1 ओनकर नींव पवित्र पर्वतन में हव; 2 आऊर यहोवा सिय्योन के फाटकन से याकूब के कुल निवासन से बढ़के प्रीती रखअलन। 3 हे परमेश्वर क नगर, तोरे विषय महिमा क बातन के कहल गयल हव । 4 हम अपने जान-पहचान वालन से रहब आऊर बाबेल क चर्चा भी करब; पलिश्त, सोर आऊर कुश के देखा: ई उहां उत्पन्न भयल रहल। 5 आऊर सिय्योन के विषय ई कहल जाई एम्मे से हर एक जन्म ओम्मे भयल रहल। आऊर परमप्रधान खुदअ ओके स्थिर रखअ। 6 यहोवा जब देश-देश के लोगन क नाम लिखके गिन लेईहन, तब ई कहीयन ई उहां उत्पन्न भयल रहल। 7 गवैया आऊर नृतक दुनों कईहन हमने के सब सोता तोंही में पावल जाला।