1 हे यहोवा, हम तोंही के पुकारब; हे हमार चट्टान, हमार पुकार अनसुना मत करा, अईसन न हो कि तोहरे चुप्प रहअ से हम कब्र में पड़े हुअन के जइसन हो जाई जे पाताल में चल जाला*। 2 जब हम तोहार दुहाई देई, अउर तोहरे पवित्रस्थान के भीतरी कोठरी के ओर आपन हाथ उठाई, तब हमरे गिड़गिड़ाहट के बात सुन लेहअ। 3 उ दुष्टन अउर अनर्थकारीयन के संगे हमके न घसीटा, जवन अपने पड़ोसियन से बात त मेल क बोलअलन, लेकिन दिल में बुराई रखअलन। 4 ओनके कामन के अउर ओनकरे करनी क बुराई के अनुसार ओनसे बर्ताव करा, ओनकरे हाथन के काम के अनुसार उ सब के बदला द; ओनके कामन क पलटा उ सब के द। 5 काहे कि उ यहोवा क रस्तन के अउर ओनके हाथ क कामन के नाही समझअतन, ए बदे ओन उ सब के पछड़िहन अउर फिर न उठईहन*। 6 यहोवा धन्य हयन; काहे कि ओन हमरे गिड़गिड़ाहट के सुनले हयन। 7 यहोवा हमार बल अउर हमार ढाल हयन; ओनपे भरोसा रखअ से हमरे मन के सहायता मिलल हव; ए बदे हमार दिल प्रफुल्लित हव; अउर हम गीत गाके ओनकर धन्यवाद करबला। 8 यहोवा अपने लोगन क सामर्थ्य हयन, ओन अपने अभिषिक्त के बदे उद्धार क दृढ़ गढ़ हयन। 9 हे यहोवा अपने प्रजा क उद्धार करा, अउर अपने निज भाग के लोगन के आशीष द; अउर ओनकर चरवाही करा अउर हमेश उ सब के सम्भलले रहअ।