1 परमेश्वर उठअ , ओनकर दुश्मन तितर - बितर होवअ ; अऊर ओनकर दुशमन ओनके सामने से भाग जाई ! 2 जइसे धुआं उड़ जाला , वोसही तू ओनके उड़ा देहअ ; जइसे मोम आग के आँच से पिघल जाला , वोसही दुष्ट लोग परमेश्वर के उपस्थित से नष्ट होइहन । 3 लेकिन धर्मी खुश रहअ ; उ परमेश्वर के सामने प्रफुल्लित रहअ ; उ आनन्द मे मगन रहअ ! 4 परमेश्वर क गीत गावा , ओनकरे नाम क भजन गावा ; जवन निर्जल देश मे सवार होके चललन, ओनके बदे सड़क बनावा ; ओनकर नाम यहोवा हव , ऐहिसे तू ओनके सामने प्रफुल्लित होवअ ! 5 परमेश्वर अपने पवित्र धाम मे , अनाथन क पिता अऊर विधवा क न्यायी हयन । 6 परमेश्वर अनाथन क घर बसावलन ; अऊर बन्दि के छुड़ाके सम्पन्न करअलन ; लेकिन हठीला के सूखल भूमि पे रहअ के पड़ला । 7 हे परमेश्वर , जब तू अपने प्रजा के आगे - आगे चलत रहलअ , जब तू निर्जल भूमि मे सेना समेत चललअ , ( सेला ) 8 तब धरती काँप उठअल , अऊर आकाश भी परमेश्वर के सामने टपकअ लगल , उधर सीनै पर्वत पमेश्वर , हां इस्राएल क परमेश्वर के सामने काँप उठलअ । * 9 हे परमेश्वर , तू बहुतायत क बारिश कइलअ * ; तोहार निज भाग त बहुत सूखल रहल , लेकिन तू ओके हरा -भरा कइले हयअ ; 10 तोहार झुण्ड ओमे बसअ लगल ; हे परमेश्वर , तू अपने भलाई से दीन जन के बदे तैयारी कइले हयअ । 11 प्रभु आज्ञा देलन , तब शुभ समाचार सुनाव वालीन क बड़ा सेना हो जाला । 12 अपने अपने सेना समेत राजा भाग चलल जालन , अऊर गृहस्थिन लूट के बाँट लेवलीन । 13 का तू भेड़शालन के बीच लेट जइबअ , अऊर अइसन कबूतर के समान होइहन जेनकर पंख चांदी से अऊर जेकरे पे पीला सोना से मढल रहल होई ? 14 जब सर्वशक्तिमान ओमन राजाओ के तितर - बितर कइलन , तब माना सल्मोन पर्वत पे हिम पड़ल । 15 बाशान क पहाड़ परमेश्वर क पहाड़ हव ; बाशान क पहाड़ बहुत शिखरवाला पहाड़ हव । 16 लेकिन हे शिखरवाला पहाड़ , तू काहे ऊ पर्वत के घूरअलअ , जेके परमेश्वर अपने वास के बदे चहले हयन , अऊर जहाँ यहोवा सदा वास कइले रहीहन ? 17 परमेश्वर क रथ बीस हजार , बल्कि हजारो हजार हव ; प्रभु ओनके बीच मे हयन , जइसे सीनै पवित्रस्थान मे हव । 18 तू ऊँचा पे चढ़अल , तू लोगन के बँधुआई मे ले गइलअ ; * तू मनुष्य से , बल्कि हठीला मनुष्य से भी भेंट लेहलअ , जेसे यहोवा परमेश्वर ओनके मे वास करीहन । 19 धन्य हयन प्रभु , जवन रोज हमार बोझ उठावलन ; ऊँहअ हमार उद्धारकर्ता परमेश्वर हयन । 20 ओनही हमरे बदे बचावअ वाला परमेश्वर ठहरलन ; यहोवा प्रभु मृत्यु से भी बलावलन । * 21 निश्चय परमेश्वर अपने दुश्मन के सिर पे , अऊर जवन अधर्म के मार्ग पे चलत रहअलन , ओनकर बाल भरी खोपड़ी पर मार मार के ओके चूर करीहन । 22 प्रभु कहले हयन , " हम ओनके बाशान से निकाल ले आइबला ; हम ओनके गहिरा सागर के तल से भी फेर ले आइबला , 23 कि तू अपने पैर के खून मे डूबायअ , अऊर तोहार दुश्मन तोहरे कुत्ता क भाग ठहरीहन । " 24 हे परमेश्वर , तोहर गति देखल गयल , हमार परमेश्वर ,अऊर राजा क गति पवित्रस्थान मे देखल गयल हव ; 25 गाववाला आगे - आगे अऊर तारवाला बाजा के बजावअ वाला पीछे - पीछे गइलन , चारो ओर कुमारियन डफ बजावत रहलीन । 26 सभा मे परमेश्वर क , हे इस्राएल के सोते से निकलल गयल लोगन प्रभु क धन्यवाद करअ । 27 पहिला बिन्यामीन जवन सबसे छोटा गोत्र हव , फिर यहूदा क हाकिम अऊर ओनकर सभा जबूलून अऊर नप्ताली क हाकिम हयन । 28 तोहार परमेश्वर तोहरे सामर्थ्य के बनयिले हयन; हे परमेश्वर , अपने सामर्थ्य के हमरे पे प्रगट करअ जईसे तू पहिले प्रगट कईले हयअ। 29 तोहरे मन्दिर के कारण जवन यरुशलेम मे हव , राजा तोहरे बदे भेंट ले अइहन । 30 नटकट मे रहअवालन जंगली पशुअन के साँड़न क झुण्ड के , अऊर देश - देश क बछड़न के झिड़क दअ । उ चाँदी क टुकड़ा लेके प्रमाण करीहन ; जवन लोग युद्ध से खुश रहअलन , ओनके ओन तितर - बितर कइले हयन । 31 मिस्र से अधिकारी अइहन ; कुशी अपने हाथ के परमेश्वर के ओर फुर्ती से फैईलईहन । 32 हे धरती पे क राज्य - राज्य क लोगन , परमेश्वर क गीत गावा ; प्रभु क भजन गावा , ( सेला ) 33 जवन सबसे ऊँचा सनातन स्वर्ग मे सवार होके चलअलन ; देखा उ आपन वाणी सुनावअलन , उ गम्भीर वाणी शक्तिशाली हव । 34 परमेश्वर के सामर्थ्य क स्तुति करअ , ओनकर प्रताप इस्राएल पे छायल हव , अऊर ओनकर सामर्थ्य आकाशमण्डल मे हव । 35 हे परमेश्वर , तू अपने पवित्र जगह मे भययोग्य हयअ , इस्राएल क परमेश्वर ही अपने प्रजा के सामर्थ्य अऊर शक्ति के देवअवाला हयन । परमेश्वर धन्य हयन ।