पाठ 13

1 हे परमेश्वर, तू कब तक? का हमेशा हमके भूलल रहबअ? तू कब तक आपन मुखड़ा हमसे छिपाए रखबअ? 2 हम कब तक अपने मन ही मन मे योजना बनावत रही, अउर दिन भर अपने दिल मे दुखी रहल करी*?, कब तक हमार दुश्मन हमरे पे प्रबल रही? 3 हे हमार परमेश्वर यहोवा ,हमरे तरफ ध्यान दअ अउर हमके उत्तर दअ, हमरे अंखियन मे ज्योति आवअ दअ*, नाही त हमके मौत क नींद आ जाई; 4 अइसन न होवअ कि हमार दुश्मन कहअ, "हम ओकरे पे प्रबल हो गए, अउर अइसन न होवअ कि जब हम डगमगाये लगी त हमार दुश्मन मगन होंवअ। 5 परन्तु हम त तोहरे करुणा पर भरोसा रखले हई; हमार दिल तोहरे उद्धार से मगन होई। 6 हम यहोवा के नाम क भजन गाइब, काहे कि उ हमार भलाई कईले हयन।