1 यहोवा अब्राम से कहलन, अपने देश अऊर अपन जन्म भूमि अऊर अपने पिता क घर छोड़ के ऊ देश मे चल जा जवन हम तोहके देखाईब।
10 ऊ देश मे अकाल पड़ल: एही बदे अब्राम मिस्र देश के तरफ चल गईलन की ऊहाँ परदेशी होके रहअ काहेकि देश मे भयंकर अकाल पड़ल रहल। 11 फिर अईसन भयल की मिस्र के लग्गे पहुँच के, ऊ अपन पत्नी सारै से कहलन, "सुना, हमके मालूम हव कि तू एक सुन्दर स्री हऊ; 12 अऊर जब मिस्री तोहके देखीयन, तब कहियन, 'ई ओनकर पत्नी हईन; एही बदे ऊ हमके त मार डलिहन, लेकिन तोहके जिंदा रख लेईहन। 13 अतः ई कईहा, 'हम ओनकर बहिन हई; जेसे तोहरे कारण हमार कल्याण हो अउर हमार जान तोहरे कारण बची।" 14 फिर अईसन भयल की जब अब्राम मिस्र मे अईलन, तब मिस्रियन ओनके पत्नी के देखलन की ऊ बहुत सुन्दर हईन। 15 अऊर मिस्र के राजा फिरौन क हाकिम ओनके देख के फिरौन के सामने ओनकर प्रशंसा कईलन: एहि बदे ऊ औरत फिरौन के महल मे पहुंचावल गईलिन। 16 अऊर फिरौन ओनके कारण अब्राम क भलाई कईलन; अऊर ओनके भेड़-बकरी, गाय-बैल, दास-दासी, अऊर गदहा-गदही अऊर ऊँट मिलल। 17 तब यहोवा फिरौन अऊर ओनकरे घराने पे, अब्राम के पत्नी सारै के कारण बड़ा-बड़ा विपत्ति डललन। 18 तब फिरौन अब्राम के बुला के कहलन, "तू हमरे साथ ई का कईला? तू हमके काहे ना बतईला की ई तोहार पत्नी हईन? 19 तू काहे कहला कि ऊ तोहार बहिन हईन? हम ओनके आपन पत्नी बनावअ बदे ले लेहली, लेकिन अब अपने पत्नी के लेके इंहा से चल जा।" 20 अउर फिरौन अपने अदमियन के ओनकरे विषय मे आज्ञा देहलन अऊर ऊ लोग ओनके अऊर ओनके पत्नी के, सब सम्पत्ति सहित जवन ओनकर रहल, विदा कर देहलन।