1 हे हमार धर्ममय परमेश्वर, जब हम पुकारी तब तू हमके उत्तर देहअ; जब हम संकट मे पड़ली तब तोही हमके सहारा देहलअ। हमरे पे अनुग्रह करा अउर हमार प्रार्थना सुन लअ। 2 हे मनुष्य लोग, कब तक हमरे महिमा क अनादर होत रही? तू सभे कब तक व्यर्थ बातन से प्रेम रखबअ अउर झूठा योजना के खोज म रहबअ ? 3 इह जान रखा की यहोवा भक्त के अपने बदे अलग कर रखले हयन*; जब हम यहोवा क पुकारब तब ओन सुन लेईहन। 4 काँपत रहा आऊर पाप मत करा; अपने-अपने बिछौना पे मन ही मन म ध्यान करा अउर चुपचाप रहा। 5 धार्मिकता क बलिदान चढ़ावा, अउर यहोवा पर भरोसा रखा। 6 बहुत से हयन जवन कहअलन, "के हमने के कुछ भलाई दिखाई?" हे यहोवा, तू अपने चेहरा क उजियाला हमने पे चमकावा! 7 तू हमरे मन म ओसे कहीं ज्यादा खुशी भर देहले हयअ, जवन ओनके अन्न अउर दाखमधु के बढ़ती से होवला। 8 हम शांति से लेट जाबला अउर सूत जाबला; काहेकि, हे यहोवा, बस तोंहीं हमके निश्चिन्त रहअ देवलअ।