अध्याय ४

1 १) मय ई आकु का वारस जाव सुधी पोर्या स ईसको बट वस्तु सनी मालीक आस, तरु भी तीनाम अन दास म काय बिसरा नहा। 2 २) पन आबा ठयरावेलो टाईम म रक्षा करनार अन भटारीयो न पैसो म रहित । 3 ३) तीस ज हामु बी जव पैये आतल त संसार नी आरधि शिक्षा नी ययी होयन दास बननल। 4 ४) पन जव टाईम पुरो होनो त परमेश्वर सोतानो पोर्यो जो बाई थी जन्म ,अन व्यवस्था थी अधिन उत्पन्न होनो। 5 ५) फिरी व्यवस्था नी अधिन ला मोल लिन छुडावीन अन हामला सेवक होवानो पद मिय । 6 ६) अन तुम जे पैर्या संत इनि करता परमेश्वर तुनो पोयी नी आत्मा ला जो आस आब्बा ई आबा आखीन गगाय स आपनी दिल म मोकल नो स। 7 ७) ईनि करता आमी तु दास नहा, पण पोर्यो स अन पोर्या होना तो परमेश्वर नी वजय थी वारिस भी होनो। 8 ८) फिरी पयल तुमु परमेश्वर ला वयकी लेन तव तीसनी दास आतल स्वभाव म देवता नहा आतल।( यशायाह ३७:१९,यिर्म २:११) 9 ९) पण आमि तुमु देवला वयकी लेन का देव तुमला वयकनो ते निर्बल अन रिकामी आरदी शिक्षा नी गोट सनी गुम किसा किरत स का जिनी तुमु आजु दास होना ना आकत का। 10 १०) तुमु दिन अन महिना अन जतली समय अन वर्षो ला मानत। 11 ११) हाय तुमनी बाराम बीउस, का ईसना होय का जी मेहनत हाय तुमनी करता करनो यरुज ठयरी। 12 १२) ये भावस होन हाय तुमनी रावन्यो करु स तुमु मनी गत होय जावा किसा का हाय भी तुमनी मायक आस तुमु मना कायन नहा बिगार न। 13 १३) पण तुमु जानत का पयल पयील हाय शरीर नी निर्बलता नी वजय तुमला सुसमाचार वना डनोल। 14 १४) अन तुमु मनी शरीर नी दशाला जो तुमनी परीक्षा नी वज आतली सारोना मीय ता जानन नहा, तो घृणा करन अंन देव दुत अन मसीह नी मायक मला मान्न। 15 १५) ती तुम नी खुशी आकी गय मय तुम नी गवाह सह ई जर होय सकता त तुमु तुमना डोयो भी काडीन मला दी देत। 16 १६) त फिरी तुमला खरा बोलीनी वजय थी मय तुम नो दुसमन होय गयो स।( आमोस ५:१०) 17 १७) ते तुमला होस्त बनाववाना त आकत पण भलो मन्न थी नहा अन तुमला मनाथी अलग करवा ना सोचत स का तुमु तीसनी हारी होय जावा। 18 १८) पण खुभ खुश होवाना सारा स का सारी गोटम बटी समय ईसज करत रई तो ज समय म जव डाय तुम नी हारी रव स। 19 १९) हे मन पोरे जाव सुधी तुमु सम मसीह नी रुप बनी जाई ताव सुधी हाय तुमनी करता आजु जच्चा नी गत पीडा सईन करतो रहीस। 20 २०) ईच्छा त ईज रयस का आमी तुमनी जाग ययन अन बीसरी ज रीत थी बोलु किसाका तुमनी बाराम हाय विफल आस। 21 २१) तुमु जी व्यवस्था नी विरोध होवाना आकत मला आका का तुमु व्यवस्था नी नहा वनात। 22 २२) ई लिखी लास को अब्राहम न बेन पोरे होन यक दासी थी अन यक स्वतंत्र बाई थी।( उत्पत्ति १६:५, उत्पत्ति २१:२)। 23 २३) पण जी दासी थी होनो तो शारीरिक रीत थी जन्म होनो अन जो स्वतंत्र बाई थी होनो तो प्रतिज्ञा नी गत जन्म होनो। 24 २४) ई गोट म दृष्टांत स यो बायो माना बेन बचाडन स एकत सीने पहाड नी जिनाती दास ज पयदा होत स अन ताहा हाजिरा स। 25 २५) अन हाजिरा माना अरब ना सीनौ पहाड स अन आधुनिक यरुशलेम तीनी गत आस किसाका तो तु न पोर्य सनी हारी आस। 26 २६) पण उपरनो यरुशलेम स्वतंत्र स , अन ताहा हामनी माय स। 27 २७) किसाका लिखे ला आस येय बाझ तु नाहा जनती खुशी हा तु जिला पीडा नहा उठनी गयो खोलीन जयजयकार कर किसाका सोडैली पोरे सुहागिन नी पोरे थी भी वधार आस।( यशायाह ५४:१) 28 २८) येय भावस होन आपु इसहाक नी मायक प्रतिशन पोरे सत। 29 २९) अन जिसका तो समय शरीर नीति गत जन्म होनो त आत्मा नी गत जन्म होनारस ला सताडनल तीसज आमी भी होय स।(उत्पत्ति २१:९) 30 ३०) पण पवित्र शास्त्र काय आकस दासी अन तुतो पेरयी ला काडी राक किसाका दासी नो पोरयो स्वतंत्र बाई नो पोरयो नी हारी उतराधिकारी नहा होवाव।( उत्पत्ति २२:१०) 31 ३१) इनि करता भावस होन आपु दासी न नहा पण स्वतंत्र बाई न पोरयो सत।