1 यहोवा हमार ज्योति अउर हमार उद्धार हयन; हम केसे डरी*? यहोवा हमरे जीवन क दृढ़ गढ़ ठहरल हयन, हम केकर भय खाई? 2 जब कुकर्मियन जवन हमके सतावत अउर हमसे झगड़ा रखत रहलन, हमके खा डालअ बदे हमरे पे चढ़ाई कईलन, तब उहअ ठोकर खाके गिर पड़लन। 3 चाहे सेना भी हमरे विरुद्ध छावनी डालअ, तभो हम न डेराइब; चाहे हमरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, ओ दशा में भी हम हियाव बाँधले निश्चित रहबला। 4 एक वर हम यहोवा से मंगले हई, ओही के खोज मे लगल रहबला; की हम जीवन भर यहोवा के भवन मे रहअ पाई, जेसे यहोवा के मनोहरता पे नज़र लगईले रही, अउर ओनकरे मंदिर मे ध्यान करल करी। 5 काहे कि ओन त हमके विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपईले रखिहन; अपने तम्बू के गुप्त जगह में ओन हमके छिपा लेईहन, अउर चट्टान पे चढ़ईहन। 6 अब हमार सिर हमरे चारों तरफ के दुश्मनन से ऊँचा होई; अउर हम प्रभु के तम्बू में आनन्द क बलिदान चढ़ाईबला"; अउर हम गाईब अउर यहोवा के बदे गीत गाईबला 7 हे यहोवा, हमार शब्द सुना, हम पुकारत हई, तू हमरे पे दया करा अउर हमके जवाब द। 8 तू कहले हयअ, “हमरे दर्शन क खोजी होवा”। ए बदे हमार मन तोहसे कहत हव, “हे यहोवा, तोहरे दर्शन क हम खोजी रहबला।" 9 आपन चेहरा हम से मत छिपावा। अपने दास के क्रोध करके मत हटावा, तू हमार सहायक बनल हयअ। हे हमार उद्धार करअ वाले परमेश्वर हमके त्याग न द, अउर हमके छोड़ न द! 10 हमार माता-पिता त हमके छोड़ देहले हयन, लेकिन यहोवा हमके सम्भाल लेईहन 11 हे यहोवा, आपन मार्ग हमके सिखावा, अउर हमरे द्रोहीयन के कारण हम के चौरस रस्ता पे ले चला। 12 हमके हमरे सतावअवालन के इच्छा पे न छोड़ा, काहे कि झूठा साक्षी जे उपद्रव करअ के धुन में हयन, हमरे विरुद्ध उठल हयन 13 अगर हमके विश्वास न होत की जीवितन के धरती पे यहोवा के भलाई के देखब, त हम मूर्छित हो जाईत। 14 यहोवा क बाट जोहत रहा; हियाव बाँधा अउर तोहार दिल दृढ़ रहअ; हाँ, यहोवा ही क बाट जोहत रहा!