Matthew 15

Matthew 15:1

'ईसा और 'आलिमो शरा में बहस ओ मोबाह्शा का शुरू' होता है।

पूर्वजों की रिवायतो को क्यों टालते हैं?

"पुराने ज़माने में राश्तबाज़ रहनुमा के ज़रिए' कायम कानून पर 'अमल नहीं करते है"

बिना हाथ धोए

"बग़ैर हाथ धोए," हमारी शरी'अत में दी गई साफ़ रिवायत के मुताबिक़ हाथ नहीं धोते हैं।(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-explicit)

Matthew 15:4

'ईसा और 'आलिमों और फ़रीसियों में बहसों मोबाह्श चल रहा है।

जो कोई

"वह हर एक जो" या "अगर कोई"

बाप की 'इज़्ज़त करना

"बाप को याद कर उसकी इज्ज़त करना"।

तुमने अपनी ख़ुदा की वजह ख़ुदा का कलाम टाल दिया।

इख़्तियारी तर्जुमा "तुमने रिवायत को ख़ुदा की कलाम से बड़ा बना दिया"।

Matthew 15:7

ईसा और फ़रीसियों और 'आलिमों में बहसों मोबाह्शा चल रहा है।

यशायाहः ने यह नबुव्वत ठीक ही की है।

इख़्तियारी तर्जुमा "यशायाह ने नबुव्वत में सच ही कहा है।"

ज़रिए कहा गया था

इख़्तियारी तर्जुमा "जब उसने ख़ुदा कि कलाम सुनाई"

"ये लोग होठों से तो मेरा 'इज़्ज़त करते हैं।"

इख़्तियारी तर्जुमा "ये लोग सही लफ़्ज़ो का इस्तिमाल तो करते हैं।"

पर उनका दिल मुझसे दूर रहता है।

इख़्तियारी तर्जुमा "ये मुझे सच में मुहब्बत नहीं करते हैं" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-idiom)

वे बेकार मेरी 'इबादत करते हैं।

इख़्तियारी तर्जुमा "उनकी 'ईबादत का मुझ पर असर नहीं पड़ता है" या "वे 'ईबादत का सिर्फ़ ड्रामा बनाते हैं"।

"इन्सानों की रिवायतों"

"इन्सानों के ज़रिए' बनाए गए कानून"

Matthew 15:10

'ईसा तम्सिलो के ज़रिए' ता'लीम देता है।

सुनो और समझो

'ईसा पेशगी दा'वा का अहमियत ज़ाहिर कर रहा है।

Matthew 15:12

'ईसा इस तम्सिल कि मतलब अपने शागिर्दों को समझाता है, MAT 15:11

फ़रीसियों ने यह कलाम सुनकर ठोकर खाई?

इख़्तियारी तर्जुमा "'ईसा की यह बात सुनकर फ़रीसी ग़ुस्सा हुए"? या "इस बयान ने फ़रीसियों को नाराज़ किया"?(देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

Matthew 15:15

'ईसा अपने शागिर्दों को इस तम्सिल की मतलब समझा रहा है, MAT 11

हमें

"हमें तेरे शागिर्दों को"

जाता

" दाख़िल करता है"

पैखाना

पैखाना की जगह के लिए बूरी लफ़्ज़

Matthew 15:18

'ईसा अपने शागिर्दों को इस तम्सिल की मतलब समझा रहा है, MAT 15:11.

जो कुछ मुँह से निकलता है

"इन्सान कि मुह के ज़रिए'’

वह दिल से निकलता है

"इन्सान की सच्ची जज़बातो और ख़्यालों का नतीजा हैं।"

क़त्ल

बेगुनाह की क़त्ल

बुराई

"इन्सानों को चुभने वाली बातें"

हाथ बिना धोए

तरीक़ा हाथ को नहीं धोना

Matthew 15:21

'ईसा के ज़रिए' एक कनानी 'औरत की बेटी कि दुःख से छुड़ाने का कहानी अब शुरू' होता है।

उस मुल्क से एक कनानी 'औरत निकली

उस 'औरत ने इस्राईली हद के बाहर अपने मुल्क से आकर इस्राईल में दाख़िल हुआ और 'ईसा को खोजा।

कनानी 'औरत

कनान मुल्क तो उस वक़्त था नहीं, "कनानी ख़ानदान की एक औरत"

मेरी बेटी को बदरुह बहुत सता रही है।

"मेरी बेटी को बदरुह कि तकलीफ़ से बहुत परेशान है"।(देखें : /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

उसने कुछ जवाब नहीं दिया।

"कुछ नहीं कहा"

Matthew 15:24

'ईसा के ज़रिए' उस कनानी 'औरत की बेटी को शिफ़ा का कहानी चल रहा है।

वह आई

"वह कनानी 'औरत आई"

बच्चों की रोटी.... कुत्तों के आगे

"जो हक़ीक़त में यहूदियों से कह रहा है.... दुसरे जातियों को" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

Matthew 15:27

'ईसा के ज़रिए' उस कनानी 'औरत की बेटी की शिफ़ा का कहानी चल रहा है।

पर कुत्ते भी चूरचार खाते हैं जो उनके मालिको की मेज से गिरते हैं।

"दुसरे जातियों को भी इस क़ाबिल समझा जाए कि वे यहूदियों के ज़रिए' छोड़ी गईं अच्छी चीज़े पाएँ"। (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-metaphor)

और उसकी बेटी उसी वक़्त से सिफ़ा हो गई।

"'ईसा ने उसकी बेटी को दुःख से आज़ाद कर दिया" या "'ईसा ने उसकी बेटी को सेहत मन्द कर दिया" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-activepassive)

उसी वक़्त

"ठीक उसी वक़्त" या "फ़ौरन"

Matthew 15:29

यह गलील 'एलाक़ा में 'ईसा के ज़रिए' भीड़' में मरीज़ो की शिफ़ा का कहानी है।

गूंगे, टुण्डे, लंगड़े, अंधे

"जो लोग चल नहीं सकते थे, जो देख नहीं सकते थे, जो बोल नहीं सकते थे, और जिनके हाथ और पैर बेकार हो गए थे"। कुछ इब्तेदाई फ़हरिस्त में इनकी तरबियत मुख्तलिफ़ है।

उन्हें उसके पाँवों पर डाल दिया।

"भीड़ बीमारों को 'ईसा के पास लाया"

Matthew 15:32

यह 'ईसा के ज़रिए' गलील में भीड़ को खाना खिलाने का ही कहानी है।

रस्ते में थक कर रह जाएँ

मुमकिन मतलब हैः (1)"कहीं वे थककर बेहोश न हो जाएं" या (2) "कहीं वे कमज़ोर न हो जाएँ" (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#figs-hyperbole)

बैठने

लोग अब खाने के लिए आपके यहाँ कैसे बैठते हैं, टेबल न होने पर उसी लफ़्ज़ का इस्तिमाल करें, बैठकर या लेटना।

Matthew 15:36

यह 'ईसा के ज़रिए' गलील में भीड़ को खाना खिलाने का ही कहानी है।

उसने किया

"'ईसा ने लिया" इसका तर्जुमा वैसे ही किया जैसे MAT 14:19 में किया गया है।

देता गया

"रोटी और मछलियाँ देता गया"

टोकरे उठाए

"शागिर्दों ने जमा' किया"

खाने वाले

"जिन इन्सानों ने खाना लिया था"

सरहद में

"सूबा के एक हिस्सा"

मगदन

कभी कभी मगदाला भी कहलाता है (देखें: /WA-Catalog/ur-deva_tm?section=translate#translate-names)