1 हे यहोवा, हमार प्रार्थना सुना; हमरे गिड़गिड़ाये पे कान लगावा। तू जे सच्चा आउर धर्मी हयअ, ए बदे हमार सुन ल, 2 आउर अपने दास से मुकद्दमा मत चलावा, काहे कि कऊनों प्राणी तोहरे नजर में निर्दोष ना ठहर सकअला। (रोम3:20, 1कुरि 4:4, गला 2:16) 3 दुश्मन त हमरे जान क गाहक भयल हव; ऊ हमके चूर कईके मट्टी मे मिलईले हव, आउर हमके बहुत दिन के मरल के तरे अँधियारे में डाल देहले हयन। 4 हमार आत्मा अंदर से बेचैन हो रहल हव, हमार मन विकल हव। 5 हमके प्राचीनकाल क दिन याद आवत हव; हम तोहारे सब अद्भुत कामन पे ध्यान करत हई, आउर तोहरे हाथन के काम के सोचत हई। 6 हम तोहरे ओरी आपन फइलाए हुए हई; सूखा धरती के जईसन हम तोहार प्यासा हई। (सेलाह) 7 हे यहोवा, जल्दी से हमार सुन ल, काहे कि हमार जान निकलअ ही पे हव। हमसे आपन चेहरा मत छुपावा, अईसन न होवअ कि हम कब्र में पड़ल लोग के तरे हो जाईं। 8 सबेरे अपने करुणा क बात हमके सुनावा काहेकि हम तोंही पे भरोसा रखले हई। जऊने रस्ते पे हमके चलअ के हव उ हमके बता द काहे कि हम आपन मन तोहरे ही ओरी लगावत हई। 9 हे यहोवा, हमके दुश्मनन से बचा ल; हम तोहरे ही आड़ में आ छिपल हई। 10 हमके इ सिखावा की हम तोहरे इच्छा के कइसे पूरा करी, काहे कि तू हमार परमेश्वर हयअ। तोहार भली आत्मा हमके धर्म के रस्ते पे ले चलअ! 11 हे यहोवा, हमके अपने नाम के निमित्त जिलावा! तू जे धर्मी हयअ, हमके संकट से छुड़ा ल ! 12 आउर करुणा करके हमरे दुश्मनन क सत्यानाश करा, आउर हमरे सब सतावअ वाला के नाश कर द, काहे कि हम तोहार दास हई।