पाठ 101

1 हम करुणा आऊर न्याय क विषय गाईबला; हे यहोवा, हम तोहार ही भजन गाईबला। 2 हम बुद्धिमानी से खरे मार्ग में चलब। तू हमरे लग्गे कब अईबअ? हम अपने घर में मन के खराई के संग्गे आपन चाल चलबला; 3 हम कऊनो ओछा काम पे चित्त न लगाईबला। हम कुमार्ग पे चलअ वालन से घीन रखीला; अईसन काम में हम न लगबला। 4 टेढ़ा स्वभाव हमसे दूर रही; हम बुराई के जानब भी नाही। 5 जे लुका के अपने पड़ोसी क चुगली खाए, ओकर हम सत्यानाश करबला, जेकर आँख चढ़ल हो आऊर जेकर मन घमण्डी हव, ओकर हम न सहबला। 6 हमार आँख देश क विश्वासयोग लोगन पे लगल रही की उ हमरे संगे रहअ; जे खरे रस्ता पे चलअला उहअ हमार सेवक होई। 7 जे छल करअला उ हमरे घर क भीतर न रहअ पाई जे झूठ बोलअला उ हमरे सामने बनल न रही। 8 भोर ही भोर, के हम देश के सब दुष्टन क सत्यानाश करबला, ए बदे की यहोवा के नगर के सब अनर्थकारियन के नाश करी।