1 इनिज करता ओ मन खास भावुस, होन जिम मनो जीप लागीलो रय स, जे मनी खुशी अन मुकुट आसत, खांस भावुस होन प्रभु म ईनि गत थी रोकायन रवा। 2 हाय युऔदिया भी समजाडु, अन सुन्तुखे लाभी का ते प्रभु म यक मन रवा। 3 ओ खरो सहकर्मी हाय तुला भी विनती करुस का तु त्यी बाई सनी मददत कर किसाका तेन मनी हारी सुसमाचार फैलावाम दयालु अन मन बिसर सहकर्मी यो सनी हारी महेनत करन स जिन नाम जीवन नी पुस्तक लीखेला आस। 4 प्रभु म कायम खुशी थी रवा हाय आजु आकुका खुशी थी रवा। 5 तुमनी नरमता बंट मन्स सय देखायस हीय प्रभु नजुकज स। 6 कोनसी भी गोटनी चिंता नाहा करसा पण दरेक गोटनी तुमनी विनंती ती प्रार्थना अन विनती नी गुमती धन्यवाद नी हारी परमेश्वर समुर करवाम यस। 7 तव परमेश्वर नी शांति जी बटी समजीनी बराबर (बिलकुल) बायर स तुमनी ह्रदय अन विचार ना मसीह यीशु म सारीज राखी। 8 इनिज करता भावुस इनी जी- जी गोट खरो आस अन जी -जी गोट मानवा सरखी स अन जी - जी गोट ठीक अन जी -जी गोट पवित्र अन जी -जी गीडे मनला गमत, त्यो रोग भडान जो सारो अन बडाई नी गैडे सअ तीसयज ध्यान थवा करजा। 9 जी गोट तुमु मना पत सीखन स अन मानी लेनो अन वनान स अन मना म देखन तीसलाज मान्या करजा तव परमेश्वर जो शांति नो जरनो स तुमनी हारी रही। 10 हाय प्रभु म खुब खुश स आमी अनला दिन नी विचार मनी विषय म आजु जागी गयास विखास तुमला सुरुवातम भी इनी विचार आतलो पण तुमला मोको नहा मियनो। 11 याहा नहा का हाय सैतानी कमीनी वजयथी का इंसाका किसाका हायन सीखुस काजी दशाम हाय तीमज खुश करु। 12 हाय गरीबी (दीन) होवा ना भी जानुस अन वदवाना भी जानुस प्रत्येक गोट अन बती दिशा म हायन मगन होवाना भुरसा रवा ना। 13 जो मला ताकत (सामर्थ) देय स तीम हाय बंटा काय करी सकु स*। 14 तरु भी तुमु भले करन का मनी कलेशम मनी हारी रन। 15 ओ फिलीप्पियो तुमु सोताला भी मालुम स का बातमी प्रचार नी शुरुआत म जव हायन मंकी दुनिया थी कायज नहा करनो तव तुमला छोडीन अन कोनस्ज मंडढीला लेन देन नी बारा म मनी मददत नहा करना। 16 यीनी गत जव हाय थिस्सलुनिक म आतलो तव भी तुमु मनी कमी पुरी करवा नी करता यकदाव नहा पण बैन्न दाव काय तरु मोकल नोल। 17 ई नहा का हाय दान मागु स पण हाय ईसडो फय ईच्छा सका जो तुमनी लाभ नी करता बधतो जाय। 18 माये बंटा काय आस वदार थी स जी वस्तु तुमु इपफ्रुदीतुस नी हाथ मोक लानल आतला तीसला बेटीन हाय ख़ुश होय गयो तोत सुखदायक सुगंध अन मानीन ठीक बलिदान स जो परमेश्वर पटस। 19 अन मनो परमेश्वर भी सोतानी ती दन नी गत जो महिमा हारी मसीह यीशु म तुमनी हरेक टाईम ला पुरु कर स। 20 आपनो परमेश्वर अन आबानी महिमा कायम न कायम होती रई आमीन। 21 हरेक पवित्र जनला जो यीशु मसीह म स नमस्कार आख, जो भवी हारी स तुमला नमस्कार आयत स। 22 बंट पवित्र लोग सला खांस करीन जे कैसरन घराना न स तुमला भी नमस्कार करुत स। 23 हामनो प्रभु मसीह नी दया तुमनी आत्मा नी हारी रई।