1 यहोवा क स्तुति करा। हे हमार मन यहोवा क स्तुति कर! 2 हम जीवन भर यहोवा क स्तुति करत रहबला; जबले हम बनल रहब, तबले हम अपने परमेश्वर क भजन गावत रहबला। 3 तू प्रधानन पे भरोसा मत रख्खअ, न कऊनो आदमी पे, काहे कि ओ लोगन में उद्धार करअ क कऊनो शक्ति ना हव। 4 ओकर भी प्राण निकली, उ भी मट्टी में मिल जाई; ओही दिन ओकर सब योजना नाश हो जाई। 5 का ही धन्य उ हव, जेकर सहायक याकूब क परमेश्वर हयन, आउर जेकर आशा अपने परमेश्वर यहोवा पे हव। 6 ओन आकाश आउर धरती आउर समुंदर आउर ओमें मौजूद सब कुछ क कर्ता हयन; आउर ओन हमेशा बदे आपन वचन के पूरा करत रईहन . (प्रेरि 4:24, प्रेरि 14:15, प्रेर 17:24, प्रका 10:6, प्रका 14:7) 7 ओन पिसे हुअन क न्याय चुकावलन आउर भुखन के रोटी देलन। यहोवा बंदियन के छुड़ावलन; 8 यहोवा अन्धन के आँख देलअन। यहोवा झुके हुअन के सीधा खड़ा करअलन; यहोवा धर्मियन से प्रेम रखअलन। 9 यहोवा परदेशीयन क रक्षा करअलन, आऊर अनाथन आऊर विधवा के त संभालअलन। लेकिन दुष्टन के रस्ता के टेढ़ा-मेढ़ा करअलन। 10 हे सिय्योन, यहोवा हमेशा बदे तोहार परमेश्वर पीढ़ी-पीढ़ी राज करत रईहन। यहोवा क स्तुति करा!