1 हे यहोवा गुस्सा में आके हमके झिड़क न द, अउर न जलजलाहट में आके हमार ताड़ना करा! 2 काहे कि तोहार तीर हमके लगल हव, अउर हम तोहरे हाथ के नीचे दबल हई। 3 तोहरे क्रोध के चलते हमरे शरीर में कउनो आरोग्यता नाहीं; अउर हमरे पाप के चलते हमरे हड्डी में कउनो चैन नाहीं। 4 काहे कि हमरे अधर्म के कामन में हमार सिर डूब गयल, अउर उ भारी बोझा के तरे हमरे सहअ से बहरे हो गयल हव 5 हमरे मूर्खता के पाप के चलते हमार घाव सड़ गयल अउर ओसे बदबू आवत हव*। 6 हम बहुत दुःखी हई अउर झुक गयल हई; दिन भर हम शोक क पहिरावा पहिनले हुए चलत-फिरत फिरत हई । 7 काहे कि हमरे कमर में जलन हव, अउर हमरे शरीर मे आरोग्यता नाहीं। 8 हम निर्बल अउर बहुत ही चूर हो गयल हई; हम अपने मन के घबराहट से कराहत हई। 9 हे प्रभु हमार सब इच्छा तोहरे सम्मुख हव, अउर हमार कराहब तोहसे ना छिपल हव । 10 हमार दिल धड़कत हव, हमार बल घटत जात हव; अउर हमरे अँखियन क रोशनी भी हमरे में से जात हव । 11 हमार दोस्त अउर संगी विपत्ति में अलग हो गइलन, अउर हमार कुटुम्बी भी दूरी जा के खड़ा भईलन।(भज. 31:11, लूका 23:49) 12 हमरे जान क गाहक हमरे बदे जाल बिछावअलन, अउर हमरे नुकसान क कोशिश करअवाले दुष्टता क बात बोलअलन अउर दिन भर छल क योजना सोचअलन। 13 लेकिन हम बाहिरा के तरे सुनबअ ना करीला, अउर हम गूँगा के तरे मुँह ना खोलीला। 14 बल्कि हम अईसन मनुष्य के तुल्य हई जे कुछ नाहीं सुनअला, अउर जेकरे मुँह से विवाद क कउनों बात ना निकलत। 15 लेकिन हे यहोवा, हम तोंही पे आपन आशा लगईले हई; हे प्रभु हमार परमेश्वर, तोंही जवाब देबअ। 16 काहे कि हम कहली, “अइसन न होवअ कि उ सब हमरे पे आनन्द करंअ; जब हमार पाँव फिसल जाला, त हमरे पे आपन बड़ाई मारअलन।" 17 काहे कि हम त अब गिरअ ही पे हई; अउर हमार शोक लगातार हमरे सामने हव*। 18 ए बदे कि हम त अपने अधर्म के प्रकट करब, अउर अपने पाप के वजह से खेदित रहब। 19 लेकिन हमार दुश्मन अनगिनत हयन, अउर हमार बैरी बहूत हो गयल हयन। 20 जवन भलाई के बदले में बुराई कअलन, उ भी हमरे भलाई के पीछे चलअ के वजह से हमार विरोध करअलन। 21 हे यहोवा, हमके छोड़ न द! हे हमार परमेश्वर, हमसे दूर मत होवा! 22 हे यहोवा, हे हमार उद्धारकर्ता, हमरे सहायता बदे जल्दी करा!