1 हम प्रेम रखिला, येही बदे की यहोवा हमरे गिड़गिड़ाहट के सुनले हयन 2 ऊ जवन हमरे ओर कान लगईले हयन, एही से हम जिनगी भर ओनके पुकारबला 3 मृत्यु क रस्सियां हमरे चारो ओर रहल; हम अधोलोक के सकेती में पड़ल रहली; हमके संकट अऊर शोक भोगअ के पड़ल*, (भज. १८१:४-५) 4 तब हम यहोवा से प्रार्थना कइली, "हे यहोवा, वीनती सुन के हमरे जान के बचा लअ!" 5 यहोवा करुणामय अऊर धर्मी हयन; अऊर हमार परमेश्वर दया करअ वाला हयन 6 यहोवा भोला लोग क रखवाली करलन; जब हम कमजोर हो गयल रहली, ऊ हमार उद्धार कइलन 7 हे हमार प्राण, तू अपने विश्रामस्थान में लऊट आवा; काहें कि यहोवा तोहार उपकार कइले हयन 8 तू त हमरे प्राण के मौत से, हमरे आंख के आंसू बहावअ से, अऊर हमरे गोड़ के ठोकर खाए से बचईले हयअ 9 हम जियत रहत के, अपने के यहोवा के सामने जान के हमेशा चलत रहबला 10 हम जवन अइसन कहले हई, एके विश्वास के कसौटी पे कस के कहले हई, "हम त बहुत दु;खी हई;" (२ कुरि. ४:१३) 11 हम हड़बड़ी में कहली, "सब मनुष्य झूठा हयन" (रोम. ३:४) 12 यहोवा हमरा जेतना उपकार कइले हयन, ओकरे बदले हम ओके का देई? 13 हम उद्धार क कटोरा उठा के, यहोवा से प्रार्थना करबला, 14 हम यहोवा के बदे आपन मन्नत, सभ के नजर में प्रगट रूप में, ओकरे पूरा प्रजा के सामने पूरा करबला 15 यहोवा के भक्तन के मौत, ओनके नजर में अनमोल हव 16 हे यहोवा, सुना, हम त तोहार दास हई; हम तोहार दास, अऊर तोहरे दासी के बेटा हई तू हमार बंधन खोल देहले हयअ 17 हम तोहके धन्यवाद-बलि चढ़ाइबला, अऊर यहोवा से प्रार्थना करबला 18 हम यहोवा के बदे आपन मन्नत, प्रगट मे ओकरे पूरा प्रजा के सामने 19 यहोवा के भवन के आँगन में, हे यरूशलेम, तोहरे भीतर पूरा करबला यहोवा क स्तुति करा