1 हे यहोवा तोहरे तम्बू मे के रही? तोहरे पवित्र पहाड़ पे के बसअ पाई? 2 उ जे सिधाई से चलला अउर धर्म के काम करअला, आऊर दिल से सच बोलअला; 3 जे अपने जीभ से अपमान नाही करअला, अउर न दुसर लोग क बुराई करअला, अउर न अपने पड़ोसी क अपमान सुनअला; 4 उ जेकरे नजर मे निकम्मा मनुष्य तुच्छ हव, लेकिन जे यहोवा के डरवैयन क आदर करअला, जे कसम खाके बदलत नाही चाहे हानि उठावअ के पड़अ; 5 जे आपन रुपया ब्याज पे नाही देत , अउर निर्दोष क हानी करअ बदे घुस नाही लेत। जे केहु अइसन चाल चलअला उ कभो न डगमगाई।