1 हे यहोवा परमेश्वर सच्चाई क वचन सुना, हमरे पुकार के ओर ध्यान दअ हमरे प्रार्थना क ओरी जवन निष्कपट मुँह से निकलअला कान लगावा! 2 हमरे मुकद्दमा क फैसला तोहरे सामने होवअ! तोहार नजर न्याय पे लगल रहअ! 3 अगर तू हमरे दिल के जँचतअ; अगर तू रात के हमार परीक्षण करतअ, अगर तू हमके परखतअ त कुछ भी खोटापन न पईतअ; हमरे मुँह से अपराध क बात न निकली। 4 मानवीय कामन मे हम तोहरे मुंह के वचनन के जरिये* अधर्मियन के रस्ता से ख़ुद के बचाए रख्खे। 5 हमार पाँव तोहरे रस्ते मे स्थिर रहल, फिसलल नाहीं। 6 हे परमेश्वर, हम तोहसे प्रार्थना कइले हई, काहे कि तू हमके उत्तर देबअ। आपन कान हमरे ओरी लगाके हमार विनती सुन लअ। 7 तू जवन अपने दहिने हाथ के जरिये अपने शरणागतन के ओकरे विरोधियन से बचावलअ,आपन अद्भुत करुणा दिखावा। 8 अपने आँखन के पुतली के जइसन सुरक्षित रखा*; अपने पंखन के तले हमके छिपाए रखा, 9 उ दुष्टन से जवन हमरे पे अत्याचार करअलन, हमरे प्राण के दुश्मनन से जे हमके घेरले हुए हव। 10 उ लोग अपने दिल के कठोर कइले हयन; उ सब के मुंह से घमंड क बात निकलला। 11 उ लोग पग-पग पर हमके घेरले हयन; उ हमके जमीन पे पटक देवअ बदे घात लगाये हुए हयन। 12 उ वो शेर के तरे हयन जवन अपने शिकार क लालसा करअला, अउर जवान शेर के जईसन घात लगावे के जगह मे बईठल रहला। 13 उठा, हे यहोवा! ओकर सामना करा अउर ओके पटक दअ! अपने तलवार के बल से हमरे प्राण के दुष्ट से बचा लअ । 14 आपन हाथ बढ़ाके हे यहोवा, हमके मनुष्यन बचावा, मतलब सांसारिक मनुष्यन से जेनकर भाग एही जीवन में हव, अउर जेनकर पेट तू अपने भण्डार से भरअलअ*। उ बाल-बच्चन से सन्तुष्ट हयन; अउर शेष सम्पत्ति अपने बच्चन बदे छोड़ जालन। 15 परन्तु हम त धर्मी होके तोहरे मुख क दर्शन करब ला जब हम जागब ला तब तोहरे स्वरूप से सन्तुष्ट होब ला। (भज. 4:6-7 , 1यहू.3:2)