1 हे परमेश्वर , हमार चिल्लाब सुना , हमरे प्रार्थना के ओर ध्यान दअ । 2 मूर्छा खात समय हम धरती के छोर से भी तोहके पुकारबला , जवन चट्टान हमरे बदे ऊँचा हव, उस पे हमके ले चला ; 3 काहे कि तू हमार शरणस्थान हयअ , अऊर दुश्मन से बचअ बदे ऊँचा गढ़ हयअ । 4 हम तोहरे तम्बू में युगानुयुग बनल रहबला । हम तोहरे पंख के ओट में शरण लेले रहबला । 5 काहे कि हे परमेश्वर , तू हमार मन्नत सुनलअ , जवन तोहरे नाम क डरवैयन हयन , उनके जइसन भाग तू हमके देहले हयअ । 6 तू राजा के आयु के बहुत बढ़ईबअ; उनकर साल पीढ़ी - पीढ़ी के बराबर होई । 7 उ परमेश्वर के नजदीक हमेशा बनल रहीहन; तू अपने करुणा अऊर सच्चाई के उनकरे रक्षा बदे ठहरईले रखअ । 8 एही तरह हम हमेशा तोहरे नाम क भजन गा गाके, आपन मन्नत हर दिन पूरा करबला ।