1 हे यहोवा, हम अपने मन के तोहरे ओर उठावत हई। 2 हे हमार परमेश्वर, हम तोहीं पे भरोसा रखले हई, हमके लज्जित होवअ न दअ; हमार दुश्मन हमरे पर जयजयकार करअ न पांवअ। 3 वरन् जेतना तोहार बाट जोहअ लन ओम्मन से केहू लज्जित न होई; लेकिन जे अकारण विश्वासघाती हयन उ ही लज्जित होईहन। 4 हे यहोवा, आपन रस्ता हमके दिखावा; आपन पथ हमके बता दअ। 5 हमके अपने सत्य पे चलावा अउर शिक्षा दअ, काहे कि तू हमार उद्धार करअवाला परमेश्वर हयअ; हम दिन भर तोहार ही बाट जोहत रहीला। 6 हे यहोवा, अपने दया अउर करुणा के कामन के याद करा; काहे कि उ त अनन्तकाल से होत आल हव। 7 हे यहोवा, अपने भलाई के वजह से हमरे जवानी के पापन अउर हमरे अपराधन के याद मत करा*; अपने करुणा ही के अनुसार तू हमके याद करा। 8 यहोवा भला अउर सीधा हयन; ए बदे ओन पपियन के आपन रस्ता दिखलइहन। 9 ओन नम्र लोगन के न्याय क शिक्षा देईहन, हाँ, ओन नम्र लोगन के आपन रस्ता दिखलइहन। 10 जे यहोवा क वाचा अउर चितौनियन के मानअला, ओकरे बदे ओनकर सब रस्ता करुणा अउर सच्चाई हव। 11 हे यहोवा, अपने नाम के निमित्त हमरे अधर्म के जवन बहुत हव क्षमा करा। 12 उ के हव, जे यहोवा क भय मानअला? प्रभु ओनके वोही रस्ता पे जेसे उ खुश होलन चलईहन। 13 उ कुशल से टिकल रईहन, अउर ओनकर वंश धरती पे अधिकारी होई। 14 यहोवा के भेद के उहअ जानअला जे ओनसे डरअला, अउर ओन आपन वाचा ओन पे प्रगट करिहन। 15 हमार अँखियन हर समय यहोवा पे टकटकी लगाए रहअलीन, काहे कि ओनहीं हमरे पाँवन के जाल में से छुड़ईहन*। 16 हे यहोवा, हमरे ओर फिरके हमरे पे दया करा; काहे कि हम अकेला अउर पीड़ित हई। 17 हमरे दिल क क्लेश बढ़ गयल हव, तू हमके हमरे दुःखन से छुड़ा लअ*। 18 तू हमरे दुःख अउर कष्ट पे दृष्टि करा, अउर हमरे सब पापन के क्षमा करा। 19 हमरे दुश्मनन के देखा कि उ कईसन बढ़ गयल हयन, अउर हमसे से बड़ा बैर रखत हयन। 20 हमरे प्राण क रक्षा करा, अउर हमके छुड़ावा; हमके लज्जित न होवअ दअ, काहे कि हम तोहार शरणागत हई। 21 खराई अउर सिधाई हमके सुरक्षित रखअ, काहे कि हमके तोहार ही आशा हव। 22 हे परमेश्वर इस्राएल के ओकरे सारे संकटन से छुड़ा लअ।