1 हे परमेश्वर , तू हमार परमेश्वर हयअ , हम तोहके लगन से ढूँढ़बला ; सुखल अऊर निर्जल ऊसर जमीन पे , हमार मन तोहार प्यासा हव , हमार शरीर तोहार अति अभिलाषी हव । 2 एही तरह से हम पवित्र जगह में तोहरे पे नजर कईली , कि तोहरे सामर्थ अऊर महिमा के देखी । 3 काहे कि तोहार करुणा जिनगी से भी उत्तम हव , हम तोहार तारीफ करबला । 4 एही तरह हम जिनगी भर तोहके धन्य कहत रहबला; अऊर तोहार नाम लेके आपन हाथ उठाईबला । 5 हमार जीव जइसे चर्बी अऊर चिकना भोजन से तृप्त होई , अऊर हम जयजयकार करके तोहार स्तुति करबला । 6 जब हम बिछौना पे पड़ली तोहके याद करबला , तब रात के एक एक पहर में तोहरे पे ध्यान करबला ; 7 काहे कि तू हमार सहायक बनल हयअ , एही से हम तोहरे पंख के छाया में जयजयकार करबला । 8 हमार मन तोहरे पीछे पीछे लगल चलला ; अऊर हमके त तू अपने दहिना हाथ से थमले रखलअ । 9 लेकिन जे हमरे परान क खोजी हव , उ धरती के नीचे जगहा में जा पड़ीहन , 10 उ तलवार से मारल जईहन , अऊर गीदड़न क भोजन हो जईहन । 11 लेकिन राजा परमेश्वर के कारन खुश होईहन ; जे केहु परमेश्वर क शपथ खाई , उ बड़ाई करअ पईहन ; लेकिन झूठ बोलअ वालन क मुँह बन्द करल जाई ।