछ भी किया उससे ख़ुदा का ग़ज़ब उस पर भड़का, ख़ुदा ने नातन नबी के ज़रिए’__दाऊद__को कहला भेजा कि उसके गुनाह कितने बुरे हैं| __दाऊद__ने अपने गुनाहों से तौबा की और ख़ुदा ने उसे मु’आफ़ कर दिया| अपनी बाक़ी बची हुई ज़िन्दगी में,__दाऊद__ख़ुदा के हुक्मों की फरमाबरदारी की, यहाँ तक कि मुश्किल हालात में भी|
शब्दकोश:
दाऊद का शहर
सच्चाई:
"दाऊद का शहर" यरूशलीम और बैतलहम दोनों शहरों का दूसरा नाम है।
- यरूशलीम वह शहर है जिसमें दाऊद इस्राईल पर बादशाहत करने के वक़्त रहता था।
- बैतलहम वह शहर था जहां दाऊद पैदा हुआ था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: दाऊद, बैतलहम, यरूशलीम)
कित्ताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1732, H5892, G1138, G4172
दाऊद के ख़ानदान
सच्चाई:
“दाऊद के ख़ानदान” का मतलब है बादशाह दाऊद की नसल या उसका ख़ानदान
- इसका तर्जुमा “दाऊद की नसल” या “दाऊद का ख़ानदान” या “बादशाह दाऊद का क़बीला” भी हो सकता है
- क्योंकि ‘ईसा दाऊद की नसल से था वह “दाऊद के ख़ानदान” का था।
- कभी-कभी “दाऊद का ख़ानदान” या “दाऊद की नसल” दाऊद की ज़िन्दा नसलों के बारे में भी है।
- नहीं तो यह जुमला ‘आम तौर पर उसकी सब नसलों के बारे मे है, जो पहले ही मर गए उनके भी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: दाऊद, नसल, ख़ानदान, ‘ईसा, बादशाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1004, H1732, G1138, G3624
दान
सच्चाई
दान या’क़ूब का पाँचवाँ बेटा था और इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक था | कना’न के उत्तरी भाग में जहाँ यह क़बीला बस गया था उस जगह का नाम भी दान पड़ गया था |
- इब्राहीम के ज़माने में यरुशलीम के पश्चिम में एक शहर का नाम भी दान था|
- सालों बा’द जब इस्राईली ‘अहद के मुल्क में आये तब यरुशलीम के उत्तर में 60 मील दूर एक शहर का नाम दान था|
- “दानियों” लफ़्ज़ दान के नसलों के बारे में है जो इसी क़बीले के अफ़राद थे|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कना’न, यरुशलीम, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1835, H1839, H2051
दानिएल
सच्चाई:
दानिएल इस्राईली नबी था जिसे ‘ईसा से 600 साल पहले नबूकदनज़र के ज़रिए’ क़ैदी बनाकर बाबुल ले जाया गया था, उस वक़्त वह नौजवान था|
- यह वह वक़्त था जब यहूदाह से बहुत से इस्राईली बाबुल में 70 साल के लिए असीरी में थे|
- दानिएल को बाबुली नाम, बेलतशज़र रखा गया|
- दानिएल एक मो’अज़्ज़िज़ और रास्तबाज़ शख़्स था, वह ख़ुदा के हुक्मों को मानता था|
- ख़ुदा ने दानिएल को सलाहियत अता की थी कि वह बाबुल के बादशाहों के बहुत से ख़्वाबों और मुक़ाशिफ़ों का मतलब उनको बताए|
- उसकी सलाहियत और मो’अज़्ज़िज़ किरदार की वजह से दानिएल को बाबुल की हुकूमत में रहनुमाई का ‘आला मक़ाम दिया गया |
- कई साल बा’द दानिएल के दुश्मनों ने दारा बादशाह के साथ होशियारी करके हुक्म निकलवाया कि क़ौम बादशाह के ‘अलावा किसी और की परस्तिश न करे| दानिएल ने ख़ुदा से दु’आ करना नहीं छोड़ा, नतीजन उसे पकड़ कर शेरों की गुफ़ा में डाल दिया गया| लेकिन ख़ुदा ने उसकी हिफ़ाज़त की और शेरों ने उसे किसी तरह का नुक़सान न पहुँचाया|
(तर्जुमें की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बाबुल, नबूकदनज़र)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1840, H1841, G1158
दारा
सच्चाई
दारा नाम फ़ारस के कई बादशाहों का था| मुमकिन है कि “दारा” नाम का लक़ब है |
- “दारा मादी” को जाल मे फँसा कर दानिएल के मुख़ालिफ़ों ने दानिएल को यहोवा की परस्तिश की वजह से शेरों की माँन्द डलवा दिया था|
“फारसी दारा” ने इज़्रा और नहमियाह के वक़्त यरुशलीम के हैकल के दुबारा ता’मीर करने के लिए इन्तज़ाम किया|
(तर्जुमे की सलाह: नामो का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: परसिया, बाबुल, दानिएल, इज़्रा, नहमियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस का हवाला
शब्दकोश:
नड़ समन्दर, लाल समुद्र
सच्चाई:
“नड़ समन्दर” मिस्र और अरब के बीच क़ायम समन्दर का नाम था। इसे अब लाल समन्दर कहा जाता है।
लाल समन्दर लंबा और पतला है। यह एक झील या नदी से बड़ा है लेकिन समुद्र से बहुत छोटा है।
इस्राईलियों को मिस्र से निकलने के बा’द लाल समन्दर पार करना पड़ा था। ख़ुदा ने लाल समन्दर के पानी को तकसीम करके सूखी ज़मीन ज़ाहिर कर दी थी कि इस्राईली चलकर उसे पार कर लें।
कना’न इस समन्दर के उत्तर में था।
इसका तर्जुमा “नड़ समन्दर” भी किया जा सकता है।
(यह भी देखें: अरब. कना’न, मिस्र)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
12:04__ जब इस्राईलियों ने देखा कि मिस्र की फ़ौज आ रही है, तो उन्हें एहसास हुआ कि वे फ़िर’औन की फ़ौज और वे लाल समन्दर के बीच फंस गए थे|
12:05__ तब ख़ुदा ने मूसा से कहा, "लोगों को लाल समन्दर की तरफ़ जाने के लिए कहो।"
- 13:01__ कि बा’द ख़ुदा__लाल समन्दर__ के ज़रिए’ से इस्राईलियों की रहनुमाई की, वह उन्हें सीनै नाम की पहाड़ पर जंगल में ले गया।
शब्दकोश:
- Strong's: H3220, H5488, G2063, G2281
नफ़्ताली
सच्चाई:
नफ़्ताली या’क़ूब का छठवां बेटा था। उसकी नसल नफ़्ताली के क़बीले कहलाए जो इस्राईल के 12 क़बीलों में से एक था।
- कभी-कभी नाम नफ़्ताली उनके रहने के मक़ाम के लिए भी काम में लिया गया है। (देखें: हमअहनगी
- नफ़्ताली की ज़मीनें इस्राईल के उत्तर में थीं, दान और आशर के साथ। इसकी पूरबी सरहद किन्नेरत समन्दर के पश्चिमी किनारे पर थी।
- इस क़बीले का ज़िक्र पुराने ‘अहदनामे और नये ‘अहदनामे दोनों में किया गया है।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
( यह भी देखें: आशर, दान, याकूब, गलील समन्दर, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
नबूकदनज़र
सच्चाई:
नबूकदनज़र बाबुल की हुकूमत का बादशाह था जिसकी ताक़तवर फ़ौज ने बहुत सी क़ौमों और मुल्कों को जीता था।
- नबूकदनज़र की रहनुमाई में बाबुल की फ़ौज ने यहूदाह की बादशाही को जीत कर बहुत से यहूदियों को क़ैदी बनाया और बाबुल ले गए। क़ैदियों को 70 साल के ‘अरसे के लिए वहां रहने के लिए मजबूर किया गया था जिसे "बाबुल जेलावतनी" कहा जाता था।
इन गुलामों में एक था दानिएल, जिसने नबूकदनज़र के ख़्वाब का मतलब बताया था।
- इस्राईली गुलामों में तीन आदमी और भी थे, हननियाह, मीशाएल और अज़रियाह, को नबूकदनज़र ने आग में डलवाया था क्योंकि वे उसके सोने के बड़े बुत के सामने सिज्दा नहीं करते थे।
- बादशाह नबूकदनज़र मग़रूर था और झूठे मा’बूदों की ‘इबादत करता था। यहूदाह को जीतने पर उसने यरूशलीम के हैकल में से सोने चांदी के बर्तन लूट लिए थे।
- नबूकदनज़र मग़रूर था और झूठे मा’बूदों की ‘इबादत से फिरता नहीं था इसलिए ख़ुदा ने उसे सात साल तक जानवर की तरह ज़िन्दगी दी और वह बेघर हो गया। सात सालों बा’द जब वह हलीम बना और इकलौते सच्चे ख़ुदा यहोवा की ता’रीफ़ की तब ख़ुदा ने उसको दुबारा क़ायम किया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मग़रूर, अज़रियाह, बाबुल, हननियाह, मीशाईल)
किताब-इ-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 20:06 अस्सूरियों के ज़रिए’ इस्राईली हुकूमत को तबाह करने के लगभग सौ साल बा’द, ख़ुदा ने बाबुल के बादाशाह __ नबूकदनज़र __ को भेजा, यहूदी हुकूमत को तबाह करने के लिए |
- 20:06 बाबुल एक ताक़तवर हुकूमत थी। यहूदाह का बादशाह, __ नबूकदनज़र__ का ख़ादिम बनकर उन्हें हर साल बहुत सी दौलत देने के लिए राज़ी हो गया |
- 20:08 बग़ावत करने के लिए यहूदाह के बादशाह को सज़ा दी गयी और __ नबूकदनज़र__ के सिपाहियों ने उसके बेटे को उसी के सामने मार डाला और उसके बा’द उसे अँधा बना दिया |
- 20:09 __ नबूकदनज़र__ और उसके सिपाही लगभग सभी यहूदियों को बंदी बनाकर बाबुल ले गए, वहाँ पर सिर्फ़ कंगालों को छोड़ दिया गया ताकि वह वहाँ खेती कर सके |
शब्दकोश:
नहमियाह
सच्चाई:
नहमियाह एक इस्राईली था जिसे मजबूर होकर बाबुली हुकूमत में आना पड़ा जब इस्राईलियों और यहूदियों को बाबुल की फ़ौज ने क़ैदी बना लिया।
- वह फ़रीसी बादशाह, अख़सूयरस का साक़ी था, उसने यरूशलीम लौट जाने की इजाज़त मांगी थी।
- नहमियाह ने इस्राईलियों को साथ लेकर यरूशलीम की शहरपनाह को दुबारा ता’मीर किया जिसे बाबुल के सिपाहियों ने ढा दिया था।
- बादशाह के महल में लौट आने से पहले नहमियाह बारह साल तक यरूशलीम का हाकिम था।
- पुराने ‘अहदनामे में नहमियाह की किताब में नहमियाह के ज़रिए’ शहरपनाह का दुबारा ता’मीरी काम और यरूशलीम के लोगों पर हुकूमत का ज़िक्र किया गया है।
- पुराने ‘अहदनामे में नहमियाह नाम के और आदमी भी हैं। अगर किसी नहमियाह का ज़िक्र किया जाता है, तो अक्सर सिनाख़्त के लिए उसके बाप का नाम जोड़ा जाता है।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(या भी देखें: अख़सूयरस, बाबुल, यरूशलीम, बेटा)
## किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:##
शब्दकोश:
नहूम
सच्चाई:
नहूम एक नबी था जो ‘ऐलान करता था उस वक़्त में जब बुरा बादशाह मनस्सी यहूदाह पर बादशाही करता था।
- नहूम यरूशलीम से 20 मील दूर एल्कोश नाम के एक शहर का बाशिंदा था।
- पुराने ‘अहदनामे में नहूम की किताब में अश्शूरों के शहर नीनवे की तबाही की नबूव्वतें हैं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अश्शूर, मनस्सी, नबी, नीनवे)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
नहूर
सच्चाई:
नहूर इब्राहीम के दो रिश्तेदारों का नाम था, उसका दादा और उसका भाई।
- इब्राहीम का भाई नहूर इस्हाक़ की बीवी रिब्क़ा का दादा था।
- “नहूर शहर” या’नी “नहूर नाम का शहर” या “वह शहर जहां नहूर रहता था” या “नहूर का शहर”
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , रिब्क़ा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
ना’मान
सच्चाई:
पुराने ‘अहदनामे में ना’मान अरामी फ़ौज का सरदार था।
- ना’मान को एक लाइलाज़ ज़िल्द की बीमारी कोढ़ थी जो ठीक नहीं हो सकती थी।
- ना’मान के घर में एक यहूदी ख़ादिमा थी जिसने उसे सलाह दी कि वह बीमारी से नजात के लिए नबी एलीशा के पास जाए।
- एलीशा ने ना’मान के पास पैग़ाम भेज दिया कि वह सात बार यरदन नदी में डुबकी लगाए। ना’मान ने हुक्म का ‘अमल किया तो ख़ुदा ने उसे पूरी शिफ़ा दे दी।
- इसका नतीजा यह हुआ कि ना’मान इकलौते सच्चे ख़ुदा, यहोवा में ईमान करने लगा।
- ना’मान नाम के दो और आदमी भी हुए है जो या’क़ूब के बेटे बिन्यामीन के नसल से थे।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अराम, यरदन नदी, कोढ़, नबी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 19:14 जिनमे से एक मो’जिज़ा ना’मान नाम के इन्सान की ज़िन्दगी में हुआ, वह दुश्मनों का सिपाहसालार था और कोढ़ी था |
- 19:15 पहले तो ना’मान ग़ुस्सा हुआ, और वह ऐसा नहीं करना चाहता था, क्योंकि उसे यह बेवक़ूफ़ी भरा काम लग रहा था| लेकिन ज़ल्दी ही उसने अपना ख़याल बदल लिया और यरदन को जाकर उसमे सात बार डुबकी मारी |
- 26:06 लेकिन एलीशा ने उनमें से किसी को भी ठीक नहीं किया, उसने सिर्फ इस्राईल के दुश्मनों के एक सिपाहसालार, ना’मान की जिल्द की बीमारी को शिफ़ा दी।”
शब्दकोश:
नातन
सच्चाई:
नातन ख़ुदा का एक ईमानदार नबी था, और दाऊद की बादशाही में ख़िदमत कर रहा था।
- उरिय्याह के ख़िलाफ़ दाऊद के गुनाह का पर्दाफाश करने के लिए ख़ुदा ने नातन को भेजा था।
- नातन ने दाऊद को झिड़का था, अगरचे दाऊद बादशाह था।
- नातन के आने के बा’द दाऊद ने अपने गुनाह का क़फ़्फ़ारा किया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: दाऊद, ईनानदार, नबी , उरिय्याह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- __17:07__लेकिन ख़ुदा ने __नातन __ नबी के ज़रिए’ दाऊद को पैग़ाम भेजा, “क्योंकि तू एक फ़ौजी है, तू मेरे लिए वह घर नहीं बनाएगा |
- 17:13 दाऊद ने जो कुछ भी किया उसे लेकर ख़ुदा का ग़ज़ब उस पर भड़का, ख़ुदा ने __नातन __ नबी के ज़रिए’ दाऊद को कहलवा भेजा कि उसके गुनाह कितने बुरे है।
शब्दकोश:
नासरत, नासरियों
सच्चाई:
नासरत उत्तरी इस्राईल के गलील ‘इलाक़े में एक शहर है। * वह यरूशलीम के उत्तर में लगभग 100 मील दूर है। इसके पैदल सफ़र में तीन से पांच दिन लगते हैं।
- यूसुफ़ और मरियम नासरत के बाशिन्दे थे और ‘ईसा की परवरिश वहीं हुई थी। यही वजह है कि ‘ईसा को “नासरी” कहते थे।
- नासरत के बहुत से यहूदी ‘ईसा की ता’लीमात को क़ुबूल नहीं करते थे क्योंकि वह उनके साथ पला-बड़ा था इसलिए वे उसे एक ‘आम इन्सान मानते थे।
- एक बार ‘ईसा नासरत के ‘इबादतख़ाने में ता’लीम दे रहा था तब वहां के यहूदियों ने उसे मार डालना चाहा क्योंकि उसने मसीह होने का दा’वा किया और उनके ज़रिए’ उसके इन्कार के लिए उन्हें झिड़का था।
- जब नतनएल ने सुना कि ‘ईसा नासरत से है तब उसकी बातों से ज़ाहिर होता है कि उस शहर की शोहरत नहीं थी।
(यह भी देखें: मसीह, गलील, यूसुफ़ (नया ‘अहदनामा), मरियम)
## किताब-ए-मुक़द्दस के बारे मे:##
किताब-ए-मुक़द्दस कहानियों से मिसालें :
- 23:04 लिहाज़ा यूसुफ़ और मरियम भी एक लम्बा सफ़र तय करके नासरत को गए, क्योंकि यूसुफ़ दाऊद के घराने और नसल का था, गलील के नासरत शहर से यहूदिया में दाऊद के शहर बैतलहम को गया |
- 26:02 ‘ईसा नासरत शहर के पास गया, जहाँ उसने अपना बचपन बिताया था |
- 26:07 नासरत के लोगों ने ‘इबादत की जगह से ‘ईसा को बाहर घसीटा और उसे मारने की ख़्वाहिश से चट्टान के किनारे ले आए, कि उसे वहाँ से नीचे गिरा दें |
शब्दकोश:
- Strong's: G3478, G3479, G3480
नीनवे, नीनवे के लोगों
सच्चाई:
नीनवे अस्सूरों की दार-उल-हुकूमत थी। “नीनवे के बाशिंदे” वह है जो नीनवे में रहते थे।
- ख़ुदा ने यूनाह को भेजा था कि नीनवे के लोगों को बुराई से फिरने की हिदायत दे। उन्होंने तौबा की और ख़ुदा ने उन्हें तबाह नहीं किया।
- बा’द में अस्सूरों ने ख़ुदा की ख़िदमत करना छोड़ दिया। उन्होंने इस्राईल मुल्क को जीतकर क़ौम को बन्दी बना लिया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें|](rc://ur-deva/ta/man/translate/translate-names)
(यह भी देखें: अश्शूर, यूनाह, तौबा करना, बदलना)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H5210, G3535, G3536
नील नदी, मिस्र की नदी, नील नदी
सच्चाई:
उत्तरी पश्चिम अफ्रीका में नील नदी एक लम्बी चौड़ी नदी है। यह मिस्र की एक मशहूर नदी है।
- नील नदी मिस्र में से बहती हुई उत्तर में रोम के समन्दर में गिरती है।
- नील नदी के दोनों ओर पैदावार ज़मीन में अच्छी फ़सल उगती है।
- ज़्यादातर मिस्र के बाशिन्दे नील नदी के क़रीब रहा करते हैं क्योंकि यह पानी और खाने की चीज़ों का एक ख़ास ज़रिया’ है।
- इस्राईली गोशेन में रहते थे क्योंकि नील नदी के क़रीब होने की वजह से वह एक पैदावार ‘इलाक़ा था।
- मूसा जब बच्चा था तब उसके वालिदैन ने उसे एक टोकरी में रखकर नील नदी की लम्बी घासों में छिपा दिया था कि फ़िर’औन के लोग उसे देख न पाएं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मिस्र, गोशेन, मूसा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 08:04 मिस्र नील नदी के किनारे क़ायम एक बड़ा , ताक़तवर मुल्क था |
- 09:04 जब फ़िर’औन ने देखा कि इस्राईलियों की औलादें बहुत ज़्यादा बढ़ती जा रही है, तब फ़िर’औन ने आपनी सारी क़ौम के लोगों को हुक्म दिया, हिब्रियों के जितने बेटे पैदा हो उन सभी को तुम नील नदी में डाल देना |
- 09:06 उन्होने उसे एक टोकरी में रख कर नील नदी मे छोड़ दिया | उस बच्चे की बहन दूर खड़ी रही कि देखे उस बच्चे का क्या होता है |
- 10:03 ख़ुदा ने __नील नदी को ख़ून से भर दिया, तब भी फ़िर’औन का दिल ज़िद्दी रहा और उसने इस्राईलियों को नहीं जाने दिया।
शब्दकोश:
- Strong's: H2975, H4714, H5104
नूह
सच्चाई:
नूह लगभग 4000 साल पहले था जब ख़ुदा ने ज़मीन पर से सब गुनाहगारों को तबाह करने के लिए पानी की बाढ़ लाया था। ख़ुदा ने नूह को हुक्म दिया कि वह एक बहुत बड़ी नाव बनाए जिसमें बाढ़ का पानी ज़मीन पर भरने तक उसका ख़ानदान महफ़ूज़ रहे।
- नूह एक रास्तबाज़ इन्सान था जो हर एक बात में ख़ुदा का हुक्म मानता था।
- नूह ने उस नाव को ठीक वैसा ही बनाया जैसा ख़ुदा ने कहा था।
- इस नाव में नूह और उसका ख़ानदान महफ़ूज़ रहा और बा’द में ज़मीन पर फैल गए।
- तब के बा’द सब इन्सान नूह के नसल हैं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: नसल, जहाज)
## किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:##
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें :
- 03:02 लेकिन ख़ुदा के फ़ज़ल की नज़र नूह पर बनी रही |
- 03:04 नूह और उसके तीन बेटों ने नाव को बनाया वैसे ही कि जैसे ख़ुदा ने उनसे कहा था | नूह और उसके तीन बेटों ने नाव बनाया वैसे ही की जैसे ख़ुदा ने उनसे कहा था।
- 03:13 दो महीने बा’द ख़ुदा ने नूह से कहा कि तू अपने बेटों, बीवी और बहुओ के साथ जहाज में से निकल आ | ख़ुदा ने नूह को बरकत दी “फलों-फूलो, और बढ़ो, और ज़मीन में भर जाओ | तब नूह और उसका ख़ानदान जहाज में से निकल आए |
शब्दकोश:
पतरस, शमा’ऊन पतरस, क़ैफा
सच्चाई:
पतरस ‘ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था। वह शुरू’ की कलीसिया का एक ख़ास रहनुमा था।
- ‘ईसा की ज़रिये’ शागिर्द होने के लिए बुलाए जाने से पहले पतरस का नाम शमा’ऊन था।
- बाद में ‘ईसा ने उसे “क़ैफा” नाम दिया जिसका मतलब है “पत्थर या चट्टान” अरामी ज़बान में। * पतरस का मतलब यूनानी ज़बान में “पत्थर” या “चट्टान” होता है।
- ख़ुदा ने पतरस के ज़रिये से लोगों को चंगा किया और ‘ईसा की ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान किया।
- नये अहद नामे में दो किताबें पतरस के ख़त हैं जो ईमानदारों को हौसला देने और ता’लीम देने के लिए हैं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
शागिर्द,आमाल(यह भी देखें:
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों सेमिसाल:
- 28:09 इस पर पतरस ने उससे कहा, “देख हम तो सब कुछ छोड़ के तेरे पीछे हो लिए हैं | तो हमें इसका क्या बदला मिलेगा ?”
- 29:01 एक दिन पतरस ने पास आकर ‘ईसा से पूछा , “हे ख़ुदावन्द , अगर मेरा भाई गुनाह करता रहे, तो मैं उसे कितनी बार मु’आफ़ करूँ? क्या सात बार तक?”
- 31:05 फिर पतरस ने ‘ईसा से कहा ‘हे उस्ताद अगर तू है, तो मुझे भी अपने पास पानी पर चलकर आने का हुक्म दे” ‘ईसा ने पतरस से कहा, “ आ |”
- 36:01 एक दिन ‘ईसा ने अपने तीन चेलों, पतरस, याकूब और यूहन्ना को अपने साथ लिया |
- 38:09 पतरस ने कहा, “अगर सब तुझे छोड़ दे तोभी, मैं नहीं छोडूँगा | ‘ईसा ने पतरस से कहा, “शैतान तुम सबकी आज़माइश लेना चाहता है, लेकिन मैंने तुम्हारे लिये दू’आ की है, पतरस, तेरा ईमान कमज़ोर नहीं होगा | फिर भी आज की रात, मुर्ग़ के दो बार बाँग देने से पहले, तू तीन बार मुझ से मुकर जाएगा |”
- 38:15 जैसे ही सिपाहियों ने ‘ईसा को पकड़ लिया, पतरस ने अपनी तलवार निकाल ली और सरदार काहिन के एक नौकर पर चलाकर उसका कान काट दिया |
- 43:11 पतरस ने उनसे कहा, “तोबा करो , और तुम में से हर एक ‘ईसा मसीह के नाम से बपतिस्मा ले तो ख़ुदा तुम्हारे गुनाहों को मु’आफ़ करेगा।
- 44:08 तब पतरस ने उन्हें जवाब दिया, “‘ईसा मसीह की क़ुदरत से यह आदमी तुम्हारे सामने सही सालिम खड़ा है।
शब्दकोश:
- Strong's: G2786, G4074, G4613
पिलातुस
सच्चाई
रोमी सूबा यहूदिया का हाकिम पिलातुस था जिसने ‘ईसा को मौत की सज़ा दिया था।
- हाकिम होने की वजह पिलातुस के पास मुजरिमों को मौत की सज़ा देने का इख़्तियार था।
- यहूदी मज़हब के उस्ताद चाहते थे कि पिलातुस ईसा को मौत की सज़ा दे, इसलिए उन्होंने ‘ईसा पर झूठा इल्ज़ाम लगाया कि वह एक मुजरिम है।
- पिलातुस समझ गया था कि ‘ईसा ने कोई जुर्म नहीं किया है लेकिन वह लोगों की भीड़ से डरता था और उन्हें ख़ुश करना चाहता था, इसलिए उसने सिपाहियों को हुक्म दिया कि ‘ईसा को सलीब पर चढ़ा दें।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: सलीब पर चढ़ाना, हाकिम, इल्ज़ाम, यहूदिया, रोम
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 39:09 अगली सुबह यहूदी रहबरों ने ‘ईसा को ले जाकर पिलातुस को सौंप दिया जो एक रोमन हुकमरान था | वह इस उम्मीद में थे कि पिलातुस उसे मुजरिम ठहरा कर उससे मरवा डाले | पिलातुस ने ‘ईसा से पूछा, “ क्या तू यहूदियों का बादशाह है?”
- 39:10 पिलातुस ने कहा, “सच क्या है?”
- 39:11 ‘ईसा से बात करने के बाद पिलातुस भीड़ में आया, और कहा, “मैं तो इस आदमी में कोई ‘ऐब नहीं पाता | लेकिन यहूदी उस्तादों ने चिल्लाकर कहा कि, “इसे सलीब में चढ़ा दो |” पिलातुस ने कहा कि, “मैं इसमें कोई ‘ऐब नहीं पाता | वह और जोर से चिल्लाने लगे | पिलातुस ने तीसरी बार कहा कि “मैं इसमें कोई ‘ऐब नहीं पाता |”
- 39:12 लेकिन पिलातुस डर गया कि कही हलचल न मच जाए, इसलिये उसने ‘ईसा को सलीब पर चढ़ाए जाने के लिए सिपाहियों के हवाले कर दिया |
- 40:02 __ पिलातुस__ ने हुक्म दिया कि ‘ईसा के सिर के ऊपर सलीब पर यह लिख कर लगा दिया जाए कि, “यह यहूदियों का बादशाह है |”
- 41:02 पिलातुस ने कहा, “कुछ सिपाही लो और जाओ अपनी समझ के मुताबिक रखवाली करो |”
शब्दकोश:
पुन्तुस
सच्चाई:
पुन्तुस रोमी सल्तनत और शुरू’ की कलीसिया के वक़्त एक रोमी मुल्क था। वह काला सागर के दख्खिनी किनारे पर था जो आज के तुर्किस्तान का उत्तरी हिस्सा था।
- जैसा रसूलों के ‘आमाल की किताब में लिखा है पुन्तस के यहूदी भी यरूशलीम में थे जब पाक रूह पिन्तेकुस्त के दिन रसूलों पर उतरा था।
- अक्विला नाम का एक ईमानदार पुन्तुस से था।
- तमाम ममालिक में बिखरे ईमानदारों को ख़त लिखते वक़्त पतरस ने पुन्तुस इ ‘लाक़े के नाम का भी बयान किया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: अक्विला, पिन्तेकुस्त)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
पौलुस, शाऊल
सच्चाई:
पौलुस शुरू’की कलीसिया का रहनुमा था जिसे ‘ईसा ने सब क़ौमों में ख़ुशख़बरी सुनाने के लिए भेजा था।
- पौलुस रोमी शहर तर्शिश में पैदा एक यहूदी था, इसलिए वह रोमी बाशिन्दा भी था।
- पौलुस पहले अपने यहूदी नाम शाऊल के ज़रिए’जाना जाता था।
- शाऊल एक यहूदी मज़हब का रहनुमा था जो उन यहूदियों को क़ैदी बनाता था जो मसीह के ईमानदार हो गए थे क्योंकि उसके ख़्याल में ‘ईसा में यक़ीन करके वे ख़ुदा को बे इज़्ज़त करते थे।
- ‘ईसा शाऊल पर अंधा करने वाली बहुत ज़्यादा रोशनी में ज़ाहिर हुआ और उससे कहा कि वह मसीही ईमानदारों को सताना छोड़ दे।
- शाऊल ने ‘ईसा पर यक़ीन किया और अपने साथी यहूदियो को उसकी ता’लीम देने लगा।
- इसके बा’द ख़ुदा ने उसे ग़ैर क़ौमों में ‘ईसा के बारे में बताने के लिए भेजा और उसने रोमी बादशाहत के तमाम शहरों में और इ‘लाकों में कलीसियाएं शुरू’कीं इस वक़्त उसका नाम बदल कर "पौलुस" हो गया था।
- पौलुस ने इन कलीसियाओं को हौसला देने और ता’लीम देने के लिए ख़त भी लिखे थे उनमें से अनेक ख़त नये अहद नामे में हैं।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मसीही, यहूदी रहनुमा , रोम)
किताब ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 45:06 एक शाऊल नाम का जवान, स्तिफनुस के क़त्ल में शामिल लोगो से राज़ी था और वह उन सब के कपड़ों कि रखवाली कर रहा था जब वे स्तिफनुस पर पथराव कर रहे थे।
- 46:01 शाऊल वह जवान था जिसने स्तिफनुस के क़त्ल में शामिल लोगों के कपड़ों कि रखवाली कि थी। वह ‘ईसा पर यक़ीन नही करता था, इसलिए वह ईमानदारों को सताता था।
- 46:02 लेकिन जब शाऊल दमिश्क के क़रीब पहुँचा, तो अचानक आसमान से उसके चारों ओर रोशनी चमकी, और वह ज़मीन पर गिर गया| शाऊल ने यह लफ़्ज़ सुना, “हे शाऊल! हे शाऊल! तू मुझे क्यों सताता है?”
- 46:05 तब हनन्याह उठकर शाउल के पास गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, "’ईसा , जो उस रास्ते में, तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है कि तू फिर आँखे पाए और रूह-उल-क़ुद्दूस से मा’मूर हो जाए।"शाउल फ़ौरन देखने लगा, और हनन्याह ने उसे बपतिस्मा दिया।
- 46:06 फ़ौरन ही, शाऊल दमिश्क के यहूदियों से मुनादी करने लगा की ‘ईसा ही ख़ुदा का बेटा है “|
- 46:09 बरनबास और शाऊल इन नए ईमानदारों को पढ़ाने, ‘ईसा के बारे में बताने और कलीसिया को मज़बूत करने के लिये अन्ताकिया आए।
- 47:01 जैसे शाऊल पुरे रोमी सल्तनत में सफ़र करने लगा, उसने अपने रोमी नाम, "पौलुस" का इस्ते’माल करना शुरू किया।
- 47:14 पौलुस और ,और मसीही रहनुमाओं ने बहुत से शहरों में ‘ईसा का ‘ऐलान किया और लोगों को ख़ुदा के कलाम की ता’लीम दी।
शब्दकोश:
प्रिस्किल्ला
सच्चाई:
प्रिस्किल्ला और उसका शौहर अक्विला यहूदियों से आए ईमानदार थे जिन्होंने बशारती ख़िदमत में पौलुस की मदद किया था।
- प्रिस्किल्ला और अक्विला ने रोम से कूच किया था क्योंकि बादशाह ने मसीही ईमानदारों को वहाँ से चले जाने का हुक्म दिया था |
- पौलुस ने अक्विला और प्रिस्किल्ला से कुरिन्थ शहर में मुलाक़ात की थी। वे तम्बू बनाने वाले थे और पौलुस ने उनके साथ काम किया।
- पौलुस जब कुरिन्थ शहर से सीरिया गया तब प्रिस्किल्ला और अक्विला भी उसके साथ गए।
- सीरिया से ये तीनों इफिसुस शहर गए थे। पौलुस तो इफ़िसुस से चला गया था लेकिन प्रिस्किल्ला और अक्विला वहीं रूक गए और ख़ुशख़बरी का ‘ऐलान करते रहे।
- उन्होंने इफ़िसुस में अपुल्लोस नाम के एक आदमी को ख़ास ता’लीम दी थी, वह ‘ईसा पर ईमान रखता था और एक अच्छा बोलने वाला और उस्ताद था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: ईमान, मसीही, कुरन्थ, इफ़िसुस. रोम, सीरिया )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़ग़ूर, फ़ग़ूरपहाड़ , बा’ल फ़ग़ूर
ता’अर्रुफ़:
" फ़ग़ूर " और " फ़ग़ूर पहाड़ " लफ़्ज़ का बयान मोआब ‘इलाक़े के नमक के समन्दर के उत्तरी-पूरब में मौजूद पहाड़ से है।
- नाम "बेत फ़ग़ूर " एक शहर का नाम था, शायद उस पहाड़ पर या उसके नजदीक मौजूद था। यह वह जगह है जहां ख़ुदा ने मूसा को वा’दे का मुल्क दिखाया जिसके बा’द उसकी मौत हो गई।
- "बा’ल फ़ग़ूर " मोआबियों का एक झूठा मा’बूद था जिसकी वे फ़ग़ूर पहाड़ पर इबादत करते थे। इस्राइलियों ने भी इस बुत की इबादत करना शुरू’ कर दिया और ख़ुदा ने उन्हें इसके लिए सजा दी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बा’ल, झूठे मा’बूद, मोआब, नमक का समंदर , इबादत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H1047, H1187, H6465
फ़द्दानअराम
सच्चाई:
फ़द्दानअराम वह ‘इलाक़ा था जहां इब्राहीम कना’न आने से पहले रहा करता था। इसका मतलब है, “अराम के मैदान।”
- जब इब्राहीम ने फ़द्दान अराम के हारान शहर से कना’न के लिए कूच किया था तब उसका ज़्यादा क़बीला हारान में ही रह गया था।
- सालों बाद इब्राहीम का ख़ादिम फ़द्दान अराम गया कि इसहाक़ के लिए बीवी ले आए और वहां इब्राहीम के क़बीलों में बतूएल की पोती रिबक़ा को चुना।
- इसहाक़ और रिबक़ा का बेटा याक़ूब भी फ़द्दान अराम गया था और वहां रिबक़ा के भाई लाबान के दोनों बेटियों से शादी किया।
- अराम फ़द्दान अराम और अराम नहरेम सब एक ही ‘इलाक़े के अलग अलग हिस्से थे जो आज के सीरिया में हैं।
(तर्जुमे की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , अराम, बेतूएल, कना’न, हारान, याक़ूब, लाबान, रिबक़ा, सीरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़ारस, फ़ारसियों
ता’अर्रुफ़:
फ़ारस एक ताक़तवर मुल्क हो गया था जिसकी बुनियाद बुलन्द खोरस ने 550 ई.पू. में की थी। फ़ारस देश बाबुल अश्शूर मुल्कों के दाख्खिन पूरब में था। वह आज का ईरान देश है।
- फ़ारस के बाशिन्दों को फ़ारसी कहते थे।
- खोरस बादशाह के हुक्म के मुताबिक़ यहूदियों को बाबुल की ग़ुलामी से आज़ाद करके अपने वतन लौटने की इजाज़त मिल गई थी, और यरूशलीम का हैकल भी फिर से बनाया गया था जिसका खर्चा फ़ारस शहर के ख़ज़ाने से मिलता था।
- जब एज्रा और नहमियाह यरूशलीम की शहरपनाह को फिर से ता’मीर करने अपने वतन लौटे थे तब अर्तक्षत्र फ़ारसी मुल्क का बादशाह था।
- आस्तर फ़ारसी बादशाह की रानी थी जब उसने बादशाह अख़सूयरस से शादी किया था।
(यह भी देखें: अखसू यरस, अर्तछत्र , अश्शूर देश, बाबुल, कूश, आस्तर, अज्रा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H6539, H6540, H6542, H6543
फ़ारान
सच्चाई:
फ़ारान मिस्र के पूरब में और कना’न के दाख्खिन में रेगिस्तानी या वीरान सूबा था। पहाड़ी फ़ारान का बयान भी किया गया है जो मुमकिन है सीनै पहाड़ था।
- बांदी हाजिरा और उसका बेटा इस्माईल , सारा और इब्राहीम के ज़रिए’ निकाले जाने के बाद फ़ारान के वीरान जंगलों में रहे थे।
- मूसा इस्राईलियों को मिस्र से निकाल कर ला रहा था तब उन्होंने फ़ारान का जंगल पार किया था।
- फ़ारान के जंगल में का मुल्क बर्ने से मूसा ने 12 आदमियों को कना’न में भेजा था कि वहां का राज़ लेकर उसे बताएं।
- सीन का जंगल फ़ारान के उत्तर में था और सीन का जंगल फ़ारान के दाख्खिन में था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें : कना’न, वीरान, मिस्र, कामुल्क , सीने
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़िर’औन, मिस्र का बादशाह
सच्चाई:
पुराने ज़माने में मिस्र मुल्क के बादशाह फ़िर’औन कहलाते थे।
- कुल 300 फ़िर’औन हुए थे जिन्होंने मिस्र पर 2000 से ज़्यादा साल हुकूमत किया था।
- मिस्त्र के ये बादशाह बहुत ताक़तवर और मालदार आदमी थे।
- किताब-ए-मुक़द्दस में भी कुछ फिर’औन का नाम आता है।
- अक्सर यह मज़मून एक मज़मून के बजाय नाम की शक्ल में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी हालत में फिर’औन लफ़्ज़ को अंग्रेजी में बड़े “पी” हर्फ़ से लिखा गया है।
(तर्जुमे की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: मिस्र, बादशाह
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 08:06 एक रात को मिस्र के बादशाह ने, जिसे फ़िर’औन कहते है उसने रात में दो ख्व़ाब देखे जो उसे लगातार परेशान कर रहे थे |
- 08:08 फ़िर’औन यूसुफ़ से बहुत मुता’अस्सिर हुआ, और उसे मिस्र का दूसरा सबसे ताक़तवर आदमी मुक़र्रर किया |
- 09:02 उस वक़्त जो फ़िर’औन मिस्र पर हुकूमत करता था, इस्राईलियों को मिस्रियो का गुलाम बनाया।
- 09:13 इसलिये आ मैं तुझे फ़िर’औन के पास भेजता हूँ कि तू मेरे इस्राईली लोगों को मिस्र में से निकाल ले आए |
- 10:02 इन खौफ़नाक हालातों के ज़रिए ख़ुदा यह दिखाना चाहता था ,कि वह फ़िर’औन व मिस्र के मा’बूद से कई गुना ताक़तवर है।
शब्दकोश:
- Strong's: H4428, H4714, H6547, G5328
फ़िरिज़्ज़ी
सच्चाई:
फ़िरिज़्ज़ी कना’न की तमाम क़ौमों में से एक थी। इस कौम के बारे में ज़्यादा मा’लूमात नहीं है कि उनके बाप दादा कौन थे और वे कना’न के किस हिस्से में रहते थे।
- फ़िरिज़्ज़ी की चर्चा पुराने ‘अहद नामे की किताब यशु’अ में की गई है, वहां लिखा है कि फ़िरिज़्ज़ीयों ने इस्राईलियों से शादी किया और उन्हें बुत की इबादत के लिए मायल किया।
- ध्यान दें कि फ़रेज की नस्ल जिसे फ़िरिज़्ज़ी कहा गया है वह फ़िरिज़्ज़ी क़ौम से अलग है। यहां ज़रूरी है कि दोनों के जवाबो में फ़र्क रखें कि यह राज़ ज़ाहिर हो।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: कना’न , झूठे मा’बूद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़िलिप्पी, फ़िलिप्पियों
सच्चाई:
फ़िलिप्पी एक ख़ास शहर और रोमी सूबा था जो पुराने यूनान के उत्तरी हिस्से में मकिदुनिया इ‘लाक़े में था।
- पौलुस और सीलास ने फ़िलिप्पी शहर जाकर वहां के लोगों को ‘ईसा के बारे में बताया।
- फ़िलिप्पी में पौलुस और सीलास को क़ैदी बना लिया गया था लेकिन ख़ुदा ने मो’जिज़े की शक्ल से उन्हें बचाया।
- नये ‘अहद नामे में फ़िलिप्पियों की ख़त पौलुस ने फ़िलिप्पी के ईमानदारों की कलीसिया को लिखा था।
- ध्यान रखें कि यह शहर कैसरिया फ़िलिप्पी नहीं है, कैसरिया फ़िलिप्पी उत्तर के पूरब इस्राईल में हर्मन पहाड़ के नज़दीक था।
(यह भी देखें: कैसरिया, मसीही, जमात, मकिदुनिया, पौलूस, सीलास
किताब -ए- मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों सेमिसाल:
- 47:01 एक दिन पौलुस और उसका दोस्त सीलास फ़िलिप्पी में ‘ईसा का ‘ऐलान करने को गए |
- 47:13 जब दिन हुआ तो सिपाहियों ने पौलुस और सीलास को छोड़ दिया और उन्हें हुक्म दिया कि फ़िलिप्पी छोड़ दे |
शब्दकोश:
फ़िलिप्पुस ,रसूल
सच्चाई:
फ़िलिप्पुस ‘ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था। वह बेतसैदा शहर का था।
- फ़िलिप्पुस नतनएल को ‘ईसा के पास लाया था।
- ‘ईसा ने फ़िलिप्पुस से कहा था कि वह 5000 आदमियों के लोगों के लिए खाने का इन्तिज़ाम करे।
- आख़िरी फसह के खाने में ‘ईसा ने अपने शागिर्दों के साथ ख़ुदा बाप के बारे में गुफ्तुगू की थी। फ़िलिप्पुस ने ‘ईसा से मिन्नत की थी कि वह उन्हें ख़ुदा बाप का दीदार कराए।
- कुछ ज़बानों में इस फ़िलिप्पुस का नाम ‘ऐलान करने वाला फ़िलिप्पुस के नाम की हरफ़ों से अलग लिखना सही समझा गया है जिससे कि देनों नामों में उलझन पैदा न हो।
(तर्जुमे की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
यह भी देखें : फिलिप्पी
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़िलिप्पुस, ख़ुशख़बरी देने वाला
सच्चाई
यरूशलीम में शुरू’ की कलीसिया में फ़िलिप्पुस सात ख़ादिमों में से एक था जिन्हें ग़रीब और ज़रूरत मन्द ईमानदारों की ख़बर लेने के लिए चुना गया था, ख़ास करके बेवाओ को।
- ख़ुदा ने यहूदिया और गलील के तमाम ‘इलाक़ों में ख़ुशख़बरी सुनाने के लिए फ़िलिप्पुस का इस्तेमाल किया था उसने यरूशलीम से गाजा जाने वाले यरूशलीम के रास्ते में एक कूशी आदमी को भी ख़ुशख़बरी सुनाया था।
- सालों बा’द जब फ़िलिप्पुस क़ैसरिया में रह रहा था तब यरूशलीम लौटते वक़्त पौलुस और उसके साथी उसके घर में ठहरे थे।
- ज़्यादातर किताब-ए-मुक़द्दस के आलिमों के ख़्याल में यह फ़िलिप्पुस ‘ईसा का शागिर्द फ़िलिप्पुस नहीं था। कुछ ज़बानों में इन दोनों के नामों के हुरूफ़ में बदलाव कर दिया गया है कि उनका अलग-अलग ज़ाहिर होना साफ़ हो।
तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
यह भी देखें : फिलिप्पी
किताब ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़िलिस्तियों
सच्चाई:
फ़िलिस्ती एक क़ौम थी जो समन्दर से दूर के किनारे पर फ़िलिस्तीन मुल्क में रहा करती थी। इस नाम का मतलब है, “समन्द्री लोग”
- फ़िलिस्तियों के पांच ख़ास शहर थे: अश्दोद, अश्कलोन, एक्रोन, गत और गाज़ा।
- अश्दोद शहर फ़िलिस्तीन के उत्तर में था और गाज़ा शहर दाख्खिन में था।
- फ़िलिस्तियों को इस्राईल के साथ सालो जंग करने की वजह से अच्छा जाना गया था।
- शिमसोन, एक इन्साफ़ पसन्द फ़िलिस्तियों से जंग करने के लिए मशहूर था, वह ख़ुदा की क़ुदरती ताक़त का इस्तेमाल करता था।
- बादशाह दाऊद ने भी फ़िलिस्तियों के साथ कई जंग कीं थीं, उसने अपनी जवानी में फ़िलिस्तियों के दानव गोलियत को हराया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अश्दोद, अश्कलोंन, एक्रोन, गत, गाज़ा, गोलियत नमक का समन्दर
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़िलिस्तीन
ता’अर्रुफ़:
फ़िलिस्तीन कना’न में एक बड़े ‘इलाक़े’ का नाम था और समन्दर से दूर के किनारे पर बसा हुआ था।
- यह एक उपजाऊ किनारे का मैदान था जो उत्तर में याफ़ा और दाख्खिन में गाज़ा तक फैला हुआ था। यह 64 किमी. लम्बा और 16 किमी. चौड़ा सूबा था।
- फ़िलिस्तीन मुल्क फ़िलिस्तियों की रहने की जगह थी, यह एक ताक़तवर क़ौम थी जो हमेशा ही इस्राईल के दुश्मन रहे थे।
(यह भी देखें: फ़िलिस्तीन, गाज़ा़
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H776 H6429 H06430
फ़ीनहास
सच्चाई:
पुराने ‘अहद नामे में फ़ीनहास नाम के दो शख़्स हुए हैं।
- हारून के पोतों में से एक का नाम फ़ीनहास था, वह काहिन था जिसने इस्राईल में झूठे मा’बूदों की इबादत की बहुत ख़िलाफ़त किया था।
- इस्राईली आदमियों ने मिदयानी ‘औरतों से शादी करके उनके मा’बूदों की इबादत की तो ख़ुदा का कहर उन पर भड़का तब फ़ीनहास ही ने उन्हें बचाया था।
- बहुत से मौक़ों’ पर फ़ीनहास इस्राईलियों के साथ हमला वर मिदयानियों का ख़ात्मा करने गया था।
- पुराने ‘अहद नामे में फ़ीनहास नाम का दूसरा आदमी ‘एली का बुरा लड़का था, वह शमूएल के ज़माने में इस्राईल के लिए काहिन की ख़िदमत कर रहा था।
- फ़ीनहास और उसका भाई होप्नी दोनों फ़िलिस्तियों के साथ जंग में मारे गए थे और ‘अहद का सन्दूक़ फ़िलिस्ती चुरा कर ले गए थे।
(तर्जुमे की सलाह: [नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: ‘अहद का सन्दूक, यरदन नदी, मिदयान; फ़िलिस्तियों, समू’एल
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
फ़ीनीके
सच्चाई
पुराने ज़माने मे फ़ीनीके इस्राईल के उत्तर में समन्दर से दूर के किनारे पर एक मालदार शहर था।
- फ़ीनीके आज के लेबनान मुल्क के पच्छिम में मौजूद एक ज़मीनी हिस्सा था।
- नये ‘अहद के ज़माने में फ़ीनीके की राजधानी सूर शहर थी। एक और ख़ास फ़ीनीके शहर सैदा था।
- फ़ीनीके के रहने वाले लकड़ी के काम के लिए मशहूर थे, वे अपने मुल्क के देवदारों की लकड़ी काम में लेते थे और बैंजनी रंग तैयार करते थे, जो बहुत मंहगा होता था। वह समन्दरी सफर और तिजारत करने के लिए मशहूर थे। वह बहुत ही माहिर नाव बनानेवाले भी थे।
- पहले के हरफ़ों में से एक हर्फ़ फ़ीनीके के रहने वालों के ज़रिये’ बनाया गया था। तिजारत के ज़रिये’से कई लोगों के झुण्ड के साथ उनके राबते की वजह से उनकी हुरूफ़ तहजी पूरे तौर से इस्ते’माल की गई थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
सैदा](../other/cedar.md) सूर(यह भी देखें: देवदारु, बैंजनी,[
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3667, G4949, G5403
फ़ोतीफ़र
सच्चाई
फ़ोतीफ़र मिस्र के फ़िर’औन का एक ख़ास हाकिम था, उस वक़्त यूसुफ़ कुछ इसमाईलियों को बेचा गया था।
- फ़ोतीफ़र ने यूसुफ़ को इसमाईल की नसल के तिजारती लोगों से ख़रीद कर अपने घर का निगहबान बनाया था।
- यूसुफ़ पर ग़लत काम का इल्ज़ाम लगाया गया तो उसने यूसुफ़ को क़ैदख़ाने में डलवा दिया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मिस्र, यूसुफ़(पुराने ‘अहद नामे),फ़िर’औन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बतशबा'
सच्चाई:
“बतशबा' ” दाऊद के एक फौजी ऊरिय्याह की बीवी थी। ऊरिय्याह के मरने के बा'द वह दाऊद की बीवी बन गई थी, वही बादशाह सुलैमान की माँ थी।
- दाऊद ने बतशबा' के साथ ज़िना किया जबकि वह ऊरिय्याह की बीवी थी।
- जब बतशबा' दाऊद से हमिलाहो गई तब दाऊद ने ऊरिय्याह को जंग के लिए 'इलाक़े में आगे भेजकर क़त्ल करा दिया।
- उसके बा'द दाऊद ने बतशबा' से शादी की और उनके बेटा पैदा हुआ।
- ख़ुदावन्द ने उस बच्चे को कुछ दिनों बा'द मारकर दाऊद के गुनाह की सज़ा दी |
- बतशबा' से एक और बेटा हुआ, सुलैमान जो दाऊद के बा'द बादशाह बना।
( तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
( यह भी देखें: दाऊद, सुलैमान. ऊरिय्याह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 17:10 एक दिन, जब दाऊद के सब फ़ौजी बादशाहत से दूर जन्ग करने के लिए गए हुए थे, उसने अपने महल से बाहर देखा, तो उसे एक 'औरत जो बहुत ख़ूबसूरत थी नहाती हुई दिखाई पड़ी। उसका नाम बतशेबा था।
- 17:11 कुछ वक़्त बा'द __ बतशबा__ ने दाऊद के पास कहला भेजा कि वह हमल से है |
- 17:12 बतशबा' का शोहर, जिसका नाम ऊरिय्याह था, वह दाऊद का एक बाहादुर फ़ौजी था।
- 17:13 ऊरिय्याह के मरने के बा'द, दाऊद ने बतशबा' से शादी कर ली।
- 17:14 उसके बा'द, दाऊद और बतशबा' का एक और बेटा पैदा हुआ उसका नाम उन्होंने सुलैमान रखा।
शब्दकोश:
बतूएल
सच्चाई:
बतूएल इब्राहीम के भाई नाहोर का बेटा था।
- बतूएल रिबक़ा और लाबान का बाप था।
- एक शहर का नाम भी बतूएल था जो मुमकिन तौर पर दक्षिणी यहूदा में था जो बैरशबा' से बहूत दूर नहीं था।
(तर्जुमें की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बैरशबा', लाबान, नाहोर, रिबक़ा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बनाने वाला
सच्चाई:
आम तौर से “बनाने वाला” चीज़ों का बनानेवाला या तैयार करने वाला होता है।
- कलाम में “बनाने वाला” कभी-कभी यहोवा के नाम या तौर पर काम में लिया जाता है क्यूँकि उसने सब कुछ बनाया है।
- यह लफ़्ज़ हमेशा “उसका” या “मेरा” या “तेरा” लफ़्ज़ों के साथ जुड़ा होता है।
तर्जुमा की सलाह:
- “बनाने वाला” लफ़्ज़ का तर्जुमा किया जा सकता है, “पैदा करने वाला” या “बनाने वाला ख़ुदा” या “जिसने सब कुछ बनाया”।
- “उसका बनाने वाला” इसका तर्जुमा हो सकता है, “जिसने उसे बनाया” या “ख़ुदा जिसने उसे बनाया”।
- “तेरा बनाने वाला” और “मेरा बनाने वाला” इन जुमलों का भी तर्जुमा इसी तरह किया जा सकता है।
(यह भी देखें: नाम कैसे तर्जुमा करें)
(यह भी देखें: बनाना, यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2796, H3335, H6213, H6466, H6467, G1217
बरअब्बा
ता'अर्रुफ़:
जब 'ईसा को क़ैदी बनाया गया उस वक़्त बरअब्बा यरूशलीम में एक क़ैदी था।
- बरअब्बा एक मुजरिम था जिसने क़त्ल किए थे और रोमी हुकूमत के ख़िलाफ़ बग़ावत की थी।
- जब पेन्तुस पिलातुस ने बरअब्बा और 'ईसा में से एक को छोड़ देने का 'ऐलान किया तो क़ौम ने बरअब्बा को चुना।
- आख़िर पिलातुस ने बरअब्बा को छोड़ दिया और 'ईसा को मौत की सज़ा दी ।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: पिलातुस, रोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बरतुलमाई
सच्चाई:
बरतुलमाई 'ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था।
- और शागिर्दों के साथ बरतुलमाई को ख़ुशख़बरी सुनाने और 'ईसा के नाम में मो'जिज़ा करने के लिए भेजा गया था।
- वह भी 'ईसा के आसमान पर उठाने जाने के बा'द आँखों देखे गवाहों में से था।
- कुछ दिनों बा'द पिन्तेकुस्त के दिन जब शागिर्दों पर पाक -रूह उतरी तब वह भी यरूशलीम शहर में और शागिर्दों के साथ था।
( तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
( यह भी देखें: ख़ुशख़बरी, , पाक रूह, पिन्तेकुस्त,बारहों
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बरनबास
सच्चाई:
रसूलों के वक़्त में बात करने वाला बरनबास एक पहला मसीही ईमानदार था |
- बरनबास इस्राईल के लावी क़बीले का था बर्फीले जज़ीरे का रहने वाला था |
- शाऊल (पौलुस) ने जब 'ईसा को क़ुबूल किया, तब बरनबास ने दूसरे ईमानदारों से गुज़ारिश कि उसे क़ुबूल कर लें|
- बरनबास और पौलुस) , एक साथ मुख्तलिफ़ शहरों में गए कि वाहाँ 'ईसा के बारे में ख़ुशख़बरी सुनाए |
- उसका नाम यूसुफ़ था लेकिन उसे "बरनबास "या हौसला का बेटा कहा जाता था |
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मसीही, कुप्रस, ख़ुशख़बरी, लावी, पौलुस, |
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में: ## |
बाइबल कहानियों से मिसालें:
- 46:08 तब __बरनबास __ ने उसे अपने साथ रसूलों के पास ले जाकर उनको बताया कि दमिश्क़ में इसने कैसे हियाव से 'ईसा के नाम का 'ऐ लान किया |
- 46:09 __ बरनबास__ और शाऊल इन नए ईमानदारों को ता'लीम देने, 'ईसा के बारे में बताने और कलीसिया को मज़बूत करने के लिए अन्ताकिया आए | I
46:10 एक दिन जब अन्ताकिया की कलीसिया के मसीही लोग रोज़ा रखकर ख़ुदावन्द की 'इबादत कर रहे थे, तो पाक रूह ने कहा," मेरे लिए __ बरनबास__ और शाऊल को उस काम के लिए अलग करो जिसके लिए मैंने उन्हें बुलाया है|" तब अन्ताकिया की कलीसिया ने पौलुस और__ बरनवास__ के के ऊपर अपना हाथ रख कर दु'आ की और उन्हें भेज दिया|
शब्दकोश:
बरूक
सच्चाई:
बारूक नाम के कई ऐसे शख्स पुराने 'अहद नामे में में हुए हैं।
- एक बारूक, जब्बै का बेटा यरूशलीम की शहरपनाह के दरवाज़ा बनाने में नहमियाह का मददगार था।
- नहमियाह के वक़्त एक और बारूक था। वह कोलहोजे का बेटा उन रहनुमाओं में से एक था जो यरूशलीम की शहरपनाह के बन जाने के बा'द वही रहा था।
- नबी यरमियाह के लिखने वाले का नाम भी बारूक नेरिय्याह का बेटा, था। वह कई कामों में यरमियाह की मदद करता था जैसे ख़ुदावन्द यरमियाह कि ख़बरों को लिखकर क़ौम को पढ़ कर सुनाता था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: शागिर्द, यरमियाह , यरूशलीम, नहमियाह , नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
बल'आम
सच्चाई:
बल'आम एक ग़ैरक़ौमी नबी था जिसे बादशाह बलक़ ने रिशवत देकर बुलवाया था कि इस्त्राईलियों को ला'नत करे क्योंकि वह उत्तरी मोआब में, यरदन के किनारे पर छावनी डाले हुए कना'न में दाख़िल होने की तैयारी में थे।
- बल'आम फ़तोर शहर का रहनेवाला था, यह जगह मो'आब से 400 मील दूर फ़रात नदी के 'इलाक़े में था।
- मिदया'नी बादशाह बलक़ इस्राईलियों की बड़ी ता'दाद से डरता था इसलिए उसने बल'आम को बुलाया था कि उन्हें ला'नत करे।
- जब बल'आम इस्राईलियों की तरफ़ जा रहा था तब ख़ुदावन्द का एक फ़रिश्ता उनका रास्ता रोक कर खड़ा हो गया, जिसकी वजह से बल'आम का गधा रूक गया था। ख़ुदा ने उस गधे को इंसानी ज़बान में बल'आम से बोलने की ताक़त 'अता की।
- ख़ुदा ने बल'आम को इजाज़त नहीं दी कि वह इस्राईल को ला'नत करे लेकिन बल'आम को उन्हें बरकत देने पर मजबूर किया।
- लेकिन बल'आम ने इस्राईल की बुराई की और उन पर बा'ल पिओर की 'इबादत करने का असर डाला।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: बरकत देना, कना'न, ला'नत, गधा, फ़रात नदी, यरदन नदी, मिदयाँन , मो'आब, पिओर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बशन
सच्चाई :
बशन गलील समुन्दर के पहले का 'इलाक़ा था। वह 'इलाक़ा आज के सीरिया और गोलन ऊंचाईयों के 'इलाक़े का एक हिस्सा था।
- पुराने 'अहद नामें का एक पनाह का शहर, “गोलन” बशन 'इलाक़े में था।
- बशन एक बहुत फ़सीलदार मुल्क था जो बलूत के दरख्त और जानवरों की चारागाहों के लिए मशहूर था।
- पैदाईश 14 में लिखा है कि बशन कई बादशाहों और उनके मुल्कों की जंग की जगह थी।
- मिस्र से फ़रार होने के बा'द जब इस्राईली वीराने में थे तब उन्होंने बशन के एक हिस्से पर हुकूमत की थी।
- सालों बा'द बादशाह सुलैमान उस मुल्क से सामान हासिल करता था।
(तर्जुमें की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मिस्र, बंजर, गलील समन्दर, सूरज )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बा'शा
सच्चाई:
बा'शा इस्राईल का बुरा बादशाह था जिसने इस्राईल की क़ौम को बुत परस्ती के लिए मुता’स्सिर किया था।
- बा'शा इस्राईल का तीसरा बादशाह था और उसने 24 साल हुकूमत किया थी, उस वक़्त यहूदा में आसा की बादशाही थी|
- वह सिपासालार था और बादशाह नादब को क़त्ल करके वह तख़्त पर बैठ गया था।
- बा'शा की बादशाही वक़्त में इस्राईल और यहूदा के बीच में कई जंगें हुई थीं, ख़ास करके यहूदा के बादशाह आसा के साथ।
- बा'शा के ज़्यादा गुनाहों की वजह से ख़ुदावन्द ने उसके मरने के बा'द उसे तख़्त से हटाया था।
(तर्जुमें की सलाह : नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: आसा, झूठे मा'बूद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
बा’ल
सच्चाई:
“बा’ल” का मतलब है, “ख़ुदा” या “मालिक”, और पहले के झूठे मा’बूद का नाम था जिनकी इबादत कना’नी करते थे।
- “बा’ल” लफ़्ज़ से निकले और भी झूठे मा’बूद जिनमे बा’ल उन नामों में एक था “ पिओरबा’ल।“ कभी-कभी इन सब देवमा’बूदोंताओं को एक साथ “बा’ल” कहा गया है।
- कुछ लोग उनमें "बा’ल" लफ़्ज़ का नाम शामिल करते थे।
- बा’ल की ‘इबादत में बुरी रवायतें शामिल है जैसे बच्चों की क़ुर्बानी चढ़ाना और तवायफ़ का इस्ते’माल करना|
- उनकी तारीख़ में मुख़तलिफ़ ज़मानों में इस्राईली भी गहराई से ‘इबादत में शामिल होते थे और जो उनके पास ग़ैर-क़ौमें थीं उनके तरीक़े पर चलते थे|
- आहाब की बादशाही के वक़्त में ख़ुदावन्द ले नबी एलियाह ने साबित करके दिखाया था कि बा’ल नहीं सिर्फ़ यहोवा ही सच्चा है| नतीजे के तौर पर बा’ल के पुजारियों को हलाक कर दिया गया था और फ़िर से यहोवा की ‘इबादत करने लगे थे|
(अनुवाद के सुझाव: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अहाब, अशेरा, एलियाह, झूठे मा’बूद, ज़िनाकर, यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 19:02 अहाब एक बुरा इंसान था जो लोगों को बा’ल नाम के झूठे मा’बूद की ‘इबादत करने के लिए हौसला अफज़ाई करता था|
- 19:06 इस्राईली बादशाह के सभी लोगों समेत और --बा’ल-- के नबी 450 आदमी कर्मिल के पहाड़ पर जमा’ हुए| एलियाह ने लोगों से कहा, “कब तक तुम दो तरफों में लटके रहोगे| अगर यहोवा ख़ुदा हो, ‘तो उसकी ख़िदमत करो|’ अगर_ बा’ल _ख़ुदा हो, ‘तो उसकी ख़िदमत करो|’”
- 19:07 एलियाह ने बा’ल के नबियों से कहा, “पहले तुम एक बछड़ा चुनकर क़ुर्बानी के लिए तैयार कर लो, लेकिन आग न लगाना|”
- 19:08 तब_ बा’ल_ के नबी यह कहकर बा’ल से दु’आ करते रहे, “ऐ _ बा’ल _हमारी सुन, ऐ बा’ल हमारी सुन|”
- 19:12 तब लोगों ने बा’ल के नबियों को पकड़ लिया, फ़िर एलियाह ने उन्हें वहाँ से ले जाकर मार डाला|
शब्दकोश:
बाबुल
सच्चाई:
बाबुल मेसोपोटामिया 'इलाक़े के दक्षिण में शिन'आर मुल्क का एक अहम शहर था। शिन'आर आगे चलकर बाबुल कहलाया था।
- किताब-ए-मुक़द्दस का शहर हाम के परपोते, नमरूद-शिनार के हुकमरान के ज़रिए' - क़ायम किया गया था।
- शिनार के बाशिंदे घमण्ड से भरकर आसमान तक ऊँचा गुम्बद बनाना चाहते थे। इस मीनार का नाम आगे चलकर “बाबुल का गुम्मद” पड़ा था।
इस मीनार की ता'मीर करने वालों ने ज़मीन पर फैल जाने के ख़ुदावन्द के हुक्म का इनकार कर दिया था, इसलिए ख़ुदा ने उनकी ज़बानों को अलग-अलग कर दिया जिससे कि वह एक दूसरे की बात समझ नहीं पाए। इस वजह से वह मजबूर होकर एक दूसरे से अलग हो गए और ज़मीन के मुख्तलिफ़ जगहों में जाकर बस गए।
- “बाबुल" लफ्ज़ का बुनियादी मतलब है “उलझ जाना” ख़ुदावन्द ने उनकी ज़बान में इख्तिलाफ़ पैदा कर दिया था इसलिए उस जगह का यह नाम पड़ गया था।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, हाम, मिसोपोतामिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बाबुल, बाबुल, बाबुल, बाबुल
सच्चाई:
बाबुल शहर, पुराने बाबुल सल्तनत की दारुल हुकूमत थी । यह भी बाबुल के हाकिम का ही हिस्सा था।
- बाबुल फरात नदी पर बसा था, वही जगह जहाँ 100 साल पहले बाबुल का गुम्मद बनाया गया था।
- कभी-कभी बाबुल लफ्ज़, मुकम्मल बाबुल हुकुमत के लिए काम में लिया गया है। मिसाल के तौर पर, “बाबुल का बादशाह ” शहर पर ही नहीं पूरे मुल्क पर बादशाहत करता था।
- बाबुल के बाशिंदे एक ताक़तवर लोग थे, जिन्होंने यहूदा बादशाह पर हमला करके वहाँ की क़ौम को 70 साल अपनी गूलामी में रखा था।
- इस 'इलाक़े का एक हिस्सा "कसदी" कहलाता था और वहाँ के लोग भी "कसदी" कहलाते थे। नतीज़े के तौर पर “कसदी” लफ्ज़ ज़्यादा तर बाबुल बाशिंदों के लिए काम में लिया गया है। देखें : हमख़याल)
- नये 'अहद नामें में “बाबुल” लफ्ज़ कभी-कभी शक्ल बा शक्ल काम में लिया गया है जो मुख्तलिफ़ जगहों, लोगों और बुत परस्त या और दूसरे गुनहगार तरीक़ों से मिले जुले ख़यालात के बारे में है।
- “बड़ा बाबुल” या “बड़ा शहर बाबुल” शक्ल बा शक्ल ऐसा शहर या मुल्क के लिए काम में लिए गए हैं जो बड़ा आमीर और गुनहगार या जैसे पुराना बाबुल शहर था। (देखें: मिसाल )
(यह भी देखें: बाबुल, कसदी, यहूदा, नबूकदनज़्ज़र)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
किताब-एमुक़द्दस की कहानियों की मिसालें:
- 20:06 अश्शूरियों की तरफ़ से इस्राईली हुकूमत को बर्बाद करने के तक़रीबन सौ सालों बा'द, ख़ुदावन्द ने बाबुल के बादशाह नबूकद नज़्ज़र को भेजा, यहूदी हुकूमत पर हमला करने के लिए। बाबुल एक ताक़तवर सल्तनत थी ।
- 20:07 लेकिन कुछ सालों के बा'द, यहूदा के बादशाह ने __बाबुल __ के ख़िलाफ़ बग़ावत की। तब __बाबुल __ ने वापस आकर यहूदा की बादशाही पर हमला किया। उन्होंने यरूशलेम को जीत लिया, हैकल को बर्बाद कर दिया, और शहर व हैकल की सभी क़ीमती चीज़ों को उनसे छीन कर ले गए।
- 20:09 नबूकदनज़्ज़र और उसके फ़ौजी तक़रीबन सभी यहूदियों को क़ैदी बनाकर __बाबुल __ ले गए, वहाँ पर सिर्फ़ ग़रीबों को छोड़ दिया गया ताकि वह वहा खेती कर सके।
- 20:11 तक़रीबन सत्तर साल के बा'द, कुस्त्रू जो फारस का बादशाह बना, उसने __बाबुल __ को शिकस्त दी।
शब्दकोश:
- Strong's: H3778, H3779, H8152, H894, H895, H896, G897
बालजबूल
सच्चाई:
बालजबूल इबलीस, या शैतान का दूसरा नाम है। इसे कभी-कभी "बालजबूब" भी लिखा गया है।
- इस नाम का लफ़्ज़ी मतलब है “मक्खियों का मा'बूद ” जिसका मतलब“बुरी रूहों का हाकिम ”। अच्छा होगा कि इस लफ़्ज़ का तर्जुमा असल मतलब में हो, नहीं तो उसका मा'ने|
- इसको साफ़ ज़ाहिर करने के लिए इसका तर्जुमा “बालजबूल इबलीस” भी किया जा सकता है|
- यह नाम एक्रोन के एक झूठे मा'बूद “बाल-जबूब” से ता'ल्लुक़ रखता है।
(तर्जुमा की सलाहें: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बुरी रूह, एक्रोन, शैतान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बिनायाह
ता'र्रुफ़:
बिनायाह नाम के कई आदमी पुराने 'अहद नामें में हुए हैं।
- यहूयदा का बेटा बिनायाह दाऊद के बहादुरो में एक से था। वह एक हुनरमन्द फ़ौजी था इसलिए दाऊद के हिफ़ाज़त करने वालों का हाकिम बनाया गया था।
- जब सुलैमान को बादशाह बनाया गया तब बिनायाह ने उसके दुशमनों को हलाक किया था। आख़िर में वह इस्राईली फ़ौज का सरदार बन गया था।
- पुराने 'अहद नामें में बिनायाह नाम के और आदमी थे, तीन लावी, एक काहिन, एक मूशीकार, आसाप की एक नस्ल का ।
(यह भी देखें: आसाप, यहूयदा, लैवी., सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
बिन्यामीन, बिन्यामीनी, बिन्यामीनियों
सच्चाई :
बिन्यामीन याक़ूब और उसकी बीवी राहेल का सबसे छोटा बेटा था। उसके नाम का मतलब है, “मेरे दाहिने हाथ का बेटा”
बिन्यामीन और उसका बड़ा भाई यूसुफ़ राहेल के दो ही बेटे थे, राहेल बिन्यामीन के पेदाईस के बा'द मर गई थी।
- बिन्यामीन की नस्ल इस्राईल का एक क़बीला था।
- बादशाह शाऊल इस्राईल के बिन्यामीन क़बीले का था।
- रसूल पौलुस भी बिन्यामीन के क़बीले का था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें: इस्राईल , या’क़ूब , यूसुफ (पुराना 'अहदनामा ), पौलुस, राहेल, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बिरीया
सच्चाई:
नये 'अहद नामें में बिरीया एक कामयाब समुन्दरी शहर था, मकिदुनिया के पूरब में थिस्सलुनीके शहर से 80 कि.मी. दूर।
- थिस्सलुनीके शहर में कुछ यहूदियों ने उनके लिए दुःख पैदा किया तो उनके ईमानदार भाइयों ने उन्हें वहाँ से निकल जाने में मदद की और पौलुस सीलास के साथ बिरीया शहर चला गया।
- बिरीया के लोगों ने पौलुस ख़ुशख़बरी सुनकर किताब-ए-मुक़द्दस से बराबरी की तो पाया कि पौलुस की बातें सच थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मकिदुनिया , पौलुस , सीलास , थिस्सलोनिके )
किताब-ए-मुक़द्दस: के बारे में :
शब्दकोश:
बैत-एल
सच्चाई:
“बैत-एल” कनान मुल्क में यरूशलीम के उत्तर में एक शहर था। इसका पहले का नाम "लूज" था।
- ख़ुदा से पहली बार वा'दों को हासिल करने के बा'द अब्राम (इब्राहीम ) ने बैत-एल के क़रीब ख़ुदा के एक क़ुर्बानगाह बनाई थी। शहर का का असल नाम उस वक़्त तक अभी तक बैतएल नहीं था, लेकिन ये 'आम तौर "बैतएल" के तौर पर कहा गया था जो बेहतर मा'लूम था|
- जब अपने भाई 'ऐसौ से डर कर भागा, तब या'क़ूब इस शहर के क़रीब ठहरा और वहीँ बाहर ज़मीन पर सोया था| सोते वक़्त उसके ख़्वाब में उसे फ़रिश्ते एक सीढ़ी पर जन्नत पर चढ़ते और वहां से उतरते दिखाई दिए थे।
- इस शहर का नाम बैत-एल नहीं था जब तक कि या'कूब ने इसे "बैत-एल" नाम नहीं दिया। इस लफ्ज़ को साफ़ ज़ाहिर करने के लिए, कुछ तर्जुमों में इब्राहीम के बारे में साथ साथ “लूज(बा'द में बैत-एल कहलाया)” के तौर पर तर्जुमा किया जा सकता है, जब तक कि या'क़ूब ने वहां पहुंचता है (उसका नाम बैतएल करने से पहले)|
- बैत-एल का नाम पुराने 'अहद नामें में बहुत बार आया है और वहां कई ख़ास वाक़ि'आत हुए |
(तर्जुमें की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , क़ुर्बान गाह , या'क़ूब, यरूशलीम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बैतनिय्याह
सच्चाई:
बैतनिय्याह शहर जैतून पहाड़ को पुरबी ढलान पर यरूशलीम से लगभग 2 मील दूर था।
- बैतनिय्याह यरूशलीम से यरीहो के रासते में था।
- 'ईसा हमेशा बैतनिय्याह जाता था जहां उसके 'अज़ीज़ दोस्त लाजर, मार्था और मरियम थे।
बैतनिय्याह को ख़ास तरह से जाना जाता था क्योंकि वहाँ 'ईसा ने लाजर को मरने के बा'द ज़िन्दा किया था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: यरीहो, यरूशलीम, लाजर, मार्था, मरियम (मार्था की बहन), जैतून पहाड़)
किताब-ए- मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
बैतलहम, इपफ़्रात
सच्चाई:
बैतलहम इस्राईल में एक छोटा सा शहर था जो यरूशलीम के सामने वाक़े' था। यह नाम “इपफ़्रात ” के तौर पर जाना जाता था, जो इसका असल नाम था|
- बैतलहम को “दाऊद का शहर ” भी कहते थे, क्योंकि दाऊद की पैदाईश वहीँ हुई थी
- नबी मीकाह ने कहा था कि मसीह बैतलहम इपफ़्रात से आएगा।
- इस की नबूव्वत पूरी हुई, जब सालों बा'द 'ईसा की पैदाईश बैतलहम शहर में हुई थी |
- “बैतलहम” का मतलब है “रोटी का घर” या “खाने का घर”
(यह भी देखें: कालेब , दाऊद , मीका )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस कि कहानियों से मिसालें:
- 17:02 बैतलहम शहर में दाऊद एक चरवाहा था
- 21:09 यसा'याह नबी ने नबुव्वत की थी , कि एक कुँवारी से मसीह की पैदईश होगी । मीका नबी ने कहा कि उसकी पैदाईश बैतलहम के शहर में होगी ।
- 23:04 आख़िर: यूसुफ़ और मरियम भी एक लम्बा सफ़र तय करके नासरत को गए, क्योंकि यूसुफ़ दाऊद के घराने और ख़ानदान का था, गलील के नासरत शहर से यहूदिया में दाऊद के शहर__ बैतलहम__ को गया।
- 23:06 “ आज बैतलहम शहर में तुम्हारे लिये एक नजात देने वाले की पैदाईश हुई है, और यही मसीह ख़ुदा है।”
शब्दकोश:
- Strong's: H376, H672, H1035, G965
बैतशम्श
सच्चाई:
बैतशम्श एक कना'नी शहर का नाम था, जो यरूशलीम से लगभग 30 कि.मी. पश्चिम में था।
- इस्राईलियों ने यशू'अ क़यादत के वक़्त बैतशम्श पर इख्तियार कर लिया था।
- बैतशम्श शहर लेवी काहिनों के रिहाइश गाह के लिए अलग कर दिया गया था।
- जब फ़िलिस्ती 'अहद के सन्दूक़ को लौटाकर यरूशलीम जा रहे थे तब बैतशम्श पहला शहर था, जहाँ वह रूके थे।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: 'अहद का सन्दूक़, कना'न, यरूशलीम, यहोशू' , लेवी, फ़िलिस्ती)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
1 सलातीन 04:7-10
शब्दकोश:
बैरसबा'
सच्चाई:
पुराने 'अहद नामें के ज़माने में बैरसबा' शहर यरूशलीम से तकरीबन 45 मील जुनूबी मग़रिब में रेगिस्तान में बसा था जिसे अब नेगेव , जुनूब मुल्क कहते हैं।
- बैरस्बा' के आसपास के रेगिस्तान में हाजिरा और इस्माईल भटक रहे थे जब इब्राहीम ने उन्हें अपने तम्बुओं से दूर भेज दिया था।
- इस शहर के नाम का मतलब है “क़सम का कूआं” इस जगह को यह नाम तब दिया गया था जब इब्राहीम ने अबीमलिक से क़सम खाई थी कि वह उसके लोगों को उसके कूओं में से एक पर ग़ैर मुनासिब कब्ज़ा करने के लिए धोखा नहीं करेगा।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अबीमेलेक, इब्राहीम , हाजिरा, इस्माईल, यरूशलीम, क़सम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
बो'आज़
ता'अर्रुफ़:
बो'आज़ एक इस्राईली आदमी था जिसने रूत से शादी की थी, वह बादशाह दाऊद का परदादा था और 'ईसा मसीह का बुज़्रुग था।
- बो'आज़ इस्राईल के तारीख़ में उस वक़्त था जब इंसाफ़ हुआ करते थे।
- वह एक इस्राईली 'औरत नाओमी का रिश्तेदार था, नाओमी अपने शौहर और बेटों की मौत के बा'द मो'आब से इस्राईल लौट आई थी।
बो'आज़ ने छुटकारे के तौर पर नाओमी की बेवा बहु रूत से उससे शादी की और उसे मुस्तक़बिल में और औलाद दी।
- उसे 'ईसा कि तरफ़ हमारे गुनाहों से छुड़ाने की सलाह के तौर पर माना जाता है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें:मोआब, छुटकारा दिलाना, रूत)
किताब-ए-मुक़द्दस- के बारे में:
शब्दकोश:
मकिदुनिया
सच्चाई:
नये 'अहद नामे के वक़्त में मकिदुनिया एक रोमी सूबा था जो पुराने यूनान के उत्तर में था।
- मकिदुनिया के कुछ ख़ास शहरों का नाम कलाम में है, बीरिया, फ़िलिप्पी और थिस्सलुनीके।
- ख़ुदा ने पौलुस को ख़्वाब में कहा कि वह मकिदुनिया के लोगों को ख़ुशख़बरी सुनाए।
- पौलुस और उसके साथी मकिदुनिया गए और वहाँ के लोगों को 'ईसा के बारे में ता'लीम दी और नए-ईमानदारों को ईमान में मज़बूत होने में मदद की।
- कलाम में मकिदुनिया के शहरों की कलीसियाओं को लिखे पौलुस के ख़त हैं:- फ़िलिप्पियों की बीवी, थिस्सलुनिकियों की बीवियाँ।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: ईमानदार, बिरीया, ईमान, ख़ुशख़बरी, यूनान, फ़िलिप्पुस, थिस्सलोनिके)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में :
शब्दकोश:
मत्ती, लावी
सच्चाई:
मत्ती उन बारहों में से एक था जिन्हें 'ईसा ने शागिर्द होने के लिए बुलाया था। वह हलफ़ई का बेटा लावी नाम से भी जाना जाता था।
- ‘ईसा से मुलाक़ात करने से पहले लावी (मत्ती) कफ़रनहूम से एक जिज़्या लेने वाला था।
- मत्ती ने इन्जील को लिखा है जो उसके नाम से है।
- कलाम में लावी नाम के कई आदमी हैं।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, लावी, जिज़्या लेनेवाला)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मनस्सी
सच्चाई:
मनस्सी नाम के पाँच आदमी पुराने 'अहद नामे में हुए हैं।
यूसुफ़ के पहिलौठे का नाम मनस्सी था।
मनस्सी और इफ़्राईम दोनों को यूसुफ़ के बाप या'क़ूब ने गोद लिया था। जिसकी वजह से उनकी औलादों को इस्राईल के बारह क़बीलों में गिने जाने की ख़ुश नसीबी हासिल हुई ।
मनस्सी की औलाद इस्राईल का एक क़बीला हुआ।
मनस्सी का क़बीला “मनस्सी का आधा क़बीला” कहलाता था क्यूँकि यरदन नदी के पश्चिम में कन'आन मुल्क में इस क़बीले के एक हिस्से ने ही रहना शुरू' किया था, । इस क़बीले का बाक़ी हिस्सा यरदन नदी के पूरब में बस गया।
यहूदा के एक बादशाह का नाम भी मनस्सी था।
मनस्सी एक बुरा बादशाह था जिसने अपने बच्चों को झूठे मा'बूदों के लिए आतिशी क़ुर्बानी पेश करता था।
ख़ुदा ने बादशाह मनस्सी को दुश्मन की फ़ौज के ज़रिए' क़ैदी बनाये जाने की सज़ा दी । मनस्सी तौबा करके ख़ुदा के क़रीब आया और सब बुत परस्ती की क़ुर्बानगाहों को बर्बाद कर दिया।
'अज्रा के वक़्त में भी मनस्सी नाम के दो आदमी थे। उन्हें अपनी-अपनी ग़ैर क़ौमों की बीवियों को तलाक़ देना पड़ा था क्यूँकि उन्होंने बुत परस्ती पर ज़ोर डाला था।
मनस्सी नाम का एक और आदमी था वह दान की औलादों में कुछ का दादा था, वह झूठे मा'बूदों के पुजारी थे ।
(तर्जुमा की सलाहनामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: क़ुर्बानगाह, दान, इफ़्राईम, 'अज्रा, झूठे मा’बूद, या’क़ूब, यहूदा, बुत परस्त, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H4519, H4520, G3128
मरयम
सच्चाई:
मरयम हारून और मूसा की बड़ी बहन थी।
- जब वह जवान थी तब उसकी माँ ने उसे हुक्म दिया था कि वह नील नदी के सरकंडों के बीच टोकरी में रखे भाई मूसा की निगरानी करे। फिर'औन की बेटी ने उस लड़के को उठा लिया उसने उसकी देखरेख के लिए किसी लौंडी की ज़रूरत पड़ी तब मरयम ने अपनी माँ को हाज़िर किया था।
- जब इस्राईली लाल समन्दर पार कर चुके तब मिस्रियों से बच जाने के इस मक़सद में और ख़ुदा को मुबारकबाद देने के लिए मरयम ने ख़ुशी में मस्त होकर नाच किया था।
- सालों बा'द जब इस्राईली जंगल में थे तब मरयम और हारून ने मूसा की बुराई की क्यूँकि उसने एक कूशी 'औरत से शादी की थी ।
- उसको बग़ावत और मूसा की बुराई करने की सज़ा देकर ख़ुदा ने उसे कोढ़ी कर दिया था। लेकिन मूसा के ज़रिए' उसके लिए दु'आ करने पर ख़ुदा ने उसे कोढ़ से आज़ादी 'अता की।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: हारून, कूश, मादाख़िलत करना, मूसा, नील नदी, फिर’औन, बाग़ी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे:
शब्दकोश:
मरियम (मार्था की बहन)
सच्चाई:
मरियम बैत’अनिन्याह की रहने वाली थी जो 'ईसा की शागिर्द थी।
- मरियम की बहन मार्था और भाई लाज़र भी 'ईसा के मानने वाले थे।
- 'ईसा ने कहा कि उसकी ता'लीमों को सुनना मरियम को बहुत पसन्द था, बजाए इसके कि मार्था उसके लिए खाने के लिए फ़िक्र करती।
- मरियम के भाई लाज़र ही को तो 'ईसा ने दोबारा ज़िंदा किया था।
- कुछ वक़्त के बा'द जब 'ईसा बैत’अनिन्याह में किसी के घर खाना खा रहा था तब उसकी 'इबादत में मरियम ने 'ईसा के पैरों पर बेशक़ीमती 'इत्र डाला था।
- 'ईसा ने उसकी ता'रीफ़ करते हुए कहा था कि वह उसके दफ़न की तैयारी में थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बैत’अनिन्याह, लोबान, लाज़र, मार्था)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मरियम मगदलीनी
सच्चाई:
मरियम मगदलीनी उन सब 'औरतों में से एक थी जो 'ईसा में ईमान करती थी और उसकी ख़िदमत में उसके साथ रहती थी। वह 'ईसा के ज़रिए' सात बदरूहों से आज़ादी पाने के लिए मशहूर थी।
- मरियम मगदलीनी और दूसरी कुछ 'औरतें 'ईसा और उसके शागिर्दों को मदद करती थी।
- वह 'ईसा को मुर्दों में से जी उठने के बा'द देखनेवाली सबसे पहली 'औरत थीं।
- जब मरियम मगदलीनी खाली क़ब्र के बाहर खड़ी थी तब उसने 'ईसा को वहाँ खड़े देखा और 'ईसा ने उससे कहा कि वह जाकर शागिर्दों से कहे कि वह जी उठा है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बदरूह, बदरूहों से भरा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मरियम, 'ईसा की माँ
सच्चाई:
मरियम एक जवान 'औरत थी जो नासरत में रहती थी। उसकी मंगनी यूसुफ़ से हुई थी। ख़ुदा ने मरियम को चुना कि वह ख़ुदा के बेटे 'ईसा मसीहा की माँ बने,।
- पाक रूह ने रूहानी तरीक़े से मरियम को हामला किया जब कि वह कुँवारी थी।
- फ़रिश्ते ने मरियम से कहा था कि उसका बेटा ख़ुदा का बेटा है और उसका नाम 'ईसा रखा जाए।
- मरियम ख़ुदा से मुहब्बत करती थी और उसके इस फ़ज़ल के लिए उसने ख़ुदा को मुबारकबाद दी ।
- यूसुफ़ ने मरियम से शादी की लेकिन वह 'ईसा की पैदाइश तक कुँवारी ही थी।
- मरियम ने चरवाहों और नजूमियों के ज़रिए' बच्चे 'ईसा के लिए कही गईं बातों को मन में बसा लिया था।
- यूसुफ़ और मरियम 'ईसा को सुपुर्द करने के लिए हैकल में ले गए। * वह 'ईसा को हेरोदेस के हाथों क़त्ल से बचाने के लिए मिस्र ले गए थे। आख़िर में वह नासरत लौट आए।
- जब 'ईसा बालिग़ हो गया तब उसने कन'आन में एक शादी के जशन में पानी को शराब में तब्दील कर दिया, मरियम भी वहाँ थी।
- इन्जील में यह भी लिखा है कि 'ईसा के सलीब पर चढ़ाने के वक़्त मरियम भी वहाँ थी। 'ईसा ने अपने शागिर्द यूहन्ना को हुक्म दिया कि वह मरियम को अपनी माँ के जैसा संभाले।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन’आन, मिस्र, हेरोदेस बड़ा, 'ईसा, यूसुफ़ (नया ‘अहद नामा), ख़ुदा का बेटा , कुंवारी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस कहानियों से मिसालें:
- 22:04 जब इलीशबा छ: माह हाम्ला थी, वही फ़रिश्ता इलीशबा की ख़ानदानी मरियम के पास गया | वह एक कुँवारी थी जिसकी मंगनी यूसुफ़ नाम के आदमी के साथ हुई थी | फ़रिश्ता ने उससे कहा, “तू हाम्ला होगी, और तेरे एक बेटा पैदा होगा | ” “तू उसका नाम 'ईसा रखना |वह महान होगा और ख़ुदावन्द का बेटा कहलाएगा और हमेशा के लिए हुकूमत करेगा |”
- 22:05 फ़रिश्ता ने उसको उत्तर दिया, “पाक रूह तुझ पर उतरेगा, और ख़ुदावन्द की क़ूव्वत तुझ पर साया करेगी | इसलिए वह पाक हैजो पैदा होनेवाला है, ख़ुदा का बेटा कहलाएगा |” जो कुछ फ़रिश्ता ने मरियम से कहा, उसने उस पर यक़ीन किया |
- 22:06 फ़रिश्ते ने मरियम से बात की, उसके कुछ वक़्त बा'द वह इलीशबा से मुलाक़ात करने को गई | जैसे ही इलीशबा ने मरियम का सलाम सुना, वैसे ही बच्चा उसके पेट में उछला |
- 23:02 फ़रिश्ते ने उससे कहा, “ऐ यूसुफ़ ! तू अपनी बीवी मरियम को यहाँ ले आने से मत डर, क्यूँकि जो उसके हमल में है, वह पाक रूह की तरफ़ से है |
- 23:04 तब यूसुफ़ और मरियम भी एक लम्बा सफ़र तय करके नासरत को गए, क्यूँकि यूसुफ़ दाऊद के घराने और नसल का था, गलील के नासरत शहर से यहूदिया में दाऊद के शहर बैतलहम को गया |
- 49:01 एक फ़रिश्ते ने मरियम नाम की एक कुंवारी से कहा कि वह ख़ुदा के बेटे को जन्म देगी | तब जबकि वह एक कुँवारी ही थी, तो उसने एक बेटे को जन्म दिया और उसका नाम 'ईसा रखा |
शब्दकोश:
मर्दकै
सच्चाई:
मर्दकै फ़ारस में एक यहूदी आदमी था। वह अपनी बहन आस्तर का मुहाफ़िज़ था, आस्तर बा'द में फ़ारसी बादशाह अख़सूयरस की बीवी हुई थी।
- बादशाह के महल में ख़िदमत करते वक़्त मर्दकै ने रि'आया के कुछ लोगों को बादशाह को क़त्ल करने की साज़िश करते सुना। उसने बादशाह को इसकी ख़बर दी और बादशाह की जान बच गई।
- कुछ वक़्त बा'द मर्दकै ने फ़ारस में यहूदियों के हलाक की साज़िश को भी सुना। उसने आस्तर से कहा कि वह अपने लोगों को बचाने के लिए बादशाह से बात करे।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अख़सूयरस, बाबुल, आस्तर, फ़ारस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मलाकी
सच्चाई:
मलाकी यहूदा मुल्क में ख़ुदा का एक नबी था। वह मसीह के आने से 500 साल पहले का था।
- मलाकी उस वक़्त नबूव्वत कर रहा था जब यहूदी बाबुल से लौटकर हैकल को दोबारा तैयार कर रहे थे।
- 'अज्रा और नहेमियाह मलाकी के वक़्त के ही थे।
- मलाकी की किताब पुराने 'अहद नामे की आख़िरी किताब है।
- पुराने 'अहद नामे के सब नबियों की तरह मलाकी ने भी गुनाह से तौबा की और यहोवा की 'इबादत में लौट आने का 'ऐलान किया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, क़ैदी, 'अज्रा, यहूदा, नहेमियाह, नबी, तौबा करना, मुड़ना)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मसक
सच्चाई:
मसक पुराने 'अहद नामे में दो आदमियों के नाम थे।
- एक मसक तो येपेत का बेटा था।
- दूसरा मसक सिम का पोता था।
- मसक एक जगह का नाम भी था जो शायद इन दो में से एक के नाम से पड़ा था।
- शायद यह 'इलाक़ा एक हिस्सा आज के तुर्किस्तान में था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: येपेत, नूह, सिम)
किताब-ए-मुकद्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मसोपतामिया,अरम्नहरैम
सच्चाई:
मसोपतामिया वह ’इलाक़ा है जो हिद्देकेल और फ़रात नदियों के दरमियान का ज़मीनी हिस्सा है। यह जगह आज के ईराक़ में है।
- पुराने 'अहद नामे में इस 'इलाक़े को अरम्नहरैम कहते थे।
- “मसोपतामिया” का मतलब है “नदियों के बीच”। * “अरम्नहरैम” का मतलब है, “दो नदियों का अराम”
- इब्राहीम मसोपतामिया 'इलाक़ा ऊर और हारान में रहता था, इससे पहले कि वह कन'आन के लिए रवानगी करता।
- मसोपतामिया का एक और ख़ास शहर बाबुल था।
- “क़सदियों” का मुल्क भी मसोपतामिया में था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अराम, बाबुल, क़सदी, फ़रात नदी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मा'का
सच्चाई:
मा'का इब्राहीम के भाई नाहोर के बेटों में से एक था। पुराने 'अहद नामे में इस नाम के और भी आदमी हुए हैं।
- मा’का या बेत मा'का शहर इस्राईल के दूर उत्तर में नफ़्ताली क़बीले के 'इलाक़े में था।
- यह एक ख़ास शहर था और दुश्मन बार-बार उस पर हमला करते थे।
- मा'का कई 'औरतों का नाम था, जिनमें दाऊद के बेटे अबीसलोम की माँ भी थी।
- बादशाह आसा ने अपनी माँ मा'का को रानी के ‘उहदे से हटा दिया था क्यूँकि उसने असूरा की बुत परस्ती शुरू' कर दी थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आ'सा, असूरा, नहोर, नफ़्ताली, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मादियों, मादी
सच्चाई:
मादी सल्तनत एक पुरानी सल्तनत थी जो असूर मुल्क और बाबुल के पूरब में और एलाम और फ़ारस के उत्तर में थी। मादी मुल्क के लोग “मादियों” कहलाते थे।
- मादी सल्तनत में आज के तुर्किस्तान, सीरिया, ईराक़ और अफ़गानिस्तान के कुछ हिस्से थे।
- मादी लोग फ़ारसियों के क़रीबी रिश्ते में थे और दोनों की फ़ौजों ने एक साथ मिलकर बाबुल को फ़तह किया था।
- बाबुल पर मादी घराने के बादशाह दारा ने हमला किया था जब दानिएल नबी बाबुल में था।
(तर्जुमा की सलाह:नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: असूर, बाबुल, सलीब, दानिएल, दारा, एलाम, फ़ारस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H4074, H4075, H4076, H4077, G3370
मार्था
सच्चाई:
मार्था बैत' अनिन्याह की रहने वाली थी जो 'ईसा की मानने वाली थी।
- मार्था की बहन मरियम और भाई लाज़र भी 'ईमा के मानने वाले थे।
- एक बार 'ईमा उनके घर गया तब मार्था खाना तैयार करने में मशगूल हो गई लेकिन मरियम 'ईमा के पास बैठकर उसकी ता'लीम सुनने लगी।
- लाज़र की मौत पर मार्था ने 'ईमा के सामने क़ुबूल किया कि वह ख़ुदा का बेटा है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: लाज़र, मरियम (मार्था की बहन))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मालिक-ए-सिदक़
सच्चाई:
इब्राहीम के वक़्त में मालिक-ए-सिदक़ सालिम का बादशाह था। (बा’द में , यरूशलीम का)
- मालिक-ए-सिदक़ के नाम का मतलब है, “ रास्तबाज़ी का बादशाह” और “सालिम का बदशाह” पद्वी का मतलब है, “अमन का बादशाह ”।
- उसे “सबसे बड़ा ख़ुदा का काहिन” भी कहा गया है।
- मालिक-ए-सिदक़ का नाम कलाम में पहली बार तब आया था जब उसने अब्राम को रोटी और मय दिया था, उसके भतीजे लूत को उन ताक़तवर बादशाहों से छुड़ाकर लाने के बाद। अब्राम ने मालिक-ए-सिदक़ को अपनी लूट के माल का दसवां हिस्सा दिया था।
- नये 'अहद नामे में मालिक-ए-सिदक़ को ऐसे शख़्स की शक्ल में बयान किया गया है जिसका कोई माँ बाप नहीं। उसे हमेशा के लिए हुकूमत करनेवाला काहिन और बादशाह कहा गया है।
- नये 'अहद नामे में 'ईसा को “ मालिक-ए-सिदक़ के तौर पर” काहिन कहा गया है। 'ईसा लावियों की नस्ल से नहीं था बल्कि इस्राईल के काहिन थे । उसका काहिन होना ख़ुदा से था जैसा मालिक-ए-सिदक़ का था।
- कलाम में उसके इस बयान के तौर पर मालिक-ए-सिदक़ एक इन्सानी काहिन था जो ख़ुदा के ज़रिए' चुना गया था, ‘ईसा अमन और रास्तबाज़ी का हमेशा का बादशाह और हमारा 'आला सरदार काहिन।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें:इब्राहीम , हमेशा, सरदार काहिन, यरूशलीम, लावी, काहिन, मज़हबी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मिदियान, मिदियानी, मिदियानियों
सच्चाई:
मिदियान इब्राहीम और उसकी बीवी कतूरा का बेटा था। यह एक क़ौम और जगह का भी नाम पड़ गया जो कन'आन के दक्खिन में अरब के रेगिस्तान के उत्तर में था। इस क़ौम के लोग मिदियानी थे।
- जब मूसा मिस्र से भागा था तब वह मिदियान मुल्क में ही गया था जहाँ उसकी मुलाक़ात यित्रों की बेटी से हुई थी जिसकी भेड़ों को पानी पिलाने में उसने मदद की थी। बा'द में मूसा ने यित्रों की बेटियों में से एक से शादी कर ली थी।
- यूसुफ़ को मिदियानी ताजिर ही ख़रीदकर मिस्र ले गए थे।
सालों बा'द मिदियानियों ने कन'आन मुल्क में इस्राईलियों पर हमला करके उन्हें लूटा था। गिदोन ने इस्राईलियों को लेकर उन्हें हराया था।
- आज की कई अरब-क़ोमें इनकी नसल हैं।
(देखें अरब, मिस्र, झुण्ड, गिदोन, यित्रो, मूसा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 16:03 लेकिन लोग ख़ुदा को भूलने लगे और दूसरे मा'बूदों के पीछे चलकर उनकी 'इबादत करने लगे | तो ख़ुदा ने पास के ही एक दुश्मनों के झुण्ड ने मिदियानियों को इजाज़त दी कि वह उन्हें शिकस्त करे |
- 16:04 मिदियानियों के डर के मारे इस्राईलियों ने पहाड़ो के गहरे खड्डों, और गुफ़ाओं, और क़िलों को अपने घर बना लिया
- 16:11 वह जन अपने साथी से कह रहा था, “ कि इस ख़्वाब का मतलब यह हुआ कि गिदोन की फ़ौज हरा देंगी मिदियानियों की फ़ौज को |
- __16:14__परमेश्वर ने मिदियानियों को हक्का-बक्का कर दिया, अत: उन्होंने एक दूसरे पर आक्रमण करना व मारना शुरू कर दिया |
शब्दकोश:
- Strong's: H4080, H4084, H4092
मिस्फ़ाह
सच्चाई:
मिस्फ़ाह पुराने 'अहद नामे में कई शहरों के नाम थे। इसका मतलब है, “निगरानी की जगह” या “चौकसी का गुम्बद”।
- जब दाऊद शाऊल से बच कर भाग रहा था तब उसने अपने माँ-बाप को मोआब के बादशाह के 'इलाक़े में मिस्फ़ाह में रखा था।
- मिस्फ़ाह नाम का एक समन्दर यहूदा और इस्राईल मुल्कों की सरहद पर था। वह एक ख़ास फ़ौजी मरक़ज़ था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: दाऊद, यहूदा, इस्राईल मुल्क , मोआब, शाऊल (पुराना ‘अहद नामा))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मिस्र, मिस्री, मिस्रियों
ता'रीफ़:
मिस्र अफ्रीक़ा के उत्तर पहले से कना'न के दख्खिन पश्चिम तक एक मुल्क है। मिस्री लोग मिस्र मुल्क का रहने वाला है।
- पुराने ज़माने में मिस्र एक ताक़तवर और अमीर मुल्क था।
- पहले मिस्र दो हिस्सों में तक़सीम था, कम मिस्र (श्माली हिस्सा जहाँ से नील नदी बहकर समन्दर में गिरती है) ऊंचीं तरफ़ मिस्र का (जनूबी हिस्सा )। पुराने 'अहद नामें में इन दोनों हिस्सों को “मिस्र” और “क़ादिस” कहा गया है।
- जब कना'न में खाने की कमी होती थी तब इस्राईल के बेटे खाना खरीदने मिस्र जाया करते थे।
- इस्राईली सैंकड़ों साल मिस्र में ग़ुलाम बन कर रहते थे।
- यूसुफ़ और मरियम भी अपने बच्चे 'ईसा को हेरोदेस 'अज़ीम से बचाने के लिए मिस्र चले गए थे।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: हेरोदेश 'अज़ीम, यूसुफ़ (नया 'अहद नामा), नील नदी, बाप)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 08:04 और ताजिर यूसुफ़ को मिस्र ले गए। मिस्र नील नदी के किनारे वाक़े' एक बड़ा, ताक़तवर मुल्क था।
- 08:08 फ़िर'औन यूसुफ़ से बहुत मुता'अस्सिर हुआ, और उसे मिस्र का दूसरा सबसे ताक़तवर आदमी मुकर्रर किया।
- 08:11 या'क़ूब ने अपने बेटों को मिस्र से अनाज लाने के लिये भेजा।
- 08:14 या'क़ूब बुज़्रुग हो गया था, वह अपने ख़ानदान के साथ मिस्र मुल्क गया और वह सब वहाँ रहने लगे।
- 09:01 यूसुफ़ की मौत के बा'द में , उसके सभी रिश्तेदारों ने मिस्र में ही बस किया।
शब्दकोश:
- Strong's: H4713, H4714, G124, G125
मीकाएल
सच्चाई:
ख़ुदा के सब फ़रमाबरदार मुक़द्दस फरिश्तों का हाकिम मीकाएल है। वही सिर्फ़ एक फ़रिश्ता है जिसे ख़ुदा ने फरिश्तों का हाकिम कहा जाता है।
- “हाकिम फ़रिश्ता” का मतलब है “फरिश्तों का सरदार” या “हुकूमत करनेवाला फ़रिश्ता”।
- मीकाएल एक सूरमा है जो ख़ुदा के दुश्मनों से जंग करके उसके लोगों की हिफ़ाज़त करता है।
- उसने फ़ारस की फ़ौज से जंग करने के लिए इस्राईल की रहनुमाई की थी। आख़िरी वक़्त में वह बुरी फ़ौज के ख़िलाफ़ इस्राईल की रहनुमाई करेगा जैसा उसने दानिएल से कहा था।
- कलाम में मीकाएल नाम के कई आदमी हुए है। कई आदमियों की पहचान “मीकाएल का बेटा” से की गई है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: फ़रिश्ता, दानिएल, क़ासिद, \फ़ारस](../names/persia.md))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मीकाह
सच्चाई:
मीकाह, मसीह से 700 साल पहले यहूदा में यसा'याह ख़िदमत के वक़्त में यहूदा ही में एक नबी था। मीकाह नाम का एक और आदमी था जो क़ुज़ात के वक़्त में था।
- मीकाह की किताब पुराने 'अहद नामे के आख़िर में है।
- मीकाह ने असूरों के ज़रिए' सामरिया के बर्बादी की नबूव्वत की थी।
- मीकाह ने यहूदा की रि'आया को ख़ुदा की नाफ़रमानी के लिए झिड़का था और उन्हें हिदायत दी थी कि दुश्मन उन पर हमला करेंगे।
- उसकी नबूव्वत के आख़िर में ख़ुदा में उम्मीद का पैग़ाम भी था, ख़ुदा, जो वफ़ादार हैं और अपने लोगों की नजात करता है।
- क़ुज़ात की किताब में मीकाह नाम के एक आदमी की कहानी है जो इफ़्राईम में रहता और चाँदी के बुत बनाता था। एक जवान लावी काहिन उसके घर में रहने के लिए आया था, उसने उसके घर से वह बुत और दूसरे सामान चुराया और दान के एक गिरोह के साथ भाग गया था। आख़िर में वह लावी और दान की औलाद लैश शहर में जा बसे और उस चाँदी के बुत को खड़ा करके 'इबादत शुरू' कर दी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: असूर, दान, इफ़्राईम, झूठे मा’बूद, यसा'याह, यहूदा, मुंसिफ़, लावी, काहिन, नबी, सामरिया, चाँदी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
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शब्दकोश:
मीसाएल
सच्चाई:
मीसाएल पुराने 'अहद नामे में तीन आदमियों का नाम था।
- एक और आदमी जिसका नाम मीसाएल था, वह हारून का रिश्ते का भाई था। हारून के दो बेटों को ख़ुदा ने इसलिए क़त्ल करवा दिया था कि उन्होंने ख़ुदा के तरीक़े से अलग ख़ुशबू जलाई थी, उस वक़्त मीसाएल और उसके भाई को उनकी लाश ख़ेमे से बाहर ले जाने का काम सौंपा गया था।
- एक और आदमी जिसका नाम मीसाएल था 'अज्रा के साथ खड़ा था जब वह ख़ुदा की शरी’अत, जो उन्हें मिली थी पढ़कर सबको सुना रहा था।
- जब इस्राईली बाबुल की ग़ुलामी में थे तब एक आदमी, मीसाएल को भी क़ैदी बनाकर वहां से ले जाया गया था। बाबुल के रहने वालों ने उसे "मेशक" नाम दिया था। उसने और उसके साथियों, अज़रियाह (शद्रक) और हनिन्याह (अबदनगूँ) ने बादशाह के बुत को सिज्दा करने से इन्कार कर दिया था जिसकी सज़ा के तौर पर उन्हें आग के भट्ठे में डाल दिया गया था।
( तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: हारून, अज़रियाह, बाबुल, दानिएल, हनिन्याह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मूसा
सच्चाई:
मूसा एक नबी और इस्राईलियों का रहनुमा था, उसने 40 साल उनकी रहनुमाई की थी।
- बच्चे की हालत में मूसा के माँ-बाप ने उसे एक टोकरी में रखकर नील नदी के सरकंडों में बीच छोड़ दिया था, वह उसे मिस्र के फिर'औन से महफ़ूज़ रखना चाहते थे। मूसा की बहन मरयम उसकी रखवाली कर रही थी। मूसा की जान बच गई क्यूँकि फिर'औन की बेटी उसे अपने महल में ले गई कि अपना बेटा बनाकर उसकी परवरिश करे।
- ख़ुदा ने मूसा को चुना कि इस्राईलियों को मिस्र की ग़ुलामी से निकाल कर वा'दे के मुल्क में ले जाए।
- मिस्र से निकलने के बा'द जब इस्राईली जंगल में थे तब ख़ुदा ने मूसा को पत्थर की तख़्तियों पर लिखकर दस हुक्म दिए थे ।
- अपनी ज़िन्दगी के आख़िर में मूसा ने वा'दे के मुल्क को तो देखा लेकिन वहाँ दाख़िल नहीं हो पाया क्यूँकि उसने ख़ुदा के हुक्म के मुताबिक़ काम नहीं किया था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मरयम, वा’दे का मुल्क , दस हुक्म)
किताब-ए-मुकद्दस के बारे में:
किताब-ए-मुकद्दस की कहानियों से मिसालें:
- 09:12 एक दिन, मूसा जब अपनी भेड़ो की देख रेख कर रहा था , तब उसने देखा कि किसी झाड़ी में आग लगी है |
- 12:05 मूसा ने लोगों से कहा, “डरो मत, ख़ुदा ख़ुद ही तुम्हारे लिये लड़ेगा और तुम्हे बचाएगा |”
- 12:07 ख़ुदा ने मूसा से कहा कि अपनी लाठी उठाकर अपना हाथ समन्दर के ऊपर बढ़ा और वह दो हिस्से हो जाएगा |
- 12:12 जब इस्राईलियों ने देखा कि मिस्र के लोग मारे गए है, तो उन्होंने ख़ुदा पर भरोसा किया और ईमान करने लगे कि मूसा ख़ुदा का एक नबी है।
- __13:07__ख़ुदा ने यह दस हुक्म मूसा को दो पत्थर की तख़्तियों पर लिख के दे दीं |
\
शब्दकोश:
- Strong's: H4872, H4873, G3475
मैदान
सच्चाई:
पुराने 'अहद नामे का लफ्ज़ “मैदान” बड़ा रेगिस्तान या'नी यरदन नदी के मैदानी 'इलाक़े के बारे में है और लाल समन्दर के उत्तरी किनारे तक जाता है।
- इस्राईली मिस्र से कन'आन के सफ़र में इस 'इलाक़े से होकर आए थे।
- “मैदानी समन्दर ” का तर्जुमा हो सकता है, “मैदानी रेगिस्तान में मौजूद समन्दर”। इस समन्दर को हमेशा “नमक का समन्दर” या “लाल समन्दर” कहते हैं।
- “मैदान ” लफ्ज़ किसी भी रेगिस्तान के बारे में भी हो सकता है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: रेगिस्तान, नमक समन्दर, यरदन नदी, कन'आन, नमक का समन्दर, मिस्र)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मोआब, मोआबी, मोआबिन
सच्चाई:
मोआब लूत की बड़ी बेटी का बेटा था। उस जगह का नाम मोआब पड़ गया था, जहाँ वह और उसके ख़ानदान वाले रहते थे।। “मोआबी” का मतलब है मोआब की औलाद या मोआब मुल्क के रहने वाले।
- मोआब मुल्क नमक के समन्दर के पूरब में था।
- मोआब मुल्क बैतलहम, जहाँ नाओमी का ख़ानदान रहता था, इसके दक्खिन पूरब में था।
- बैतलहम के रहने वाले रूत को मोआबिन कहते थे क्यूँकि वह मोआब मुल्क की थी। इस लफ़्ज़ का तर्जुमा हो सकता है, “मोआबी 'औरत” या “मोआब मुल्क की औरत”
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बैतलहम, यहूदिया, लूत, रूत, नमक का तालाब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मोफ़
ता’अर्रुफ़:
मोफ़ नील नदी के किनारे मिस्र की पुरानी दारुल-सल्तनत थी।
- मोफ़ निचले मिस्र में नील नदी के मुहाने पर दक्खिन में था जहाँ ज़मीन बहुत उपजाऊ थी और फसलें बेह्तार उगती थी।
- उसकी उपजाऊ ज़मीन और ऊपरी और निचले मिस्र के दरमियान उसकी हालात की वजह से यह शहर कारोबार और तिजारत के लिए एक कास शहर हो गया था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: मिस्र, नील नदी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
मोलक, मोलक
सच्चाई:
मोलक कन'आनियों का झूठा मा’बूद था जिसकी वह 'इबादत करते थे। उसे मोलक भी लिखा गया है।
- मोलक की 'इबादत करने वाले अपने बच्चों को उसके बुत के सामने क़ुर्बान करते थे।
- कुछ इस्राईली भी सच्चे ख़ुदा यहोवा को छोड़ कर मोलक की 'इबादत करने लगे थे। उन्होंने मोलक की 'इबादत करने वालों की बुरी आदतों पर 'अमल किया, जिसमें उनके बच्चों की क़ुर्बानी भी शामिल थी।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, बुराई, झूठे मा’बूद, ख़ुदावन्द, झूठे मा’बूद, क़ुर्बानी, सच्चाई, ‘इबादत, यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H4428, H4432, G3434
यज़र'एल, यज़र'एली
ता’अर्रुफ़:
यज़र'एल इस्कार क़बीले में एक बहुत ख़ास शहर था जो मुर्दा समन्दर के दक्खिन पूरब में क़ायम था।
- यज़र'एल मगिद्दो के मैदान के पश्चिमी 'इलाक़े में से एक था जिसे यज़र'एल की घाटी भी कहते थे।
- यज़र'एल शहर में अपने इस्राईली बादशाहों के महल थे।
- नाबात की अँगूर की बाग़ कभी यज़र'एल में बादशाह आहब के महल के क़रीब थी। नबी एलियाह ने आहब के ख़िलाफ़ वहीं नबूव्वत की थी।
- आहब की बुरी रानी ईज़ेबेल भी वहीं मारी गयी थी।
- इस शहर में कई एक बहुत ख़ास हादसे हुए थे जिनमें जंग भी थे।
(यह भी देखें: आहब, एलियाह, इस्कार, ईजेबेल, महल, नमक का तालाब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3157, H3158, H3159
यबूस, यबूसी, यबूसियों
सच्चाई:
यबूसी कन'आन मुल्क में रहनेवाली एक क़ौम थी। वह हाम के बेटे कन'आन की औलाद थे।
- यबूसी यबूस शहर के रहनेवाले थे। इस शहर का नाम बदलकर यरूशलीम रखा गया था जब दाऊद बादशाह ने इसे फ़तह कर लिया था।
- मलिक-ए-सिदक़, शालोम का बादशाह, शायद यबूसी क़ौम का था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, हाम, यरूशलीम, मलिक-ए-सिदक़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यरदन नदी, यरदन
सच्चाई:
यरदन नदी उत्तर से दक्खिन की तरफ़ बहती है और कन'आन मुल्क की पूरबी सरहद बनाती है।
- आज यरदन नदी पश्चिम में इस्राईल और पूरब में यरदन को अलग करती है।
- यरदन नदी गलील समन्दर से बहती हुई मुर्दा समन्दर में गिरती है।
- यसू'अ जब इस्राईलियों को लेकर कन'आन आ रहा था तब उन्हें यरदन नदी पार करनी पड़ी थी। क्यूँकि पानी बहुत गहरा था ख़ुदावन्द ने यरदन नदी के बहाव को रोक दिया और इस्राईलियों ने उसे पार किया।
कलाम में यरदन नदी का बयान “यरदन ” से है।
(यह भी देखें: कन'आन, खारा तालाब, गलील समन्दर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 15:02 इस्राईलियों को वा'दा की ज़मीनमें दाख़िल होने से पहले यरदन नदी को पार करना था।
- __15:03__जब सब इस्राईलियों ने यरदन नदी को पार कर लिया, तब ख़ुदा ने यसू'अ को बताया कि किस तरह से यरीहू के ताक़तवर शहर पर हमला करना है।
- 19:14 एलीशा ने उसे कहा, “तू जाकर यरदन नदी में सात बार डुबकी मार।”
शब्दकोश:
यरमियाह
सच्चाई:
यरमियाह यहूदा मुल्क में ख़ुदावन्द का नबी था। पुराने 'अहद नामे में यरमियाह नाम की किताब में उसकी नबूव्वतें हैं।
दूसरे नबियों की तरह यरमियाह ने भी इस्राईलियों को ख़बरदार किया था कि ख़ुदा उनके गुनाहों की सज़ा देगा।
- यरमियाह की नबूव्वत के मुताबिक़ बाबुल, यरूशलीम को ग़ुलाम बनाएगा, इस वजह से कई यहूदा के रहने वाले उससे ग़ुस्सा थे। नतीज़ा यह हुआ कि उन्होंने उसे एक सूखे कूएं में डाल दिया कि वह मर जाए। लेकिन यहूदा के बादशाह ने अपने ख़ादिमों को हुक्म देकर उसे कूएं में से निकलवाया।
यरमियाह ने लिखा कि वह चाहता था कि उसकी आंखें “आंसुओं का चश्मा” बन जाएं कि वह अपने लोगों के बग़ावत और दर्द पर गहरा ग़म बयान कर पाए।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, यहूदा, नबी, बग़ावत, तकलीफ़ उठाना, कुंआ)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 19:17 एक बार यरमियाह नबी को सूखे कुएँ में डाल दिया और उसे वहाँ मरने के लिए छोड़ दिया। कुएँ में पानी नहीं सिर्फ़ दलदल थी, और यरमियाह कीचड़ में धंस गया, लेकिन तब बादशाह ने उस पर रहम किया और उसने अपने ख़ादिमों को हुक्म दिया कि मरने से पहले उसे कुएँ में से निकाल लाए।
- 21:05 __यरमियाह __ नबी के ज़रिए’, ख़ुदा ने वा'दा किया कि वह एक नई 'अहद बनाएगा लेकिन वह उस 'अहद के तरह न होंगी जो ख़ुदा ने इस्राईलियों के साथ सीनै पहाड़ पर बाँधी थी।
शब्दकोश:
यरीहू
सच्चाई:
यरीहू कन'आन मुल्क में एक ताक़तवर शहर था। वह यरदन के पश्चिम में और मुर्दा समन्दर के उत्तर में था।
- दूसरे सब कन'आनियों की तरह यरीहू के रहने वाले भी बुत परस्त थे।
- यरीहू कन'आन मुल्क में पहला शहर था, जिसे ख़ुदावन्द ने इस्राईलियों को फ़तह करने के लिए कहा था।
जब यसू'अ ने यरीहू के ख़िलाफ़ इस्राईलियों की रहनुमाई की तब यरीहू को शिकस्त करने में ख़ुदावन्द ने अजीब मो'जिज़ा किया था।
(यह भी देखें: कन'आन, यरदन नदी, यसू'अ, मो’जिज़ा, खारे तालाब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 15:01 यसू'अ ने दो जासूसों को कन'आनियों के शहर यरीहू में भेजा।
- 15:03 जब सब इस्राईलियों ने यरदन नदी को पार कर लिया, तब ख़ुदावन्द ने यसू'अ को बताया कि किस तरह से यरीहू के ताक़तवर शहर पर हमला करना है।
- 15:05 यरीहू की शहरपनाह नींव से गिर पड़ी! तब इस्राईलियों ने ख़ुदावन्द के हुक्म के मुताबीक़, जो कुछ उस शहर में था सब कुछ ख़त्म कर दिया।
शब्दकोश:
यरूशलीम
सच्चाई:
यरूशलीम हक़ीक़त में एक पुराना कन'आनी शहर था जो बा'द में इस्राईल का एक ख़ास शहर बन गया था। यह शहर खारे तालाब के पश्चिम में 34 किलोमीटर दूर और बैतलहम के उत्तर में क़ायम है। यह शहर आज भी इस्राईल की दारुल सल्तनत है।
- “यरूशलीम” नाम सबसे पहले यसू'अ की किताब में आया है। इस शहर के दूसरे नाम जो पुराने 'अह्द नामे में हैं वह हैं, “शलूम”, “यबूसियों का शहर” और “सिय्यून” यरूशलीम और शलूम दोनों लफ़्ज़ों का असल मतलब है, “अमन”।
- यरूशलीम असलमें यबूसी गढ़ था जिसका नाम “सिय्यून” था, बादशाह दाऊद ने इस शहर को फ़तह कर अपनी दारुल सल्तनत बना लिया था।
- दाऊद बादशाह के बेटे , सुलैमान ने सबसे पहला हैकल यरूशलीम में मोरियाह पहाड़ पर बनाया था। मोरियाह पहाड़ वह जगह थी जहाँ इब्राहीम ने अपने बेटे, इस्हाक़ की क़ुर्बानी पेश थी। बाबुल की फ़ौज के ज़रिए' हैकल को बर्बाद करने के बा'द दुबारा फिर तैयार किया गया था।
- हैकल यरूशलीम में था इसलिए यहूदियों के ख़ास 'ईद वहीं मनाई जाती थी।
- लोग कहते थे कि वह ऊपर यरूशलीम को जा रहे हैं क्यूँकि यह शहर पहाड़ पर बसा हुआ था।
(यह भी देखें:बाबुल, मसीह, दाऊद, यबूसी, ‘ईसा, सुलैमान, हैकल, सिय्यून)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 17:05 दाऊद ने यरूशलीम पर फ़तह हासिल की और उसे अपनी दारुल सल्तनत बनाया।
- 18:02 यरूशलीम में, सुलैमान ने अपने बाप के मन्सूबे के मुताबिक़ एक हैकल बनाने का इरादा किया और उसके लिए समान जमा' किया।
- 20:07 उन्होंने यरूशलीम को फ़तह कर लिया, मंदिर को बर्बाद कर दिया, और शहर व मंदिर की सभी क़ीमती चीज़ों को उनसे छीन कर ले गए।
- 20:12 लिहाज़ा सत्तर साल जिला वतनी के बा'द, यहूदियों का एक छोटा गिरोह यरूशलीम को वापस लौट आया।
- 38:01 ‘ईसा मसीह के 'आम ता'लीमों के तीन साल बा'द अपनी पहली ता'लीम शुरू की। 'ईसा ने अपने शागिर्दों से कहा कि वह यरूशलीम में उनके साथ फ़सह का 'ईद मनाना चाहता था, और यह वही जगह है जहाँ उसे मार डाला जाएगा।
- 38:02 ‘ईसा और शागिर्दों के __ यरूशलीम__ में पहुँचने के बा'द यहूदा यहूदी रहनुमा के पास गया और पैसों के बदले 'ईसा के साथ धोकेबाज़ी करने का बात रखी।
- 42:08 “ किताब-ए-मुक़द्दस में यह भी लिखा था कि मेरे शागिर्द 'एलान करेंगे कि हर एक को गुनाहों की मु'आफ़ी हासिल करने के लिये तौबा करना चाहिए। वह यरूशलीम से इसकी शुरु'आत करेंगे और हर जगह सब क़ौमों में जायेंगे, तुम इन सब बातों के गवाह हो।”
- 42:11 ‘ईसा के मरे हुओ में से जी उठने के चालीस दिनों के बा'द, उसने अपने शागिर्दों से कहा कि तुम यरूशलीम में ही रहना जब तक कि मेरे बाप तुम्हे पाक रूह की ताक़त तुम्हे न दें।”
शब्दकोश:
- Strong's: H3389, H3390, G2414, G2415, G2419
यशू'अ
सच्चाई:
कलाम में यशू'अ नाम के कई इस्राईली आदमी हुए हैं। सबसे ज़्यादा मशहूर नून का बेटा यशू'अ है, वह मूसा का मददगार था और ख़ुदावन्द के लोगों का एक ख़ास रहनुमा हुआ था।
- यशू'अ उन बारह जासूसों में से एक था जिन्हें मूसा ने वा'दे के मुल्क की जानकारी लेने के लिए भेजा था।
- क़ालिब के साथ यशू'अ ने इस्राईलियों से वा'दा किया कि वह ख़ुदावन्द के हुक्म मानकर वा'दे के मुल्क में दाख़िल होकर उसे कन'आनियों से फ़तह कर लें।
- सालों बा'द जब मूसा की वफ़ात हो गई तब ख़ुदावन्द ने यशू'अ को मुक़र्रर किया कि वह इस्राईलियों को वा'दे के मुल्क में लेकर जाए।
- कन'आनियों के ख़िलाफ़ पहली और बहुत मशहूर जंग में यशू'अ ने यरीहू को फ़तह करने में इस्राईलियों की रहनुमाई की थी।
- पुराने 'अहद नामे में यशू'अ की किताब में बयान किया गया है कि यशू'अ ने वा'दे के मुल्क पर इख़्तियार और इस्राईल के हर एक क़बीले को रहने के लिए ज़मीनें दीं थीं ।
- योसदाक का बेटा यशू'अ सरदार काहिन का ज़िक्र हज्जी और ज़करियाह की किताबों में किया गया है, उसने यरूशलीम की शहरपनाह के दोबारा तेयार कराने में मदद की थी।
- यशू'अ नाम के दूसरे कई आदमी हुए हैं जिनका बयान नसब नामों और कलाम में कई जगहों में किया गया है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, हज्जी, यरीहू, मूसा, वा'दे के मुल्क, ज़करियाह (पुराना ‘अहद नामा))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- __14:04__जब इस्राईली कन'आन की सरहद पर पहुँचे, तब मूसा ने बारह आदमियों को चुना इस्राईल के हर क़बीले में से उसने उन आदमियों को हुक्म दिया कि जाओ और ज़मीन का पता लगाओ कि वह कैसी दिखती है।
- 14:06 फ़ौरन ही कालेब और यशू'अ, दूसरे दो जासूस कहने लगे, "हाँ यह सही है कि कन'आन के लोग लम्बे और मज़बूत है , लेकिन हम यक़ीनी तौर पर उन्हें शिकस्त कर देंगे !
- 14:08 उनमें से कालेब और यशू'अ को छोड़ जितने बीस साल के या उससे ज़्यादा 'उम्र के जितने शुमार किए गए थे ,और मुझ पर बुड़बुड़ाते थे, कोई भी उस मुल्क में न जाने पाएगा, जिसके बारे मैं ने क़सम खाई है ,कि तुम को उसमें बसाऊँगा।
- 14:14 मूसा बहुत उम्र दराज़ हो गया था, उसकी मदद करने के लिए ख़ुदावन्द ने यशू'अ को चुना जिससे वह लोगों का रास्ता तैयार कर सके।
- 14:15 यशू'अ एक अच्छा रहनुमा था क्यूँकि वह ख़ुदावन्द पर ईमान करता था व उसके हुक्मों पर 'अमल करता था।
- 15:03 जब सब इस्राईलियों ने यरदन नदी को पार कर लिया, तब ख़ुदावन्द ने यशू'अ को बताया कि किस तरह से यरीहू के ताक़तवर शहर पर हमला करना है।
शब्दकोश:
यसा'याह
सच्चाई:
यसा'याह ख़ुदा का नबी था जिसने यहूदा में चार बादशाहों की बादशाहत में ख़िदमत की थी। उज़्ज़ियाह, यूताम, आख़ज़ और हिज़क़ियाह
- जब असूर हिज़क़ियाह के वक़्त में शहर पर हमला कर रहे थे तब वह यरूशलीम में रह रहा था।
- पुराने 'अहद नामे की किताब यसा'याह कलाम की बड़ी ख़ास किताब में से एक है।
- यसा'याह ने कई नबूव्वतें की थीं जो लिखी है जो उसकी ज़िन्दगी ही में पूरी हो गईं थीं ।
- यसा'याह मसीह की नबूव्वत के लिए ख़ास करके जाना जाता है, जो 700 साल बा'द 'ईसा के वक़्त में पूरी हुई थी।
- ‘ईसा और उसके शागिर्दों ने यसा'याह की नबूव्वतों के ज़रिए' लोगों को मसीह के बारे में ता'लीम दी थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आख़ज़, असूर, मसीह, हिज़क़ियाह , यूताम, यहूदा, नबी, उज़्ज़ियाह )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 21:09 यसा'याह नबी ने नबूव्वत की थी , कि एक कुँवारी से मसीह पैदा होगा।
- 21:10 यसा'याह नबी ने कहा कि मसीह गलील में रहेगा, वह ग़म जदह लोगों को अमन देगा और ग़ुलामों के लिए आज़ादी का और क़ैदियों को छुटकारा देगा।
- 21:11 यसा'याह नबी ने यह भी नबूव्वत की कि मसीह से लोग बिना वजह के 'अदावत करेंगे और उसे नज़र अन्दाज़ करेंगे।
- 21:12 यसा'याह ने नबूव्वत की थी, कि लोग मसीह के ऊपर थूकेंगे, उसकी मज़ाक़ उड़ाएँगे, और उसे मारेंगे।
- 26:02 उसे(‘ईसा)यसा'याह नबी की किताब दी गयी कि वह उसमे से पढ़े। 'ईसा ने किताब खोल दी और लोगों को इसके बारे में पढ़कर सुनाया।
- 45:08 जब फ़िलिप्पुस रथ के पास पहुँचा, उसने कूश मुल्क के हाकिमों को यसा'याह नबी की किताब से पढ़ते हुए सुना।
- 45:10 फिर फ़िलिप्पुस ने उसे समझाया कि यसा'याह यह 'ईसा मसीह के बारे में बता रहा है।
शब्दकोश:
यस्सी
सच्चाई:
यस्सी बादशाह दाऊद का बाप और रूत और बो'अज़ का पोता था।
- यस्सी यहूदा के क़बीले का था।
- वह “एफ़्राती” था या'नी एफ़्राता (बैतलहम) शहर का रहने वाला था।
- नबी यसा'याह ने एक “जड़” या “डाली” की नबूव्वत की थी, कि वह “यस्सी की जड़” से फूट निकलेगी और सरसब्ज़ न होगी। यह 'ईसा के बारे में था क्यूँकि वह यस्सी की औलाद था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बैतलहम, बो'अज़, औलाद, फल, ‘ईसा, बादशाह, नबी, रूत, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यहुयक़ीम
सच्चाई:
यहुयक़ीम यहूदा का बादशाह था।
- यहुयक़ीम 18 साल की 'उम्र में बादशाह बन गया था। वह सिर्फ़ तीन महीने ही हुकूमत कर पाया था कि बाबुल की फ़ौज ने उसे क़ैदी बनाकर बाबुल ले गई।
- इस छोटे से हुकूमत के वक़्त ही में यहुयक़ीम ने अपने दादा मनस्सी और बाप यहुयक़ीम की नज़र में बुरे काम किए।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, यहुयक़ीम, यहूदा, मनस्सी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3078, H3112, H3204, H3659
यहूदा
सच्चाई:
यहूदा या'क़ूब के बारह बेटों में से एक था। उसकी माँ का नाम लिआ: था। उसकी नसल “यहूदा का क़बीला” कहलाते थे।
- यहूदा ने ही अपने भाइयों को मशवरा दिया था कि यूसुफ़ को गड्ढे में मरने के लिए छोड़ने की बदले उसे बेच दिया जाए।
- बादशाह दाऊद और उसके बा'द के सब बादशाह यहूदा की नसल थे। 'ईसा भी यहूदा की नसल था।
- सुलैमान के बा'द जब इस्राईल मुल्क का बटवारा हो गया था तब यहूदा मुल्क इस्राईल का दक्खिनी 'इलाक़ा हुआ।
- नये 'अहद नामे में मुक़ाश्फ़ा की किताब 'ईसा को “यहूदा का सींग” कहा गया है।
- “यहूदी” और “यहूदिया” लफ़्ज़ “यहूदा” से ही बने लफ़्ज़ हैं।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: या’क़ूब, यहूदी, यहूदा, यहूदिया, इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यहूदा इस्करियोती
सच्चाई:
यहूदा इस्करियोती 'ईसा के शागिर्दों में से एक था। उसने 'ईसा को धोका करके यहूदी रहनुमाओं के हाथों पकड़वा दिया था।
- इस्करियोती का मतलब हो सकता है, “कारियोथ का रहनेवाला ” शायद यूहदा उस शहर में पाला- पोसा गया था।
- यहूदा इस्करियोती शागिर्दों का पैसा संभालता था और शायद उसमें से चोरी भी करता था।
- यहूदा ने मज़हब के रहनुमाओं को उसका पता बताकर उससे धोकेबाज़ी की और इस तरह उन्होंने 'ईसा को क़ैदी बना लिया।
- जब मज़हब के रहनुमाओं ने 'ईसा को सज़ा-ए-मौत के लायक़ ठहरा दिया तब 'ईसा के साथ धोकेबाज़ी करने क लिए यहूदा पछताया और यहूदी रहनुमाओं का पैसा लौटाकर ख़ुदकशी कर ली।
- एक और शागिर्द का नाम यहूदा था और 'ईसा के भाई का नाम भी यहूदा था। 'ईसा के भाई को भी यहूदा कहा जाता है ।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें:रसूल, पकड़वाना, यहूदी रहनुमा, या’क़ूब का बेटा यहूदा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 38:02 ''ईसा के शागिर्दों में से एक यहूदा नाम का आदमी था । ...'ईसा और शागिर्दों के यरूशलीम में पहुँचने के बा'द यहूदा यहूदी रहनुमाओं के पास गया और पैसों के बदले 'ईसा के साथ धोकेबाज़ी करने की बात रखी।
- 38:03 यहूदी रहनुमाओं ने हाकिम काहिन की ज़िम्मेदारी में 'ईसा को धोखा देने के लिये उसे तीस चाँदी के सिक्के तोलकर दे दिए।
- 38:14 यहूदा हाकिम काहिनों फ़ौजियों और एक बड़ी भीड़ को तलवार और लाठियों के साथ लाया। यहूदा 'ईसा के पास आया और कहा, “ नमस्कार, उस्ताद,” और उसे चूमा।
- 39:08 इसी दौरान जब यहूदा, धोकेबाज़ ने देखा कि यहूदी काहिन 'ईसा को क़ुसूरवार साबित कर के उसे मारना चाहते है। यह देख यहूदा ग़म से भर गया और खुद को मार डाला।
शब्दकोश:
यहूदाह, यहूदाह की बादशाही
सच्चाई:
यहूदाह का क़बीला इस्राईल के बारह क़बीलों में सबसे बड़ा था। यहूदाह की बादशाही यहूदाह और बिनयामीन के क़बीलों से थी
- बादशाह सुलैमान के मरने के बा’द इस्राईल की बादशाही दो हिस्सों में तक़सीम हो गयी थी: इस्राईल और यहूदाह| यहूदाह की बादशाही, दख्खिनी बादशाही थी जो खारे समन्दर के पश्चिम में थी|
- यहूदाह की बादशाही की दारुल-उल-हुकूमत यरूशलीम थी।
- यहूदाह के आठ बादशाह यहोवा के हुक्मों पर चले और क़ौम को उसकी परस्तिश की सलाह दी। यहूदाह के और बादशाह बुरे थे और उन्होंने क़ौम को बुतपरस्ती के लिए हौसला दिया
- अश्शूरों के ज़रिए’ इस्राईल को हराने के 120 साल से ज़्यादा वक़्त बा’द यहूदाह की बादशाही बाबुल के ज़रिए’ हरा दी गई। बाबुल की फ़ौज ने शहर को और हैकल को बर्बाद कर दिया और ज़्यादातर यहूदाह के बाशिन्दों को क़ैदी बनाकर ले गए।
(यह भी देखें: यहूदाह, खारा समन्दर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाले:
- 18:07 सिर्फ़ दो क़बीले उसके(रहुब’आम) लिए वफ़ादार रहे। यह दो क़बीले यहूदाह की बादशाही बन गए। \
- 18:10 यहूदाह और इस्राईली बादशाही दुश्मन बन गए और अक्सर एक दूसरे के ख़िलाफ़ लड़े।\
- 18:13 यहूदाह के बादशाह दाऊद की नसल के थे| कुछ बादशाह अच्छे इन्सान भी थे, जिन्होंने सही तरीक़े से हुकूमत की और खुदा की परस्तिश की। लेकिन बहुत से यहूदाह के बादशाह बुरे, बाग़ी और बुतों की परस्तिश करने वाले थे। \ \
- 20:01 इस्राएल की बादशाही और यहूदाह की बादशाही दोनों ने खुदा के ख़िलाफ़ गुनाह किया।\
- 20:05 यहूदाह की बादशाही के लोगों ने देखा कि खुदा के हुक्म का ‘अमल न करने और उस पर ईमान न रखने की वजह इस्राईलियों को उसने कैसे सज़ा दी| फिर भी उन्होंने कना’नियों के मा’बूदों समेत बुतों की परस्तिश करनी न छोड़ी। \
- 20:06 अश्शूरियों के ज़रिए’ इस्राईली हुकूमत को तबाह करने के लगभग सौ सालों बा’द, खुदा ने बाबुल के बादशाह नबूकदनज़र को भेजा, यहूदी हुकूमत को बर्बाद करने के लिए।\
- 20:09 नबूकदनज़र और उसके सिपाही लगभग सभी यहूदियों को बंदी बनाकर बाबुल ले गए, वहाँ पर सिर्फ़ कंगालों को छोड़ दिया गया ताकि वह वहाँ खेती कर सके।\
शब्दकोश:
यहूदिया
सच्चाई:
“यहूदिया” पुराना इस्राईल के एक दरमियानी हिस्से को कहा जाता था। यह कभी कभी तंग मतलब में तो कभी बहुतायत मतलब में इस्ते'माल किया गया है
- तंग मतलब में यहूदिया लफ़्ज़ का हवाला पुराना इस्राईल, दक्खिनी हिस्सा, मुर्दा-समन्दर के पश्चिमी 'इलाक़े से था। कुछ तर्जुमों में इस 'इलाक़े को “यहूदा” कहा गया है।
- कभी कभी यहूदिया लफ़्ज़ पुराने इस्राईल के सब सूबों, गलील, सामरिया, पेरिया, इदुमिया, यहूदिया (यहूदा) वग़ैरह शामिल हैं ।
- अगर मुतर्जिम फ़र्क़ ज़ाहिर करना चाहते हैं, तो यहूदिया का बड़ा मतलब "यहूदी मुल्क" और छोटे मतलब में यहूदिया लफ़्ज़ का तर्जुमा “यहूदिया सूबा” या “यहूदा सूबा ” किया जा सकता है क्यूँकि यह पुराना इस्राईल का वह दरमियानी हिस्सा था जहाँ यहूदा का क़बीला रहा करता था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: गलील, अदोम, यहूदा , यहूदा , सामरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यहूयक़ीम
सच्चाई:
यहूयक़ीम यहूदा का एक बद्कार बादशाह था, जिसकी हुकूमत की शुरू’आत 608 ई.पू. हुआ था, वह बादशाह यूसियाह का बेटा था। उसका नाम हक़ीक़त में एल्याक़ीम था।
- मिस्र के फ़िर'औन नीको ने एल्याक़ीम का नाम बदलकर यहूयक़ीम रखा और उसे यहूदा का बादशाह बनाया था।
- फ़िर'औन नीको ने यहूयक़ीम को बहुत ज़्यादा जिज़्या देने पर मजबूर किया।
- जब आगे चलकर बादशाह नबूकदनज़र ने यहूदा पर हमला किया तब ग़ुलामों में जो बाबुल ले जाए गए थे यहूयक़ीम भी था।
- यहूयक़ीम एक बुरा बादशाह था जिसने यहूदा के रहने वालों को यहोवा से दूर किया था। नबी उसके ख़िलाफ़ नबूव्वत करता था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: बाबुल, एलयाक़ीम, यरमियाह, यहूदा, नबूकदनज़र)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यहूराम, यूराम
सच्चाई:
“यहूराम” पुराने 'अहद नामे में दो बादशाह हुए हैं। दोनों बादशाहों को भी "यूराम" के नाम से जाना जाता था।
- एक बादशाह यहूराम ने यहूदा पर आठ साल हुकूमत की थी। वह बादशाह यहूसफ़त का बेटा था। यह बादशाह जो यूराम भी कहलाता था।
- दूसरा बादशाह यहूराम इस्राईल का बादशाह था जिसने 12 साल बादशाहत की थी । वह आहब का बेटा था।
- यहूदा के बादशाह यहूराम ने उस वक़्त हुकूमत की जब नबी यरमियाह, दानिएल, अबदियाह और हिज़्क़ीएल यहूदा के मुल्क में नबूव्वत कर रहे थे।
- बादशाह यहूराम ने भी कुछ वक़्त तक हुकूमत की थी जब उसके बाप बादशाह यहूसफ़त यहूदा पर हुकूमत कर रहे थे।
- कुछ तर्जुमों में इस्राईल के बादशाह के नाम पर "यहूराम" का नाम लगातार इस्तेमाल करना और यहूदा के बादशाह के लिए "यूराम" नाम का मुक़र्रर करना हो सकता है।
- हर किसी को सही तौर से पहचानने का दूसरा तरीक़ा उसके बाप का नाम शामिल करना होगा।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आहब, यहूसफ़त, यूराम , यहूदा, इस्राईल की बादशाही , ओबद्याह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3088, H3141, G2496
यहूसफ़त
सच्चाई:
यहूसफ़त पुराने 'अहद नामे में कम से कम दो आदमियों का नाम था।
- इस नाम का मशहूर आदमी यहूदा मुल्क का चौथा बादशाह था।
- उसने इस्राईल, यहूदा मुल्कों के दरमियान अमन क़ायम किया था और बुत के मा'बूदों की क़ुर्बानगाह को ख़त्म कर दिया था।
- दूसरा यहूसफ़त दाऊद और सुलैमान का “लिखने वाला” था। उसका ख़ास मज़हब था बादशाहों के लिए दस्तख़त करने के लिए दस्तावेज़ तैयार करे और मुल्क में हुए हादसों और वाक़ि'आतों का बयान लिख ले।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: क़ुर्बानगाह , दाऊद, झूठे मा’बूद, इस्राईल, यहूदा, काहिन, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3092, H3146, G2498
यहोयदा'
सच्चाई:
यहोयदा एक काहिन था जिसने बादशाह अहज़ियाह के बेटे, यूआस को छिपाकर उसकी हिफ़ाज़त की थी, जब तक कि वह बादशाह बन जाने की 'उम्र का नहीं हो गया।
- यहोयदा ने लड़के यूआस की हिफ़ाज़त के लिए सैंकड़ों असलहा पसन्द मुक़र्रर किए थे क्यूँकि लोगों ने हैकल में उसे बादशाह होने का 'एलान कर दिया था।
- यहोयदा ने बा'ल की सब क़ुर्बानगाहों को ख़त्म करने में लोगों की रहनुमाई की थी।
- काहिन यहोयदा ने अपने बाक़ी पूरी ज़िन्दगी बादशाह यूआस को ख़ुदा के हुक्म मानने अैर लोगों पर अक़्लमन्दी से बादशाहत करने में मदद देता रहा था।
- यहोयादा नाम का एक और आदमी बिनायाह का बाप था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अहज़ियाह , बा'ल, बिनायाह, यूआस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
या'क़ूब (‘ईसा का भाई)
सच्चाई:
या'क़ूब मरियम और यूसुफ़ का बेटा था। वह 'ईसा का छोटा भाई(‘ईसा की माँ मरियम का बेटा) था।
- 'ईसा के दूसरे भाई (‘ईसा की माँ, मरियम के बेटे) यूसुफ़, यहूदा, शमा'ऊन थे।
- 'ईसा जब तक ज़िन्दा था, या'क़ूब और उसके भाई उसे मसीह नहीं मानते थे।
- जब 'ईसा मुर्दों में से जी उठा तब या'क़ूब ने उस पर ईमान किया और वह यरूशलीम की कलीसिया का रहनुमा ठहरा।
- नये 'अहद नामे में या'क़ूब का बेटा उन ईमानदारों को लिखा गया था जो सताव की वजह से दूसरे 'इलाक़ों में चले गए थे।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, मसीह, ‘इबादतखाना, या'क़ूब का बेटा यहूदा, सताना)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
या'क़ूब (ज़ब्दी का बेटा)
सच्चाई:
ज़ब्दी का बेटा या'क़ूब, ‘ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था। उसके छोटे भाई का नाम यूहन्ना था। वह भी 'ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था।
- या'क़ूब और यूहन्ना अपने बाप जब्दी के साथ मछली पकड़ने का काम करते थे।
- या'क़ूब और यूहन्ना का लक़ब “गरज के बेटे” दिया गया था शायद क्यूँकि वह बहुत जल्द ही ग़ुस्सा हो जाते थे।
- पतरस, या'क़ूब और यूहन्ना 'ईसा के ख़ास शागिर्द थे और उसके साथ अजीब हादसों मौजूद रहते थे जैसे मूसा और एलियाह से बातें करते वक़्त जब 'ईसा पहाड़ पर था और जब 'ईसा ने एक छोटी लड़की को मुर्दों में से ज़िन्दा किया था।
- यह या'क़ूब वह नहीं था जिसने नय 'अहद नामा में या'क़ूब को ख़त लिखा था । कुछ ज़बानों में इनके नाम अलग-अलग लिखे जा सकते है। कि साबित हो कि वह एक ही शख़्स नहीं हैं।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, एलियाह, या'क़ूब (‘ईसा का भाई), या'क़ूब (हलफ़ई का बेटा), मूसा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
या'क़ूब का बेटा यहूदा
सच्चाई:
या'क़ूब का बेटा यहूदा, ‘ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था। तवज्जोह दें कि यह आदमी यहूदा इस्करियोती नहीं था।
- कलाम में एक ही नाम के अलग अलग आदमियों के उनके बाप का नाम देकर अलग बताया जाता है। यहाँ इस यहूदा को “ या'क़ूब का बेटा” कहा गया है।
- एक और यहूदा था जो 'ईसा का भाई था। उसे “यहूदा” भी कहा गया था।
- नये 'अहद नामे में यहूदा की किताब शायद 'ईसा के भाई यहूदा के ज़रिए' लिखी गई थी क्यूँकि वह ख़ुद को “ या'क़ूब का भाई” कहता है। या'क़ूब भी 'ईसा का भाई था।
- यह भी मुम्किन है कि यहूदा की किताब 'ईसा के शागिर्द या'क़ूब के बेटे , यहूदा के ज़रिए' लिखी गई थी।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: या'क़ूब (जब्दी का बेटा), यहूदा इस्करियोती, बेटा, बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
या'क़ूब(हलफ़ई का बेटा )
सच्चाई:
हलफ़ई का बेटा या'क़ूब 'ईसा के बारह शागिर्दों में एक था।
- इसका नाम ख़ुशख़बरी देने वालों में मत्ती, मरकुस और लूक़ा में 'ईसा के शागिर्दों की सूची में दिया गया है।
- उसका नाम रसूलों के 'आमाल की किताब में भी आया है कि वह भी उन ग्यारह शागिर्दों में था जो 'ईसा के जन्नत में जाने के बा'द यरूशलीम में दु'आ कर रहे थे।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, शागिर्द, या'क़ूब (ईसा का भाई), या'क़ूब (जब्दी का बेटा), बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
याफ़त
सच्चाई:
याफ़त नूह के तीन बेटों में से एक था।
- पूरी दुनिया पर जब पानी का सैलाब आया था तब याफ़त और उसके दो भाई नूह के साथ जहाज़ में थे, उनकी बीवियाँ भी उनके साथ थी।
- नूह के बेटे तरतीबवार लिखे गए हैं, “सिम, हाम, याफ़त।” इससे समझ में आता है कि याफ़त सबसे छोटा बेटा था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: जहाज़, पानी का सैलाब, हाम, नूह, शेम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
याफ़ा
सच्चाई:
कलाम के वक़्त में याफ़ा शहर एक ख़ास तौर से तिजारती बन्दरगाह था जिसके रक़बे की हद शारोन के मैदान के दक्खिन में दरमियानी समन्दर के किनारे पर क़ायम था।
- पुराना याफ़ा आज के तेलअविव का हिस्सा याफ़ा था।
- पुराने 'अहद नामे में याफ़ा वह मक़ाम था जहाँ से जहाज़ पर चढ़कर यूनाह तर्शीश जाना चाहता था।
- नये 'अहद नामे में तबीता नाम की एक मसीह औरत याफ़ा शहर में मर गई थी जिसे पतरस ने जिलाया था।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: झील, यरूशलीम, शारोन, तर्शीश)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
याहू
सच्चाई:
याहू नाम के दो आदमी पुराने 'अहद नामे में हुए हैं।
- हानानी का बेटा याहू एक नबी था जिस वक़्त इस्राईल में बादशाह आहब था और यहूदा में बादशाह यहूसफ़त था।
- यहूसफ़त का बेटा (या औलाद) याहू इस्राईली फ़ौज का हाकिम था जिसे एलीशा के हुक्म के मुताबिक़ बादशाह बनाया गया था।
- बादशाह याहू ने दो बुरे बादशाहों को मार डाला, इस्राईल के बादशाह यूराम और यहूदा के बादशाह अख़ज़ियाह ।
- याहू ने गुज़रे हुए बडशाह आहब के सब ख़ानदानियों को भी क़त्ल कर दिया था। और बदकार 'औरत ईजीबेल को भी क़त्ल करवा दिया था।
- याहू ने सामरिया बा'ल की ‘इबादत की जगहों को बर्बाद करवा दिया था और बा'ल के सब पुजारियों को क़त्ल करवा दिया था।
- बादशाह याहू ने सिर्फ़ एक सच्चे ख़ुदा, यहोवा की 'इबादत की और इस्राईल पर 28 साल तक हुकूमत की ।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: आहब, अख़ज़ियाह, बा'ल, एलीशा, यहूसफ़त, याहू, ईजीबेल, यूराम, यहूदा, सामरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यित्रो, र'ऊएल
सच्चाई:
“यित्रो” और “र'ऊएल” शाऊल दोनों नाम मूसा की बीवी सफ़्फ़ूरा के बाप के हैं। पुराने 'अहद नामे में “र'ऊएल” नाम के दो आदमी और थे।
मिदयान मुल्क में जब मूसा चरवाहा था तब उसने एक मिदयानी आदमी, र'ऊएल की बेटी से शादी कर ली थी।
- बा'द में र'ऊएल को “यित्रो, मिदयानियों का पुजारी” कहा गया है। हो सकता है कि “र'ऊएल” उसके क़बीले का नाम था।
- जिस वक़्त ख़ुदा ने जलती हुई झाड़ी में से मूसा से बातें की थी, उस वक़्त मूसा यित्रो की भेड़ें चरा रहा था।
- मिस्र से इस्राईलियों को निकाल लाने के कुछ वक़्त बा'द इत्रो जंगल में इस्राईलियों के पास आया और मूसा को लोगों की लड़ाइयों को सुलझाने का अच्छा मशवरा दिया।
- मिस्र में इस्राईलियों के लिए किए गए ख़ुदा के मो'जिज़ों के बारे में सुनकर उसने ख़ुदा में ईमान किया।
- ऐसौ के एक बेटे का नाम भी र'ऊएल था।
- र'ऊएल नाम का एक और आदमी था जिसका ज़िक्र बाबुल की ग़ुलामी के बा'द यहूदी लौटने वाले इस्राईलियों की नसब नामे में है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: ग़ुलाम, क़बीला, रेगिस्तान, मिस्र, ऐसौ, मो’जिज़े, मूसा, रेगिस्तान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
युरब'आम
सच्चाई:
नबात का बेटा युरब'आम उत्तरी बादशाहत इस्राईल का पहला बादशाह हुआ था, तक़रीबन 900-910 ई.पू. * युरब'आम नाम का इस्राईल का एक और बादशाह हुआ था, वह बादशाह यहू'आस का बेटा था जिसने 120 साल बा'द इस्राईल पर बादशाहत की थी |
यहोवा ने नबात के बेटे युरब'आम को नबूव्वत में कहा था कि वह सुलैमान के बा'द बादशाह होगा और उसकी हुकूमत दस क़बीलों पर होगी।
सुलैमान के मरने से पहले इस्राईल के दस क़बीलों ने सुलैमान के बेटे रहुब'आम से बग़ावत करके युरब'आम को अपना बादशाह बनाने का 'ऐलान कर दिया। अब रहुब'आम सिर्फ़ दक्खिन के दो क़बीलों , यहूदा और बिन्यामीन 'इलाक़ों का ही बादशाह रह गया था।
युरब'आम एक बुरा बादशाह हुआ जिसने लोगों को यहोवा से मन फिराकर करके उनकी 'इबादत करने के लिए मूर्तियों को तैयार किया। इस्राईल के वक़्त सब बादशाहों ने युरब'आम को क़ुबूल किया और उसी की तरह बुरे हुए।
120 साल बा'द एक और युरब'आम वहां बादशाह हुआ। यह युरब'आम बादशाह यहू'आस का बेटा था और इस्राईल के दूसरे सब बादशाहों की तरह बुरा था।
इस सब बदकारियों के 'अलावह भी ख़ुदा ने इस्राईल पर रहम किया और इस बादशाह युरब'आम को अपने मुल्क की सरहद क़ायम करने और सरहद तैयार करने में मदद की।
(तर्जुमा की सलाह (नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: मूरत, इस्राईल की हूलूमत, यहूदा, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारते में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 18:08 और दस इस्राईली क़बीले जो रहूब'आम के ख़िलाफ़त में थे, उन्होंने अपने लिए यरुब'आम नाम का एक बादशाह को मुक़र्रर किया।
- 18:09 यरुब'आम ने ख़ुदावन्द की मुख़ालिफ़त की और लोगों को गुनाह में डाल दिया। उसने ख़ुदा की 'इबादत करने की जगह पर लोगों के लिए दो बछड़े यहूदा की बादशाही की हैकल में इबादत करने के लिए बनवाए।
शब्दकोश:
यूआब
ता’अर्रुफ़:
दाऊद के पूरे हुकूमत में बादशाह का यूआब बहुत ही ख़ास फ़ौज का रहनुमा था |
- दाऊद के बादशाह बनने से पहले वह उसके वफ़ादारों में से था।
- बादशाह दाऊद के तख़्त पर बैठने के बा'द वह दाऊद बादशाहकी फ़ौज का हाकिम हो गया था।
- यूआब दाऊद का भांजा भी था क्यूँकि उसकी माँ दाऊद की बहनों में से एक थी।
- जब अबीसलोम ने बादशाहत पाने के लिए दाऊद से बग़ावत की थी तब यूआब ही ने उसको क़त्ल किया था ।
- यूआब एक जोशीला सूरमा था जिसने इस्राईल के कई एक दुश्मनों को हलाक किया था।
(यह भी देखें: अबीसलोम, दाऊद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूआस
सच्चाई:
यूआस नाम के कई आदमी कलाम में हुए हैं।
- एक यूआस इस्राईल के मुहाफ़िज़ गिदोन का बाप था।
- एक और यूआस या'क़ूब के सबसे छोटे बेटे बिन्यामीन की औलाद था।
- ज़्यादा मशहूर यूआस यहूदा का बादशाह था जिसने सात साल की 'उम्र में बादशाहत की ज़िम्मेदारी को संभाला था। वह अख़ज़ियाह का बेटा था, यहूदा का बादशाह जिसको क़त्ल कर दिया गया था।
- यूआस जब लड़का ही था तब उसकी बुआ ने उसे छिपा कर बचा लिया था, जब तक कि वह ताज पहनने के लायक़ न हो गया।
- यूआस एक अच्छा बादशाह था और शुरू' में ख़ुदा का फ़रमाबरदार था। लेकिन उसने बुत परस्ती के ऊंचे मक़ाम को बर्बाद नहीं किए थे जिसका नतीजा हुआ कि इस्राईलियों ने दोबारा बुत परस्ती शुरू' कर दी थी।
- यूआस जब यहूदा पर हुकूमत कर रहा था तब कुछ साल इस्राईल पर यहूआस की हुकूमत थी। यह दोनों अलग-अलग बादशाहों के नाम है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अख़ज़ियाह, क़ुर्बानगाह, बिन्यामीन, झूठे मा’बूद, गिदोन, ऊंचे मक़ाम, झूठे मा’बूद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूएल
सच्चाई:
यूएल एक नबी था, वह यहूदा के बादशाह यूआस की बादशाहत के वक़्त में ख़िदमत कर रहा था। यूएल नाम के कई और आदमी पुराने 'अहद नामे में हुए हैं।
- यूएल की किताब पुराने 'अहद नामे के आख़िरी हिस्से में बारह छोटे नबियों की किताबों में से एक है।
- हमें यूएल की ख़ुद की जानकारी में सिर्फ़ इतना ही मा'लूम है कि उसके बाप का नाम पतूएल था।
- पिन्तेकुस्त के दिन अपनी तक़रीर में रसूल पतरस ने यूएल की नबूव्वत का हवाला दिया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: यूआस, यहूदा, पिन्तेकुस्त)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूताम
ता’अर्रुफ़:
पुराने 'अहद नामे में यूताम नाम के तीन आदमी हुए हैं।
- एक यूताम गिदोन का सबसे छोटा बेटा था। यूताम ने अपने बड़े भाई अबीमलिक को शिकस्त करने में मदद की जिसने अपने दूसरे सभी भाइयों को क़त्ल कर डाला था।
- यहूदा के बादशाह का नाम भी यूताम था, उसने अपने बाप उज़्ज़ियाह्(अजरियाह) के मरने के बा'द सोलह साल तक हुकूमत की थी ।
- अपने बाप की तरह यूताम भी ख़ुदा का फ़रमाबरदार था और एक अच्छा बादशाह हुआ था।
- अगर्चे उसने बुतों की जगहों को बर्बाद नहीं किया था जिसका नतीज़ा यह हुआ कि बा'द में यहूदा के रहने वाले फिर बुत परस्ती करने लगे थे।
- ‘ईसा के नसब नामे में भी एक यूताम है, मत्ती की इन्जील में।
(यह भी देखें: अबीमलिक, आख़ज़, गिदोन, उज़्ज़ियाह्)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूनातन
सच्चाई:
पुराने ‘अहद नामें में तक़रीबन दस आदमियों का नाम यूनातन हुआ है। इस नाम का मतलब है, “यहोवा ने दिया है”।
- कलाम में सबसे ज़्यादा मशहूर नाम यूनातन, दाऊद के दोस्त, कहा है। * यूनातन शाऊल का बड़ा बेटा था।
- पुराने ‘अहद नामा के कई यूनातन हैं, मूसा की औलाद में बादशाह दाऊद का भतीजा, कई एक काहिन, अबियातर का बेटा भी और पुराने ‘अहद नामा का एक आलिम जिसके घर में यरमियाह को क़ैदी बनाकर रखा गया था।
(यह भी देखें:नाम कैसे तर्जुमा करें)
(यह भी देखें: अबियातर, दाऊद, मूसा, यरमियाह, काहिन, शाऊल (पुराना ‘अहद नामा), ‘आलिम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूनान, यूनानी
सच्चाई:
नए 'अहद नामे के वक़्त में यूनान रोमी सल्तनत का एक सूबा था।
- आज के यूनान की जगह ही में वह यूनान दरमियानी समन्दर , एजियन समन्दर और आयोनियन समन्दर के किनारे पर एक पजज़ीरा था।
- रसूल पौलुस यूनान के कई शहरों में गया था और वहां कलीसियाओं की शुरू'आत की, कुरिन्थ, थिस्सलुनीके, फ़िलिप्पी और दूसरी ।
- यूनान के रहने वाले यूनानी कहलाते हैं और उनकी ज़बान भी यूनानी ही कहलाती है। रोम के दूसरे सूबों के लोग भी यूनानी ज़बान बोलते थे जिनमे यहूदी भी थे।
- कभी-कभी यूनानी लफ़्ज़ ग़ैर क़ोम के लिए भी काम में लिया जाता था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कुरिन्थ, ग़ैर क़ोम, यूनानी, इब्रानी, फ़िलिप्पियों, थिस्सलोनिके)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूनानी, यूनानी
सच्चाई:
लफ़्ज़ "यूनानी" यूनान मुल्क में बोली जाने वाली ज़बान को बयान करता है, यह लफ़्ज़ यूनान मुल्क के जुमले के लिए भी इस्ते'माल किया है। यूनानी भी रोमन बादशाहत भर में बोली जाती थी यूनानी का मतलब था “यूनानी ज़बान बोलने”
- क्यूँकि रोमन बादशाहत में ज़्यादातर ग़ैर-यहूदी लोग यूनानी ज़बान बोलते हैं, इसलिए नए नियम में ग़ैर क़ौमों को अक्सर "यूनानी" कहा जाता है, ख़ास तौर से जब यहूदियों के साथ में हो।
- इस जुमले में "यूनानी यहूदी" का हवाला यहूदियों से है जो यूनानी ज़बान बोलते है न कि "इब्रानी ज़बान से जुड़े यहूदी" जो सिर्फ़ इब्रानी या शायद अरामी ज़बान बोलते है।
- “यूनानी” का दूसरी शक्ल में तर्जुमा हो सकता हैं; “यूनानी बोलनेवाले” या “यूनानी रवाज के” या “यूनानी”।
- ग़ैर-यहूदी के बारे में इसका तर्जुमा हो सकता है, “यूनानी” या “ग़ैर क़ौम” हो सकता है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अराम, ग़ैर क़ौम, यूनान, इब्रानी, रोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3125, G1672, G1673, G1674, G1675, G1676
यूनाह
ता’अर्रुफ़:
यूनाह पुराने 'अहद नामे का एक 'इब्रानी नबी था।
- यूनाह की किताब में यूनाह की कहानी है कि उसे ख़ुदा ने नीनवे के लोगों में पैग़ाम सुनाने भेजा था।
- यूनाह नीनवे जाने के बदले किसी और तर्शीश मुल्क को जानेवाले जहाज़ में चढ़ गया था।
- ख़ुदा ने उस जहाज़ को एक ख़ौफ़नाक आंधी से घेर लिया था।
- उसने लोगों को जहाज़ से सफ़र करने वाले से कहा कि वह ख़ुदा से दूर भाग रहा था, और उन्होंने तरीक़ा बताया कि वह उसे समन्दर में फेंक दें। जब उन्होंने ऐसा किया तब तूफ़ान रुक गया।
- यूनाह को समन्दर में एक बहुत बड़ी मछली ने निगल लिया, वह उस मछली के पेट में तीन दिन तीन रात रहा।
- मछली ने जब यूनाह को उगल दिया तब उसने जाकर नीनवे में ख़ुदा का पैग़ाम सुनाया, नतीजा यह हुआ कि नीनवे के रहने वालों ने गुनाहों से तौबा किया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें:हुक्म न मानना, नीनवे, फिरना)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूराम
सच्चाई:
यूराम, जो आहब का बेटा, इस्राईल का बादशाह था। वह यहूराम के नाम से भी जाना जाता है।
- बादशाह यूराम उसी वक़्त इस्राईल पर बादशाहत कर रहा था जब यहूदा में भी यहूराम नाम का बादशाह बादशाहत कर रहा था।
- यूराम एक बुरा बादशाह था जिसने ख़ुद तो बुत परस्ती की और इस्राईल का गुनाह करने की वजह बना।
- इस्राईल के बादशाह यूराम ने एलियाह और अबदियाह के नबियों के वक़्त में बादशाहत की ।
- यूराम नाम का एक और आदमी था जो हमात के बादशाह तू का बेटा और बादशाह दाऊद की बादशाहत के जमाने में।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: आहब, दाऊद, एलियाह, हाम, यहूराम, इस्राईल की बादशाही, यहूदा, अबदियाह, नबी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3088, H3141, G2496
यूसियाह
सच्चाई:
यूसियाह एक ख़ुदा परस्त बादशाह था जिसने 31 साल यहूदा पर बादशाहत की थी। उसने यहूदा के रहने वालों के मन फिराकर यहोवा की 'इबादत करने के लिए रहनुमाई की थी।
- उसके बाप अमून के क़त्ल के बा'द यूसियाह, उसके बेटे ने आठ साल की 'उम्र में बादशाहत की ज़िम्मेदारी को संभाला था।
- अपने बादशाहत के वक़्त के अठारहवें साल बादशाह यूसियाह ने सरदार काहिन ख़िलक़ियाह को हुक्म दिया कि यहोवा की हैकल को दोबारा तैयार किया जाए। हैकल को दोबारा ता'मीर के वक़्त इस्तिसना की किताब मिली थी।
- जब इस्तिसना की किताब यूसियाह को पढ़कर सुनाई गई तब उसे मा'लूम हुआ कि उसकी सल्तनत के लोग ख़ुदा के हुक्मों पर 'अमल नहीं कर रहे थे, इससे उसे बहुत दुःख हुआ। उसने हक्म दिया कि बुत परस्ती की सब जगहों को मिटा दिया जाए और उनके पुजारियों को मार डाला जाए।
- उसने लोगों को हुक्म दिया कि 'ईद के मौक़े' पर जशन का मनाना शुरू' किया जाए।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: झूठे मा’बूद, यहूदा, क़ानून, ‘ईद , हैकल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
यूसुफ़ (नया ‘अहद नामा)
सच्चाई:
यूसुफ़ 'ईसा का दुनियावी बाप था जिसने उसे पाल-पोस कर बड़ा किया। वह एक मज़हबी आदमी था जिसका पेशा लकड़ी का काम था।
- यूसुफ़ की मंगनी एक यहूदी 'औरत मरियम के साथ हुई थी जिसे ख़ुदा ने 'ईसा मसीह की माँ होने के लिए चुन लिया था।
- फ़रिश्ते ने यूसुफ़ से कहा कि पाक रूह ने मो'जिज़े के ज़रिए' मरियम को हाम्ला किया है और मरियम का यह बेटा ख़ुदा का बेटा है।
- 'ईसा की पैदाइश के बा'द एक फ़रिश्ते ने यूसुफ़ को बताया कि वह लड़का और मरियम को लेकर मिस्र मुल्क से चला जाए क्यूँकि हेरोदेस से बचने के लिए।
- यूसुफ़ अपने ख़ानदान के साथ गलील 'इलाक़े के नासरत शहर में रहता था और लकड़ी का काम करके ज़िन्दगी गुज़ारता था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मसीह, गलील, 'ईसा, नासरत, ख़ुदा का बेटा, कुंवारी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 22:04 वह एक कुँवारी थी जिसकी मंगनी यूसुफ़ नाम के आदमी के साथ हुई थी।
- 23:01 मरियम की मंगनी एक यूसुफ़ नाम के एक मजहबी आदमी से हुई। जब यूसुफ़ को यह पता चला कि मरियम हाम्ला है, और जो उसके जिस्म में है वह उसका लड़का नहीं है, लिहाज़ा यूसुफ़ ने जो मज़हबी था और उसको बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से छोड़ देने का इरादा किया।
- 23:02 फ़रिश्ते ने उससे कहा, “हे यूसुफ़ ! तू अपनी बीवी मरियम को यहाँ ले आने से मत डर, क्यूँकि जो बच्चा उसके शिकम में है, वह रूह-उल-क़ुदुस की तरफ़ से है। वह बेटा पैदा करेगी और तू उसका नाम 'ईसा रखना (जिसका मतलब है, 'यहोवा बचाता है' )क्यूँकि वह अपने लोगों को उनके गुनाहों से नजात करेगा।”
- 23:03 यूसुफ़ ने मरियम से शादी की और अपनी बीवी को अपने यहाँ ले आया, और जब तक वह बेटा न पैदा हुआ तब तक वह उसके पास न गया।
- 23:04 लिहाज़ा यूसुफ़ और मरियम भी एक लम्बा सफ़र तय करके नासरत को गए, क्यूँकि यूसुफ़ दाऊद के घराने और नसल का था, गलील के नासरत शहर से यहूदिया में दाऊद के शहर बैतलहम को गया।
- 26:04 'ईसा ने उनसे कहा, “ आज ही यह लेख तुम्हारे सामने पूरा हुआ है” | सभी लोग हैरान थे। और कहने लगे कि “ क्या यह यूसुफ़ का बेटा नहीं है?”
शब्दकोश:
यूसुफ़ (पुराना ‘अहद नामा)
सच्चाई:
यूसुफ़ या'क़ूब का ग्यारहवां और माँ राहेल का पहला बेटा था।
- यूसुफ़ अपने बाप का प्यारा बेटा था।
- उस वजह से उसके भाई उससे हसद करते थे और उसे ग़ुलाम बनने के लिए बेच दिया।
- मिस्र मुल्क में यूसुफ़ पर झूठा इल्ज़ाम लगाकर क़ैदख़ाने में डाल दिया गया।
- सब परेशानियों के बवाजूद भी यूसुफ़ ख़ुदावन्द का वफ़ादार रहा।
- ख़ुदावन्द उसे मिस्र मुल्क में इख़्तियार के दूसरे ऊँचे 'उहदे न पर ले आया और जब खाना कम था तब उसके ज़रिए' लोगों को बचाया। मिस्र के लोग बल्कि यूसुफ़ का अपना ख़ानदान भी भूखें मरने से बचाया गया।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मिस्र, या'क़ूब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 08:02 यूसुफ़ के भाई उससे 'अदावत रखते थे क्यूँकि जब यूसुफ़ के भाइयो ने देखा कि हमारा बाप हम सबसे ज़्यादा उसी से मुहब्बत रखता है, और यूसुफ़ ने ख़्वाब में देखा था कि वह अपने भाइयो पर हुकूमत करे।
- 08:04 और ताजिर यूसुफ़ को मिस्र ले गए।
- 08:05 यहाँ तक कि क़ैदख़ाने में भी यूसुफ़ ख़ुदावन्द के लिए वफ़ादार रहा और ख़ुदावन्द ने उसे बरकत दी।
- 08:07 ख़ुदावन्द ने यूसुफ़ को यह क़ाबिलियत दी थी कि वह ख़्वाब का मतलब समझ सके, इसलिए फ़िर'औन ने यूसुफ़ को क़ैदख़ाने से बुलवा भेजा।
- 08:09 यूसुफ़ ने सात साल अच्छी पैदावार के दिनों में खाने की चीज़ों को जमा' करने के लिए लोगों से कहा।
- __09:02__मिस्र के रहने वाले अब यूसुफ़ को भूल गये थे और उन कामों को जो उसने उनकी मदद करने के लिए किए थे।
शब्दकोश:
- Strong's: H3084, H3130, G2500, G2501
यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला)
सच्चाई:
यूहन्ना ज़करियाह और एलिशिबा का बेटा था। क्यूँकि “यूहन्ना” एक आम नाम था, वह यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला कहलाया कि दूसरे यूहन्नाओं से उसे अलग किया जाए जैसे रसूल यूहन्ना।
- यूहन्ना एक नबी जिसे ख़ुदा ने भेजा कि लोगों को मसीह के लिए और मसीह के पैरवी के लिए तैयार करे।
- यूहन्ना ने लोगों को कहा कि अपने गुनाहों को मानकर ख़ुदा की तरफ़ फिरें और गुनाह करना छोड़ दें जिससे कि वह मसीह को क़ुबूल करने के लिए तैयार हो जाएं।
- यूहन्ना पानी में बपतिस्मा देता था जो इस बात का निशान था कि वह अपने गुनाहों का पछतावा करते हैं और गुनाहों से अलग होते हैं।
- यूहन्ना को बपतिस्मा देनेवाला कहा गया है क्यूँकि वह लोगों को बपतिस्मा देता था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बपतिस्मा देना, ज़करियाह(नया 'अहद नामा))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- __22:02__फ़रिश्ते ने ज़करियाह से कहा, “तेरी बीवी इलीशबा तेरे लिए एक बेटा पैदा करेगी । और तू उसका नाम यूहन्ना रखना। वह पाक रूह से मा'मूर होगा, और लोगों का मन मसीह की तरफ़ फेरेगा।
- __22:07__तब इलीशबा के पैदाइश का वक़्त पूरा हुआ, और उसने बेटे को जन्म दिया, ज़करियाह और इलीशबा ने उस बेटे का नाम यूहन्ना रखा, जैसा कि फ़रिश्ते ने उनसे कहा था।
- 24:01 यूहन्ना, जो ज़करियाह और इलीशबा का बेटाथा, वह बड़ा होकर एक नबी बन गया। वह जंगल में रहता था, और ऊँट की खाल का लिबास पहने हुए था और अपनी कमर में चमड़े का पटका बाँधे रहता था और टिड्डियाँ और शहद खाया करता था।
- 24:02 बहुत से आस पास के लोग यूहन्ना को सुनने के लिए बाहर निकल आए। यूहन्ना ने उनसे कहा, “तौबा क्यूँकि आसमान की बादशाही क़रीब आ गई है !”
- 24:06 अगले दिन, 'ईसा यूहन्ना के पास उससे बपतिस्मा लेने को आया। जब यूहन्ना ने उसे देखा, तो कहा, “देख ! यह ख़ुदाका मेम्ना है, जो दुनिया के गुनाहों को दूर ले जाएगा।”
शब्दकोश:
यूहन्ना (रसूल)
सच्चाई:
यूहन्ना 'ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था और 'ईसा का ख़ास दोस्त था।
- यूहन्ना और उसका भाई या'क़ूब एक मछुवारे जब्दी के बेटे थे।
- उसने 'ईसा की ज़िन्दगी के बारे में लिखा था तो उसमें ख़ुद को “वह शागिर्द जिससे 'ईसा मुहब्बत करता था” लिखा। इससे ज़ाहिर होता है कि यूहन्ना 'ईसा का ख़ास दोस्त था।
- रसूल यूहन्ना ने पांच नए 'अहद नामे की किताबें लिखीं:यूहन्ना की इन्जील, 'ईसा मसीह का मुक़ाश्फ़ा, और ईमानदारों को लिखे तीन ख़त।
- तवज्जोह दें कि रसूल यूहन्ना, यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले से अलग है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, ज़ाहिर करना, या'क़ूब (जब्दी का बेटा), यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला), जब्दी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 36:01 एक दिन 'ईसा ने अपने तीन शागिर्द, पतरस, या'क़ूब और यूहन्ना को अपने साथ लिया। ('ईसा का शागिर्द यूहन्ना वह यूहन्ना नहीं था, जिसने 'ईसा को बपतिस्मा दिया था।) और उन्हें तन्हाई में दु'आ करने के लिए ऊँचे पहाड़ पर ले गया।\
- 44:01 एक दिन पतरस और यूहन्ना दु'आ करने के लिये हैकल में जा रहे थे। तब उन्होंने एक लंगड़े भिखारी को देखा जो पैसों के लिए भीख माँग रहा था।\
- 44:06 पतरस और यूहन्ना लोगों से जो कह रहे थे, उससे हैकल के सरदार उनसे बहुत परेशान थे। तो उन्होंने उन्हें पकड़कर क़ैदखाने में डाल दिया।
- 44:07 दूसरे दिन ऐसा हुआ कि यहूदी काहिन पतरस और यूहन्ना को लेकर सरदार काहिन के पास गए। उन्होंने पतरस और यूहन्ना से पूछा कि, “तुम ने यह काम किस ताक़त से और किस नाम से किया है ?”\
- 44:09 जब उन्होंने पतरस और यूहन्ना का हौसला देखा, और यह जाना कि यह अनपढ़ और आम आदमी है , तो हैरानी किया। फिर उनको पहचाना कि यह 'ईसा के साथ रहे है। तब उन्होंने पतरस और यूहन्ना को धमकाकर छोड़ दिया।
शब्दकोश:
यूहन्ना मरकुस
सच्चाई:
यूहन्ना मरकुस जो “मरकुस” के नाम से भी जाना जाता है, पौलुस के साथ उसके 'एलान के सफ़र में गया था। मुम्किन है कि मरकुस की इन्जील का मुसन्निफ़ वही था।
- यूहन्ना मरकुस अपने भाई बरनबास और पौलुस के साथ पहले बशारती सफ़र में गया था।
- जब पतरस को यरूशलीम के क़ैदखाने में डाला गया था तब वहाँ यूहन्ना मरकुस की माँ के घर में जमा' होकर उसके लिए दु'आ कर रहे थे।
- मरकुस हक़ीक़त में रसूल नहीं था लेकिन पौलुस और पतरस की ता'लीमों में रहकर उनके साथ बशारती काम करता था।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बरनबास, पौलुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रब्बा
ता’अर्रुफ़:
रब्बा अम्मोनियों का एक बहुत ज़्यादा ख़ास था।
- अम्मोनियों के साथ जंग करते वक़्त इस्राईली ज़्यादातर रब्बा शहर पर आक्रमण करते थे।
- इस्राएल के बादशाह दाऊद ने अपनी आख़िरी जंग में रब्बा शहर को जीत लिया था।
- आज का अम्मान जॉर्डन वहाँ क़ायम है जहाँ पुराना रब्बा शहर हुआ करता था।
(यह भी देखें: अम्मोन, दाऊद)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रहूबियाम
सच्चाई:
रहूबियाम सुलैमान के बेटों में से एक था और सुलैमान के मरने के बा’द इस्राईल का बादशाह बना था।
- बादशाही वक़्त के शुरू’ में रहूबियाम क़ौम के साथ शख़्त था लिहाज़ा इस्राईल के दस क़बीलों ने बग़ावत करके उत्तरी बादशाही इस्राईल बना लिया था।
- रहूबियाम दक्षिणी इस्राईल यहूदाह का बादशाह बना रहा, जिसमें केवल दो क़बीला शामिल थे, यहूदाह और बिन्यामीन।
- रहूबियाम एक बुरा बादशाह था, उसने यहोवा को छोड़ कर झूठे मा’बूदों की ‘इबादत करता था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इस्राईल बादशाही, यहूदाह, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 18:05__ सुलैमान की मौत के बा’द उसका बेटा रहूबियाम उसके जगह पर बादशाह हुआ | रहूबियाम एक बेवक़ूफ़ इन्सान था |
- 18:06__ __रहूबियाम ने उन्हें बेवक़ूफ़ी के साथ जवाब देते हुए कहा, “मेरे बाप ने तुम पर जो भारी जूआ रखा था उसे मैं और भी भारी करूँगा; और मैं तुम्हें और भी शख़्ती से सज़ा दूँगा |”
- 18:07 दस इस्राईली क़बीले रहूबियाम के ख़िलाफ़ हो गए सिर्फ़ दो क़बीला उसके लिए वफ़ादार रहे |
शब्दकोश:
राख़िल
सच्चाई:
राख़िल या’क़ूब की बीवियों में से एक थी। राख़िल और लियाह या’क़ूब के मामा लाबान की बेटियाँ थी।
- राख़िल यूसुफ़ और बिन्यामीन की माता थी, ये दोनों इस्राईल के दो क़बीले हुए।
- सालों तक राख़िल को औलाद हासिल नहीं हुई थी। तब ख़ुदा ने उसे क़ाबिल बनाया और उसने यूसुफ़ को जन्म दिया।
- सालों बा’द जब राख़िल ने बिन्यामीन को पैदा किया तब उसकी मौत हो गई और या’क़ूब ने उसे बैतलहम के पास दफन किया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बैतलहम, या’क़ूब, लाबन, लियाह, [यूसुफ़ , इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रामाह
सच्चाई:
रामाह यरूशलीम से आठ कि.मी. दूर एक पुराना इस्राईली शहर था। यह शहर बिन्यामीन क़बीले के सूबे में था जहाँ वे रहते थे।
- रामाह में राख़िल की मौत हुई थी जब उसने बिन्यामीन को पैदा किया था।
- बाबुल की फ़ौज इस्राईलियों को बन्दी बना कर ले जा रही थी तब वे बाबुल पहुंचने से पहले रामाह लाए गए थे।
- शमूएल के वालिदैन का घर भी रामाह में था।
(तर्जुमे की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बिन्यामीन, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रामोत
सच्चाई:
रामोत यरदन नदी के क़रीब ज़िल’आद के पहाड़ों में एक महत्वपूर्ण शहर था। उसे रामोत ज़िल’आद भी कहते थे।
- रामोत इस्राईली क़बीला गाद के ‘इलाक़े में था और वह शहर-ए-पनाह था।
- इस्राईल के बादशाह आहाब और यहूदाह के बादशाह यहूसफ़त ने रामोत में अराम से जंग की थी। उस जंग में आहाब मारा गया था।
- कुछ वक़्त बाद बादशाह अहज़ियाह और बादशाह यूराम ने अराम के बादशाह से वह शहर दुबारा हासिल करने की कोशिश की थी।
- रामोत ज़िल’आद शहर ही में येहू को इस्राईल का बादशाह होने के लिए मसह किया गया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अहाब, अहज़ियाह, अराम, गाद, यहूसफ़त, येहू, यूराम , यरदन नदी, यहूदाह, पनाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H7216, H7418, H7433
राहब
सच्चाई:
राहब यरीहू की रहने वाली ‘औरत थी जब इस्राईल ने यरीहू पर हमला किया था। वह एक तवायफ़ थी।
- हमला करने से पहले इस्राईल के दो जासूस यरीहू में गए थे, उन्हें बचाने के लिए राहब ने उन्हें छिपा लिया था। फिरसे छावनी पहुंचने में उसने उनकी मदद की थी।
- राहब यहोवा की ईमानदार हो गई थी।
- राहब और उसका ख़ानदान यरीहू तबाही के वक़्त छोड़ दिया गया था और वे हमेशा इस्राईलियों के साथ रहने आए।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इस्राईल, यरीहू, तवायफ़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 15:01 उस शहर में राहब नाम की एक तवायफ़ रहती थी, उसने उन दोनों जासूसों को छिपा रखा और उन्हें भगाने में भी मदद की| उसने ऐसा इसलिए किया क्यूँकि वह ख़ुदा पर ईमान ले आई थी| उन्होंने क़सम खाई कि इस्राईली जब यरीहू को तबाह करेंगे तब राहब और उसके ख़ानदान की वे हिफ़ाज़त करेंगे।
- __15:05__तब इस्राईलियों ने ख़ुदा के हुक्म के मुताबिक़, जो कुछ उस शहर में था सब कुछ तबाह कर दिया। उन्होंने सिर्फ़ राहब और उसके ख़ानदान को छोड़ा, क्योंकि वे इस्राईलियों का ही भाग बन गए थे।
शब्दकोश:
रिब्क़ा
सच्चाई:
रिब्क़ा इब्राहीम के भाई नहूर की पोती थी।
- ख़ुदा ने रिब्क़ा को इब्राहीम के बेटे इस्हाक़ की बीवी होने के लिए चुन लिया था।
- रिब्क़ा अपना मुल्क अरम्नहरैम को छोड़ कर इब्राहीम के ख़ादिम के साथ इब्राहीम के रहने के मक़ाम को नेगेब चली गई।
- लम्बे वक़्त तक रिब्क़ा को सन्तान हासिल नहीं हुई लेकिन ख़ुदा ने आख़िरकार उसे जुड़वा बच्चे दिए ‘ऐसौ और या’क़ूब।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , अराम, ‘ऐसौ, इस्हाक़, या’क़ूब, नहूर, नेगेब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 06:02 एक लम्बा सफ़र के बा’द, जब वह ग़ुलाम उस शहर में गया जहाँ इब्राहीम के रिश्तेदार रहते थे, तब ख़ुदा ने ग़ुलाम के सामने रिब्क़ा को भेजा। वह इब्राहीम के भाई की पोती थी।
- 06:06 ख़ुदा ने रिब्क़ा से कहा, "तेरे हमल में दो क़ौमें हैं, "
- 07:01 फिर वे लड़के बढ़ने लगे, रिब्क़ा या’क़ूब से मुहब्बत रखती थी, लेकिन इस्हाक़ ‘ऐसौ से मुहब्बत रखता था।
- 07:03 इस्हाक़ बहुत बूढा हो गया था, वह अपनी बरकत ‘ऐसौ को देना चाहता था। । पर इससे पहले वह ऐसा करता, रिब्क़ा ने या’क़ूब को ‘ऐसौ की जगह पर इस्हाक़ के पास भेज दिया|
- 07:06 जब रिब्क़ा को ‘ऐसौ के मन्सूबे का पता चला। तो उसने या’क़ूब को अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिया।
शब्दकोश:
रिम्मोन
सच्चाई:
रिम्मोन किताब-ए-मुक़द्दस में एक आदमी का और कई मक़ामों का नाम था। एक झूठे मा’बूद का भी यही नाम था।
- रिम्मोन शहर एक आदमी बिन्यामीनी था जो जबूलून कीरोत शहर का बाशिन्दा था। इस आदमीं ने यूनातान के अपाहिज़ बेटे इशबोशत को क़त्ल किया था।
- रिम्मोन यहूदाह के दख्खिनी हिस्से में बिन्यामीन के ‘इलाक़े में एक शहर था।
- रिम्मोन की चट्टान” एक हिफ़ाज़त का मक़ाम था जहाँ बिन्यामीनी जंग में मारे जाने से बचकर छिपे थे।
- यहूदाह के जंगल में “रिम्मोन परेज” एक अनजान मक़ाम था।
- सीरिया की फ़ौज का सरदार नामान ने रिम्मोन मा’बूद का ज़िक्र किया है जहाँ सीरिया के बादशाह ‘इबादत करते थे।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
बिन्यामीन, यहूदिया, नामान, सीरिया, जबूलून)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रूत
सच्चाई:
रूत एक मोआबी ‘औरत थी, जो इस्राईल में क़ुज़ात के ज़माने में थी। उसने एक इस्राईली से विवाह मोआब में किया था, जब वह अकाल की वजह से अपने ख़ानदान के साथ वहां चले गए थे जब मुन्सिफ़ इस्राईल में थे।
- रूत के शौहर की मौत हो गई, कुछ वक़्त बा’द उसकी सास, नाओमी अपने पुराने मक़ाम बैतलहम लौट रही थी तो उसने भी अपनी सास के साथ जाने का फ़ैसला लिया।
- रूत नाओमी की वफ़ादार रही और उसके लिए खाने का इंतज़ाम करती रही।
- वह इस्राईल के इकलौते सच्चे ख़ुदा की ख़िदमत में सुपुर्द हो गई थी।
- रूत की शादीएक इस्राईली आदमी बोअज़ के साथ हो गई थी, उसका बेटा ‘ईसा के बुज़ुर्ग बादशाह दाऊद का दादा था। क्योंकि बादशाह दाऊद ‘ईसा मसीह का बुज़ुर्ग था इसलिए रूत भी थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बैतलहम, बो’अज़, दाऊद, मुन्सिफ़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
रूबिन
सच्चाई:
रूबिन या’क़ूब का पहिलौठा था। उसकी माता का नाम लिआ था।
- यूसुफ़ के भाई जब उसकी हत्या करना चाहते थे तब रूबिन ने उसे गड्ढे में डलवा कर उसकी जान बचाई थी।
- रूबिन बा’द में यूसुफ़ को गड्ढे से निकालने आया, लेकिन उसके दीगर भाइयों ने उसे वहां से जानेवाले ताज़िरों के हाथ दास होने के लिए बेच दिया था।
- रूबिन की नसल इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक बने थे।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: या’क़ूब, यूसुफ़ (पुराना ‘अहदनामा), लियाह, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H7205, H7206, G4502
रोम, रोमी
सच्चाई:
नये ‘अहदनामे के ज़माने में रोम शहर रोमी हुकूमत की दार-उल-हुकूमत था। आज वह इटली मुल्क की दार-उल-हुकूमत है।
- रोम हुकूमत रोम के-समन्दर के पूरे ‘इलाक़े, इस्राईल पर भी बादशाही कर रहा था।
- “रोमी” लफ़्ज़ उन सब ‘इलाक़ों के बारे में है जिन पर रोमी सरकार की हुकूमत थी जिनमें रोमी बाशिन्दे और रोमी मुलाज़िम भी थे।
- रसूल पौलुस को बन्दी बनाकर रोम ले जाया गया था क्योंकि वह ‘ईसा का ख़ुशख़बरी सुनाता था।
- नए ‘अहदनामे की किताब "रोमियों का ख़त" पौलुस के ज़रिए’ रोम के मसीही ईमानदारों को लिखा ख़त है।
(यह भी देखें: ख़ुश ख़बरी, समन्दर, पिलातुस, पौलुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 23:04 जब मरियम के जनने के दिन पूरे हुए, रोमन हुकूमत ने कहा कि सब लोग नाम लिखवाने के लिए अपने अपने शहर को जाए |
- 32:06 तब ‘ईसा ने उस बदरूह से पूछा “तेरा क्या नाम है?” उसने उसे कहा “मेरा नाम लश्कर है: क्योंकि हम बहुत है |” (लश्कर फ़ौजियों की जमा’अत होती है |)
- 39:09 अगली सुबह यहूदी नेताओ ने ‘ईसा को एक रोमन हाकिम पिलातुस के पास इस उम्मीद से ले गए की वह ‘ईसा को मार डालेगा।
- 39:12 रोमन सैनिकों ने ‘ईसा को कोड़े मारे, और शाही चोगा पहनाकर काँटों का ताज उसके सिर पर रखा | तब उन्होंने यह कहकर ‘ईसा का मज़ाक उड़ाया “यहूदियों का बादशाह” देखो |
शब्दकोश:
लमक
सच्चाई:
लमक नाम के दो आदमी पुराने ‘अहदनामे में हैं।
- पहला लमक क़ाइन की नसल से था। उसने अपनी बीवियों से बड़े घमण्ड से कहा कि उसने नुक़सान करने वाले एक आदमी का क़त्ल कर दिया है।
- दूसरा लमक सेत की नसल से था। वह नूह का बाप था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: क़ाइन, नूह, सेत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लाज़र
सच्चाई:
लाज़र और उसकी बहनें, मार्था और मरियम ‘ईसा के ख़ास साथी थे। ‘ईसा उनके बैतनिय्याह के घर में अक्सर ठहरा करता था।
- लाज़र इसलिए जाना जाता है कि ‘ईसा ने उसे मरने के बा’द फिर ज़िन्दा किया था, वह कई दिन कब्र में रहा था।
- यहूदी रहनुमा ‘ईसा के इस मो’जिज़े से नाराज़ थे बल्कि हसद करते थे, लिहाज़ा वे ‘ईसा और लाज़र दोनों ही को क़त्ल करने का मौक़ा ढूँढ रहे थे।
- ‘ईसा ने एक मिसाल भी सुनायी थी जिसमें एक गरीब इन्सान था और एक दौलतमन्द इन्सान था, उस गरीब इन्सान का नाम भी “लाज़र” था।
( तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: भिखारी, यहूदी रहनुमा, मार्था, मरियम, परवरिश
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 37:01 एक दिन, ‘ईसा को पैग़ाम मिला कि लाज़र बहुत बीमार है। लाज़र और उसकी दो बहिन, मार्था और मरियम, ‘ईसा के बहुत अज़ीज़ थे।
- 37:02 ‘ईसा ने कहा, “हमारा दोस्त लाज़र सो गया है, लेकिन मैं उसे जगाने जाता हूँ।”
- 37:03 ‘ईसा के शागिर्दों ने जवाब दिया, “ऐ ख़ुदावन्द, अगर वह सो गया है, तो ठीक हो जाएगा।” तब ‘ईसा ने उनसे साफ़-साफ़ कह दिया, “ लाज़र मर गया है”
- __37:04__जब ‘ईसा लाज़र के रहने के शहर पहुँचा, तो लाजर को क़ब्र में रखे चार दिन हो चुके थे।
- 37:06 ‘ईसा ने उनसे पूछा “तुमने लाज़र को कहाँ रखा है?”
- 37:09 यह कहकर उसने बड़े लफ़्ज़ से पुकारा, “ऐ लाज़र निकल आ।”
- 37:10 लाज़र बाहर निकल आया। वह अभी भी कपड़ो में लिपटा हुआ था।
- __37:11__लेकिन यहूदियों के मज़हबी रहनुमा ‘ईसा से हसद रखते थे, इसलिये उन्होंने आपस में मिलकर मन्सूबा बनाना चाहा कि कैसे वह ‘ईसा और लाज़र को मरवा सके।
शब्दकोश:
लाबन
सच्चाई:
पुराने ‘अहदनामे में लाबन या’क़ूब का मामा और ससुर दोनों था।
- या’क़ूब फ़द्दान अराम में लाबन के घर में रहा था और उसकी बेटियों से शादी करने की शर्त में उसकी भेड़ बकरियों को संभालता था।
- या’क़ूब लाबन की बेटी राख़िल से शादी करना चाहता था।
- लाबान ने धोखे से अपनी बड़ी बेटी राख़िल की बहन लियाह से उसकी शादी कर दी|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: या’क़ूब, नाहूर, लियाह, राख़िल)
क़िताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लावी, लावी, लावियों, लावी
ता’अर्रुफ़:
लावी या’क़ूब या इस्राईल के बारह बेटों में से एक था। लफ़्ज़“लावी” का मतलब इस्राईल के एक से फ़र्द है, जो लावी क़बीले जिसका बुज़ुर्ग लावी था।
- लावी हैकल की देखभाल के ज़िम्मेदार थे, वे मज़हबी रवायतों को भी करते थे जिसमें क़ुर्बानी पेश करना और दु’आ करना भी था।
- सब यहूदी काहिन लावी थे, लावी की नसल और लावी क़बीले के फ़र्द| (ताहम सब लावी काहिन नहीं थे।)
- लावी काहिन हैकल में ख़ुदा की ख़िदमत के लिए अलग किए गए थे और मसह किए हुए लोग थे।
- लावी नाम के दो आदमी ‘ईसा के बुज़ुर्गों में थे जिनके नाम लूक़ा की ख़ुशख़बरी में दिए गए नसबनामे में हैं।
- ‘ईसा का शागिर्द मत्ती भी लावी था।
(यह भी देखें: मत्ती, काहिन, क़ुर्बानी, हैकल, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H3878, H3879, H3881, G3017, G3018, G3019, G3020
लियाह
सच्चाई:
लियाह या’क़ूब की बीवियों में से एक थी। वह या’क़ूब के दस बेटों की माँ थी जिनकी नसल इस्राईल के बारह क़बीलों में से थे।
- लियाह का बाप लाबन था जो या’क़ूब की माँ रिब्क़ा का भाई था।
या’क़ूब लियाह से उतनी मुहब्बत नहीं करता था जितनी वह राख़िल से मुहब्बत करता था। लेकिन ख़ुदा ने लियाह को ज़्यादा औलाद देकर बाबरकत किया था।
लियाह के बेटों में से एक यहूदाह, बादशाह दाऊद और ‘ईसा का बुज़ुर्ग था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: या’क़ूब, यहूदाह, लाबन, राख़िल, रिब्क़ा, इस्राईल के बारह क़बीले)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लिवयातान
सच्चाई:
लफ़्ज़ “लिवयातान” एक बहुत बड़े नामौजूद जानदार के बारे में है, जिसका ज़िक्र पुराने ‘अहदनामे की अय्यूब की किताब, ज़ुबूर और यसा’याह में है।
- लिवयातान का ज़िक्र एक बड़े साँप जैसे जानदार के तौर पर किया गया है जो बहुत ज़्यादा ताक़तवर और ख़ौफ़नाक है और अपने चारों ओर के पानी को उबाल देता है। इसका ज़िक्र डायनेसोर के जैसा है।
- यसा’याह नबी लिवयातान को “रेंगनेवाला साँप” कहता है।
- अय्यूब लिवयातान का ज़िक्र देखते हुए करता है जिसका मतलब है कि यह जानवर उसके वक़्त में ज़िन्दा था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: यसा’याह, अय्यूब, साँप)
किताब मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लुबनान
सच्चाई:
लुबनान एक बहुत ख़ूबसूरत पहाड़ी मुल्क है जो इस्राईल के उत्तर में रोम के समन्दर के किनारे पर है। किताब-ए-मुक़द्दस के ज़माने में यह मक़ाम सनोवर के देवदारू और सरू के पेड़ों से घिरा हुआ था।
- सुलैमान ने लुबनान में मज़दूर भेजे थे कि ख़ुदा के हैकल के ता’मीर के लिए पेड़ काट कर लाएं।
- पुराने लुबनान में फ़ीनीके के बाशिन्दे रहते थे जो पानी के जहाज बनाने में माहिर कारीगर थे, ये जहाज समन्दर में तिजारत के लिए काम में लिए जाते थे।
- सूर और सैदा शहर लुबनान ही में थे। इन्हीं शहरों में बेशक़ीमत बैंजनी रंग सबसे पहले काम में लिया गया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: देवदार, सनोबर, सनोबर, फ़ीनीके)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लुस्त्रा
सच्चाई:
लुस्त्रा पुराने एशिया माइनर में एक शहर था जहां पौलुस ने अपने ‘ऐलान के सफ़र के दौरान दौरा किया था। वह लुकाउनिया ‘इलाक़े में था जो आज के तुर्किस्तान का हिस्सा है।
- पौलुस और उसके साथी इकुनियुम में यहूदियों की धमकी की वजह से दिरबे और लुस्त्रा चले गए थे।
- लुस्त्रा में पौलुस की मुलाक़ात तीमुथियुस से हुई थी, तीमुथियुस पौलुस का साथी ‘ऐलान करने वाला और कलीसिया का मुन्तजिम हुआ।
- लुस्त्रा में एक लंगड़े इन्सान को शिफ़ा देने की वजह से वहां के लोगों ने पौलुस और बरनबास की ‘इबादत करने का इंतज़ाम किया वे उन्हें मा’बूद समझने लगे थे लेकिन पौलुस ने उन्हें झिड़क कर ऐसा बुरा काम करने से रोका।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें:ख़ुशख़बरी देने वाला, इकुनियुम, तीमुथियुस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लूक़ा
सच्चाई:
लूक़ा नये ‘अहदनामे की दो किताबों का मुसन्निफ़ था: लूक़ा की इंजील और रसूलों के ‘आमाल की किताब|
- कुलुस्से की कलीसिया को लिखे ख़त में पौलुस लूक़ा को हकीम कहता है। पौलुस अपने दो और ख़तों में भी लूक़ा का नाम लेता है।
- ऐसा माना जाता है कि मसीह का शागिर्द बनने से पहले लूक़ा एक यूनानी और ग़ैरक़ौमी इन्सान था। अपनी ख़ुशख़बरी में, लूक़ा बहुत सी ऐसी बातों का ज़िक्र करता है जिसके ज़रिए’ ’ईसा की मुहब्बत सबके लिए, यहूदी और ग़ैरक़ौम दोनों के लिए ज़ाहिर होती है।
- लूक़ा पौलुस के साथ दो बशारती सफ़रों में गया था और उसके कामों में उसकी मदद की थी।
- कुछ शुरू’आती कलीसियाओं में, यह कहा जाता है कि लूक़ा की पैदाइश सीरिया में अन्तोक शहर में हुई|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: अन्तोक, पौलुस, सीरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
लूत
सच्चाई:
लूत इब्राहीम का भतीजा था।
- वह इब्राहीम के भाई हारान का बेटा था।
- लूत इब्राहीम के साथ कना’न आया था और सदोम शहर में बस गया।
- लूत मोआबियों और अम्मोनियों का बुनियादी इन्सान था।
- जब दुश्मनों ने सदोम पर हमला करके वहां के बाशिन्दों में लूत को भी क़ैदी बना लिया था तब इब्राहीम अपने सैंकड़ों आदमियों को लेकर गया और उन सब को और पूरी लूट को छुड़ा लाया था।
- सदोम के बाशिन्दे बुराई की हद पार कर गए थे इसलिए ख़ुदा ने उस शहर को तबाह कर दिया। लेकिन उन्होंने लूत और उसके ख़ानदान को पहली बाहर निकाला कि वे बच जाएं।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम , अम्मोन, हारान, मोआब, सदोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
वश्ती
सच्चाई:
पुराने ‘अहद नामे में आस्तर की किताब में वश्ती बादशाह अख़्सूयरस की रानी थी।
- वश्ती ने अख़्सूयरस की दावत में हाज़िर होने के हुक्म को टाल दिया था इसलिए बादशाह अपने मेहमानों को जो शराब के नशे में थे रानी वश्ती की ख़ूबसूरती दिखाना चाहता था, लेकिन रानी वश्ती ने आने से इन्कार कर दिया था, इस वजह से बादशाह ने उसे छोड़ दिया था।
- अब नई रानी के लिए ‘औरतों का चुनाव किया गया और आखीर में आस्तर रानी बनी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का अनुवाद
(यह भी देखें: अख़्सूयरस, आस्तर, फारस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शमा'ऊन
सच्चाई:
पुराने 'अहद नामे में शमा'ऊन नाम के कई आदमी थे।
- पुराने 'अहद नामे में या'क़ूब (इस्राईल) के दूसरे बेटे का नाम शमा'ऊन था । उसकी माँ का नाम लीआ: था। उसकी औलाद इस्राईल के बारह क़बीलों में से एक थी ।
- शमा'ऊन के क़बीले ने वा'दे के मुल्क कन'आन में दूर क़ायम दक्खिनी 'इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था, उस 'इलाक़े का एक हिस्सा यहूदा की मीरास में था।
- जब यूसुफ़ और मरियम 'ईसा को यरूशलीम की हैकल में सुपुर्द करने लाए थे तब शमा'ऊन नाम का एक उम्र दराज़ आदमी ने मसीह के दीदार पाने के लिए यहोवा की ता'रीफ़ की थी।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, मसीह, सुपुर्द करना, या’क़ूब, यहूदा, हैकल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H8095, H8099, G4826
शमा'ऊन जेलोतेस
सच्चाई:
शमा'ऊन जेलोतेस 'ईसा के बारह शागिर्दों में से एक था।
- इस शमा'ऊन का नाम 'ईसा के शागिर्दों में तीन बार आया है लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
- यह शमा'ऊन भी 'ईसा के आसमान पर उठाए जाने के बा'द ग्यारह शागिर्दों में था जब वह यरूशलीम में दु'आ कर रहे थे ।
- जेलोतेस का मतलब यह हो सकता है कि वह उस मज़हबी “जेलोतेस” क़ोम का था जो मूसा की शरी'अत को 'अमल में और रोम मुख़ालिफ़ के साथ सख़्त मिजाज़ थे।
- या “जेलोतेस” का मतलब सिर्फ़ “जोशीला” हो सकता है जो शायद उसके मज़हबी जोश की वजह हो।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: रसूल, शागिर्द, बारहों)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: G2208, G2581, G4613
शमूएल
सच्चाई:
शमूएल एक नबी था और इस्राईल का आख़िरी मुंसिफ़ था। उसने शाऊल और उसके बा'द दाऊद दोनों को इस्राईल का बादशाह होने के लिए मुबारक किया था।
- शमूएल रामा शहर में एल्क़ाना और हन्ना से पैदा हुआ था।
- हन्ना बांझ थी, उसने ख़ुदावन्द से रो-रोकर दु'आ की कि उसे बेटा दे। उसकी दु'आ सुन कर ख़ुदावन्द ने उसे शमूएल दिया।
- हन्ना ने वा'दा किया था कि, अगर ख़ुदावन्द उसे बेटा देगा तो वह उसे यहोवा की ख़िदमत में सुपुर्द कर देगी।
- जब शमूएल लड़का ही था, तब हन्ना ने उस काहिन एली के पास दे दिया और ख़ुदावन्द से की गई अपनी क़सम पूरी की।
- ख़ुदावन्द ने शमूएल को अपना एक अज़ीम नबी बनाया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: हन्ना, क़ुज़ाती , नबी , यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शाऊल (पुराना ‘अहद नामा )
सच्चाई:
शाऊल एक इस्राईली था जिसे ख़ुदा ने चुनकर इस्राईल का पहला बादशाह बनाया था।
- शाऊल बहुत लम्बा और ख़ूबसूरत था, और एक ताक़तवर जंगबाज़ भी था। वह ऐसा आदमी था जिसे इस्राईली चाहते थे कि वह उनका बादशाह हो।
- या'नी वह शुरू' में ख़ुदावन्द का ख़ादिम था लेकिन बा'द में वह मग़रूर होकर ख़ुदावन्द के हुक्मों की नाफ़रमानी करने लगा था। इसलिए, ख़ुदावन्द ने दाऊद को शाऊल की जगह में बादशाह होने के लिए मुक़र्रर किया और शाऊल को जंग में मरने दिया।
- नये 'अहद नामे में, भी शाऊल नाम का एक यहूदी था जो बा'द में पौलुस कहलाया और 'ईसा का रसूल हुआ।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बादशाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 17:01 शाऊल इस्राईल का पहला बादशाह था | वह लम्बा और ख़ूबसूरत था, जैसा कि लोग चाहते थे | शाऊल ने पहले कुछ सालों तक इस्राईल पर अच्छी हुकूमत की | लेकिन बा'द में वह एक बुरा आदमी बन गया और उसने ख़ुदावन्द के हुक्मों की नाफ़रमानी की, और ख़ुदावन्द ने उसकी जगह पर एक दूसरा बादशाह चुना |
- 17:04 शाऊल यह देख कि लोग दाऊद को मुहब्बत करते है उससे जलने लगा | शाऊल ने दाऊद को मारने का कई बार इरादा किया, इस वजह से दाऊद शाऊल से छिप रहा था |
- 17:05 आख़िरकार शाऊल जंग में मारा गया, और दाऊद इस्राईल का बादशाह बन गया |
शब्दकोश:
शारोन, शारोन का मैदान
सच्चाई:
शारोन पहाड़ कर्मेल के दक्खिन में दरमियानी समन्दर के किनारे एक बराबर पैदावार देने वाला ज़मीन हिस्सा था। इसे “शारोना का मैदान” भी कहते हैं
- कलाम में बयान कई शहर यहाँ क़ायम थे, याफ़ा, लुद्दा और कैसरिया।
- इसका तर्जुमा “शारोन का मैदान” या “शारोन नाम का ज़मीन का हिस्सा” किया जा सकता है।
- शारोन के रहने वालों को शारोनी कहते थे।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कैसरिया, कर्मेल, याफ़ा, समन्दर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शीबा
सच्चाई:
पुराने ज़माने में शीबा एक पुराना तहज़ीबी 'इलाक़ा था जो दक्खिन 'अरब में था।
- शीबा मुल्क या जगह आज के यमन या इथोपिया मुल्क के क़रीब था।
वहाँ के रहने वाले शायद हाम की औलाद थे।
- शीबा की मलिका सुलैमान की हिकमत और 'अज़मत का ज़िक्र सुनकर उससे मुलाक़ात करने आई थी।
- पुराने 'अहद नामे के नसब नामें में “शीबा” नाम के कई आदमी थे। शायद है कि उस जगह का नाम शीबा इनमें से किसी एक आदमी के नाम पर पड़ा था।
- बर्शेब शहर का नाम छोटा करके एक बार पुराने 'अहद नामे में शीबा कहा गया है।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: 'अरब, बर्शेबा, इथोपिया, सुलैमान)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शेकेम
सच्चाई:
शेकेम कन'आन में एक शहर था जो यरूशलीम के उत्तर में 40 मील दूर क़ायम था। शेकेम पुराने 'अहद नामे में एक आदमी का भी नाम था।
- शेकेम वह जगह थी जहाँ या'क़ूब लौटने के बा'द अपने भाई ऐसौ से सुलह करके बस गया था।
- या'क़ूब ने शेकेम के हिव्वी हमूर के बेटों से ज़मीन ख़रीदी थी यह ज़मीन का हिस्सा बा'द में उनका ख़ानदानी क़ब्रिस्तान हो गया था, वहीं या'क़ूब के बेटों ने उसे दफ़न किया था।
- हमूर के बेटे शेकेम ने या'क़ूब की बेटी दीना के साथ ज़िनाकारी की थी जिसका नतीजा यह हुआ कि या'क़ूब के बेटों ने शेकेम शहर के सब आदमियों को मार डाला था।
(तर्जुमा की सलाह : हामोर
(यह भी देखें: कन'आन, ऐसौ, हामोर, हिव्वी, या'क़ूब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शेत
सच्चाई:
पैदाइश की किताब में, शेत आदम और हव्वा का तीसरा बेटा था।
- हव्वा ने कहा कि उसके बेटे हाबिल की जगह में उसे शेत दिया गया, हाबिल को उसके भाई काइन ने क़त्ल कर दिया था ।
- नूह शेत की नसलों में से था, लिहाज़ा सैलाब के बा'द सब शेत ही की औलाद हैं।
- शेत और उसका ख़ानदान सबसे पहले इन्सान थे जिन्होंने “ख़ुदा का नाम पुकारा था।"
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: हाबिल, काइन, पुकारना, नसल, बाप दादा, सैलाब, नूह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
शेम
सचचाई:
शेम नूह के तीन बेटों में से एक था, पैदाइश की किताब में बयान है कि सारी दुनिया में सैलाब के वक़्त वह नूह के साथ उसके जहाज में था।
- शेम इब्राहीम और उसकी “औलादों” का बुज़ुर्ग था।
- शेम की औलाद “सामी” कहलाए जो 'इब्रानी और 'अरबी ज़बान जैसी सामी ज़बाने बोलते थे।
- कलाम बताता है कि शेम तक़रीबन 600 साल ज़िन्दा रहा।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम, अरेबिया, बड़ा जहाज, सैलाब, नूह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सदूम
ता’अर्रुफ़:
सदूम कन'आन के दक्खिनी हिस्से में एक शहर था, जहाँ इब्राहीम के भतीजे लूत अपने ख़ानदान के साथ रहने गया था।
- सदूम के इर्द गिर्द के 'इलाक़े की ज़मीन बहुत अच्छी तरह से उपजाऊ थी , यही वजह थी कि लूत ने वह जगह अपने रहने के लिए चुना था।
- इस जगह के मक़ाम मा'लूम नहीं, क्यूँकि वह पूरा ‘इलाक़ा, सदूम, अमूरा और आसपास का 'इलाक़ा वहाँ के रहने वालों के बुरे कामों की सज़ा के तौर पर ख़ुदा ने पूरे तरीक़े से तबाह कर दिया था।
- वहाँ के लोगों का सबसे बड़ा गुनाह लवातत परस्त थे ।
(यह भी देखें: कन'आन, अमूरा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सदोक़
सच्चाई:
सदोक़ दाऊद बादशाह की बादशाहत के वक़्त में इस्राईल का एक खास सरदार काहिन था।
- जब अबशालोम ने राजा दाऊद के ख़िलाफ़ बग़ावत किया, तब सदोक़ दाऊद की हिमायत करता था और उसने ‘अहद के सन्दूक़ को यरूशलीम से वापस लाने में मदद की।
- सालों बा’द उसने दाऊद के बेटे सुलैमान को बादशाहत के लिए मसह करने में मदद किया था।
- सदोक़ नाम के दो आदमियों ने नहमियाह के वक़्त यरूशलीम की शहरपनाह का फिर से ता’मीर करने में मदद की थी।
- योताम बादशाह के दादा का नाम भी सदोक़ था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: ‘अहद का सन्दूक, दाऊद, योताम, नहमियाह, बादशाहत करना, सुलैमान)
किताब-ए-मुकद्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सन्हेरीब
सच्चाई:
सन्हेरीब असूरों का एक ताक़तवर बादशाह था जिसने नीनवे को एक अमीर और ख़ास शहर बना दिया था।
- सन्हेरीब बाबुल और यहूदा मुल्क से जंग करने के लिए जाना गया है।
- वह एक ज़बरदस्त बादशाह था और यहोवा का ख़ैर मक़दम करता था।
- सन्हेरीब ने हिज़किय्याह बादशाह के वक़्त में यरूशलीम पर हमला किया था।
- यहोवा ने सन्हेरीब की फ़ौज को तबाह कर दिया था।
- पुराने 'अहद नामा में बादशाहों और तवारीख़ की किताबों में सन्हेरीब की बादशाही के हादसे दर्ज हैं।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: असूर, बाबुल , हिज़किय्याह, यहूदा, मज़ाक करना, [नीनवे[
किताब-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सफ़नियाह
सच्चाई:
सफ़नियाह नबी , खोरस का बेटा , यरूशलीम का रहने वाला था और यहूदा के मुल्क यूसियाह के बादशाहत के ज़माने में उसने नबुव्वत की थी। उसकी ख़िदमत का ज़माना यरमियाह के वक़्त का है।
- उसने लोगों को बुतों की ‘इबादत के लिए झिड़का था। उनकी नबुव्वतें पुराने ‘अहद नामे में सफ़नियाह की किताब में लिखी गई है।
- पुराने ‘अहद नामे में सफ़नियाह नाम के कई शख़्स भी हुए हैं जिनमें से ज्यादातर काहिन थे।।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा )
(यह भी देखें: यरमियाह , यूसियाह , काहिन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
समन्दर, बड़ा समन्दर, पश्चिम के समन्दर, भूमध्य समन्दर
सच्चाई:
कलाम में “बड़ा समन्दर” या “पश्चिमी समन्दर” आज के भूमध्य समन्दर के बारे में है। यह कलाम के वक़्त के लोगों के लिए सबसे बड़ा समन्दर था।
- यह इस बड़े समन्दर (भूमध्य समन्दर) के चारों तरफ़ थे: इस्राईल(पूरब में), यूरोप (उत्तर और पश्चिम में) और अफ़्रीक़ा (दक्खिन में)।
- पुराने वक़्त में यह समन्दर बहुत ही ख़ास था क्यूँकि इसमें कारोबार और पानी से सफ़र किया जाता था क्यूँकि इसके किनारे पर कई मुल्क थे। इस समन्दर के किनारे पर मौजूद शहर और वहाँ के लोग बहुत कामयाब थे क्यूँकि दूसरे मुल्कों से जहाज़ के ज़रिए' सामान लाना आसान था।
- यह बड़े समन्दर इस्राईल के पश्चिम में था इसलिए इसे “पश्चिमी समन्दर” भी कहा गया है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: इस्राईल, लोगों का झुण्ड, कामयाब)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H314, H1419, H3220
समसून
सच्चाई:
समसून इस्राईली मुंसिफ़ों में से एक था, और इस्राईल का छुड़ाने वाला था। वह दान के क़बीले का था।
- ख़ुदावन्द ने उसे ज़बरदस्त ताक़त दी थी जिससे उसने इस्राईल के दुश्मन फ़िलिस्तियों से लड़ने में काम में ली।
- समसून क़सम में मजबूत था कि वह न तो शराब नोशी करेगा, न ही किसी तरह का खमीरी पीने वाली चीज़ पीएगा। जब तक वह अपनी क़सम पर क़ायम रहा, ख़ुदावन्द उसे ताक़त देता रहा।
- उसने अपनी ताक़त का राज़ जाहिर करके बाल कटवा लिए और फ़िलिस्तियों ने उसे क़ैदी बना लिया।
- जब समसून क़ैदखाने में था, ख़ुदावन्द ने उसे ताक़त दी और कई फ़िलिस्तियों के साथ उनके दागोन मा'बूद की हैकल को ख़त्म करवाया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: नजात दिलाना, फ़िलिस्ती , इस्राईल के बारह क़बीले )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
साइप्रस
सच्चाई:
साइप्रस समन्दर के किनारे का मुल्की हिस्सा है है जो आज के तुर्किस्तान से 64 किलोमीटर दाख्खिन में था।
- बरनबास साइप्रस का बाशिन्दा था, और मूमकिन है कि यूहन्ना मरकुस भी वहीं रहा होगा क्योंकि दोनों रिश्ते में भाई थे।
- पौलुस और बरनबास ने अपनी पहले मुनादी सफ़र के शुरू’ में साइप्रस में ख़ुशख़बरी सुनाया था। उस सफ़र में यूहन्ना मरकुस उनकी ख़िदमत में था।
- बाद में बरनबास और यूहन्ना मरकुस ने साइप्रस का दुबारा दौरा किया था।
- पुराने ‘अहद नामे में साइप्रस सरू के पेड़ों की बहुतायत के लिए मशहूर था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: बरनबास, युहन्ना, मरकुस, समन्दर
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सामरिया, सामरी
सच्चाई:
सामरिया उत्तरी मुल्क इस्राईल में एक शहर और उसके आसपास के 'इलाक़ों का नाम था। यह मक़ाम पश्चिम में शारोन के मैदान और पूरब में यरदन नदी के दरमियान था।
- पुराने 'अहद नामे के ज़माने में, सामरिया उत्तरी मुल्क इस्राईल की सल्तनत थी। उस वक़्त के बा'द में इसके आसपास का 'इलाक़ा भी सामरिया कहलाने लगा था।
- जब असूरों ने उत्तरी मुल्क इस्राईल को फ़तह कर लिया था और ज़्यादातर इस्राईलियों को वहाँ से बाज़ू के ज़ोर से ले जाकर असूर मुल्क के अलग अलग शहरों में बसा दिया था।
- असूर कई परदेशियों को वहाँ इस्राईलियों के मक़ाम में बसा कर चले गए थे।
- जो इस्राईली वहाँ रह गए थे उन्होंने उन परदेशियों से शादी कर ली थी और इस तरह उनकी औलाद सामरी कहलाए।
- यहूदी सामरियों से नफ़रत करते थे क्यूँकि वह आधे यहूदी थे और क्यूँकि उनके बाप दादा बुत परस्त थे।
- नये 'अहद नामे के ज़माने में, सामरिया 'इलाक़ा उत्तर में गलील इलाक़ा ओर दक्खिन में यहूदिया की सरहदों से घिरा हुआ था।
(यह भी देखें: असूर, गलील, यहूदिया, शारोन, इस्राईल का मुल्क )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल :
- __20:04__तब असूरियों ने ग़ैर क़ौमों को उस ज़मीन पर रहने को कहा जहाँ पर इस्राईली मुल्क था| ग़ैर क़ौमों ने उस बर्बाद शहर को दोबारा तैयार किया, और वहाँ बाक़ी बचे इस्राईलियों से शादी की | इस्राईलियों की वह औलादें जिन्होंने ग़ैर क़ौमों से शादी की थी वह सामारी कहलाए|
- 27:08"अगला आदमी जो वहाँ से जा रहा था वह एक सामरी था| (सामरी यहूदियों की औलाद थे , जिन्होंने ग़ैर मुल्क के लोगों से शादी करी थी | सामरी और यहूदियों को एक दूसरे से नफ़रत थी।)"
- 27:09"सामरी आदमी ने उस घायल आदमी को अपने गधे पर लाद लिया और उसे सड़क के पार एक सराय में ले गया जहाँ उसकी देख-भाल की|"
- 45:07 वह (फिलिप्पुस)सामरिया शहर में गया और वहा लोगों को 'ईसा के बारे में बताया और बहुत से लोग बचाए गए|
शब्दकोश:
- Strong's: H8111, H8115, H8118, G4540, G4541, G4542
सारा, सारय
सच्चाई:
- सारा इब्राहीम की बीवी थी।
- उसका लफ़्ज़ी नाम "सारै" था लेकिन ख़ुदावन्द ने उसका नाम बदलकर "सारा" रखा।
- सारा ने ख़ुदावन्द के वा'दे के मुताबिक़ बेटे को पैदा किया।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , इस्हाक़)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 05:01 तो अब्राम की बीवी सारय, ने उससे कहा, "देख ख़ुदावन्द ने मेरे रहम को बन्द कर रखा है, इसलिए मैं तुझ से मिन्नत करती हूँ कि तू मेरी लौंडी हाजिरा के पास जा | तू उससे शादी भी करना ताकि, उसके ज़रिए' मेरी गोद भर सके |
- 05:04 "तुम्हारी बीवी, __सारय__को एक बेटा होगा--वह वा'दे का बेटा होगा।"
- 05:04" ख़ुदावन्द ने __सारय__का नाम बदलकर सारा रखा, जिसका मतलब है, "शहज़ादी
- 05:05"तक़रीबन एक साल बा'द, जब इब्राहीम सौ साल का था और सारा नब्बे साल की थी, __सारा__ने इब्राहीम के बेटे को पैदा किया| उन्होंने उसका नाम इस्हाक़ रखा, जैसा कि ख़ुदावन्द ने कहा था|
शब्दकोश:
- Strong's: H8283, H8297, G4564
सिदक़ियाह
सच्चाई:
सिदक़ियाह यहूदा का आख़री बादशाह था (597-587 ई.पू.)। पुराने ‘अहद नामे में सिदक़ियाह नाम के और भी शख्स हुए हैं।
- बादशाह नबूकदनज़र ने यहूदा के बादशाह सिदक़ियाह को बादशाह यहूयक़ीम को पकड़ कर बाबुल को ले जाने के बा’द बनाया था। बा’द में सिदक़ियाह ने बग़ावत किया और नबूकदनज़र ने उसे पकड़ा और पुरे यरूशलीम को बर्बाद कर दिया।
- सिदक़ियाह, कना’ना का बेटा , इस्राईल के बादशाह अहाब के वक़्त एक झूठा नबी था।
- सिदक़ियाह नाम का एक आदमी नहमियाह के वक़्त ख़ुदावन्द के साथ एक सुलह नामे पर दस्तखत किए थे।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तेर्जुमा कैसे करें )
(यह भी देखें :अहाब, बाबुल, हिज़क़ीएल, इस्राएल कामुल्क , यहूयक़ीम, यरमियाह, यूसियाह, यहूदा, नबूकदनेस्सर, नहमियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सिन'आर
सच्चाई:
“सिन'आर” या'नी दो नदियों का मुल्क , यह जगह दक्खिनी मिसोपतामिया में थी ।
बा'द में सिन'आर का नाम क़सदी तदोपरान्त बाबुल हुआ।
बाबुल में रहनेवाले पुराने लोगों ने एक ऊंचा मीनार बनाने की कोशिशकी थी कि अपने को बड़ा बनाएं।
नस्लों बा'द यहूदी बुज़ुर्ग इब्राहीम इसी 'इलाक़े के ऊर शहर में रहता था, उस वक़्त इस जगह का नाम “क़सदी” था।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , बाबुल, बाबुल, क़सदी, मसोपतामिया, पित्र, ऊर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सिन’आर
सच्चाई:
ख़ुदा ने सदोम और अमोरा को हलाक किया तो लूत एक छोटे शहर सिन’आर में जा बसा था।
- इस शहर का नाम “बेला” था लेकिन जब लूत ने ख़ुदा से उस शहर को बचाए रखने की मिन्नत की थी तब उसका नाम सिन’आर पड़ा था।
- माना जाता है कि सिन’आर शहर यरदन नदी के मैदानी ‘इलाक़े में था या मौत का -सागर के पच्छिमी सिरे पर था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: लूत, सदोम, अमोरा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सिम'ई
ता’अर्रुफ़:
पुराने अहद नामे में सिम'ई नाम के कई आदमी हुए हैं ।
- गेरा का बेटा सिम'ई एक बिन्यामीनी था जिसने दाऊद को ला'नत दिया और उस पर पत्थर फेंके थे जब वह अपने बेटे अबीसलोम से बच कर यरूशलीम से भाग रहा था।
- पुराने 'अहद नामे में सिम'ई नाम के कई लावी काहिन भी हुए हैं।
(यह भी देखें: अबीसलोम, बिन्यामीन, लावी, काहिन)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सीनै, सीनै पहाड़
सच्चाई:
सीनै पहाड़ शायद एक पहाड़ था जो आज के सीनै प्रायद्वीप के दक्खिन में है। यह "होरेब पहाड़" की शक्ल में भी जाना जाता था।
- सीनै पहाड़ एक बहुत बड़ा चट्टानी रेगिस्तान का हिस्सा है।
- मिस्र से निकल कर वा'दे के मुल्क के सफ़र के वक़्त इस्राईली सीनै पहाड़ के क़रीब पहुँचे थे।
- ख़ुदा ने सीनै पहाड़ पर ही मूसा को दस हुक्म दिए थे ।
(यह भी देखें: रेगिस्तान, मिस्र, होरेब, वा'दे का मुल्क, दस हुक्म)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 13:01__ के बा'द ख़ुदा लाल समन्दर के ज़रिए' से इस्राईलियों की रहनुमाई की , वह उन्हें सीनै नाम के पहाड़ पर जंगल में ले गया।
- 13:03 तीसरे दिन तक, वह अपने आप को रूहानी शक्ल से तैयार करें ,जब ख़ुदा सीनै पहाड़ पर आया तो बादल गरजने और बिजली चमकने लगी और पहाड़ पर काले बादल छा गए फिर नरसिंगे की बड़ी ज़ोर से आवाज़ आई |
- 13:11 कई दिनों तक मूसा सीनै पहाड़ के ऊपर ख़ुदा से बात करता रहा |
- 15:13 तब यसू'अ ने इस्राईलियों को वह 'अहद याद दिलाया जो उन्होंने ख़ुदा के साथ __सीनै पहाड़ __ पर बाँधा था, कि वह उस पर 'अमल करेंगे।
शब्दकोश:
- Strong's: H2022, H5514, G3735, G4614
सीरिया
सच्चाई:
सीरिया इस्राईल के उत्तर पूरब में है। नए 'अहद नामे के वक़्त, यह रोमन सल्तनत की हुकमरान के तहत एक सूबा था।
- पुराने 'अहद नामे के वक़्त मैं सीरियाई सैन्य इस्राईलियों के मज़बूत दुश्मन थे।
- नामान सीरिया की फ़ौज का सिपेसालार था जिसे एलीशा ने कोढ़ से आज़ाद किया था।
- सीरिया के कई रहने वाले आराम की औलाद थे, जो नूह के बेटे शेम की औलाद था।
- दमिश्क़, सीरिया की सल्तनत का नाम है जिसका ज़िक्र कई बार कलाम में बयान हुआ है।
- शाऊल दमिश्क़ शहर में ईमानदारों को सताने के मन्सूबे से गया था लेकिन 'ईसा ने उसे रोक दिया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आराम, सिपेसालार, दमिश्क़, औलाद, एलीशा, कोढ़ , ना'मान, सताना, नबी)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H130, H726, H758, H761, H762, H804, H1834, H4601, H7421, G4947, G4948
सीलास, सिल्वानुस
सच्चाई:
सीलास यरूशलीम के मसीही ईमानदारों का रहनुमा था।
- यरूशलीम की कलीसिया के बुजुर्गों ने सीलास को पौलुस और बरनबास के साथ जाने के लिए मुक़र्रर किया कि अन्ताकिया के लिए ख़त ले जाए।
- आगे चलकर सिलास पौलुस के साथ और शहरों में भी 'ईसा की ख़ुशख़बरी करने के लिए गया था।
- पौलुस और सीलास फ़िलिप्पी के क़ैदखाने में एक साथ थे। वहाँ वह ख़ुदा की 'इबादत कर रहे थे और ख़ुदावन्द ने उन्हें वहाँ से आज़ादी दिलाई। उनकी इस गवाही के नतीजे उस क़ैदखाने का जेलर मसीही ईमानदार हो गया।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अन्ताकिया, बरनबास, यरूशलीम, पौलुस, फिलिप्पुस, क़ैदखाना, गवाही)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- 47: 1 एक दिन, पौलुस और उसका दोस्त __ सिलास फ़िलिप्पी के शहर में 'ईसा के बारे में ख़ुशख़बरी देने के लिए गए।
- 47:02 वह (लुदिया ) ने पौलुस और __ सिलास को अपने घर में रहने के लिए बुलाया , इसलिए वह उसके और उसके ख़ानदान के साथ रहे।
- 47:03 पौलुस और __ सिलास__ अक्सर दु'आ की जगह पर लोगों के साथ मिलते थे ।
- 47:07 इसलिए ग़ुलाम लड़की के मालिकों ने पौलुस और __ सिलास को रोमन हाकिमों के पास ले गए, जिन्होंने उन्हें मारा और उन्हें जेल में फेंक दिया।
- 47:08 उन्होंने पौलुस और __ सिलास को जेल के सबसे महफ़ूज़ हिस्से में रखा और यहां तक कि उनके पैरों को भी बाँध दिया।
- 47:11 जेलर कांपते हुए' पौलुस और __ सिलास के पास आया और पूछा, "बचने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?"
- 47:13 अगले दिन शहर के रहनुमाओं ने पौलुस और __ सिलास को जेल से रिहा कर दिया और उन्हें फ़िलिप्पी छोड़ने के लिए कहा। पौलुस और __ सिलास ने लुदिया और कुछ और दोस्तों सें मिले और फिर शहर छोड़ दिया।
शब्दकोश:
सुक़्क़ात
ता'अर्रुफ़:
सुक़्क़ात पुराने 'अहद नामे में दो शहरों का नाम था। सुक़्क़ात लफ़्ज़ का मतलब है “पनाह गाह ”
- पहला सुक़्क़ात शहर यरदन नदी के पूरब में था।
- या'क़ूब अपने ख़ानदान और जानवरों के साथ सुक़्क़ात में रूका जहाँ उसने अपने लिए झोपड़ियाँ बनाई थीं ।
- सैंकड़ों साल बा'द गिदोन और उसके जवान मर्द मिद्यानियों का पीछा करते हुए थककर सुक़्क़ात में रूके थे लेकिन वहाँ के रहनेवालों ने उन्हें खाना देने से इन्कार कर दिया था।
- दूसरा सुक़्क़ात मिस्र की उत्तरी सरहद पर था जहाँ इस्राईली लाल समन्दर पार करने के बा'द रुके थे, जब वह मिस्र से जा रहे थे।
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
सुलैमान
सच्चाई:
सुलैमान दाऊद के बेटों में से एक था। उसकी माँ नाम बतशबा था ।
- जब सुलैमान तख़्त सल्तनत पर बैठा तब ख़ुदा ने उससे कहा था कि वह जो चाहे उससे मांग ले। तब सुलैमान ने अपने लोगों पर मुनासिब हुकूमत करने के लिए हिकमत 'अमली तलब की । ख़ुदा सुलैमान की इस इल्तिजा से ख़ुश हुआ और उसे हिकमत और माल दोनों दिया।
सुलैमान यरूशलीम के शानदार हैकल को बनाने के लिए भी मशहूर है।
- सुलैमान ने शुरू'आती सालों में तो बड़ी हिकमत-ए-’अमली से बादशाहत की लेकिन बा'द में उसने ग़ैर क़ौमों की 'औरतों से शादी करके बुत परस्ती शुरू' कर दी थी।
- सुलैमान की इस दग़ाबाज़ी की वजह से ख़ुदा ने उसकी मौत के बा'द इस्राईल को दो मुल्कों में बाँट दिया, एक इस्राईल और दूसरा यहूदा। यह दोनों मुल्क हमेशा लड़ते रहते थे।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बतशबा, दाऊद, इस्राईल, यहूदा, इस्राईल का मुल्क , हैकल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 17:14 उसके बा'द, दाऊद से बतशबा को एक और बेटा पैदा हुआ उसका नाम उन्होंने सुलैमान रखा।
- 18:01 कई सालों बा'द, जब दाऊद की मौत हो गई, तब उसके बेटे सुलैमान ने इस्राईल पर हुकूमत करना शुरू' किया | ख़ुदा ने सुलैमान से बात की और उससे कहा, “जो कुछ तू चाहे कि मैं तुझे दूँ, वह माँग | ” जब सुलैमान ने हिकमत माँगी, ख़ुदा उससे ख़ुश हुआ और उसे दुनिया का सबसे दानिशवर आदमी बना दिया | ख़ुदा ने उसे बहुत मालदार सख्स बनाया |
- 18:02 यरुशलीम में, सुलैमान ने अपने बाप के मन्सूबे के मुताबिक़ एक हैकल बनाने का फ़ैसला किया और उसके लिए समान जमा' किया |
- 18:03 लेकिन सुलैमान कई मुल्कों की 'औरतों से मुहब्बत करता था |. लिहाज़ा जब सुलैमान बूढ़ा हुआ तब उसकी 'औरतों ने उसका मन ग़ैर मा'बूदों की तरफ़ बहका दिया |
- 18:04 तब ख़ुदा ने सुलैमान पर ग़ुस्सा किया, और उसकी नारास्ती की वजह से उसे सज़ा दिया, और 'अहद बाँधा कि सुलैमान की मौत के बा'द वह इस्राईल के मुल्क को दो हिस्सों में बाँट देंगा।
शब्दकोश:
सूर, सूर के लोग
सच्चाई:
सूर शहर कना’न का एक पुराना शहर था समन्दर से दूर के किनारे पर जो आज लबानोन का एक हिस्सा है। इस शहर के लोगों को "सूर के लोग" कहा जाता था।
- इस शहर का एक हिस्सा टापू पर समन्दर में मौजूद था जो करीब एक किलोमीटर ज़मीन से दूर था
- उसकी जुगराफिय हालत और क़ीमती क़ुदरती सामानों की वजह जैसे की देवदार पेड़ , सोर का तिजारती काम तरक़्क़ी पर था और वह एक मालदार शहर था।
- सूर के बादशाह हीराम ने बादशाह दाऊद के लिए महल बनाने में देवदार के पेड़ों की लकड़ी और माहिर मज़दूरों को भेजा था।
- सालों बा’द, हीराम ने भी हैकल बनाने में मदद करने के लिए बादशाह सुलेमान को लकड़ी और माहिर मज़दूरों को भेजा। सुलैमान ने उन्हें बड़ी ता’दाद में गेहूं और जैतून का तेल दिया।
- सूर का नाम हमेशा ही नज़दीकी सैदा शहर के साथ आता है। यह कना’न के ‘इलाक़े के सबसे ख़ास शहर थे, जिन्हें फीनीके कहा जाता था।
(तर्जुमे की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें :कना’न, देवदारू , इस्राईल, झील, फ़ीनीके, सैदा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H6865, H6876, G5183, G5184
सैदा, सैदानियों
सच्चाई:
सैदा कन'आन का पहलौठ बेटा था। सैदा नाम का कन'आन में एक शहर भी था, शायद कन'आन के बेटे के नाम पर।
- सैदा शहर इस्राईल के उत्तर-पश्चिम में दरमियानी समन्दर के किनारे पर बसा था जो आज के लबनान मुल्क का एक हिस्सा है।
- “सैदानियों” फ़िनीके की क़ौम के लोग थे जो पुराने सैदा और उसके आसपास के 'इलाक़ों में रहते थे।
- बाबुल में सैदा, सूर के क़रीबी रिश्ते को बताया गया है यह दोनों शहर अपने ग़ैर इख़लाक़ी सुलूक के लिए मशहूर थे।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: कन'आन, नूह, फ़िनीके, समन्दर, सूर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H6721, H6722, G4605, G4606
सैला
सच्चाई:
सैला शहरपनाह का एक कन'आनी शहर था जिसे इस्राईल ने यसू'अ की रहनुमाई में फ़तह कर लिया था।
सैला शहर यरदन नदी के पश्चिम में और बेतेल के उत्तर-पूरब में था।
इस्राईल में यसू'अ की रहनुमाई के वक़्त सैला शहर इस्राईलियों के लिए मिलने की जगह थी।
इस्राईल के 12 क़बीले सैला में मौजूद होकर यसू'अ का ऐलान सुनते थे कि कन'आन का कौन सा हिस्सा किस क़बीले को दिया गया है।
यरूशलीम की हैकल ता'मीर होने से पहले इस्राईली सैला में ख़ुदा के लिए क़ुर्बानी पेश करने आते थे।
जवान शमूएल को उसकी माँ ने सैला में रखा था कि काहिन 'एली से यहोवा की ख़िदमत करना सीखे।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बेतेल, सुपुर्द करना, हन्ना, यरूशलीम, यरदन नदी, काहिन, क़ुर्बानी, शमूएल, हैकल )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
स्तिफ़नुस
सच्चाई:
स्तिफ़नुस पहला शहीद मसीही या'नी मसीह में ईमान की वजह से क़त्ल किया गया। उसकी ज़िन्दगी और मौत की सच्चाई रसूलों के 'आमाल की किताब में हैं।
- स्तिफ़नुस को शुरू'आती कलीसिया ने यरूशलीम में बेवाओं और कई ज़रूरतमन्द ईमानदारों के लिए खाना फ़राहम की ख़िदमत के लिए एक ख़ादिम चुना था।
- कुछ यहूदियों ने उस पर झूठा इल्ज़ाम लगाया था कि वह ख़ुदावन्द और मूसा की शरी'अत के ख़िलाफ़ बोलता है।
- स्तिफ़नुस ने मसीह 'ईसा के बारे में बेख़ौफ़ होकर सच्चाई का ज़िक्र किया और इस्राईल के साथ शुरू' से लेकर ख़ुदावन्द के किरदार का बयान किया था।
- उसकी बातें सुनकर यहूदी रहनुमा आग बबूला हो गए और उसे शहर के बाहर ले जाकर पथराव कर के मार डाला।
- उसकी मौत का गवाह तर्शिश का शाऊल भी था जो बा'द में रसूल पौलुस हुआ।
- स्तिफ़नुस ने मरने से पहले जो आख़िरी दु'आ की वह यादगार है, “ऐ ख़ुदा उनसे इस गुनाह का हिसाब मत लेना” इससे लोगों के लिए उसका प्यार ज़ाहिर होता है।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: मुक़र्रर, सदाक़त , यरूशलीम, पौलुस, पत्थर, सच्ची)
किताब-ए-मुक़द्दस क्र बारे में:
शब्दकोश:
हज्जै
सच्चाई:
यहूदियों ने बाबुल में गुलाम होने से घर लौटने के बा’द हज्जै यहूदाह के एक नबी थे।
- उस वक़्त के दौरान जब हज्जै नबूव्वत कर रहा था, तब बादशाह उज्जिया यहूदाह पर हुकूमत कर रहा था।
- इस वक़्त के दौरान नबी ज़करियाह भी नबूव्वत कर रहा था।
- हज्जै और ज़करियाह ने यहूदियों को हैकल को फिर से ता’मीर करने के लिए हौसला दिया, जिसे बाबुलियों ने बादशाह नबूकदनजर के ताबे’ बर्बाद कर दिया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा
(यह भी देखें: बाबुल, यहूदाह, नबूकदनजर, उज्जियाह, [ज़करियाह )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हननियाह
सच्चाई:
पुराने ‘अहदनामे में बहुत से नेक आदमियों के नाम हननियाह थे।
- एक हननियाह बाबुल में एक इस्राईली बंधुआ था। जिसका नाम बादशाह ने शद्रक रखा था।
- उसके बहुत अच्छे किरदार और काबिलियत की वजह से उसे बादशाही ख़ादिम का ‘उहदा दिया गया था।
- एक बार हननियाह (शद्रक) और दो और इस्राईली आदमियों को आग की भट्ठी में डाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने बाबुल के बादशाह की ‘इबादत नहीं की थी। ख़ुदा ने उन्हें नुक़सान से बचाकर अपनी क़ुव्वत ज़ाहिर की थी|
- एक और हननियाह का नाम बादशाह सुलेमान के नसबनामे में है।
- एक और हननियाह यरमियाह के वक़्त झूठा नबी था।
- हननियाह नाम का एक काहिन भी था जिसने नहमियाह के वक़्त ख़ुशी मनाने में रहनुमाई की थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: अज़रियाह, बाबुल, दानिएल, झूठा नबी, यरमियाह, मीशाईल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हनूक
सच्चाई:
हनूक नाम के दो आदमी पुराने 'अहद नामें में हुए हैं।
- हनूक नाम का एक शख्स शेत से था। वह नूह का परदादा था।
- यह हनूक ख़ुदावन्द के साथ क़रीबी ता'ल्लुक़ात रखता था, 365 साल की 'उम्र में वह ख़ुदा के ज़रिए आसामन में उठा लिया गया था।
- दूसरा हनूक कैन का बेटा था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: कैन, शेत)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हन्ना
सच्चाई:
हन्ना दस साल तक यरूशलीम में सरदार काहिन रहा था तक़रीबन सन् 6-15 तक। उसके बा'द रोमी सरकार ने उसे हटा दिया था लेकिन वह यहूदियों का एक बाअसर रहनुमा बना रहा।
- हन्ना ईसा के वक़्त के सरदार काहिन कैफा का ससुर था।
- सरदार काहिन ख़िदमत निकलने के बा'द भी सरदार काहिन ही कहलाते थे, और कैफा और गैरों की ख़िदमत के ज़माने में भी उसे सरदार काहिन ही कहा जाता था।
- यहूदी रहनुमाओं के सामने पूछताछ के लिए 'ईसा को पहले हन्ना के पास लाया गया था।
(तर्जुमा की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: सरदार काहिन , काहिन )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हन्ना
सच्च्चाई:
हन्ना नबी शमूएल की माँ थी। वह एल्क़ाना की दो बीवियों में से एक थी।
- हन्ना बाँझ थी यह उसके लिए दु:ख की बात थी।
- हैकल में हन्ना ने दिल से दु’आ की कि उसे बेटा मिले जिसे वह ख़ुदा को ही नज़्र कर देगी।
- ख़ुदा ने उसे बेटा दिया और जब वह लड़का बड़ा हो गया तब हन्ना ने उसे हैकल में ख़िदमत के लिए दे दिया।
- ख़ुदा ने हन्ना को इसके बा’द और भी औलाद दी।
(तर्जुमे की सलाह के सुझाव: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: हामिला होना, शमूएल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हबक़्क़ूक़
सच्चाई:
हबक़्क़ूक़ पुराने ‘अहद नामे के वक़्त में एक नबी था, जो यहूदाह के बादशाह यहुयाक़ीम के वक़्त के क़रीब रहता था। नबी यरमियाह भी इस वक़्त ज़िन्दा था।
- इस नबी ने हबक़्क़ूक़ नाम की किताब लिखी थी लगभग 600 साल ‘ईसा से पहले जब बाबुल की फ़ौज ने यहूदाह की अवाम में से कई लोगों को क़ैदी बनाया और ले गया।
- यहोवा ने हबक़्क़ूक़ को नबुव्वत की थी कि कैसे कसदी (बाबुल) आकर यहूदाह को जीत लेंगे।
- हबक्कूक का एक सबसे ज़्यादा मशहूर बयानात में से एक है, “रास्तबाज़ शख़्स इसके ईमान के मुताबिक़ रहेंगे|
(तर्जुमे की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: बाबुल, यहुयाक़ीम, यरमियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हब्रून
सच्चाई:
हब्रून यरूशलीम के दख्खिन में तक़रीबन 20 मील दूर ऊंचे चट्टानी पहाड़ों में बसा था।
- यह शहर इब्राहीम के ज़माने में ‘ईसा से 2000 साल पहले बना था। पुराने ‘अहदनामे के तवारीख़ी बयान में इस शहर का नाम कई बार आता है।
- हब्रून ने बादशाह दाऊद की ज़िन्दगी में ख़ास किरदार निभाया था। उसके कई बेटे, अबीशलोम की भी पैदाइश वहाँ हुई थी।
- तक़रीबन सन् 70 में रोमी फ़ौज ने इस शहर को तबाह कर दिया था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: अबीसलोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2275, H2276, H5683
हमोर #
सच्चाई:
हमोर एक कना’नी शख़्स था जो सिक्म में रहता था, जब या’क़ूब और उसका ख़ानदान सुक़्क़ात के क़रीब रहते थे| वह एक हिव्वी था|
या’क़ूब ने हमोर के बेटों में से एक ख़ानदानी क़ब्रिस्तान ख़रीदा था|
जब वे वहाँ हमोर के बेटे सिक्म ने या’क़ूब की बेटी दीना से ज़िना किया था|
दीना के भाइयों ने हमोर के ख़ानदान से बदला लिया और सिक्म शहर के सभी लोगों को मार डाला|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
( यह भी देखें: कना’न, हिव्वी, या’क़ूब, सिक्म, सुक्कात)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हर्मोन पहाड़
सच्चाई:
हर्मोन पहाड़ इस्राईल के सबसे ऊंचे पहाड़ का नाम है जो लबनान की पहाड़ क़िस्सा के दक्खिनी किनारे पर है।
यह पहाड़ गलील समन्दर के उत्तर में, इस्राईल और सीरिया के दरमियान उत्तरी सरहद पर है।
ग़ैर क़ौमों के ज़रिए' हेर्मोन पहाड़ को “ पहाड़ सिर्योन” और “ पहाड़ सनीर” भी कहा गया है।
- हेर्मोन पहाड़ की तीन ख़ास चोटियाँ हैं। सबसे ऊंची चोटी 2,800 मीटर ऊँची है।
(तर्जुमा की सलाह नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इस्राईल, गलील समन्दर, सीरिया)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2022, H2768, H2769, H8149
हव्वा
सच्चाई:
यह नाम सबसे पहली 'औरत का था। उसके नाम का मतलब है, “ज़िन्दगी” या “जी रहा” है।
- ख़ुदा ने आदम के जिस्म से एक पसली निकाल कर हव्वा को बनाया था।
- हव्वा को आदम की “मददगार” होने के लिए बनाया गया था। वह ख़ुदा के फ़राहम कामों में आदम के साथ काम करती थी।
- इब्लीस ने शांप की शक्ल बना करके हव्वा को ललचाया था और ख़ुदावन्द के मना’ फल को खा के गुनाह करनेवाली इन्सानों में पहली थी।
(तर्जुमा की सलाह : नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: आदम, ज़िन्दगी, इब्लीस)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
- 01:13 तब ख़ुदावन्द ने आदम की पसलियों में से एक से 'औरत को बनाया और उसे आदम के पास लाए।
- __02:02__लेकिन बाग़ में एक चालाक साँप था। उसने 'औरत से पूछा, “क्या ख़ुदा ने हक़ीक़त में यह कहा है कि बाग़ के किसी भी पेड़ से फल न खाना?”
- 02:11 इन्सान ने अपनी बीवी का नाम हव्वा रखा, जिसका मतलब होता है दुनिया पैदा करने वाली क्योंकि वह हर इन्सान के क़ौम की माँ कहलाएगी।
- 21:01 ख़ुदावन्द ने यह वा'दा किया कि हव्वा कि नस्ल में एक शख्स पैदा होगा जो साँप के सिर को कुचल डालेगा।
- __48:02__इब्लीश ने हव्वा को धोखा देने के लिए बाग़ में साँप के ज़रिए से बात की।
- 49:08 जब आदम और हव्वा ने गुमाह किया तो इसने उनकी सारी औलादों को मुता'स्सिर किया।
- 50:16 क्यूँकि आदम और हव्वा ने ख़ुदावन्द के हुक्म का ना फ़रमानी की और इस दुनिया में गुनाह को लाए, इसलिये ख़ुदा ने इस पर ला'न्त की और इसे बर्बाद करने का फ़ैसला किया।
शब्दकोश:
हाजिरा
सच्चाई:
हाजिरा एक मिस्री ‘औरत थी जो सारय की अपनी लौंडी थी।
- जब सारय बच्चे पैदा करने के लायक़ न थी, तब उसने हाजिरा इब्राहीम को दी कि उससे औलाद पैदा कर।
- हाजिरा हामिला हुई उससे इब्राहीम का बेटा इश्माईल को पैदा हुआ|
- जब वह रेगिस्तान में दुखी थी तब ख़ुदा ने उसकी ख़बर ली और उसकी नसल को बरकत देने का वा’दा किया।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इब्राहीम, नसल, इस्माईल, सारय, ग़ुलाम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसालें:
- 05:01 तब अब्राम की बीवी सारय ने उससे कहा, “देख ख़ुदा ने मेरी सुनी मुझे बच्चे की इजाज़त नहीं दी है, और मैं बहुत बूढ़ी हूँ, यहाँ मेरी लौंडी हाजिरा है। तू उससे शादी भी करना ताकि उसके ज़रिए’ मेरे लिए औलाद पैदा कर सके।
- 05:02 हाजिरा को एक बेटा हुआ, अब्राम ने उसका नाम इश्माएल रखा।
शब्दकोश:
हाबिल
सच्चाई:
हाबिल आदम और हव्वा का दूसरा बेटा था | काइन का छोटा भाई था |
- हाबिल एक चरवाहा था |
- हाबिल ने अपने जानवरों में से एक की क़ुर्बानी ख़ुदावन्द को पेश की थी |
- ख़ुदावन्द हाबिल और उसकी क़ुर्बानी से ख़ुश हुआ था |
- आदम और हव्वा के पहलौठे काइन ने हाबिल को क़त्ल कर दिया था |
(तर्जुमा का तरीक़ा --नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: काइन क़ुर्बानी चरवाहा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में
शब्दकोश:
हाम
सच्चाई:
हाम नूह के तीन बेटों में से दूसरा था।
- पूरी दुनिया को ढंकने वाली दुनिया भर में बाढ़ के दौरान, हाम और उसके भाई नूह के साथ किश्ती में अपनी बीवियों के साथ थे।
- बाढ़ के बा’द, एक मौक़ा था जहां हाम अपने बाप, नूह के लिए बहुत शर्मनाक था। नतीजन, नूह ने हाम के बेटे कना’न और उसकी सभी नसलों को बद्दु’आ दी, जो आख़िरकार कना’नियों के नाम से जाने जाते थे।
(तर्जुमे की सलाह: \ नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: किश्ती, कना’न, शर्मनाक, नूह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हामात, हमाती, लीबो हामात
सच्चाई:
हामात उत्तरी सीरिया में कना’न के उत्तर में एक ख़ास शहर था। हमाती नहू के बेटे, कना’न की नसल सेथे।
- “लीबो हमात” मुमकिन है हमात शहर के क़रीब एक पहाड़ी दर्रे का नाम था।
- कुछ मुख़तलिफ़ मज़मूनों में लीबो हमात का तर्जुमा “हामात का दाख़िला” किया गया है।
- बादशाह दाऊद ने हमात के बादशाह तू के बैरियों को हराया था जिसके नतीज़े में वे अच्छे दोस्त बन गए थे।
- हामात सुलैमान के ज़खीरे के शहरों में से एक था जहां उसने सामान रखा था।
- हामात शहर वह मक़ाम था जहां नबूकदनज़र ने बादशाह सिदक़ियाह को क़त्ल किया था और वहीं यहूआहाज मिस्र के फ़िर’औन के ज़रिए’ क़ैदी बनाया गया था।
- “हामात” का तर्जुमा “हामात के बाशिन्दे” भी किया जा सकता है।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: बाबुल, कना’न, नबूकदनज़र, सीरिया, सिदक़ियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हारान
सच्चाई:
हारान इब्राहीम का छोटा भाई और लूत का बाप था।
- हारान एक शहर का भी नाम है जहाँ इब्राहीम ‘ऊर से रवाना होने के बा’द कना’न जाते वक़्त ठहरा था।
- क़ालिब के बेटे का नाम भी हारान था।
- किताब-ए-मुक़द्दस में हारान नाम का तीसरा आदमी लावी की नसल से था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें: इब्राहीम , क़ालिब, कना’न, लावी, लूत, तोरह, ‘ऊर)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हारून
सच्चाई:
हारुन मूसा का बड़ा भाई था ख़ुदावन्द ने हारून को इस्राईल का पहला सरदार काहिन होने के लिए चुना था|
- हारून ने मूसा की मदद की थी जब वह फ़िर’औन से इस्राईलियों के वहाँ से जाने की इजाज़त माँग रहा था|
- जंगल में सफ़र करते वक़्त हारून से गुनाह हो गया था और उसने इस्राईलियों की ‘इबादत के लिए एक मूर्ति बनाई थी
- ख़ुदावन्द ने हारून और उसकी औलादों को काहिन इस्राईल के काहिन के लिए मुक़र्रर कर दिया था
(तर्जुमा की सलाह - नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: काहिन, मूसा, इस्राईल)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
किताब-ए-मुक़द्दस की कहानियों से मिसाल:
- ___9;15__ख़ुदावन्द ने मूसा और हारून को ख़बरदार किया था कि फ़िर’औन सख्त आदमी है
- __10:05__फ़िर’औन ने मूसा और हारून को बुलवाकर कहा कि अगर वह इस क़त्ल-ओ-ग़ारत को ख़त्म कर दे, तो फ़िर’औन मिस्र से इस्राएलियों को आज़ाद कर दें
- __13:09__ख़ुदावन्द ने मूसा के भाई हारून और हारून की नसल को काहिन ‘उहदे के लिए चुना
- __13:11__लोग हारून के पास सोना ले आए और बोले कि हमारे लिए मा’बूद बना
- 14:07 ह लोग मूसा और हारून से ग़ुस्सा होकर कहने लगे , कि तुम हमें इतनी खौफ़नाक जगह क्यों लेकर आए ?
शब्दकोश:
हिज़क़ियाह
ता’अर्रुफ़:
हिज़क़ियाह यहूदाह सल्तनत का तेरहवां बादशाह था। वह ख़ुदा को माननेवाला और ख़ुदा का फ़रमाबरदार था।
- अपने बाप आहाज के बर’अक्स, हिज़क़ियाह नेक बादशाह था, उसने यहूदाह की बादशाही में से बुतपरस्ती की सारी जगहों को बर्बाद कर दिया था।
- हिज़क़ियाह बहुत बीमारी में मुब्तिला हो गया था और मरने पर था, उसने ख़ुदा से मिन्नत की कि उसे ज़िन्दगी बख़्स दे। ख़ुदा ने उसकी ज़िन्दगी बख़्स दी और उसकी ‘उम्र को पन्द्रह साल बढ़ा दिया।
- हिज़क़ियाह के लिए अपने ‘अहद को सच साबित करने के लिए ख़ुदा ने यह मो’जिज़ा किया और वक़्त को पीछे कर दिया।
- अपनी क़ौम को अश्शूरी बादशाह सन्हेरीब से बचाने के लिए हिज़क़ियाह ने ख़ुदा से दु’आ की थी और ख़ुदा ने उसकी दु’आ सुनी।
(यह भी देखें: आहाज, अश्शूरी, झूठे मा’बूद, यहूदाह, सेन्हेरिब)
किताबए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: H2396, H3169, G1478
हिज़क़ीएल
सच्चाई:
हिज़क़ीएल ख़ुदा का नबी था जिसे क़ैदी बनाकर बाबुल ले जाया गया था।
- हिज़क़ीएल यहूदाह में एक काहिन था जिसे दूसरे यहूदियों के साथ बाबुल की फ़ौज ने क़ैदी बनाया था।
- 20 साल से ज़्यादा वह अपनी बीवी के साथ बाबुल में एक नदी के किनारे रहा, यहूदी उसके पास ख़ुदावन्द का पैग़ाम सुनने आते थे।
- दूसरी बातों के साथ हिज़क़ीएल ने यरूशलीम और हैकल की तबाही और दुबारह बनाने की नबुव्वत की थी।
- उसने मसीह के मुस्तक़बिल की बादशाही की भी नबूव्वत की थी।
(तर्जुमा की सलाह :नामों का तर्जुमा कैसे करें)
(यह भी देखें:बाबुल, मसीह, जलावतनी , नबी )
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हित्ती, हित्तियों
ता’अर्रुफ़:
हित्ती कना’न के बेटे हाम की से नसल थे। वे एक बड़ी हुकूमत बने जो आज के तुर्किस्तान और उत्तरी फ़िलिस्तीन ‘इलाक़ों में थे
- इब्राहीम ने हित्ती एप्रोन से ज़मीन ख़रीदी थी कि अपनी बीवी सारा को वहां दफन करे। इब्राहीम और उसकी कई नसलें भी उस कब्र में दफ़न किए गए थे।
- ‘ऐसौ ने दो हित्ती ‘औरतों से शादी की थी जिसकी वजह से उसके वालिदैन दुःखी थे।
- दाऊद का भी एक फ़ौजी हित्ती था जिसका नाम ‘ऊरिय्याह था।
- सुलैमान की ग़ैरमुल्की रानियों में भी हित्ती ‘औरतें थीं| इन ‘औरतों बेदीन औरतों ने सुलैमान का दिल ख़ुदा से मोड़ दिया था जिसकी की वजह से ख़ुदा ने उन्हें दूर कर दिया|
- हित्ती ज़्यादातर इस्राईल के लिए जिस्मानी और रूहानी ख़तरे बने हुए थे।
(यह भी देखें: नसल, ‘ऐसौ, बेदीन, हाम, क़ादिर, सुलेमान, उरियाह)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हिलक़ियाह
सच्चाई:
बादशाह यूशियाह की बादशाही के वक़्त में हिलक़ियाह सरदार काहिन था।
- जब हैकल को दुबारा ता’मीर किया जा रहा था, तब हिलक़ियाह सरदार काहिन ने कवानीन और हुक्मों की किताब पायी और उसे बादशाह यूशियाह के पास लाया|
लिहाज़ा उसने यहूदाह के बादशाह की क़ौम को यहोवा की ‘इबादत और उसकी शरी’अत के ‘अमल करने के लिए इसरार किया।
- हिलक़ियाह नाम का एक और आदमी था, वह इलयाक़ीम का बेटा था जो हिज़क़ियाह बादशाह के महल में ख़िदमत करता था।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: इलयाक़ीम, हिज़क़ियाह , सरदार काहिन, यूशियाह, यहूदाह, शरी’अत, ‘इबादत, यहोवा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हिव्वी, हिव्वियों
सच्चाई:
हिव्वी कना’न में बसने वाली सात ख़ास क़ौमों में से एक थी।
- इन सब क़ौमों में हिव्वी भी कना’न की नसल से थे, जो नूह का पोता था।
- हिव्वी सिक्म ने या’क़ूब की बेटी दीना के साथ ज़िना किया था नतीज़न उसके भाइयों ने लगभग सब हिव्वियों को मार डाला था।
- जब कना’न के जीत पर यशू’अ इस्राईलियों की अगुआई कर रहा था, तब हिव्वियों ने उनको हराने के बजाय धोखे से इस्राईल के साथ ‘अहद बाँध लिया था|
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा)
(यह भी देखें: कना’न, हाम, नूह, शेकेम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हेरोदियास
सच्चाई:
हेरोदियास यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के वक़्त में यहूदिया के हेरोदेस अन्तिपास की बीवी थी।
- हेरोदियास हक़ीक़त में अन्तिपास के भाई फ़िलिप की बीवी थी लेकिन नाजायज़ शादी करके वह हेरोदेस अन्तिपास के साथ आ गई थी।
- यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला हेरोदेस और हेरोदियास को उनके नाजायज़ शादी के लिए झिड़़कता था। इस वजह हेरोदेस ने यूहन्ना को क़ैदी बना लिया था और बा’द में उसका सिर कटवा दिया।
(यह भी देखें: हेरोदेस अन्तिपास, यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला))
किताब-इ-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
हेरोदेस अन्तिपास
सच्चाई:
‘ईसा की ज़िन्दगी के दौरान, हेरोदेस अन्तिपास जो रोमी हाकिम के कुछ हिस्सों पर जिसमें गलील सूबा शामिल था हुकूमत की
उसके बाप की तरह उसे भी “हेरोदेस का बादशाह” कहा गया है जबकि वह बादशाह नहीं था।
- हेरोदेस अन्तिपास रोमी हुकूमत के एक चौथाई हिस्सों में हुकूमत की और “चौथाई मुल्क का बादशाह” भी कहा गया है।
- अन्तिपास वह “हेरोदेस” था जिसने यूहन्ना बपतिस्मा देने वाले का सिर काटने का हुक्म दिया था।
- यही हेरोदेस ने मस्लूब करने से पहले ‘ईसा से सवाल किए थे।
- और हेरोदेस नए ‘अहदनामे में अन्तिपास के बेटे (अग्रिप्पा) और पोते(अग्रिप्पा 2) थे जिन्होंने रसूलों के वक़्त में हुकूमत की थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा कैसे करें
(यह भी देखें: सलीब पर चढ़ाना, हेरोदेस बड़ा, यूहन्ना (बपतिस्मा देनेवाला), बादशाह, रोम)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
- Strong's: G2264, G2265, G2267
हेरोदेस बड़ा
सच्चाई:
हेरोदेस बड़ा यहूदिया का हाकिम था जब ‘ईसा की पैदाइश हुई। वह कई ईदोमी हाकिमों में पहला हेरोदेस था, जो रोमी हुकूमत के कुछ हिस्सों पर हुकूमत किया था।
- उसके बुज़ुर्ग यहूदी में बदले थे और वह एक यहूदी की शक्ल में पले बड़े थे।
- औगुस्तुस क़ैसर ने उसे बादशाह हेरोदेस नाम दिया था जबकि वह बादशाह नहीं था। * उसने यहूदिया में यहूदियों पर 33 साल तक हुकूमत की।
- हेरोदेस बड़ा शानदार ‘इमारतों की ता’मीर के लिए जाना जाता था जिसमें यरूशलीम के यहूदियों के हैकल को दुबारा ता’मीर करना भी था।
- यह हेरोदेस एक बेरहम इन्सान था और उसने बहुज्त से क़त्ल किए थे। जब उसने सुना कि यहूदियों के बादशाह की पैदाइश हुई है तब उसके बैतलहम के सब बच्चों को मरवा दिया था।
- उसके बेटे हेरोदेस अन्तिपास और हेरोदेस फिलिप और उसका पोता हेरोदेश अग्रिप्पा आगे चलकर यहूदिया के हाकिम बने। उसका परपोता हेरोदेश अग्रिप्पा दूसरा (“बादशाह अग्रिप्पा” कहलाया) ने भी पूरे यहूदिया पर हुकूमत की
(देखें: नाम का कैसे तर्जुमा करें)
(यह भी देखें: हेरोदेस अन्तिपास, यहूदिया, बादशाह, हैकल
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
होरिब
ता’अर्रुफ़:
होरिब की पहाड़ी सिनाई की पहाड़ी के लिए दूसरा नाम है, जहाँ ख़ुदा ने दस हुक्मों के साथ मूसा को पत्थर की तख़्ती दी थीं|
- होरिब की पहाड़ी को “ख़ुदा की पहाड़” कहा जाता है
- होरिब वह मक़ाम है जहाँ मूसा ने जलती हुई झाड़ी को देखा जब वह भेड़ का पीछा कर रहा था|
- होरिब की पहाड़ी वह मक़ाम है जहाँ ख़ुदा ने उनपर लिखे गए उसके हुक्मों के साथ पत्थर की तख़्तियाँ देकर इस्राईलियों पर अपना ‘अहद बाँधा था|
- यह वह जगह भी थी जहाँ ख़ुदा ने बा’द में मूसा को इस्राईलियों के लिए पानी मुहैया करने के लिए चट्टान पर मारने के लिए कहा क्यूँकि वह रेगिस्तान में घूम रहे थे|
- इस पहाड़ का सही मक़ाम का पता नहीं है, लेकिन शायद यह “सिनाई पहाड़ी” के दख्खिनी हिस्से में हो सकता है|
- यह मुम्किन है की “होरिब” पहाड़ का हक़ीक़ी नाम था और “सिनाई की पहाड़ी” का मतलब सिर्फ़ “सिनाई का पहाड़” है, इस हक़ीक़त का ज़िक्र करते हुए कि होरिब की पहाड़ी सिनाई के रेगिस्तान में क़ायम थी|
(यह भी देखें: ‘अहद, इस्राईल, मूसा, सिनाई, दस हुक्म)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
होशे’अ
सच्चाई:
होशे’अ ‘ईसा से 750 साल पहले इस्राईल की बादशाही में ख़ुदा का एक नबी था।
- उसकी ख़िदमत कई बादशाहों के ज़माने में रही थी, यरुब’आम, जकरियाह, यूतोम, आहाज, होशे’अ , ‘उज्जियाह, और हिज़कियाह।
- होशे’अ को ख़ुदा ने हुक्म दिया कि वह एक कसबी से शादी कर ले, उसका नाम गोमर था, गरचे वह धोखेबाज़ थी तोभी ख़ुदा ने उससे मुहब्बत करने का उसे हुक्म दिया
- यह ख़ुदा की धोखेबाज़ क़ौम के लिए उसकी मुहब्बत का तसव्वुर है|
- होशे’अ ने इस्राईलियों के गुनाह के ख़िलाफ़ नबूव्वत की थी और उन्हें बुतपरस्ती से फिरने की हिदायत दी थी।
(तर्जुमे की सलाह: नामों का तर्जुमा](rc://ur-deva/ta/man/translate/translate-names))
(यह भी देखें: अहाज, हिज़कियाह।, होशे’अ , यरुब’आम, यूताम, ‘उज्जियाह, जकरियाह (पुराना ‘अहदनामा))
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश:
होशे’अ
सच्चाई:
होशे’अ इस्राईल के एक बादशाह का नाम था, बल्कि पुराने ‘अहदनामे में बहुत से आदमियों इस नाम के हुए हैं।
- एला का बेटा होशे’अ ने इस्राईल पर नौ साल बादशाही की थी, उस वक़्त यहूदाह में आहाज के बा’द हिज़क़ियाह का बादशाह था।
- नून के बेटे यशू’अ का पुराना नाम होशे’अ था। मूसा ने उसका नाम बदलकर यशू’अ रखा था जब वह उसे और उसके साथ ग्यारह लोगों को कना’न का राज़ लेने भेज रहा था।
- मूसा के मरने के बा’द यशू’अ इस्राईलियों को लेकर कना’न पर इख़्तियार करने आया था।
- एक और आदमी का नाम होशे’अ जो अज्जियाह का बेटा था, वह एप्रैमियों का रहनुमा था।
(यह भी देखें: अहाज, कना’न, एप्रैम, हिज़क़ियाह, यशू’अ, मूसा)
किताब-ए-मुक़द्दस के बारे में:
शब्दकोश: