1 हमार दिल एक सुन्दर विषय के उमंग से उमड़ रहल हव, जवन बात हम राजा के विषय में रचले हई ओके सुनावत हई; हमार जीभ कुशल लेखक क लेखनी बनल हव। 2 तू मनुष्यन के बच्चन में परम सुन्दर हयअ; तोहरे होठन में अनुग्रह भरल हव; ए बदे परमेश्वर तोहके हमेशा के बदे आशीष देहले हयन। (लूका. 4:22, इब्र. 1:3,4) 3 हे वीर, तू अपने तलवार के जवन तोहार वैभव अउर प्रताप हव अपने कटि पे बाँधा*! 4 सत्यता, नम्रता अउर धार्मिकता के निमित्त अपने एश्वर्य अउर प्रताप पे सफलता से सवार होवअ; तोहार दहिना हाथ के तोहके भयानक काम सिखावअ! 5 तोहार तीर त तेज हव, तोहरे सामने देश-देश क लोग गिरिहन; राजा के दुश्मनन क दिल ओनसे छिदी। 6 हे परमेश्वर, तोहार सिंहासन सदा सर्वदा बनल रही; तोहार राजदण्ड न्याय क हव। 7 तू धार्मिकता से प्रीति अउर दुष्टता से बैर रखले हयअ। ए वजह से परमेश्वर हाँ, तोहार परमेश्वर तोहके तोहरे साथियन से ज्यादा खुशी के तेल से अभिषेक कइले हयन। (इब्रा. 1:8,9) 8 तोहार सब कपड़ा गन्धरस, अगर, अउर तेज से सुगन्धित हयन, तू हाथी दाँत के मंदिरन में तारवाले बाजन के वजह से खुश भयल हयअ। 9 तोहरे प्रतिष्ठित स्त्रीयन में राजकुमारियन भी हईन; तोहरे दहीने ओरी पटरानी, ओपीर के कुन्दन से सजल खड़ी हव। 10 हे राजकुमारी सुना, अउर कान लगाके ध्यान द; अपने लोगन अउर अपने पापा के घर के भुला जा; 11 अउर राजा तोहरे रूप का चाह करीहन। काहेकि ओन त तोहार प्रभु हयन, तू ओनके दण्डवत् करा। 12 सोर क राजकुमारी भी भेंट करअ बदे मौजूद होईहन, प्रजा क धनवान लोग तोहके खुश करअ क कोशिश करिहन। 13 राजकुमारी महल अति शोभायमान हईन, ओनके कपड़ा में सुनहला बूटा कढ़ल हुअल हव; 14 ओन बूटादार कपड़ा पहिनले हुए राजा के लग्गे पहुँचावल जईहन। जवन कुमारियन ओनकर सहेली हईन, उ सब ओनके पीछे-पीछे चलत हुए तोहरे लग्गे पहुँचावल जईहन। 15 उ सब खुश अउर मगन होके पहुँचावल जईहन*, अउर उ सब राजा के महल में प्रवेश करिहन। 16 तोहरे पितरन के जगह पे तोहार सन्तान होइहन; जेके तू पूरा धरती पे मालिक ठहरईबअ। 17 हम अईसन करब की, तोहरे नाम क चर्चा पीढ़ी से पीढ़ी तक होत रही; ए कारण देश-देश के लोग सदा सर्वदा तोहार धन्यवाद करत रईहन।