पाठ 124

1 इस्राएल इ कह, कि अगर हमने के ओरी यहोवा न होतन, 2 अगर यहोवा ओ समय हमने के ओरी न होतन जब मनुष्यन हमने पे चढ़ाई कईलन, 3 त ऊ हमने के ओही समय जिंदा लील जईतन, जब ओनकर गुस्सा हमने पे भड़कल रहल, 4 हमने ओहि समय पानी में डूब जाइत आऊर पानी के धारा में बह जाईत ; 5 उमड़त पानी में हमने ओहि समय ही बह जाईत। 6 धन्य हयन यहोवा, जे हमने के उनके दातन तले जाए ना देहलन! 7 हमने क जीव चिरई के जईसन चिड़ीमार के जाल से छूट गयल*; जाल फट गयल आऊर हमने बच निकले! 8 यहोवा जवन आकाश आऊर धरती क करता हयन, हमने क सहायता ओनहि के नाम से हाेला।